Astrology: Personality of Taurus Zodiac Sign in Hindi

 

“ताकत और प्रगति, केवल सतत संघर्ष और प्रयासों के जरिये ही आती हैं।”
– नेपोलियन हिल

 

Taurus Zodiac Sign in Hindi
शांत और सौम्य व्यक्तित्व के स्वामी होते हैं वृष राशि के जातक

Nature of Taurus Zodiac वृष राशि का स्वभाव : –

जब जन्म कुंडली में चन्द्रमा वृष राशि में हो, तो उस व्यक्ति की जन्मराशि वृष होती है। वृष राशि, राशिचक्र की दूसरी राशि है। इस राशि का विस्तार भचक्र के 30° से 60° तक है और इसका स्वामी गृह शुक्र है। यह वैश्य जाति की स्त्री लिंग वाली, पृथ्वी तत्व प्रधान राशि है। यह दक्षिण दिशा की स्वामिनी और सौम्य व शिथिल प्रकृति की, मध्यम संतति वाली राशि है। यह रात्रि के समय बली रहती है और इसका श्वेत वर्ण है।

इसका प्रतीक चिंह, एक शांत व बलिष्ठ वृषभ है। इस राशि के जातकों का स्वभाव भी इसके प्रतीक चिंह की तरह प्रायः शांत, धैर्यवान, सरल व उत्साह से परिपूर्ण होता है। वृष राशि के जातक परिश्रमी, सांसारिक कार्यों में दक्ष, चिंतामुक्त और उर्जावान होते हैं, लेकिन क्रोध दिलाने पर यह जातक अत्यंत उग्र हो जाते हैं और जल्दी से शांत नहीं होते। वृष राशि के जातकों को गोचर के फलादेश इसी राशि के आधार पर देखने चाहियें।

यदि व्यक्ति के जन्म के समय लग्न वृष राशि का हो, तब भी यह जातकों पर अपना प्रभाव डालती है। यह राशि व्यक्ति के शरीर में उसके मुख, वाणी, जीभ और गले का प्रतिनिधित्व करती है। ग्रहों की अनुकूलता के अनुसार बुध और शनि वृष राशि में शुभ फल प्रदान करते हैं। मंगल व बृहस्पति के लिये यह सम राशि है तथा सूर्य और चन्द्रमा इस राशि के स्वामी शुक्र के शत्रु होने के कारण इसमें अशुभ फल देते हैं।

लेकिन इस राशि में चंद्रमा उच्च होता है, इसलिये प्रायः शुभ फल ही देता है। वृष राशि पर सूर्य 31 दिन 24 घडी और 56 पल रहते हैं। वृष राशि के अंतर्गत, कृतिका नक्षत्र के अंतिम तीन चरण, रोहिणी नक्षत्र के चारों चरण और मृगशिरा नक्षत्र के प्रथम दो चरण आते है।

Personality of Taurus Person वृष राशि के जातक का व्यक्तित्व : –

वृष राशि पृथ्वी तत्व प्रधान राशि है और पृथ्वी तत्व धैर्य, स्थिरता और सहनशीलता का प्रतीक है, इसलिये वृष राशि के जातक अधिक धैर्यवान, अहंकारी, धीरे-धीरे और विचारपूर्वक कार्य करने वाले होते हैं। इन लोगों को किसी भी कार्य में जल्दबाजी अच्छी नहीं लगती। पर इसका अर्थ यह नहीं कि ये लोग अकर्मण्य या आलसी होते हैं, बल्कि वृष राशि के लोग कार्य को सर्वोत्तम ढंग से करना पसंद करते हैं, ताकि पीछे कोई कमी न रह जाय।

वास्तविकता तो यह है कि वृष जातक अत्यंत उत्साही, मनमौजी और ऊर्जा से भरपूर होते हैं। यह जातक चुनौतियों को पसंद करते हैं और जिस कार्य में इनकी रूचि होती है उसमे अपनी संपूर्ण शक्ति और मनोयोग लगा देते हैं। वृष राशि के जातक जीवन को सीधे-सादे ढंग से जीने में ही यकीन रखते हैं। इन्हें जीवन में परिवर्तन पसंद नहीं होता।

कहा जाय, तो ये ढर्रे की जिंदगी में ही खुश रहना पसंद करते हैं। यह लोग स्वभाव से हठी और जिद्दी होते हैं और मनोरुचि जाग्रत होने पर ही किसी काम में प्रवृत्त होते हैं, अन्यथा कोई इन्हें कितना ही कहे ये उस कार्य में प्रवृत्त नहीं होते। यदि दबाव में इन्हें कोई कार्य करने पर विवश किया जाय, तो यह उग्र हो जाते हैं और सब किया-कराया चौपट कर देते हैं।

