सोमवार, 7 नवंबर 2016

कन्या राशि से जानिये अपने व्यक्तित्व के अबूझ रहस्य




Hindi Astrology: Personality of Zodiac Sign Virgo




“धैर्यवान और समझदार बनिये जीवन ईर्ष्यालु होने और प्रतिशोधी होने के लिये बहुत छोटा है।”
- फिलिप ब्रुक्स


Nature of Virgo कन्या राशि का स्वभाव : -


जब जन्म कुंडली में चन्द्रमा कन्या राशि में हो, तो उस व्यक्ति की जन्मराशि कन्या होती है। कन्या राशि, राशिचक्र की छठी राशि है। इस राशि का विस्तार भचक्र के 150° से 180° तक है और इसका स्वामी गृह बुध है। यह वैश्य जाति की स्त्री लिंग वाली, पृथ्वी तत्व प्रधान राशि है। यह दक्षिण दिशा की स्वामिनी और सौम्य व शीत प्रकृति की अल्प संतति वाली राशि है। यह रात्रि के समय बली रहती है और इसका पिंगल (हरा-पीला) वर्ण है।

इसका प्रतीक चिंह, एक कोमल व संकोची कन्या है। इस राशि के जातकों का स्वभाव भी इसके प्रतीक चिंह की तरह, संकोच, चंचलता, भावुकता और परिपक्वता से पूर्ण होता है। कन्या राशि के जातक प्रायः अस्थिर बुद्धि वाले, कम बोलने वाले तथा शंकालु स्वभाव के होते हैं, लेकिन यह जातक नैसर्गिक रूप से विद्याव्यसनी(खूब पढने-लिखने वाले) और शिल्प-कौशलयुक्त भी होते हैं। अपनी उन्नति के प्रति कन्या राशि वाले विशेष रूप से जागरूक होते हैं।

कन्या राशि के जातकों को गोचर के फलादेश इसी राशि के आधार पर देखने चाहियें। यदि व्यक्ति के जन्म के समय लग्न कन्या राशि का हो, तब भी यह जातकों पर अपना प्रभाव डालती है। यह राशि व्यक्ति के शरीर में उसकी कमर व उसके निचले उदर (आँतें व गुर्दे) का प्रतिनिधित्व करती है। ग्रहों की अनुकूलता के अनुसार चंद्रमा, शुक्र और शनि कन्या राशि में शुभ फल प्रदान करते हैं तथा सूर्य के लिये यह सम राशि है।

मंगल और बृहस्पति इस राशि के स्वामी बुध के शत्रु होने के कारण इसमें अशुभ फल देते हैं। लेकिन इस राशि में इसका स्वामी गृह बुध उच्च होता है, जबकि शुक्र नीच होता है। कन्या राशि पर सूर्य 30 दिन 29 घडी और 04 पल रहते हैं। कन्या राशि के अंतर्गत, उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र के अंतिम तीन चरण, हस्त नक्षत्र के चारों चरण और चित्रा नक्षत्र के प्रथम दो चरण आते है। इस राशि के जातकों के लिये बुधवार का दिन विशेष अनुकूल होता है।


Personality of Virgo Person कन्या राशि के जातक का व्यक्तित्व : -


कन्या राशि के जातकों का व्यक्तित्व सरल, आकर्षक और सौम्यता से परिपूर्ण होता है। इस राशि के व्यक्ति चंचल व भावुक तो होते हैं, पर साथ ही व्यवहारिक, चतुर और समझदार भी होते हैं। ये अपना प्रत्येक कार्य करने से पहले अच्छी तरह से सोच-विचार करते हैं कि कहीं ये किसी घाटे में न रह जायें या इनसे कोई भूल न हो जाय। इनके कार्यों में नियमितता और कौशल की एक सहज झलक मिलती है। ये लोग सादगीपसंद तो हो सकते हैं, लेकिन फक्कडपन इनके स्वभाव में नहीं होता।

कन्या राशि के जातक शांत प्रवृत्ति के, एकान्तप्रिय और व्यवस्थित ढंग से कार्य करने वाले होते हैं। यह लोग जल्दी से उग्र नहीं होते और किसी भी विवाद पर शान्ति और विवेक से विचार करना पसंद करते हैं। कन्या राशि के जातक बौद्धिक रूप से परिपक्व और विचारशील होते हैं; इसलिये अपने प्रत्येक कार्य को बहुत योजनाबद्ध ढंग से करते हैं और अपनी कल्पनाशक्ति से पहले ही समस्त पहलुओं का आंकलन कर लेते हैं।

