Important Trace Minerals for Health in Hindi

 

“स्वास्थ्य की कीमत तब तक नहीं समझी जाती, जब तक बीमारी नहीं घेर लेती।”
– थॉमस फु्लर

 

Important Trace Minerals in Hindi
इस लजीज Salad को देखकर मुंह में पानी मत लाइये

What are Trace Minerals अवशेष खनिज पदार्थ : –

पिछले लेख में आप शरीर के लिये जरुरी Major Essential Minerals के बारे में पढ़ चुके हैं जिनकी शरीर को प्रतिदिन अधिक मात्रा में जरुरत होती है। पर कुछ खनिज ऐसे भी होते हैं जिनकी हमारे शरीर को कम मात्रा में आवश्यकता होती है, लेकिन इनकी महत्ता किसी भी प्रकार से Major Minerals से कम नहीं होती। इन्हें ही Trace Minerals कहते हैं।

एक Healthy Body पाने के लिये इनका भी हमारे आहार में प्रतिदिन शामिल होना अनिवार्य है। क्योंकि यह भी शरीर के लिये कई बेहद आवश्यक कार्य करते हैं। जैसे – शरीर की कोशिकाओं को पहुँची क्षति को रोकना और महत्वपूर्ण एंजाइमों का हिस्सा बनकर उनकी क्रियाशीलता बढ़ाना आदि।

ये मिनरल भी एक-दूसरे के साथ क्रिया करते हैं, जो कभी-कभी इस तरह भी हो सकती है कि यह कोई असंतुलन ही पैदा कर दें। किसी एक खनिज की मात्रा बहुत अधिक होने पर शरीर में दूसरे तत्व की कमी हो सकती है, जिनके बारे में आप आगे चलकर पढेंगे –

8. What is the Role of Iron in Body आयरन क्या कार्य करता है : –

आयरन (लौह तत्व) जिसे सबसे महत्वपूर्ण Trace Minerals में से एक माना जाता है, हमारे शरीर की अनेकों महत्वपूर्ण क्रियाओं में एक अनिवार्य और सक्रिय भूमिका निभाता है। Iron हीमोग्लोबिन नाम के पिग्मेंट का ही एक घटक है, जो लाल रक्त कणिकाओं में पाया जाता है और इसके निर्माण के लिये एक अनिवार्य तत्व है। इसके साथ-साथ यह मायग्लोबिन (माँसपेशियों में हीमोग्लोबिन का प्रतिरूप), जो ऑक्सीजन को सारे शरीर में प्रत्येक कोशिका तक पहुंचाता है, के लिये भी बेहद आवश्यक है।

आयरन Energy Metabolism (उर्जा के चयापचय) के लिये आवश्यक है, अर्थात यह वह मिनरल है जो Blood Sugar (रक्त-शर्करा) को ऊर्जा में बदलने के लिये उत्तरदायी है। Iron प्राकृतिक रूप से माँसपेशियों के निर्माण के लिये और शरीर में शुद्ध रक्त का पर्याप्त स्तर बनाये रखने के लिये बेहद जरुरी है।

इसके अतिरिक्त यह Amino Acids (एमिनो अम्ल), Collagen (कोलाजेन), Neurotransmitters (न्यूरोट्रांसमीटर) और hormones (हार्मोन) के उत्पादन के लिये भी एक आवश्यक मिनरल है। हमारे शरीर का 70% Iron हीमोग्लोबिन में और बाकी का यकृत, प्लीहा और हड्डियों में अस्थि मज्जा के रूप में संचित रहता है।

यह बचपन में, एनीमिया (खून की कमी) में, रोगावस्था में, और गर्भावस्था की दशा में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, क्योंकि इन परिस्थितियों में इसकी मांग सामान्य की अपेक्षा बहुत बढ़ जाती है। हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली (Immune System) सही प्रकार से अपना कार्य कर सके, इसके लिये Iron की उपयुक्त मात्रा का होना बहुत जरुरी है।

