Unravel Your Destiny from Dreams in Hindi

 

“यह कहना मुश्किल है कि क्या असंभव है, क्योंकि कल का सपना आज की आशा है और आने वाले कल की वास्तविकता है।”
– रॉबर्ट एच. गोद्दार्डू

 

What Dreams Say about Your Life in Hindi
क्या कहती है सपनों की अनोखी दुनिया

Dreams Tell about Our Life and Personality सपने हमारे जीवन व व्यक्तित्व का दर्पण हैं : –

मनुष्य एक उच्च मानसिक शक्तियों से युक्त प्राणी है। शारीरिक शक्ति के मामले में न जाने कितने पशु इंसानों से बढ़-चढ़कर हो सकते हैं, लेकिन उन्नत बौद्धिक क्षमता और अत्यंत विकसित मस्तिष्क के सन्दर्भ में मनुष्य जाति बेजोड़ है, और इस संसार का कोई भी प्राणी उसके सामने कहीं नहीं ठहरता। शायद यह भी एक कारण हो सकता है कि जीवों की समस्त प्रजातियों में सिर्फ मनुष्य ही सपने देखते हैं।

लगभग सभी मनुष्य अपनी पूरी जिंदगी में अनेकों तरह के सपने देखते हैं। कभी-कभी तो व्यक्ति एक दिन में ही कई सपने देख लेता है और कभी-कभी कई-कई दिन तक कोई सपना दिखाई नहीं देता। अनेकों लोग जहाँ बुरे सपने देखकर डर जाते हैं और अच्छे सपने दिखाई देने पर अच्छा महसूस करते हैं, वहीँ ज्यादातर लोगों के लिए सपनों की कोई महत्ता ही नहीं होती।

अगर हम इस प्रकृति में घटने वाले सूक्ष्म घटनाक्रमों के विषय में कभी कुछ नहीं जान पाते हैं, तो इसका कारण सिर्फ यह है कि न तो हमारे मन में कभी सत्य को जानने की जिज्ञासा ही जन्म लेती है और यदि कभी कुछ जानने की इच्छा होती भी है तो वह हमारे कमजोर और डांवाडोल मन के कारण जल्दी ही दम तोड़ देती है।

Mysterious Science of Dreams सपनों का रहस्यमय विज्ञान

इसे स्वप्न-विज्ञान के विषय में मनुष्यों की अज्ञानता कह लीजिये या अत्यंत व्यस्तता से भरा भाग-दौड़ का वह जीवन जो उन्हें किसी भी घटना को सूक्ष्मता से जानने नहीं देता है। अनजाने ही सही, पर मनुष्यों ने सीमित क्षमतायुक्त अपने चेतन मन पर इतना अधिक भार लाद दिया है कि अगर वह किसी वस्तु के रूप में रहा होता, तो शायद उसके चीथड़े उड़ जाते।

लेकिन वहीँ दूसरी ओर वे इस चेतन मन से हजारों गुना अधिक शक्तिशाली अवचेतन मन की ओर से इतने अधिक उदासीन हैं कि यदि मनुष्यों को कभी सपने दिखाई न देते, तो शायद उन्हें, उन दूसरी चीज़ों की तरह इनके अस्तित्व के बारे में भी दृढ अविश्वास पैदा हो गया होता, जो प्रायः अदृश्य ही रहती हैं और जिनके ज्ञान के लिये सूक्ष्म विवेक और प्रज्ञा की आवश्यकता होती है।

सपनों का हमारे अस्तित्व से ठीक उसी प्रकार से अटूट सम्बन्ध है जैसे सूर्य का प्रकाश से और अग्नि का उसकी ऊष्मा से है। महर्षि पतंजलि प्रणीत योगदर्शन और आधुनिक मनोविज्ञान के अनुसार हम जो कुछ भी करते हैं, जैसा भी विचार मन में लाते हैं वह हमारे चित्त या मन पर उर्जा के एक सूक्ष्म संस्कार के रूप में सदा के लिए अंकित हो जाता है।

जैसा कि हम अपने बचपन में ही पढ़ चुके हैं कि द्रव्य और उर्जा अविनाशी है। इनका केवल स्वरुप ही परिवर्तित होता है, इन्हें नष्ट नहीं किया जा सकता है, जो कि महान वैज्ञानिक आइंस्टीन के विख्यात सापेक्षता के सिद्धांत से संपूर्ण वैज्ञानिक जगत को भी मान्य है। जब तक हम अपने स्वरुप में प्रतिष्ठित नहीं हो जाते, तब तक हम इन उर्जा संस्कारों से बचना चाहते हुए भी पीछा नहीं छुड़ा सकते हैं।

