Astrology: Personality of Gemini Zodiac Sign in Hindi

 

“मन कोई ऐसा पात्र नहीं है जिसे भरा जाय, बल्कि एक अग्नि है जिसे प्रज्वलित किया जाय।”
– प्लूटार्क

 

Gemini Zodiac Sign in Hindi
दोहरे व्यक्तित्व वाले होते हैं मिथुन राशि के जातक

Nature of Gemini Zodiac मिथुन राशि का स्वभाव : –

जब जन्म कुंडली में चन्द्रमा मिथुन राशि में हो, तो उस व्यक्ति की जन्मराशि मिथुन होती है। मिथुन राशि, राशिचक्र की तीसरी राशि है। इस राशि का विस्तार भचक्र के 60° से 90° तक है और इसका स्वामी गृह बुध है। यह शूद्र जाति की पुरुष लिंग वाली, वायु तत्व प्रधान राशि है। यह उत्तर दिशा की स्वामिनी और तीक्ष्ण प्रकृति की मध्यम संतति वाली राशि है। यह दिन के समय बली रहती है और इसका हरित वर्ण है।

इसका प्रतीक चिंह,स्त्री व पुरुष का एक मिथुन (जोड़ा) है, अर्थात मिथुन राशि के जातक एक शरीर और दो आत्माओं वाले (दो विचारधाराओं वाले) होते हैं। इस राशि के जातकों का स्वभाव इसके प्रतीक चिंह की तरह चंचलता, भावुकता और अस्थिरता से पूर्ण होता है। मिथुन राशि के जातकों को गोचर के फलादेश इसी राशि के आधार पर देखने चाहियें।

यदि व्यक्ति के जन्म के समय लग्न मिथुन राशि का हो, तब भी यह जातकों पर अपना प्रभाव डालती है। यह राशि व्यक्ति के शरीर में उसकी गर्दन, कंधे व भुजाओं का प्रतिनिधित्व करती है। ग्रहों की अनुकूलता के अनुसार चंद्रमा, शुक्र और शनि मिथुन राशि में शुभ फल प्रदान करते हैं। मंगल और बृहस्पति इस राशि के स्वामी बुध के शत्रु होने के कारण इसमें अशुभ फल देते हैं।

सूर्य के लिये यह सम राशि है। लेकिन इस राशि में इसका स्वामी गृह बुध अत्यंत शुभ फल देता है। मिथुन राशि पर सूर्य 31 दिन 37 घडी और 32 पल रहते हैं। मिथुन राशि के अंतर्गत, मृगशिरा नक्षत्र के अंतिम दो चरण, आर्द्रा नक्षत्र के चारों चरण और पुनर्वसु नक्षत्र के अंतिम तीन चरण आते है।

Personality of Gemini Person मिथुन राशि के जातक का व्यक्तित्व : –

मिथुन राशि वायु तत्व प्रधान राशि है और वायु तत्व अस्थिरता, वेग, और प्रचंडता का प्रतीक है इसलिये मिथुन राशि के जातक मानसिक रूप से अस्थिर, चंचल व अल्हड होते हैं। यह राशि सभी 12 राशियों में विलक्षण है, क्योंकि इस राशि के जातकों में एक ही समय में दो विपरीत विचारधाराएँ एक साथ चलती देखी जा सकती है।

अर्थात यदि एक पल इनके स्वभाव में चंचलता दिखती है, तो दूसरे ही पल एक प्रौढ़ व्यक्ति की बुद्धिमत्ता भी इनमे नजर आयेगी। चूँकि मिथुन राशि के जातक प्रायः अस्थिर मन वाले, शंकालु स्वभाव के होते हैं, इसीलिये ये लम्बे समय तक एक ही विषय पर गहनता से नहीं सोच सकते हैं। आज इनके मस्तिष्क में एक योजना है, तो कल कोई और होगी।

लेकिन इसका यह अर्थ नहीं है कि मिथुन जातक असफल या अक्षम ही रहते हैं। यह जातक नैसर्गिक रूप से बुद्धिमान, पढने-लिखने के शौक़ीन और शिल्प-कौशलयुक्त होते हैं। इसके अतिरिक्त ये चतुर, हुनरमंद और अच्छे वक्ता होते हैं। इन लोगों का व्यक्तित्व आकर्षक होता है और ये सहज ही विपरीत लिंगियों को अपनी ओर आकर्षित कर सकते हैं।