Deficiency and Excess of Iron आयरन की कमी और अधिकता से होने वाली समस्या : –

खून बहने, भूख न लगने और किसी रोग से लम्बे समय तक पीड़ित रहने पर शरीर में Iron की कमी हो जाती है। पसीने आदि के निकलने से भी इस तत्व की कुछ कमी हो जाती है। यदि अधिक समय तक Iron की कमी बनी रहे, तो एनीमिया की गंभीर समस्या उत्पन्न हो जाती है। ऐसी स्थिति में RBC (लाल रक्त कणिकाओं) की संख्या तेजी से गिरने लगती है और शुद्ध ऑक्सीजन शरीर के हर अंग तक नही पहुँच पाती।

शरीर के सभी अंग रक्त से ही अपना भोजन प्राप्त करते हैं और उसकी आपूर्ति कम होने पर उनकी कार्यक्षमता घटने लगती है। गंभीर स्थितियों में व्यक्ति चलने-फिरने में भी असमर्थ हो जाता है, थकान और कमजोरी हमेशा हावी रहती है, शरीर में सूजन आ जाती है और संपूर्ण देह दर्द से कराहती है। वहीँ दूसरी ओर यदि देह में Iron बहुत अधिक मात्रा में इकठ्ठा हो जाय तो यह स्थिति भी खतरनाक है।

क्योंकि इससे लीवर और समस्त पाचन संस्थान पर दबाव पड़ता है। इस कारण पेट में जलन, उल्टी, उबकाई, दस्त और कब्ज की समस्या पैदा हो जाती है, खुलकर भूख नहीं लगती, क्योंकि खाया हुआ पचता नहीं। ऐसा होने पर लम्बे समय तक बार-बार रक्त चढ़वाने के लिये विवश होना पडता है।

Iron Rich Foods आयरन से भरपूर भोज्य पदार्थ : –

Iron की अधिक मात्रा, शरीर के अंगों के माँस, लाल मीट, चिकन, मछली, शेलफिश, अंडे की जर्दी, झींगे, अनार, चुकंदर, गाजर, शलजम और हरी पत्तेदार सब्जियों में पायी जाती है। वहीँ इनकी सामान्य मात्रा फलियों, टमाटर, धनिये, जैतून, शतावर, सूखे मेवे और अनाजों में पायी जाती है।

Requirement of Iron शरीर के लिए कितनी मात्रा में आवश्यक है : –

एक स्वस्थ मनुष्य को प्रतिदिन 8 mg Iron की आवश्यकता होती है। पुरुषों की तुलना में स्त्रियों को आयरन की अधिक आवश्यकता पड़ती है। पुरुषों के लिये 8-10 mg, तो स्त्रियों को 20gm तक Iron की आवश्यकता होती है। आयरन की कमी से होने वाले रोगों में यह मात्रा 25-30mg तक पहुँच सकती है। इसकी प्रतिदिन के लिये अधिकतम मात्रा 45 mg निर्धारित है।

9. What is the Role of Zinc in Body जिंक क्या कार्य करता है : –

जिंक भी एक ट्रेस मिनरल है, जो कई एंजाइमों के निर्माण में अहम् भूमिका निभाता है और जिसकी प्रोटीन और जेनेटिक पदार्थों (आनुवांशिक) के निर्माण के लिये भी आवश्यकता पड़ती है। इतना ही नहीं यह गंध व स्वाद का बोध कराने में, घावों को भरने में, भ्रूण के सामान्य विकास में, शुक्राणु की उत्पत्ति में, शरीर की सामान्य वृद्धि में और यौन रूप से परिपक्व होने में तथा स्वस्थ प्रतिरक्षा प्रणाली के निर्माण सहित शरीर की अन्य जैव-रासायनिक प्रक्रियाओं के लिये भी बेहद महत्वपूर्ण खनिज है।

दूसरे शब्दों में कहा जाय तो Zinc सबसे अनमोल ट्रेस मिनरल है। यह अपनी एंजाइमयुक्त गतिविधियों से विटामिन A को उसके भंडारगृह यकृत से मुक्त करता है और जरूरतमंद अंग तक पहुंचाता है। आज लगभग 80% व्यक्ति Zinc की कमी से जूझ रहे हैं। आये दिन पुरुषों में बढ़ रही नपुंसकता का एक कारण Zinc की कमी भी है, जिसकी हमारे देश की मिटटी में भारी कमी है।

