Life of Great Scientist Thomas A. Edison in Hindi

 

“असफल व्यक्ति वह काम करते हैं जो तनाव दूर करता है, जबकि विजेता वह काम करते हैं जो उद्देश्य की ओर ले जाते हैं।”
– डेनिस वेटले

 

Life of Great Scientist Edison in Hindi
कुछ भी असंभव नहीं है यदि एक इंसान सिर्फ प्रयास करे

A Scientist by Birth एक जन्मजात वैज्ञानिक : –

World famous Inventor, Scientist और Businessman, Thomas Alva Edison को कौन नहीं जानता। यूँ तो सभी ने उनके achievements और successful life के बारे में पढ़ा है, पर उनके संघर्षपूर्ण जीवन के बारे में कम ही लोग जानते हैं। कैसे एक व्यक्ति गरीबी से निकलकर, न केवल दूसरों के लिए प्रेरणास्रोत बनता है, बल्कि एक देशभक्त के रूप में अपनी खोजों से देश व समाज की अथक सेवा करता है।

Gramophone, Tape Recorder, Motion Camera, Electric Bulb और Electricity Distribution System समेत कई छोटे-बड़े 1300 से भी ज्यादा Inventions के Patent का उनका अपना कीर्तिमान है। शायद ही दूसरे किसी Inventor ने इतने inventions किये हों। उनके inventions से मानवजाति आज कितना लाभ उठा रही है, इसके लिए हमें केवल नज़रें घुमाने भर की जरुरत है।

Edison का जीवन, एक असली विजेता की फर्श से अर्श तक पहुँचने की दिलचस्प और प्रेरणादायी कहानी है; जो बार-बार इसी ज्वलंत तथ्य की ओर इशारा करती है कि मनुष्य अपने भाग्य का निर्माता स्वयं है। आइये, इस महान वैज्ञानिक के प्रेरणादायी जीवन के बारे में कुछ जाने!

Early Life of Edison एडीसन का प्रारंभिक जीवन : –

इस महान वैज्ञानिक का जन्म, अमेरिका के ऑहियो प्रान्त के मिलान नामक स्थान पर 11 फरवरी सन 1847 में हुआ था। वे अपने पिता सैमुएल एडीसन (Samuel Ogden Edison) और माँ नैंसी इलियट (Nancy Matthews Elliot) की सातवीं और अंतिम संतान थे। महान व्यक्तियों का बचपन असाधारण होता है, यह बात Edison पर पूरी तरह लागू होती है।

उनकी खोजी प्रवृत्ति की कहानियाँ हमने बचपन में जरूर पढ़ी होंगी कि कैसे उन्होंने पक्षियों की उड़ान का रहस्य जानने के लिए, अपनी नौकरानी को कीड़ों की चटनी को पीसकर खिला दिया था, जिसके कारण वो बेचारी कई दिन तक बिस्तर पर पड़ी रही थी। अण्डों से चूजे निकालने के लिए, एक बार खुद ही उन पर बैठ गए थे, जिस पर उनकी माँ ने उनकी बड़ी पिटाई की थी।

अपनी जिज्ञासा को शांत करने के लिए बालक Edison कुछ गंभीर मगर विचित्र प्रश्नों को पूछ बैठते थे, जिनका उत्तर देने में उनके अध्यापक भी चकरा जाते थे। इस कारण उन्हें बचपन में ही स्कूल से निकाल दिया गया था। लेकिन उनकी माँ जानती थी कि बालक मंदबुद्धि या पागल नहीं है। इसलिए उनकी माँ ने उनकी स्कूली शिक्षा घर पर रहकर ही पूरी कराई।

उनकी माँ उनके हर विचित्र सवाल का समझदारी से जवाब देती और उनकी जिज्ञासा को शांत करती। Edison ने एक बार अपनी माँ के बारे में कहा था, “मेरी माँ ने ही मेरा निर्माण किया है। वह बहुत सच्ची थी, मुझ पर बहुत विश्वास करती थी, और मै यह महसूस करता था कि मुझे किसी के लिए जीना है, कोई ऐसा है, जिसे मुझे निराश नहीं करना है।”

Hard Struggle of Edison एडिसन का कठोर संघर्ष : –

परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण, एडिसन को बचपन में ही कठिन परिश्रम करना पड़ा। लेकिन प्रबल इच्छाशक्ति के धनी एडिसन ने कभी भी छोटे कामों में हेठी अनुभव नहीं की। वे हर काम को प्रतिष्ठा का प्रश्न बनाकर, उसे हरसंभव तरीके से सही, पूरा और शानदार ढंग से करते थे। फिर बचाए हुए पैसे से वह प्रयोग का सामान और किताबें खरीदते।

