Health Care Tips in Hindi for Girl and Women’s Body

 

“अपने शरीर को स्वस्थ और बलशाली बनाये रखना, इस धरती के प्रत्येक मनुष्य के जीवन का प्रथम लक्ष्य है। क्योंकि यही हमारी सभी उपलब्धियों, सुख, शांति और सफलताओं को हासिल करने का सबसे महत्वपूर्ण  माध्यम है। इसके बिना संसार की किसी भी चीज का आनंद नहीं उठाया जा सकता। स्वास्थ्य (तंदुरुस्ती) निश्चित रूप से हमारी सबसे बेशकीमती संपत्ति है।”
– पवन प्रताप सिंह

 

Health Tips in Hindi for Women
सतत चिंता और तनाव IBS रोग का सबसे बड़ा कारण हैं

Health Care Tips in Hindi for Women’s Body में आज हम, स्वस्थ जीवन के उन अनमोल सूत्रों की चर्चा करेंगे, जो आपके शरीर को लम्बे समय तक शक्तिशाली और तंदुरुस्त रहने में मदद करेंगी। अपने शरीर को स्वस्थ रखना, प्रत्येक व्यक्ति के जीवन का पहला उत्तरदायित्व है और साथ ही जीवन का प्रथम लक्ष्य भी। क्योंकि यदि इसकी देखभाल आप स्वयं ही नहीं करेंगे, तो फिर और कौन करेगा?

अगर आपका शरीर किसी कारण से अस्वस्थ या अक्षम हो जाय, तो फिर आपके जीवन के दूसरे लक्ष्यों का कोई महत्व नहीं रह जाता। क्योंकि उन्हें पूरा करने के लिये आपके पास सबसे बड़ा और सबसे सशक्त साधन बस यही है। इसलिये प्रत्येक व्यक्ति को अपने सबसे अच्छे मित्र, इस शरीर के लिये भी वैसे ही समर्पित बनना चाहिये जैसे कि यह हमारे प्रति रहता है।

हमारे शरीर की रचना, प्रकृति ने इस प्रकार से की है कि छोटी-छोटी स्वास्थ्य समस्याओं को तो यह मनुष्य की दृष्टि में प्रकट ही नहीं होने देता और उन्हें पहले ही दूर कर डालता है। यहाँ तक कि यह स्वास्थ्य के दुश्मनों खतरनाक बैक्टीरिया और वायरस से भी महीनों तक बिना थके लड़ सकता है।

Hindi Tips for Healthy Life स्वस्थ जीवन के लिये जरुरी टिप्स

लेकिन समस्या तब आती है, जब देह के पास उर्जा की कमी पड़ने लगती है और जीवाणु शरीर पर हावी होने लगते हैं। तब हमारा शरीर हमें संकेत भेजता है, लेकिन हम उन पर ध्यान नहीं देते और ऐसा वह एक बार नहीं कई बार करता है। पर हम उसकी ओर से उदासीन होते हैं और परिणाम अस्वस्थ शरीर और शारीरिक पीड़ा के रूप में भुगतना पड़ता है।

इसलिये जिन्हें अपने जीवन में स्वस्थ होठों की मुस्कान देखने की इच्छा हो, वे शरीर से दुश्मनी न करें। क्योंकि बीमार शरीर किसी यम-यातना से कम नहीं है। लेकिन इस आधुनिक जीवनशैली के बारे में क्या कहें, जिसने मनुष्य का जीवन लक्ष्य, सिर्फ सांसारिक सुख-समृद्धि और इस जीवन तक ही सीमित रहने वाली उपलब्धियों तक केन्द्रित करके रख दिया है।

जिन्हें पाने के लिये हम अपनी सबसे बड़ी दौलत को खोने और अपने जीवन के मूल उद्देश्य को भी भूल जाने के लिये तैयार हैं। अपने स्वास्थ्य को खोने का अर्थ है – अपनी जीवन सम्पदा को अपने ही हाथों से लुटाना, जिसे दुनिया में लाखों-करोड़ों लोग जाने-अनजाने अंजाम देते हैं।

Wonderful Tips for Eating Healthy Food in Hindi

एक हेल्दी लाइफ के लिए अपनायें यह शानदार हेल्थ टिप्स

1. चूँकि बीमारियाँ पुरुषों और स्त्रियों दोनों को समान रूप से परेशान करती हैं और स्वास्थ्य प्रत्येक व्यक्ति के लिये जरुरी है, इसीलिये Health Care Tips in Hindi में हम आपको विस्तार से स्वास्थ्य के रक्षक अनमोल सूत्रों के बारे में बतायेंगे। इस लेख में दी गयी ज्यादातर Health Tips पुरुषों और स्त्रियों दोनों के लिये समान रूप से उपयोगी हैं।