क्योंकि हमारे शरीर में जितने भी मिनरल्स हैं उन्हें हम पेड़-पौधों और पशुओं से ही प्राप्त करते हैं और वे यह सब जमीन से प्राप्त करते हैं। यदि हमारी धरती में खनिजो का स्तर इसी तरह गिरता रहा, तो वह दिन दूर नहीं जब हम आनुवंशिक रूप से अपने पूर्वजों की तुलना में इतने कमजोर और अक्षम हो जायेंगे कि थोड़ी प्रबलता के प्राकृतिक आघातों से भी स्वयं को बचा पाने में असमर्थ पायेंगे।

Deficiency and Excess of Zinc जिंक की कमी और अधिकता से होने वाली समस्या : –

Zinc चूँकि प्रकृति में कम मात्रा में ही उपलब्ध है, अतः इसकी अधिकता से होने वाली कोई समस्या अब तक नहीं पाई गयी है। जिंक से होने वाली विषाक्तता दुर्लभ है। लेकिन इसकी कमी से होने वाली स्वास्थ्य समस्याएँ जैसे शरीर की वृद्धि और विकास देर से होना, त्वचा का रूखापन, संज्ञानात्मक दुर्बलता, आनुवंशिक रोग और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली (जो संक्रमण से फैलने वाली बीमारियों के प्रति संवेदनशील होती है) सभी विकासशील देशों में आम है।

पुरुषों और स्त्रियों में बढ़ रही यौन दुर्बलता, नपुंसकता का एक कारण उनके शरीर में आई Zinc की भारी कमी भी है, क्योंकि जिंक सीधे तौर पर व्यक्ति की यौन उर्वरता को प्रभावित करता है।

Zinc Rich Foods जिंक से भरपूर भोज्य पदार्थ : –

मीट, मछली, सीप, घोंघे चिकन जैसे माँसाहारी आहार में Zinc प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। लेकिन शाकाहारी आहार जैसे – जडे हुए साबुत अनाज, सब्जियां, दूध और काजू में यह कम मात्रा में पाया जाता है, क्योंकि यह शाकाहारी आहार से कम मात्रा में ही अवशोषित हो पाता है। अतः या तो अधिक मात्रा में जिंकयुक्त शाकाहार ग्रहण करें या फिर कोई सप्लीमेंट ले लें।

Requirement of Zinc शरीर के लिए कितनी मात्रा में आवश्यक है : –

Zinc शरीर के लिये कितना आवश्यक है, यह तो आप जान ही गये होंगे, पर एक अच्छी बात यह है कि हमारे शरीर को इसकी बहुत कम मात्रा की ही आवश्यकता पड़ती है। इसलिये यदि अपने खान-पान को थोडा बेहतर रखा जाय, तो इसकी कमी से होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं से दूर रहा जा सकता है।

पुरुषों को 11 mg तो औरतों को 8 mg Zinc की जरुरत प्रतिदिन होती है। जिंक की कमी की समस्या मुख्य रूप से पुरुषों में ही होती है। ऐसा होने पर जिंक की अतिरिक्त मात्रा को लेना आवश्यक हो जाता है। इसकी प्रतिदिन के लिये अधिकतम मात्रा 40 mg निर्धारित है।

10. What is the Role of Iodine in Body आयोडीन क्या कार्य करता है : –

यह खनिज मनुष्य शरीर में थाइरोइड ग्रंथि से स्रावित होने वाले हार्मोन में पाया जाता है और इस हार्मोन का मुख्य घटक है, जो हमारे BMR को संतुलित बनाये रखता है। यह न केवल हमारे शरीर के तापमान और इसकी वृद्धि को ही नियंत्रित रखने में सहायता करता है, बल्कि चयापचय की दर को भी उचित सीमा के भीतर रखता है।

यह तंत्रिका और माँसपेशी तंत्र से सम्बंधित कई कार्यों में प्रभावी भूमिका निभाता है। Iodine नामक यह Trace Mineral हमारी किशोरावस्था और युवावस्था में शारीरिक अंगों के विकास के लिये बहुत महत्वपूर्ण होता है।