रेल के डिब्बों में सब्जी बेचना, अखबार बेचना, तार बाँटना, जैसे अनेकों काम उन्हें अपनी जिंदगी के शुरूआती दिनों में ही करने पड़े; पर इसमें उन्होंने कभी हीनता महसूस नहीं की। यहाँ तक कि इन कामों में भी उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा था। जब Edison गाड़ी में अखबार बेचते थे, तो वहीँ पर उन्होंने एक छोटी सी laboratory भी बना ली थी।

एक बार experiment करते समय पास रखे chemical ने आग पकड़ ली, जिसकी वजह से डिब्बे में भी आग फ़ैल गयी। अगले स्टेशन पर Edison को ट्रेन और नौकरी दोनों से निकाल दिया गया। लेकिन Edison ने हिम्मत नहीं हारी, बल्कि दूसरा काम शुरू कर दिया। 19 वर्ष की आयु में उन्होंने, एक telegraph operator की नौकरी कर ली। जहाँ पर वह night shift में काम किया करते थे।

इससे उन्हें पढने और प्रयोग करने का समय मिल जाता। लेकिन Edison यहाँ पर भी अधिक दिनों तक काम न कर सके। एक रात lead-acid battery पर काम करते हुए, कुछ acid फर्श पर फ़ैल गया, जो उनके boss की desk तक पहुँच गया। अगले दिन Edison को बाहर निकाल दिया गया। हर काम को इज्ज़त का मानना और प्रत्येक अवसर के महत्वपूर्ण सदुपयोग का शिक्षण उन्हें अपने माता-पिता से बचपन में ही मिला था।

Edison as A Great Inventor एडिसन एक महान आविष्कारक के रूप में : –

Edison ने Inventor के रूप में अपना career, New Jersey में शुरू किया था। जहाँ उन्होंने automatic repeater और दूसरी telegraphic devices बनायीं। लेकिन जिस आविष्कार ने उन्हें प्रसिद्धि दिलाई, वह Phonograph था। सन 1877 में किये इस आविष्कार ने, उन्हें “मेनलो पार्क के जादूगर” के नाम से मशहूर कर दिया।

धीरे-धीरे कुछ पैसा इकट्ठा करके उन्होंने पहली Industrial Research Laboratory बनायीं, जो America के New Jersey राज्य में Middlesex County नामक स्थान पर है। इस प्रयोगशाला से ही वे आविष्कार निकले, जिन्होंने आगे चलकर समाज का स्वरुप बदल दिया। Nikola Tesla जैसे चोटी के वैज्ञानिक और Hammer जैसे Engineer ने भी अपने शुरूआती दिनों में Edison के साथ काम किया था।

Edison ने एक बार कहा था कि वे अपनी laboratory में हर तरह का सामान चाहते हैं। उनकी यह बात कितनी गंभीर थी, इस बारे में एक newspaper ने सन 1887 में लिखा है-“उनकी प्रयोगशाला में 8000 प्रकार के chemicals हैं, हर तरह का screw है, हर तरह की needle है, हर तरह का wire है, इसके अलावा मनुष्यों के, घोड़ों के, सुअरों के, गायों के, खरगोशों के, ऊंट के, बकरी के बाल हैं।

हर तरह का सिल्क, ककून, शार्क के दांत, हिरण के सींग, कछुए का खोल, कोर्क, वार्निश, तेल, शुतुरमुर्ग के पंख, मोर की पूंछ और ऐसे ही न जाने कितने सामानों की लंबी list है।” सन 1877-78 में उन्होंने carbon telephone transmitter बनाया जो communication system की बुनियाद था।

Attitude towards Failures असफलता के प्रति द्रष्टिकोण : –

Edison जब electric bulb बनाने के लिए experiment कर रहे थे, तो उनके लगभग 2500 से भी ज्यादा प्रयोग असफल रहे थे। लेकिन उन्होंने कभी हिम्मत नहीं हारी। अपनी इस क्रांतिकारी खोज को आखिरी रूप देने में उन्हें 10 साल से भी ज्यादा का समय लग गया, पर वह विचलित नहीं हुए, क्योंकि असीम धैर्य और अदम्य साहस Edison के व्यक्तित्व की मुख्य विशेषता थी।

उनकी इस क्षमता का पता तब चला, जब एक बार एक सार्वजनिक समारोह में एक पत्रकार ने उनसे यह सवाल किया कि 2000 प्रयोगों में असफल रहने के कारण आपका इतना समय बेकार चला गया। इसे आप किस तरह देखते हैं? तो उनका जवाब था – “नहीं, मै असफल नहीं रहा। बल्कि मैंने ऐसे 2000 तरीके ईजाद किये जिनसे bulb नहीं बन सकता था।”