लेकिन बुध की अस्थिर प्रवृति के कारण विशेष रूप से जल्दी किसी निश्चय पर नहीं पहुँच पाते। यह विषय की संपूर्ण गहनता पर विचार नहीं कर पाते है, केवल उसके प्रारंभिक कलेवर की सूक्ष्म स्तर तक जानकारी पाने में रूचि रखते हैं। यही कारण है कि इन लोगों को जीवन के अधिकांश क्षेत्रों की सामान्य जानकारी तो होती है, लेकिन गहन ज्ञान किसी क्षेत्र का नहीं होता, क्योंकि यह जानना इनके स्वभाव में ही शामिल नहीं होता।

यह लोग अपने जीवन में परिवर्तन पसंद करते हैं, क्योंकि ये लम्बे समय तक एकरसता की स्थिति में नहीं रह सकते। इस राशि के जातक जीवन को सहज ढंग से जीने में विश्वास करते हैं, इसलिये लड़ाई-झगडे और खतरों से भरे कामों से दूर रहते हैं। ये लोग अधिकांश समस्याओं और परिस्थितियों की जड़ तक पहुँच सकते हैं, क्योंकि इनमे आश्चर्यजनक स्मृति और प्रखर बुद्धि होती है।

Life & Interests of Virgo Person कन्या राशि के जातक का जीवन और रुचियाँ : -


आजीविका के रूप में भी इन्हें लेखन-अध्यापन और सरल व्यापार का क्षेत्र ही अधिक भाता है, क्योंकि ये लेखन और पुस्तक पढने के शौक़ीन होते हैं। ये लोग सफल इंजिनियर और डॉक्टर भी हो सकते हैं। चूँकि इन्हें प्रकृति और पर्यावरण से भी काफी प्रेम होता है, इसलिये इन्हें अक्सर इनसे सम्बंधित क्षेत्रों में भी कार्य करते हुए देखा जा सकता है। लेकिन अपने कार्यक्षेत्र में भी यह जातक कोई खतरा नहीं उठाते, इसलिये कई बार उन्नति के शिखर पर नहीं पहुँच पाते हैं।

कन्या राशि के जातक श्रृंगार और सौंदर्य के प्रेमी होते हैं और अपनी वेशभूषा के प्रति हमेशा सजग रहते हैं। ये प्रायः भीड़ से दूर ही रहना पसंद करते हैं और नये लोगों के साथ संकोच से मिलते हैं; जल्दी से किसी पर विश्वास नहीं करते। यह लोग अंतर्ज्ञान की क्षमता से संपन्न होते हैं और इनमे अच्छे-बुरे की पहचान करने की नैसर्गिक क्षमता होती है। ये जल्दी से भावनाओं में नहीं बहते और कुछ स्वार्थी प्रवृत्ति के होते हैं।

स्वभाव में भावुकता और प्रखर बौद्धिक क्षमता शामिल होने के कारण, इनके व्यक्तित्व में एक बच्चे की मासूमियत, अल्हड़ता और एक वृद्ध की गंभीरता दोनों गुण शामिल रहते हैं; इसलिये ये कवि, शायर और रचनाकार भी बनते देखे गये हैं। अपने शरीर और स्वास्थ्य के प्रति कन्या राशि के जातक काफी सजग होते हैं, इसीलिये प्रायः इनका स्वास्थ्य बहुत अच्छा रहता है। ग्रहों की स्थिति अनुकूल न होने पर, प्रारब्धवश इन लोगों को पेट के रोगों और तंत्रिका तंत्र से सम्बंधित समस्याओं का सामना करना पड सकता है।

कन्या राशि के जातक अपने जीवन के प्रति अत्यधिक रूप से चिंतित रहते हैं, लेकिन सार्वजनिक रूप से यही जताते हैं कि 'मै तो चिंतामुक्त हूँ'। कन्या राशि द्विस्वभाव राशि है और इस राशि की तरह यह लोग भी एक दोहरी जिंदगी जीते हैं। वैसे तो यह लोग सांसारिक बुद्धि वाले दुनियादार लोग होते हैं, जो अपने लाभ पर ही दृष्टि रखते हैं। लेकिन जीवन के अंतिम दिनों में इस राशि के जातकों में धर्म व अध्यात्म के प्रति रुझान बढ़ता देखा गया है।


“जो जानते हैं, वह उसे करते हैं। और वह जो समझते हैं, उसे सिखाते हैं।”
- अरस्तू


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