Deficiency and Excess of Iodine आयोडीन की कमी और अधिकता से होने वाली समस्या : –

Iodine की कमी से थाइरोइड ग्रंथि की सक्रियता पर बुरा प्रभाव पड़ता है। इससे इस ग्रंथि से निकलने वाले हार्मोन का स्राव कम या बंद भी हो सकता है और शरीर के विकास में कई तरह की अनियमितताएँ आ सकती हैं। जैसे – शरीर में आलस्य, वजन का बढना और घेंघा रोग जिसमे थाइरोइड ग्रंथि सूज जाती है और जो प्रभावित व्यक्ति के गले पर एक बड़े आकार की गिल्टी के रूप में दिखाई देती है।

स्थिति तब गंभीर हो जाती है, जब शरीर में सेलेनियम की मात्रा भी बहुत कम हो। Iodine का अधिक मात्रा में सेवन करना भी नुकसानदेह है, क्योंकि ऐसा करने से हाइपरथाइरोइडिज्म, घेंघा, और अधिक बुरी परिस्थितियों में, जो अक्सर दुर्लभ ही होती हैं, पाचन तंत्र की समस्याएँ, गले व मुँह की जलन की समस्या हो सकती है।

Iodine Rich Foods आयोडीन से भरपूर भोज्य पदार्थ : –

समुद्री भोजन विशेषकर झींगा, कॉड और टुना मछली, आयोडीन युक्त खाने का नमक, ब्रेड, दूध व दुग्ध से बने उत्पाद, भुने-सिके आलू में आयोडीन अच्छी मात्रा में मिलता है। विशेष परिस्थितियों में सीवीड (एक प्रकार का समुद्री पौधा जो वहाँ चट्टानों पर उगता है) की बहुत थोड़ी सी मात्रा भी ली जा सकती है, जिसमे Iodine बहुत उच्च सांद्रता में होता है। इसके अतिरिक्त यह उन भोज्य पदार्थों में भी मिलता है जो Iodine से प्रचुर भूमि में पैदा होते हैं।

Requirement of Iodine शरीर के लिए कितनी मात्रा में आवश्यक है : –

एक स्वस्थ व्यक्ति के लिये 150 mcg Iodine पर्याप्त होता है। जिसकी बड़ी मात्रा हमें खाने के नमक से ही मिल जाती है और जो कमी रह जाती है वह संतुलित आहार से पूरी हो जाती है। इसलिये प्रायः इसकी अतिरिक्त खुराक लेने की कोई आवश्यकता नहीं होती। Iodine की प्रतिदिन के लिये अधिकतम मात्रा 1100 mcg निर्धारित है।

11. What is the Role of Manganaese in Body मैंगनीज क्या कार्य करता है : –

मैंगनीज भी अत्यंत महत्वपूर्ण ट्रेस मिनरल में से एक है जो हमारे चयापचय की प्रक्रिया को सुधारने में मदद करते हैं। इसके साथ-साथ यह एक एंटीऑक्सीडेंट भी है। यह मिनरल विटामिन-B के साथ मिलकर हमारे शरीर में कई तरह के एंजाइमों के क्रियाशील होने में मदद करता है। विशेषकर वे जो यूरिया के निर्माण में अहम् भूमिका निभाते है। Manganese को उचित मात्रा में लेते रहने से हमारा पाचन तंत्र सही ढंग से काम करता है और उच्च रक्तचाप भी घटता है।

यह शरीर को शक्ति प्रदान करने, हड्डियों का विकास करने और घावों को भरने के लिये एक उत्प्रेरक की भाँति कार्य करता है। Manganese शरीर के भीतर Zinc और Copper को संतुलित करने का भी कार्य करता है। यह उन अनिवार्य खनिजों में से एक है जो डायबिटीज और तंत्रिका तंत्र से सम्बंधित स्वास्थ्य समस्याओं को ठीक करने के लिये प्रयोग किये जाते है।

Deficiency and Excess of Manganaese मैंगनीज की कमी और अधिकता से होने वाली समस्या : –

Manganese की कमी कई स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकती है, क्योंकि यह शरीर की उचित वृद्धि के लिये आवश्यक है। इसकी निरंतर कमी बने रहने से जोड़ों का दर्द, उपयुक्त शारीरिक विकास का न होना और कमजोर पाचन संस्थान सहित दूसरे रोग भी पनप सकते हैं। Manganese को अधिक मात्रा में लेना भी उचित नहीं है, क्योंकि तब इस खनिज की विषाक्तता बढ़ने से शरीर में मैंगनिज्म नाम की गंभीर स्थिति उत्पन्न हो जाती है।