Conscious and Subconscious Mind चेतन और अवचेतन मन : –

मनोविज्ञान मनुष्यों की मानसिक संरचना को दो हिस्सों में बाँटता है। पहला अंश है हमारा चेतन मन, जिससे हम जागते हुए अपने सभी कार्य करते हैं जैसे खाना-पीना, व्यवसाय करना, देखना-चलना आदि। जाग्रत अवस्था में हमारा सारा व्यवहार इसी चेतन मन के जरिये चलता है। इसकी शक्ति सीमित है और जब हम थक कर सो जाते हैं केवल तभी यह कार्य के भीषण दबाव से मुक्त होता है।

हमारे मन का दूसरा भाग है – अवचेतन मन जो बहुत ज्यादा शक्तिशाली है, और जिसकी सामर्थ्य के विषय में आधुनिक मनोविज्ञान अभी तक ठोस रूप से कुछ नहीं कह पाया है। यह मन हमारे शरीर की अधिकांश जैविक क्रियाओं को, मानसिक शक्तियों को और अप्रत्यक्ष रूप से सारे जीवन को नियंत्रित करता है।

प्रेरणा देना, संकल्प-विकल्प करना, हर्ष-शोक और भावनाओं पर नियंत्रण करने समेत न जाने ऐसे कितने कार्य हैं जिन्हें हमारा अवचेतन मन संपन्न करता है। यह सामान्य स्थिति में चेतन मन की प्रबलता के कारण प्रसुप्त रहता है, लेकिन जैसे ही हम निद्रा के अधीन होते हैं, यह अपना कार्य आरम्भ कर देता है, और इसकी यही क्रियाविधि सपनों के माध्यम से प्रकट होती है।

फिर चाहे यह सपने में दिखने वाला एक काल्पनिक द्रश्य हो या फिर हमारे जीवन में घटने वाली एक वास्तविक घटना। अब चूँकि जागते समय व्यक्ति कुछ न कुछ कार्य हमेशा ही करता रहता है, कोई न कोई विचार उसके मस्तिष्क में अवश्य उठता रहता है, इस कारण से मनुष्य के चित्त पर कर्मों से पैदा होने वाले, उर्जा के ये सूक्ष्म संस्कार इतनी अधिक संख्या में इकट्ठे हो चुके हैं, जिसे सिर्फ अनंत ही कह सकते हैं।

Why We see Dreams हमें सपने क्यों दिखाई देते हैं : –

सपने, अवचेतन मन में घटने वाली वह क्रिया है जो सूक्ष्म रूप से, बीज रूप में हमारे चित्त में मौजूद है लेकिन जिन्हें हमारे चेतन मन के कारण फलीभूत होने का अवसर नहीं मिल पाया। इसके पीछे अनेकों कारण हो सकते हैं – जिनमे कार्य का दबाव, उदासीनता, पल-प्रतिपल जन्म लेती इच्छाएँ, वासनाएँ आदि शामिल हैं। हम भले ही अपनी किसी अक्षमता के कारण उन्हें भूल जाँय, पर बीज रूप में हमारे अंतःकरण में उपस्थित ये उर्जा के संस्कार, निश्चित समय पर अपने स्वरुप को प्रकट करते हैं।

उर्जा के यह संस्कार किस रूप में और तीव्रता के किस स्तर पर अपने स्वरूप को प्रकट करेंगे, यह कर्म करते समय हमारे मन की भावनाओं का आवेग तय करता है। जिस कर्म के पीछे मनोयोग जितना अधिक होगा, उसका संस्कार उतना अधिक तीव्र होगा। इस तरह देखा जाय तो, सपने हमारे वर्तमान जीवन और भविष्य में घटने वाली छोटी-बड़ी घटनाओं का संकेत करते हैं।

कभी-कभी तो ये संकेत जब सत्य बनकर हमारे सामने प्रकट होते हैं, तो हम आश्चर्य से दंग रह जाते हैं। लेकिन अधिकांश समय सपने केवल सपने ही सिद्ध होते हैं। खैर, यहाँ हमारा उद्देश्य न तो सपनों का वैज्ञानिक विश्लेषण है और न ही मनोविज्ञान के गूढ़ और जटिल तथ्यों का प्रकाशन, क्योंकि यह विषय हमारे अत्यंत सूक्ष्म व जटिल मानवीय अंतःकरण की गहन परीक्षा की मांग करता है। आगे समय मिलने पर इस पर विस्तार से अवश्य चर्चा की जायेगी।