यह Edison का जीवन के प्रति सकारात्मक द्रष्टिकोण ही था, जिसने उन्हें इतना सफल बनाया और सदा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। Edison infection की वजह से बचपन में ही बहरे हो गए थे पर इसका उन्होंने कभी दुःख नहीं माना। अपने माता-पिता की शिक्षाओं से वे self-dependent बने और हमेशा अपनी इस Natural disability को ईश्वर का वरदान मानते रहे।

उनका कहना था कि दूसरे लोग बेकार की गपशप में अपना समय गुजारते हैं, मुझे ऐसी बर्बादी का सामना नहीं करना पड़ा। वह समय मै सोचने और पढने में लगाता हूँ। यदि दूसरों की तरह मेरे भी कान खुले होते, तो इतना न कर पाता जो कर पाया हूँ।

Edison’s Contribution towards Humanity मानवता के प्रति योगदान : –

आज इस 21वीं सदी मे हम जितने भी Scientific Inventions का लाभ उठा रहे हैं, उनमे सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है Electricity यानी बिजली। सोचिये अगर इसका invention न हुआ होता, इसे पैदा करने की तकनीक न खोजी जाती, इसे अन्य जगहों पर भेजने की तरकीब न खोजी जाती, तो क्या आज हमारा जीवन इतना सुखमय हो पाता।

Television, Computer, A.C., Refrigerator, Cooler, Mobile, Lighting और ऐसे ही न जाने कितने उपकरण हैं जिनका जीवन electricity पर निर्भर है। Edison ने ही सबसे पहले commercial electricity power distribution system का निर्माण किया था। मानवजाति के कल्याण की दिशा में किये गए उनके प्रयासों के लिए उन्हें अनेकों awards से नवाजा गया।

उनके सम्मान में अनेकों schools, colleges, roads, buildings का नाम उन पर रखा गया। America की कई museums और memorials उनका यशोगान करती हैं। अपने आशावादी द्रष्टिकोण, बड़ी सोच, कठोर परिश्रम और धैर्य के आधार पर ही उन्होंने इतनी बड़ी सफलता हासिल की थी। उनके असाधारण योगदान को देखते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति ने भी सारे देश की ओर से उनका सार्वजनिक सम्मान किया।

18 अक्टूबर सन 1931 के दिन इस महान Inventor ने, इस नश्वर संसार से विदा ले ली। लेकिन आने वाली पीढ़ियों और वैज्ञानिकों के लिए यह आशा भरी मिसाल बनकर कि – “यदि अपनी क्षमताओं पर विश्वास हो, तो संसार का कोई भी कार्य असंभव नहीं, कोई भी उपलब्धि दूर नहीं। जो प्रगति का रास्ता सच्चे मन से ढूंढेगा, उसे उपयुक्त अवसर मिलकर ही रहेगा।”

Lessons from Life of Edison एडिसन के जीवन के सबक : –

George Santayana की यह उक्ति, Edison पर अक्षरशः लागू होती है – “किसी भी व्यक्ति के लिए हर समय कुछ न कुछ सीखना बाकी होता है। बुद्धिमान व्यक्ति इसी ओर प्रयत्नशील होते हैं।” Edison का पूरा जीवन प्रयोग करने और उनसे सीख लेकर परिणाम उत्पन्न करने में बीता, जिनमे बचपन की गलतियों से सबक लेना भी शामिल था। अगर उन्हें एक जन्मजात वैज्ञानिक कहा जाये तो कोई अतिश्योक्ति न होगी।

शायद इसीलिए एक महान लेखक ने कहा है – “मुझे ऐसा आदमी दिखा दीजिये जिसने कभी कोई गलती नहीं की और मै आपको ऐसा आदमी दिखा दूंगा जो कभी भी सफल नहीं हो सकता।” इस महान व्यक्ति के जीवन से हम यही सीख पाते हैं कि एक निष्क्रिय जीवन से ज्यादा बेहतर यही है कि सारा जीवन गलती करके सीखने में बिताया जाये

परिणाम अगर अनुकूल न रहे, तो भी कभी इस बात का दुःख तो न होगा कि जो हमें पाना था, उसके लिए हमने प्रयास नहीं किया। कम से कम व्यक्ति उस एक काम को तो कर ही सकता है जो उसके हाथ में है। किसी विद्वान् ने सच ही कहा है कि महान व्यक्ति जन्म से महान नहीं होते हैं, बल्कि संकटों की पाठशाला में तपकर ही वे महान बनते हैं और उनमे से एक नाम Thomas Alva Edison का भी है जो सदा याद रखा जायेगा।

“सामान्य नियमानुसार – एक व्यक्ति जब पैदा होता है, तो वह अपने साथ कुछ विशेष नहीं लाता। एक मनुष्य वास्तव में वह है, जो वह खुद को बनाता है।”
– एलेग्जेंडर ग्राहम बेल

 

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