Hindi Marriage Tips: Quality of Great Life Partners

 

“आप किसी को तब तक कभी नहीं जान पाते, जब तक कि आप उनसे विवाह नहीं कर लेते।”
– एलानोर रूज़वेल्ट

 

Hindi Marriage Tips for Great Life Partners
एक-दूजे से सच्चा प्रेम ही सफल वैवाहिक जीवन की वास्तविक कुंजी है

Marriage and Your Life विवाह और आपका जीवन : –

स्नातकों यानि अविवाहित लोगों के लिये जीवन अपेक्षाकृत सरल है, जहाँ न तो इतनी अधिक प्रतिबद्धताएँ हैं और न ही भारी जिम्मेदारियाँ, क्योंकि ऐसे किसी संबंध में हम नहीं बंधे होते हैं। लेकिन विवाहित जीवन ऐसा नहीं हैं। यह पति-पत्नी के रूप में प्रत्येक स्त्री-पुरुष के लिये एक बड़ा उत्तरदायित्व है, जिसमे दोनों पक्षों को अपने-अपने कर्तव्य समझकर उन्हें पूर्ण निष्ठा से संपन्न करना पड़ता है।

उठते यौवन में अनुशासन, समर्पण, प्रेम, सहनशीलता और कर्तव्यपरायणता जैसी बातों की महत्ता भले ही हमने न जानी हो, लेकिन यहाँ इनके भूलने का अर्थ होगा – अपने सुखमय जीवन को स्वयं ही नष्ट कर डालना। दंपत्तियों के बीच विवाद और असहमति उत्पन्न होना आज एक सामान्य बात है। लेकिन यह इस स्तर पर पहुँच जाये कि उन्हें दूर करना संभव न हो सके, तो यह निश्चय ही एक गंभीर बात है।

यह तो सभी जानते हैं कि जैसे ताली एक हाथ से नहीं बजती वैसे ही कोई भी विवाद तब तक उग्र रूप धारण नहीं करता, जब तक उसमे दूसरा पक्ष भी सक्रिय रूप से सम्मिलित न हो जाय। इसी तरह अपने विवाहित जीवन को नष्ट करने के लिये पति और पत्नी समान रूप से जिम्मेदार होते हैं।

यदि एक भी पक्ष विचारशील रहकर अपना हठ छोड़ने को तैयार हो जाय, तो अनेकों सम्बन्ध टूटने से बच सकते हैं, पर प्रायः कई कारणों से ऐसा नहीं हो पाता है जिनमे कई मुख्य कारणों की चर्चा आज हम यहाँ करेंगे।

Evaluate Your Married Life Yourself अपने वैवाहिक जीवन का मूल्यांकन स्वयं कीजिये : –

वैवाहिक जीवन को ऐसा स्वरुप कैसे दिया जाय कि वह स्वर्ग जैसा ही प्रतीत हो या फिर एक असफल वैवाहिक जीवन को कैसे बचाया जाय या जीवनसाथी के साथ अपने मधुर संबंधों को दीर्घकाल तक कैसे मजबूत रखा जाय आदि किसी भी विषय पर कोई लेख आज यहाँ पर नहीं दिया जा रहा है। आज हमने कुछ सरल से प्रश्नों के जरिये एक Marriage Health Chart का निर्माण किया है।

जिसके आधार पर आप स्वयं ही इन प्रश्नों के उत्तर देकर जान सकते हैं कि आपके विवाहित जीवन में समस्याएँ क्यों और किस कारण से पनपी है तथा आप वास्तव में कितने बेहतर जीवनसाथी हैं? लेकिन यह आपके किसी काम आ सके, इसके लिये यह बहुत आवश्यक है कि आप पूरी ईमानदारी से इन प्रश्नों का उत्तर दें। केवल उपरी मन से नहीं, बल्कि सोच-विचारकर अपने संबंध का गहन विश्लेषण करते हुए।

आइये स्वयं ही इस बात का परीक्षण कीजिये कि आप अपने वैवाहिक जीवन के प्रति कितने निष्ठावान हैं? क्या वास्तव में आप एक बेहतर जीवनसाथी कहे जाने योग्य हैं? पुरुष और स्त्री दोनों ही इसके द्वारा एक जीवनसाथी के रूप में अपनी योग्यता का, विश्वसनीयता का परीक्षण कर सकते हैं। हमें आशा है नीचे दिये गये विकल्प आपको अपना स्व-मूल्यांकन करने में सहायक होंगे –