इस स्थिति में हमारा शरीर आयरन को पहचान कर उसे उपयोग कर पाने में सक्षम नहीं रहता। इस स्थिति में नस-नाड़ियों से सम्बंधित रोग, पेट के रोग, मन की अरुचि, बेचैनी, समझने और प्रतिक्रिया में देरी करने जैसी समस्यायें उभर सकती हैं और ऐसा प्रदूषित जल के कारण हो सकता है।

Manganaese Rich Foods मैंगनीज से भरपूर भोज्य पदार्थ : –

Manganese प्राकृतिक रूप से मुख्यतः शाकाहार में पाया जाता है अन्नानास, स्ट्राबेरी, रसभरी (रास्पबेरी) जैसे फलों में तथा दालचीनी, पालक, हल्दी, सेम व ब्राउन राइस में मैंगनीज की प्रचुर मात्रा पायी जाती है। जौ का आटा और ग्रीन टी में भी मैंगनीज की उच्च मात्रा होती है।

Requirement of Manganaese शरीर के लिए कितनी मात्रा में आवश्यक है : –

एक स्वस्थ मनुष्य को प्रतिदिन 2.3 mg Manganese की आवश्यकता होती है। स्त्रियों के लिये यह मात्रा कुछ कम है, उन्हें 1.8 mg तक पर्याप्त है। इसकी अधिकतम मात्रा जिससे शरीर पर इसका कोई विषाक्त प्रभाव द्रष्टिगोचर नहीं होता 11 mg है।

12. What is the Role of Selenium in Body सेलेनियम क्या कार्य करता है : –

सेलेनियम थाइरोइड ग्रंथि से निकलने वाले हार्मोन को नियंत्रित करने वाला एक अच्छा संचालक है, जो एक एंटीऑक्सीडेंट के रूप में भी कार्य करता है। यह एंटीऑक्सीडेंट हमारे शरीर में उत्पन्न होने वाले फ्री रेडिकल्स (बुरी कोशिकाएँ) को शरीर से बाहर निकाल देते हैं, ताकि ये स्वस्थ कोशिकाओं को कोई नुकसान न पहुंचा सकें।

Deficiency and Excess of Selenium सेलेनियम की कमी और अधिकता से होने वाली समस्या : –

शरीर में Selenium की कमी होने से फ्री रेडिकल्स पैदा होते हैं, जो असमय ही वृद्धावस्था पैदा करते हैं। इससे शरीर की जीवनी शक्ति का हास होता है, त्वचा पर झुर्रियाँ पड़ने लगती है और नयी कोशिकाओं के निर्माण की गति धीमी पड जाती है। शरीर में लम्बे समय तक इस ट्रेस मिनरल के रहने से, जो अक्सर अधिक supplement लेने से होता है, उबकाई, पेट की समस्याएँ, बालों का झड़ना, नाखून भंगुर हो जाना जैसी छोटी समस्याएँ हो सकती हैं।

Selenium Rich Foods सेलेनियम से भरपूर भोज्य पदार्थ : –

समुद्री भोजन, झींगा, केकड़ा, माँस, सालमन मछली आदि में Selenium भरपूर मात्रा में पाया जाता है। नूडल, अनाज आदि शाकाहार में भी यह मिलता है, पर इसकी सर्वाधिक मात्रा ब्राजीली गिरी में मिलती है।

Requirement of Selenium शरीर के लिए कितनी मात्रा में आवश्यक है : –

एक स्वस्थ मनुष्य को प्रतिदिन 55 mcg Selenium की आवश्यकता होती है। इसकी प्रतिदिन के लिये अधिकतम मात्रा 400 mcg निर्धारित है।

13. What is the Role of Copper in Body कॉपर क्या कार्य करता है : –

अनिवार्य ट्रेस मिनरल की श्रेणी में तांबे को देखकर किसी को कोई हैरानी नहीं होनी चाहिये। क्योंकि यह एक महत्वपूर्ण खनिज होने के साथ-साथ एक एंटीऑक्सीडेंट भी है। Copper न केवल लाल रक्त कणिकाओं के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, बल्कि यह उर्जा के सही चयापचय के लिये भी आवश्यक है।