ये धुन के पक्के होते हैं, लेकिन चंद्रमा के कमजोर होने के कारण यदि मनोबल कमजोर हो, तो ऐसे जातकों में आलस्य और काम के प्रति अरुचि भी आसानी से देखी जा सकती है। वृष राशि के जातक सरल स्वभाव के और सहज विश्वासी होते हैं। जो लोग इनकी प्रशंसा व मान-मनौव्वल करते हैं, उनसे यह प्रसन्न रहते हैं।

लेकिन अपनी आलोचना करने वालों से इस हद तक रुष्ट हो सकते हैं कि सामने पड़ने पर उनसे कन्नी काटकर निकल जाँय। इनके इसी स्वभाव और भावुकता के कारण कई बार दूसरे लोग इनसे अनुचित लाभ उठा लेते हैं। वैसे यह होशियार और दुनियादार लोग होते हैं। अपना अच्छा और बुरा सोचने की प्रवृत्ति इनमे नैसर्गिक रूप से होती है।

लेकिन गर्वीले होने के कारण इन्हें मान बड़ा प्रिय होता है। इसलिये किसी भी कारण से अपनी उपेक्षा नहीं सह सकते हैं। क्रोध आने पर यह हिंसक तो नहीं होते, लेकिन ईर्ष्यालु होने की प्रवृत्ति के कारण किसी को जल्दी क्षमा भी नहीं करते।

Physique and Nature of Taurus Person वृष राशि के जातक का शरीर और स्वभाव : –

वृष राशि के जातकों का स्वास्थ्य प्रायः बहुत अच्छा रहता है, क्योंकि ये एक चिंतामुक्त और उत्साही जीवन जीते हैं। यदि कुंडली में शुक्र, लग्न व लग्नेश शुभ रहे, तो पुरुष जातक पुष्ट शरीर वाले, ऊँचे व मजबूत कंधों से युक्त और उन्नत वक्ष वाले होते हैं। इनकी पौरुष क्षमता या यौन शक्ति काफी प्रबल होती है, इसी कारण से इनमे जोश और वासना भी प्रबल होती है।

ये जातक खाने-पीने के बहुत शौक़ीन होते हैं, तरह-तरह के व्यंजनों का स्वाद लेना इनकी आदत में शामिल होता है, इसलिये प्रौढ़ावस्था में मोटापे की समस्या से पीड़ित देखे जाते हैं। इसके अलावा इन्हें मुख, आँख व गले के रोगों के होने की सम्भावना भी रहती है। वृष राशि के जातक कला, संगीत और सौंदर्य के प्रेमी होते हैं, इसलिये अक्सर इन्हें कलाकार, संगीतज्ञ और कवि या लेखक बनते देखा गया है।

इसके अतिरिक्त इन्हें चिकित्सा, अध्यापन और एकाउंटिंग से सम्बंधित कार्यों में संलग्न देखा जा सकता है, फिर भी इन्हें अपना स्वयं का व्यवसाय ही अधिक प्रिय होता है। आजीविका के रूप में वृष जातक प्रायः ऐसे कार्य को चुनते हैं, जिसमे इन्हें अधिक परिश्रम न करना पड़े। इसलिये ये एक स्थान पर बैठकर किये जाने वाले काम को अधिक तरजीह देते हैं।

यह लोग अच्छी व्यवसायिक योग्यता और संगठन शक्ति से युक्त होते हैं और अपनी रुचि के प्रत्येक कार्य को निपुणता से और एक कलात्मक तरीके से करते हैं। शुक्र के प्रभाव के कारण ये जातक अपने आस-पास भी एक खुशनुमा वातावरण चाहते हैं। चूँकि वृष राशि के जातक बहुत ही सामाजिक होते हैं, इसलिये ये सामाजिक कार्यों में आगे बढ़कर हिस्सा लेते हैं।

प्रियजनों और अतिथियों का सत्कार करने में इन्हें विशेष आनंद मिलता है। यह लोग दुःख और एकांत बिल्कुल पसंद नहीं करते हैं। चूँकि शुक्र प्रेम और काम का प्रतिनिधि गृह है, इस कारण से यौवन के वेग में इन जातकों की बढ़ी रूचि प्रेम संबंधों में देखी गयी है।

वृष राशि के जातक पूरी तरह सांसारिक, स्वार्थी, ईर्ष्यालु और अपने कार्य में दक्ष होते हैं। धन-संपत्ति व प्रतिष्ठा के लिये ये हमेशा प्रयत्नशील रहते हैं, और इनकी चाहत इनके मन में प्रायः जीवन के अंत तक किसी न किसी रूप में बनी रहती है।

“दुनिया जोशीलों के लिए है।”
– राल्फ वाल्डो एमर्सन

 

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