Marriage Health Chart for Life Partners : –

1. क्या आप अपने जीवनसाथी के प्रति वास्तव में आकर्षित हैं? –

A. हाँ
B. नहीं
C. पता नहीं

2. उस आकर्षण या घृणा के पीछे वास्तविक कारण क्या यह है? –

A. श्रेष्ठ शील और स्वभाव
B. सौंदर्य
C. धन-संपत्ति, नौकरी

3. क्या आप अपने जीवनसाथी के व्यक्तित्व (चिंतन, चरित्र, स्वभाव, व्यवहार) को अच्छी तरह से जानते-समझते हैं? –

A. हाँ
B. नहीं
C. कोई आवश्यकता नहीं समझते हैं।

4. क्या आप अपने जीवनसाथी को हमेशा सम्मान देते हैं और उनके प्रति आदर प्रकट करते हैं? –

A. हाँ
B. नहीं
C. आवश्यकता पड़ने पर ही ऐसा करते हैं।

5. क्या आप नियमित रूप से पारिवारिक जिम्मेदारियों के निर्वहन में जीवनसाथी का हाथ बंटाते हैं? –

A. हाँ
B. नहीं
C. ऐसा कभी-कभी मजबूरीवश ही करते हैं।

6. क्या आप अपने जीवनसाथी से ह्रदय से प्रेम करते हैं और उसकी भावनाओं, संवेदनाओं को महत्ता देते हैं? –

A. हाँ
B. नहीं
C. यकीन से नहीं कह नहीं सकते व कभी-कभी ही महत्ता देते हैं।

7. क्या आप जीवनसाथी के लिए आवश्यक समस्त सुविधाओं का ध्यान रखते हैं? –

A. हाँ
B. नहीं
C. कभी-कभी ही ध्यान देते हैं।

8. क्या आप अपने जीवनसाथी के प्रति पूर्ण रूप से निष्ठावान (वफादार) हैं? –

A. हाँ
B. नहीं
C. अभी यह एक सतही संबंध है, पर मै प्रयास कर रहा हूँ/रही हूँ।

9. क्या आप अपने जीवनसाथी की सेवा और सहायता करना अपना सुनिश्चित कर्तव्य मानते हैं और फिर करते भी हैं? –

A. हाँ
B. नहीं
C. आप ऐसा नहीं मानते, लेकिन कभी-कभी करते हैं।

10. क्या आप अपने जीवनसाथी की किसी विशेष आदत से परेशान हैं और आपने उनके साथ मिलकर अपनी पूरी सामर्थ्य से इसे दूर करने का प्रयास किया है?

A. हाँ
B. नहीं
C. बात न मानने पर, उसे उसके हाल पर छोड़ दिया है।

11. क्या आप सुख-दुःख के पलों को एकांत में बैठकर बांटते है और मानते हैं कि जो कुछ भी हुआ उसमे आप भी कहीं न कहीं बराबर के भागीदार हैं?

A. हाँ
B. नहीं
C. कुछ कह नहीं सकते।

12. क्या आप दूसरों के सामने अपनी जीवन साथी की सच्ची प्रशंसा करते हैं और अपने जीवन की सफलता या उन्नति में उनके योगदान को स्वीकार करते हुए उनके महत्व को उजागर करते हैं?

A. हाँ
B. नहीं
C. ऐसा करने की जरुरत नहीं समझते या मजबूरीवश ऐसा करते हैं।

13. क्या आप अपने जीवनसाथी की भावनाओं का सम्मान करते हुए, उन्हें उनकी इच्छानुसार (विवाहित जीवन की मर्यादा के भीतर रहते हुए) कार्य करने, जीवन जीने की स्वतंत्रता देते हैं?

A. हाँ
B. नहीं
C. ऐसा कभी-कभी अवसर पड़ने पर ही करते हैं।

14. आपका जीवनसाथी आपसे अधिक शिक्षित, प्रतिभाशाली और उच्च पद पर है; इस कारण वह आपसे अधिक चर्चित भी है, तो क्या आपको उसकी उन्नति से हार्दिक प्रसन्नता होती है और गौरव का अहसास होता है?

A. हाँ
B. बिल्कुल नहीं, दुःख होता है।
C. कुछ कह नहीं सकते, क्योंकि सोचा ही नहीं।

15. जब कभी आपका जीवनसाथी परेशान या विचलित होता है, तो क्या आप ईमानदारी से सहानुभूतिपूर्वक उस परेशानी का कारण जानने का प्रयास करते हैं?

A. हाँ
B. नहीं
C. अवसर मिलने पर ही ऐसा करते हैं।

16. क्या आप अक्सर दूसरे लोगों के सामने अपने जीवनसाथी की निंदा या आलोचना करते हैं?

A. बिल्कुल नहीं
B. अक्सर जानबूझकर ऐसा करते हैं।
C. भूलवश ऐसा हो जाता है।

17. क्या आपका जीवनसाथी आपसे इसलिये दुखी रहता है, क्योंकि आप मादक पदार्थों का सेवन करते हैं या उन पर अत्याचार (किसी भी कारण से) करते हैं?