इतना ही नहीं, यह हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली और केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को स्वस्थ रखने के लिये भी जिम्मेदार है। यह कई एंजाइमों की निर्माण प्रक्रिया का हिस्सा है और आयरन के चयापचय में इसकी विशेष आवश्यकता पड़ती है।

Deficiency and Excess of Copper कॉपर की कमी और अधिकता से होने वाली समस्या : –

Copper की कमी से होने वाली स्वास्थ्य समस्याएँ वैसे मुश्किल ही संज्ञान में आयी हैं, फिर भी ऐसा होने पर इसके लक्षण एनीमिया जैसे ही प्रतीत होते हैं। इसमें श्वेत रक्त कणिकाएँ कम होने लगती है और हड्डियों का क्षरण आरम्भ हो जाता है, जिसे कुछ समय तक copper की अतिरिक्त मात्रा और संतुलित आहार लेकर दूर किया जा सकता है।

हालाँकि भोजन के कारण पैदा होने वाली कॉपर की विषाक्तता दुर्लभ है, लेकिन प्रदूषित जल की आपूर्ति के कारण और तांबे के कन्टेंनरों से लीक हुए द्रव्यों के कारण पैदा हुई कॉपर की तीव्र विषाक्तता से पेट के गंभीर रोगों के होने की बात सामने आयी है।

Copper Rich Foods कॉपर से भरपूर भोज्य पदार्थ : –

अंगों का माँस – जैसे पके हुए लीवर में तांबे की अत्यंत उच्च मात्र पाई गई है। इसके अतिरिक्त घोंघे, केकड़े, गिरियाँ और बीज(जैसे काजू, बादाम आदि), फलियाँ, साबुत अनाज (जौ, बाजरा), कच्ची मशरूम, हलकी मीठी चॉकलेट और पीने के शुद्धजल (कुँए का अधिक बेहतर) में भी उच्च मात्रा में Copper पाया जाता है।

Requirement of Copper शरीर के लिए कितनी मात्रा में आवश्यक है : –

एक स्वस्थ मनुष्य को प्रतिदिन 900 mcg Copper की आवश्यकता होती है, जो आहार में कॉपर से भरपूर भोज्य पदार्थ लेकर आसानी से पूरी हो सकती है। इसकी प्रतिदिन के लिये अधिकतम मात्रा 10000 mcg निर्धारित है।

14. What is the Role of Chromium in Body क्रोमियम क्या कार्य करता है : –

यह ट्रेस मिनरल जो प्रकृति में थोड़ी ही मात्रा में उपलब्ध है, इन्सुलिन की सक्रियता को बढाता है और हमारे शरीर में ब्लड शुगर(ग्लूकोस) के स्तर को नियंत्रित करने में प्रभावी भूमिका निभाता है, ताकि शरीर की प्रत्येक कोशिका को, जब-जब उर्जा की आवश्यकता पड़े, उसकी अविलम्ब पूर्ति की जा सके। हमारे शरीर को क्रोमियम की केवल थोड़ी मात्रा की ही आवश्यकता होती है, इसलिये इसे एक अनिवार्य खनिज नही समझा जाता।

कुछ का यह भी मानना है कि Chromium वजन कम करने और शरीर को सुडौल बनाने के काम में भी आता है, लेकिन इस तथ्य के पीछे कोई वैज्ञानिक तथ्य नहीं है। इसलिये सप्लीमेंट्स के बजाय प्राकृतिक आहार पर ही निर्भर रहना उचित है, जो कि आसानी से इसकी पूर्ति करने में सक्षम हैं।

Deficiency and Excess of Chromium क्रोमियम की कमी और अधिकता से होने वाली समस्या : –