Dream Reflects Our Destiny सपने हमारी नियति को प्रतिबिंबित करते हैं : –

सपने हमें क्यों दिखाई देते हैं? आखिर ये हमें क्या बताना चाहते हैं? और इन सपनों में छुपे सत्यों को किस तरह से समझा जाय? यही हमारे प्राचीन ऋषियों द्वारा प्रणीत स्वप्नशास्त्र का उद्देश्य है। सपनों में दिखाई देने वाले द्रश्यों से अपने जीवन में घटने वाली घटनाओं का आँकलन करना एक अत्यंत विवेकशील व्यक्ति के लिए ही संभव है।

इसके लिए न केवल आपको सपनों में दिखाई देने वाली घटनाओं की तीव्रता का स्तर समझना होगा, बल्कि यह भी जानना होगा कि उन्हें अपने जीवन के किस विशेष घटनाक्रम से जोड़कर देखना है। हो सकता है कि दो व्यक्तियों को एक जैसा ही सपना दिखाई दे, लेकिन उनका परिणाम दोनों के लिए बिल्कुल अलग-अलग भी हो सकता है।

कोई भी व्यक्ति केवल श्रद्धा और विश्वास के सहारे ही किसी विशेष ज्ञान को ग्रहण कर सकता है। अतः द्रष्टिकोण को विस्तृत और सत्य को अविश्वसनीय और दुर्विज्ञेय समझकर न समझ में आने वाली बातों को ग्रहण करें, तभी आप इस लेख से कुछ लाभ उठा पाएंगे। क्योंकि प्रकृति अनंत व अविश्वसनीय रहस्यों को आत्मसात किये हुए है।

जिन्हें इन रहस्यों को अनावृत करके सत्य को जानने की प्रबल जिज्ञासा है, उन्हें अनुभव और तितिक्षा के कठोर धरातल से बार-बार टकराना पड़ेगा और सब कुछ जानने के लिए एक जिंदगी तो क्या दस जीवन भी बहुत कम हैं। अतः दूसरों के जाने हुए पर विश्वास करना ही हमारे सम्मुख एकमात्र विकल्प बचता है और तभी हम दूसरों के अनुभव से अपना कुछ हित सिद्ध कर पायेंगे।

How to Predict Life from Dreams स्वप्न-शास्त्र में किन बातों पर विचार किया जाता है : –

स्वप्न-शास्त्र में, सपनों में दिखाई देने वाले द्रश्यों से कुछ महत्वपूर्ण जानकारी पाने के उद्देश्य से मुख्य रूप से इन बातों पर विचार किया जाता है –

1. Time when You saw the Dream स्वप्न दिखाई देने का समय : –

सबसे पहले स्वप्नद्रष्टा को यह पता होना चाहिये कि जिस समय उसे सपना दिखा था तब समय क्या था? सामान्य नियमानुसार रात्रि के पहले पहर में देखे गए स्वप्न देखने वाले को निःसंदेह एक वर्ष में, दूसरे पहर में देखे गये छह महीने में, तीसरे पहर में देखे गये तीन महीने में तथा चौथे पहर में देखे गये एक महीने में फल देते हैं।

सूर्योदय के समय देखे जाने पर दस दिन में ही फल प्राप्त होता है। एक दिन और रात में कुल मिलाकर 8 पहर होते हैं। भारतीय कालगणना में चार पहर का दिन माना जाता है और चार पहर की रात, अर्थात दिन और रात दोनों में 12-12 घंटे होते हैं। इस तरह से तीन घंटे का एक पहर होता है।

इस नियम के अनुसार रात्रि का पहला पहर 6:00 P.M. से 9:00 P.M. तक और अंतिम पहर 3:00 A.M. से 6:00 A.M. तक माना जाता है। यदि एक ही रात में शुभ और अशुभ – दोनों तरह के सपने दीख पड़ें, तो जो उनमे बाद में दिखाई पड़े उसी को ठीक समझना चाहिये। इसलिए अच्छे सपने देखने पर हमें दुबारा नहीं सोना चाहिये।

2. Psychological Condition of Person व्यक्ति की मानसिक (आत्मिक) स्थिति : –

सपने का सही आँकलन करने के लिए व्यक्ति की मानसिक स्थिति भी बहुत महत्वपूर्ण कारक है। पागल, अर्ध-विक्षिप्त, चिंताओं से दुखी, शंकालु और डाँवाडोल मनःस्थिति वाले लोगों के लिए स्वप्न-विज्ञान से अधिक लाभ उठा पाना संभव नहीं है। क्योंकि उनकी चेतना पर छाए अनावश्यक संस्कार और अत्यंत कमजोर मन उनके लिए कोई स्पष्ट सन्देश दे पाने में समर्थ नहीं है।

उनके सपनों में उनके वर्तमान जीवन के दुःख और चिंताएँ ही रूप बदल-बदलकर प्रकट होते हैं। आपका मन जितना निर्मल, शुद्ध और शक्तिशाली होगा, सपनों में छुपे सन्देश भी उतने ही स्पष्ट होंगे और घटनाओं का आँकलन करने में उतनी ही आसानी होगी।