A. नहीं
B. हाँ
C. कुछ कह नहीं सकते।

18. क्या आप जीवनसाथी के परिवार, मित्रों और सम्बन्धियों का सम्मान करते हैं व उनके आने पर उनका उचित आदर-सत्कार करते हैं?

A. हाँ
B. नहीं
C. मजबूरी में ऐसा करना पड़ता है।

19. आप अपने जीवनसाथी की प्रत्येक बात ध्यान से सुनते हैं और हमेशा उनकी सहायता करने को तैयार रहते हैं?

A. हाँ
B. नहीं
C. अनुरोधवश या मजबूरी में ही ऐसा करते हैं।

20. क्या आप अपने जीवनसाथी की योग्यता, शिक्षा की ओर ध्यान देते हुए उन्हें न केवल आगे बढ़ने के लिये प्रोत्साहित करते हैं बल्कि पारिवारिक कार्यों में व उनकी प्रतिभा तराशने में भी उनकी हरसंभव मदद करते हैं?

A. हाँ
B. नहीं, ऐसा करने की जरुरत नहीं समझते।
C. इच्छा तो होती है, पर कर नहीं पाते।

21. क्या आप कभी-कभी एकांत में या सार्वजनिक स्थान पर उन पर शारीरिक और मानसिक रूप से अत्याचार करते हैं और क्रोध आने पर ऐसा करना उचित समझते हैं?

A. हाँ
B. नहीं
C. बात न मानने पर अनजाने में ऐसा हो जाता है।

22. कोई अच्छा कार्य करने पर क्या आप जीवनसाथी की सराहना करते हैं और मुश्किल समय में उनकी दी गयी राय लेकर कार्य करना उचित समझते हैं?

A. हाँ
B. नहीं
C. लज्जा व अहं से संकुचित रह जाते हैं।

23. क्या आप अपने जीवनसाथी से अक्सर अपनी प्रशंसा सुनना चाहते हैं और चाहते है कि वह सब कार्य आपकी इच्छानुसार, आपसे पूछकर ही करे?

A. हाँ
B. नहीं
C. कभी-कभी ऐसा मन में आता है।

24. क्या आप अपने जीवनसाथी की अनुचित बातों और व्यवहार को अक्सर यह सोचकर सहन करते हैं कि भविष्य में इनमे अपेक्षित सुधार स्वतः ही हो जायेगा?

A. हाँ, क्योंकि हम उन्हें दूर करने के लिये साझा प्रयास कर रहे हैं।
B. नहीं, उसे बलपूर्वक सुधारने का प्रयत्न करता हूँ।
C. उसे उसके हाल पर छोड़ दिया है।

25. क्या आप जीवन में आये ठहराव और जीवनसाथी की अरुचि, मानसिक क्लान्ति को दूर करने के लिए समय-समय पर अपने जीवनसाथी को तीर्थयात्रा, पर्यटन पर ले जाते हैं, ताकि वह प्रकृति के सानिध्य में आकर फिर से एक नयी ऊर्जा प्राप्त कर सके?

A. हाँ
B. नहीं, इसकी कोई जरुरत नहीं है।
C. इस ओर कभी सोचा ही नहीं।

26. क्या आपमें जीवनसाथी के सामने अपनी गलती स्वीकार करने का साहस है और गलतियाँ होने पर आपका रवैया होता है?

A. हाँ, भूल होने पर क्षमा मांग लेते हैं और आगे सुधार के लिए प्रयास करते हैं।
B. नहीं, मै अपनी गलती कभी स्वीकार नहीं करता।
C. नहीं, पर लड़ाई से बचने हेतु कभी-कभी उपरी मन से गलती मान लेते हैं।

27. आपका जीवनसाथी जब आपसे विवाहित जीवन की समस्याओं को साझा न करके अन्य व्यक्तियों (अपने परिवार, मित्रों सम्बन्धियों) से साझा करता है तब आपको लगता है? –

A. आप उसे विश्वास में लेकर प्रेम से उस कारण को जानने का प्रयास करते हैं।
B. आपको दुःख होता है और उसके व्यवहार पर क्रोध आता है।
C. आप उसे नजरंदाज कर देते हैं।

28. किसी अप्रिय बात पर मन-मुटाव होने पर जब आप अपने जीवनसाथी से नाराज हो जाते हैं तब आपका व्यवहार कैसा होता है? –

A. मनमुटाव होता ही नहीं।
B. कुछ समय के लिए बोलचाल बंद कर देते हैं और उसके मनाने तक नहीं बोलते।
C. उस समय चुप रह जाते हैं, पर बाद में सभी गिले-शिकवे दूर कर लेते हैं।

29. आपके जीवनसाथी और आपके परिवार (आपके माता-पिता व भाई-बहन) के बीच में कोई विवाद होने पर आप क्या करते हैं? –