Chromium की कमी से होने वाली कोई विशेष समस्या अभी तक नहीं पाई जा सकी है, क्योंकि शरीर को इसकी केवल कुछ माइक्रोग्राम मात्रा की ही आवश्यकता पड़ती है। लेकिन इसकी बहुत अधिक मात्रा लेने से गुर्दों की क्रियाशीलता पर प्रभाव पड सकता है और उन्हें गंभीर नुकसान पहुँच सकता है। क्योंकि यह एक भारी धातु है, जो अधिक मात्रा में शरीर के लिये विषाक्त है और कई जैविक समस्याओं को जन्म दे सकती है।

Chromium Rich Foods क्रोमियम से भरपूर भोज्य पदार्थ : –

अपरिष्कृत भोज्य पदार्थ – जैसे लीवर, खमीर, साबुत अनाज, गिरियाँ, ताज़ी सब्जियाँ फल व शाक जैसे (ब्रोकोली, अंगूर का रस) और पनीर आदि में काफी मात्रा में Chromium संचित रहता है, जो शरीर को स्वस्थ रखने के लिये पर्याप्त है।

Requirement of Chromium शरीर के लिए कितनी मात्रा में आवश्यक है : –

एक स्वस्थ व्यक्ति के लिये प्रतिदिन 35 mcg Chromium की मात्रा पर्याप्त है। स्त्रियों के लिये यह मात्रा 25 mcg है, जो क्रोमियम से भरपूर प्राकृतिक भोज्य भोज्य पदार्थ लेकर आसानी से पूरी हो सकती है। इसकी अधिकतम मात्रा अभी तक निर्धारित नहीं की जा सकी है।

15. What is the Role of Molybdenum in Body मौलिब्डेनम क्या कार्य करता है : –

मौलिब्डेनम शरीर के कई एंजाइमों के लिये एक आवश्यक कारक है, जो देह की कई जैव-रासायनिक प्रक्रियाओं को शीघ्रता से संपन्न करने के लिये बहुत महत्वपूर्ण है। यह संचित पौष्टिक पदार्थों को ऊर्जा में परिणत करता है और समय-समय पर शरीर की बढ़ी हुई आवश्यकताओं की पूर्ति करता है।

Deficiency and Excess of Molybdenum मौलिब्लेडीनम की कमी और अधिकता से होने वाली समस्या : –

Molybdenum की कमी और अधिकता से होने वाली समस्या अभी तक दृष्टिगोचर नहीं हुई है, क्योंकि यह तत्व भी प्रकृति में मुक्त रूप से दुर्लभ ही है और शरीर को इसकी न्यून मात्रा में ही आवश्यकता पड़ती है।

Molybdenum Rich Foods मौलिब्लेडीनम से भरपूर भोज्य पदार्थ : –

फलियाँ जैसे – (काली सेम, मटर, लोभिया आदि), ब्रेड, अनाज, हरी पत्तेदार सब्जियाँ, दूध, पशुओं का यकृत और सूखे मेवों की गिरियाँ जैसे – (बादाम, काजू, पिस्ता, चिरौंजी, खरबूजे के बीज, चिलगोजा) आदि में molybdenum प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।

Requirement of Molybdenum शरीर के लिए कितनी मात्रा में आवश्यक है : –

एक स्वस्थ मनुष्य को प्रतिदिन 45 mcg Molybdenum की आवश्यकता होती है, जो आहार में मौलिब्लेडीनम से भरपूर भोज्य पदार्थ लेकर आसानी से पूरी हो सकती है। इसकी प्रतिदिन के लिये अधिकतम मात्रा 2000 mcg निर्धारित है।

16. What is the Role of Fluoride in Body फ्लोराइड क्या कार्य करता है : –

यह खनिज जो अनिवार्य ट्रेस मिनरल में शामिल नहीं है, कुछ मात्रा में इसलिये आवश्यक है, क्योंकि यह भी हड्डियों और दांतों के निर्माण में प्रमुख खनिजों और अनिवार्य ट्रेस मिनरल के साथ एक सहयोगी है। यह हड्डियों को मजबूत बनाता है व दांतों को स्वस्थ, मजबूत व सुन्दर बनाये रखने में मदद करता है, ताकि उनका असमय क्षरण रोका जा सके। बड़े-छोटे शहरों में नगरपालिका जिस पानी की आपूर्ति अपने नागरिकों को करती है, वह पहले से ही Fluoride से युक्त होता है।