अतः अपने मन को निर्भार रखे, उस पर अनावश्यक कार्यों का और बेतरतीब विचारों का बोझा मत डालिये। यह आपके लिए ही हितकारक है, क्योंकि ऐसा करने से आपकी बहुत ही मूल्यवान जीवन उर्जा नष्ट होने से बच जाती है।

3. Lifestyle of Person व्यक्ति की जीवनशैली : –

आपकी जीवनशैली आपको दिखाई देने वाले सपनों पर गंभीर प्रभाव डालती है। जिस तरह से हम इस बाह्य जगत में अपने काम एक भौतिक घडी की मदद से समय पर करते हैं, ठीक उसी प्रकार से हमारा शरीर भी अपनी जैविक घडी के अनुसार अपने क्रियाकलाप निश्चित समय पर पूर्ण करता है। वैसे तो हम चाहे जब खा लेते है, चाहे जब सो जाते हैं, चाहे जब पढने-लिखने लगते हैं, या फिर दूसरे काम करने लगते हैं।

लेकिन हमारे शरीर की भूख का, सोने का, जागने का, पढने-लिखने का एक निश्चित समय होता है और उस समय हमारा शरीर अपनी संपूर्ण शक्ति से उस चीज की मांग करता है। पर दूसरी बातों की तरह, हम यहाँ पर भी लापरवाही और उदासीनता बरतने से बाज नहीं आते। नतीजा – न तो सही तरह से शरीर को पोषण मिलता है, न ही मन स्वस्थ रह पाता है।

यह जैविक घडी जो हमारी जैविक क्रियाओं को नियंत्रित रखती है, हमारे अवचेतन मन में होती है और यह किसी काम को लम्बे समय तक अपनी दिनचर्या में उतार लेने से निर्मित होती है। यदि हम इसकी क्रिया-प्रणाली को सही तरह से समझ जाँय तो न केवल हमें अपने जीवन का प्रबंधन करने में आसानी होगी, बल्कि भविष्य में घटने वाली घटनाओं का, सपनों के माध्यम से स्पष्ट संकेत भी प्राप्त हो सकता है।

4. Type and Intensity of Dream स्वप्न का प्रकार और तीव्रता : –

सपनों को मुख्य रूप से दो भागों में बाँट सकते हैं – अच्छे या शुभ स्वप्न, बुरे या अशुभ स्वप्न। जहाँ शुभ स्वप्न हमें हमारे जीवन में होने वाले अच्छे कर्म, लाभ की प्राप्ति, भौतिक संसाधनों के जुटने और कार्यों के सफल होने की सूचना देते हैं। वहीँ दूसरी ओर अशुभ स्वप्न, कार्य के असफल होने, नुकसान और संकट की सूचना देते हैं। इसके अलावा स्वप्न कितनी बार दिखाई दिया यह बात भी बहुत महत्वपूर्ण है।

यदि कोई सपना आपको प्रतिदिन, एक निश्चित समय पर, लम्बे समय तक दिखाई देता है, तो समझिये कि जिस घटना की ओर वह इशारा कर रहा है। वह आपके जीवन में बहुत जल्दी ही और अवश्यम्भावी रूप से घटित होकर रहेगी। चूँकि लगभग सभी लोग अपने पुरुषार्थ के फल के बारे में अनभिज्ञ होते हैं और न चाहते हुए भी हमारा चिंतनशील मन उन पर चिंतन करना शुरू कर देता है।

जो कार्य सफल होने पर प्रसन्नता और असफल होने पर दुःख की भावनाएँ प्रसारित करता है। सपनों के जरिये हमें वास्तविक परिणाम पता चलने से पूर्व ही कार्यसिद्धि के विषय में पता चल जाता है और इस तरह हमारी काफी उर्जा नष्ट होने से बच जाती है जिसे हम अनजाने ही अनियंत्रित विचारों के रूप में नष्ट कर देते हैं।

अगले लेख में पढिये अच्छे व बुरे स्वप्नों का स्वरुप, कैसे समझे इन सपनों को और क्या करें जब दिखे बुरे सपने –

Top Secret of Dreams in Hindi: सपनों की दुनिया के अदभुत रहस्य

“यह सच नहीं है कि लोग सपनों का अनुसरण करना इसलिये बंद कर देते हैं, क्योंकि वे बूढ़े हो जाते हैं। वे बूढ़े इसलिये होते हैं, क्योंकि वे सपनो का पीछा करना बंद कर देते हैं।
– गैब्रिएल गार्सिया मार्खेज

 

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