A. दोनों पक्षों को प्यार से समझाते हैं।
B. शीघ्र क्रोधित हो जाते हैं व दोषी को फटकारते हैं।
C. विवाद से पूरी तरह उदासीन रहते हैं।

30. जीवनसाथी और आपके बीच कोई विवाद होने पर जीवनसाथी की आलोचना करने से पूर्व –

A. आप अपनी गलतियों की ओर ध्यान देते हैं और तब समझकर ही कुछ कहते हैं।
B. कुछ नहीं सोचते, सीधे उन्हें ही दोष देने लगते हैं।
C. विवाद होने पर मौन धारण कर लेते हैं।

31. क्या आप अपने जीवनसाथी को अपनी आर्थिक स्थिति की जानकारी देते हैं और उसकी आर्थिक सुरक्षा का प्रबंध भी करते हैं?

A. हाँ, मैंने अपने सभी वित्तीय साधनो के बारे में उन्हें बता दिया है।
B. नहीं, क्योंकि वह विश्वसनीय नहीं है।
C. नहीं, पर आर्थिक सुरक्षा का प्रबंध किया है।

32. जब आप अपने परिवारीजन (माँ-पिता, भाई-बहन) से जीवनसाथी की कोई आलोचना सुनते हैं तो आप –

A. सच्चाई समझने पर दोषी पक्ष को समझाते हैं और सुधार के लिए प्रेरित करते हैं।
B. बिना कुछ सोचे-समझे जीवनसाथी को अपमानित करते हैं, डांटते हैं।
C. बात को नजरंदाज कर देते हैं।

33. जब कभी आपका जीवनसाथी कई दिनों के लिए बीमार पड जाता है तो आप हमेशा –

A. उसकी सेवा को अपना महत्वपूर्ण दायित्व समझकर प्रेम से उसकी सेवा करते हैं और प्रोत्साहित करते हैं।
B. उसका तिरस्कार करते है व उसे उसके हाल पर छोड़ देते हैं।
C. चिकित्सा कराते हैं, पर परिचर्या पर ध्यान नहीं देते।

34. जब आपको अपने जीवनसाथी की कमियों के विषय में पता लगता है या दूसरे लोग आपके सामने आपके जीवनसाथी की आलोचना करते हैं तब आप क्या करते हैं –

A. जीवनसाथी को समझाकर उन्हें दूर करने का प्रयास करते हैं।
B. जीवनसाथी को बुरा-भला कहते है और उसे दंड देते हैं।
C. उसकी ओर से पूरी तरह उदासीन हैं।

Are You A Great Life Partner क्या आप एक अच्छे जीवनसाथी हैं : –

यदि आपके दिये गये उत्तर के अधिकांश विकल्प A है, तो निःसंदेह आप एक अच्छे Life Partner है और अपनी Married Life को खुशहाल बनाने हेतु कटिबद्ध हैं। यदि आपने उत्तर के रूप में विकल्प C को चुना है, तो इसका अर्थ है कि आपको अभी अपने व्यक्तित्व में सुधार की आवश्यकता है। क्योंकि आप अभी तक विवाहित जीवन के उत्तरदायित्व को नहीं समझ सके हैं, थोडा प्रयास और करने पर आप भी निश्चित रूप से एक अच्छे जीवनसाथी सिद्ध हो सकते हैं।

पर यदि आपने अपने उत्तर के रूप में विकल्प B को अधिक चुना है, तो आपको अपनी Married Life को खुशहाल बनाने के लिये अपने व्यक्तित्व में भारी बदलाव की आवश्यकता है। अन्यथा दोनों पक्षों में से कोई भी सुख से नहीं जी सकेगा और पहल निश्चित रूप से आपको ही करनी पड़ेगी, क्योंकि कमियाँ आपमें ही अधिक हैं।

विकल्प A के लिये 3 अंक, विकल्प B के लिये 0 अंक और विकल्प C के लिये 1.5 अंक निर्धारित हैं यदि आपका कुल स्कोर यह रहता है तब आप होंगे –

1. 90 से अधिक स्कोर होने पर आप एक अच्छे व योग्य जीवनसाथी हैं।

2. 55 से अधिक लेकिन 90 से कम स्कोर होने पर आपको एक अच्छा जीवनसाथी बनने के लिये थोडा परिश्रम करने की आवश्यकता है।

3. यदि आपका स्कोर 50 से भी कम रहता है, तो आप निश्चय ही एक अच्छे जीवनसाथी नहीं है आपको स्वयं की प्रकृति में एक बड़े परिवर्तन की आवश्यकता है।

“एक सुखी विवाह का रहस्य हमेशा रहस्य रहता है।”
– हेनरी यंगमैन

 

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