Deficiency and Excess of Fluoride फ्लोराइड की कमी और अधिकता से होने वाली समस्या : –

इइस खनिज की कमी से दांत कमजोर होते हैं, पर सामान्यतः Fluoride मिटटी व पानी में प्रचुर मात्रा में उपलब्ध होता है, इसलिये इसे अलग से लेने की आवश्यकता कभी नहीं पड़ती। लेकिन इसकी अधिक मात्रा निश्चय ही दांतों के लिये घातक है। जिन स्थानों का जल प्रदूषित होने से वहां फ्लोराइड की सांद्रता बहुत अधिक बढ़ गयी है, वहां के निवासियों के लिये अस्थि और दाँतों के रोग उग्र रूप धारण कर सकते हैं।

उनमे हड्डियों और दाँतों का क्षरण बहुत तेजी से होता है। भारत के मध्य प्रदेश राज्य में एक ऐसा गाँव है जिसकी भूमि और जल फ्लोराइड से इतने प्रदूषित हो चुके हैं कि वहां के निवासी हँसने से भी डरते हैं कि कहीं उनके दांत न गिर जायें। उस गाँव में कोई लड़की विवाह नहीं करना चाहती, क्योंकि वहां अधिकतर लोग अस्थि और दंत रोगों से जूझ रहे हैं।

Fluoride Rich Foods फ्लोराइड से भरपूर भोज्य पदार्थ : –

पीने का जल (जिसमे फ्लोराइड या तो प्राकृतिक रूप से हो या उसमे अलग से मिलाया गया हो), मछली(सारडाइन आदि में), चिकन और अधिकांश प्रकार की चाय में यह आसानी से मिल जाता है। फलों के जूस(अंगूर का रस) में भी यह उचित मात्रा में मिलता है।

Requirement of Fluoride शरीर के लिए कितनी मात्रा में आवश्यक है : –

Fluoride की 3-4 mg मात्रा ही मनुष्यों के लिये पर्याप्त है। इसकी प्रतिदिन के लिये अधिकतम मात्रा 10 mg निर्धारित है।

17. Other Trace Minerals अन्य खनिज : –

ऊपर बताये गये 16 Minerals के अतिरिक्त हमारे शरीर को निकिल, सिलिकॉन, वेनेडियम, बोरोन, कोबाल्ट, जर्मेनियम, रुबिडियम, आदि खनिजों की भी अत्यंत न्यून मात्रा की आवश्यकता होती है, जो आहार में प्रतिदिन लिये जाने वाले भोज्य पदार्थों से आसानी से पूरी हो जाती है। इनके लिये किसी भी तरह के सप्लीमेंट्स को लेने की आवश्यकता नहीं है।

यदि आप किसी कारण लम्बे समय तक बीमार रहे हों, तो ऐसी स्थिति में किसी विशेष खनिज तत्व की कमी होने पर चिकित्सक की सलाह अनुसार कोई सप्लीमेंट्स अवश्य ले सकते है। याद रखिये दवाइयाँ जीवन और स्वास्थ्य को बचाने का बस एक माध्यम भर हैं। वे कभी भी पौष्टिक आहार का विकल्प नहीं बन सकती हैं।

अन्यथा यदि आप विटामिन और खनिज तत्वों से भरे प्राकृतिक आहार (Natural Diet) जैसे – ताजे रसीले फल, हरी व पत्तेदार सब्जियाँ, दूध और इससे बने पदार्थ जैसे – मक्खन, मट्ठा, पनीर, साबुत अनाज, Dry Fruits सूखे मेंवों की गिरियाँ आदि नियमित रूप से कई दिनों तक लेते रहें, तो समस्त शारीरिक क्षति की पूर्ति संभव है।

जिन्हें लम्बे समय तक या जीवन भर स्वस्थ रहने की इच्छा हो, वे पोषक तत्वों से भरपूर प्राकृतिक पदार्थों को प्रतिदिन अपने आहार में शामिल करना एक नियम बना लें। इसलिये बचाव को ही उपचार का सर्वश्रेष्ठ साधन समझते हुए स्वस्थ होने की दिशा में अग्रसर होइये।

“तंदुरुस्ती हमारी सबसे बेशकीमती संपत्ति है।”
– अरविन्द सिंह

 

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