यह जातक मस्तिष्क प्रधान होते हैं और अपने मन के अनुसार कार्य करना पसंद करते हैं। ये मिलनसार, जिंदादिल, विनोदी स्वभाव के और अलग ढंग से जिंदगी जीने वाले लोग होते हैं। इन्हें अपने जीवन में परिवर्तन बहुत पसंद होता है; इन्हें घूमने-फिरने, मनोरंजन के साधन जुटाने और खेलों का बहुत शौक होता है।

Physique and Nature of Gemini Person मिथुन राशि के जातक का शरीर और स्वभाव : –

मिथुन राशि के जातक प्रायः सामान्य व सीधे कद, लेकिन पतले शरीर वाले होते हैं। इनके शारीरिक अंग भी बहुत पुष्ट नहीं होते। इनके संपूर्ण शरीर में चपलता भरी होती है, जो अक्सर अनेकों शारीरिक चेष्टाओं के रूप में द्रष्टिगोचर होती है। इन जातकों की बीमारियाँ शरीर से कम और मन से अधिक संबंधित होती हैं, क्योंकि इनका चित्त हमेशा चंचल रहता है।

अनावश्यक चिंता करने की आदत इनके स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकती है। आम तौर पर इनका स्वास्थ्य उत्तम ही होता है, पर प्रतिकूल स्थिति में इन्हें कंधे, श्वास नली, त्वचा और बाजुओं से संबंधित रोगों का सामना करना पड सकता है। यदि चंद्रमा पाप प्रभाव में हो या कमजोर हो तो इन्हें डिप्रेशन, उदासी या दूसरे मनोविकार भी घेर सकते हैं।

वायु तत्व प्रधान राशि होने के कारण मिथुन जातकों का मस्तिष्क बहुत तेज गति से चलता है, इसीलिये ये एक ही समय में कई कार्य कर सकने में समर्थ होते हैं। गणित और विज्ञान विषय में यह जातक उल्लेखनीय प्रगति कर सकते हैं। अपने इन्ही गुणों और रूचि के कारण अक्सर इन जातकों को वैज्ञानिक, कलाकार, खिलाड़ी, अध्यापक और लेखक बनते देखा गया है।

इनकी हिसाब किताब में भी काफी रूचि रहती है, इसलिये एकाउंटिंग, C.A. का पेशा भी इन्हें रुचिकर होता है। इन्हें कला, संगीत और लेखन का भी शौक होता है। यह लोग अपने आपको हमेशा किसी न किसी कार्य में व्यस्त रखते है, जिससे इनमे सतत ऊर्जा बनी रहती है। अपनी इस क्षमता के बल पर ये जातक नौकरी और व्यवसाय दोनों ही क्षेत्रों में सफल हो सकते हैं।

मिथुन राशि के जातक काफी बातूनी होते हैं और उनकी यह आदत मिथुन, तुला और कुम्भ राशियों के जातकों को छोड़कर अन्य राशि वालों को इनसे दूर रहने का बहाना दे देती है। यहाँ तक कि ये लोग प्रेम संबंधों में भी अस्थिर हो जाते हैं। इन लोगों को चाहिये कि यह अपने घनिष्ठ और अन्तरंग सम्बन्ध केवल वायु तत्व प्रधान राशि वालों या पृथ्वी तत्व राशि वाले जातकों के साथ ही रखें।

क्योंकि इनके साथ इनकी रूचि और स्वभाव दोनों मेल खाते हैं। हर काम में फुर्तीलापन और जल्दबाजी इनकी विशेष पहचान है। मिथुन राशि के जातकों में विपरीत लिंगियों के प्रति विशेष रूचि रहती है और ये प्रेम संबंधों में अपनी ओर से पहल करने वाले होते हैं। यह हमेशा मित्रों व प्रियजनों की संगति में रहना पसंद करते हैं, एकांत इन्हें बिल्कुल पसंद नहीं होता।

“अवसर उन लोगों के साथ नाचता है जो पहले ही डांसिंग फ्लोर पर होते हैं।”
– एच. जैक्सन ब्राउन जू.

 

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