2. लेकिन Health Care Tips in Hindi for Women का एक हिस्सा, सिर्फ Women और Girls के लिये जरुरी Health Tips पर केन्द्रित है। पुरुषों के शरीर के लिये आवश्यक Health Tips का वर्णन हमने अगले लेख, Health Tips in Hindi for Men’s Body में किया है। इसीलिये इन दोनों लेखों को बड़े ध्यान और एकाग्रता से पढ़ें, क्योंकि डेसीडेरिअस एरास्मस के शब्दों में कहें तो, बचाव उपचार से कहीं ज्यादा बेहतर है।

3. यूँ तो शरीर का प्रत्येक अंग महत्वपूर्ण है, लेकिन शरीर के 6 अंग अत्यंत महत्वपूर्ण कहे जाते हैं और इनके स्वास्थ्य का ध्यान रखना बेहद जरुरी है। यह अंग हैं – मस्तिष्क, दिल, फेफड़ें, यकृत, गुर्दे और अगन्याशय। ऐसा इसलिये, क्योंकि मनुष्य इनके बिना ज्यादा समस्या तक जिन्दा नहीं रह सकता है।

4. अपने इन अंगों को स्वस्थ रखने के लिये जीवनसूत्र पर इनसे संबंधित लेखों को जरुर पढ़ें। यहाँ तो हम बस यही कहना चाहेंगे कि आहार-विहार को शुद्ध और संयमित रखने से, एक संतुलित आध्यात्मिक दिनचर्या जीने से और प्राणियों का अपराध न करने से, आपके यह अंग हमेशा स्वस्थ और सुरक्षित रहेंगे।

Health Tips in Hindi जरुरी है पोषक तत्वों से भरपूर आहार

5. शरीर को स्वस्थ और क्रियाशील बनाये रखने के लिये, हमें जिस चीज की रोजाना जरुरत पड़ती है, वह है आहार यानि भोजन। जो शरीर के अन्दर जाकर उर्जा के रूप में बदलता है और इसे अपने कार्यों को पूरा करने लायक शक्ति देता है। एक स्वस्थ व्यस्क मनुष्य को प्रतिदिन लगभग 2500 कैलोरी उर्जा की आवश्यकता होती है। हालाँकि यह मात्रा व्यक्ति की सक्रियता और शारीरिक स्थिति के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।

6. उर्जा ही हमारे इस शरीर सहित संपूर्ण ब्रह्मांड को गतिशील बनाये हुए है और शरीर को यह उर्जा मिलती है, कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, फाइबर, मिनरल व विटामिन जैसे पोषक तत्वों से। जो हमें मिलते हैं फल, सब्जियों, दूध तथा ऐसे ही कई पदार्थों से जो पौधों और जानवरों से प्राप्त होते हैं।

7. जिन्हें लम्बे समय तक या जीवनभर स्वस्थ रहने की इच्छा हो, वे पोषक तत्वों से भरपूर प्राकृतिक पदार्थों को प्रतिदिन अपने आहार में शामिल करना एक नियम बना लें। याद रखिये दवाइयाँ जीवन और स्वास्थ्य को बचाने का बस एक माध्यम भर हैं। वे कभी भी पौष्टिक आहार का विकल्प नहीं बन सकती। इसलिये बचाव को ही उपचार का सर्वश्रेष्ठ साधन समझते हुए स्वस्थ होने की दिशा में अग्रसर होइये।

Health Tips in Hindi अच्छी हेल्थ के लिये जरुरी है ब्रेकफास्ट

8. आम तौर पर प्रत्येक व्यक्ति पूरे दिन में लगभग तीन बार (सुबह, दोपहर, रात) भोजन करता है। पर क्या आप जानते हैं, इनमे से सबसे महत्वपूर्ण भोजन किस समय का है? जी हाँ आप सही सोच रहे हैं – यह है ब्रेकफास्ट। सुबह के समय एक Healthy Breakfast लेना अच्छे स्वास्थ्य की दृष्टि से बहुत जरुरी है। क्योंकि यह न सिर्फ आपको पूरे दिन एक्टिव रखता है, बल्कि पर्याप्त पोषण देकर बीमारियों का शिकार होने से भी बचाता है।

9. महिलाओं के लिये तो अपने नाश्ते का ध्यान रखना बहुत ही जरुरी है, क्योंकि परिवार की व्यवस्था बनाने के लिये, उन्हें सुबह जल्दी उठने से लेकर रात को सोने तक काफी भागदौड़ करनी पड़ती है। अगर वह प्रतिदिन पौष्टिक तत्वों से भरपूर Breakfast लेंगी, तो खुद को सारे दिन एनर्जेटिक महसूस करेंगी।

10. नाश्ते में आपको दूध अवश्य लेना चाहिये, क्योंकि दूध को एक Complete Food माना गया है। अगर दूध न ले सके, तो इसके स्थान पर दही या दूसरा कोई अन्य मिल्क प्रोडक्ट लें। अंकुरित अनाज, दलिया, ताजे फल, जूस, और घर पर ही तैयार किये गये हेल्दी स्नैक्स नाश्ते के सर्वोत्तम आहार हैं। लेकिन आपको Breakfast में माँस, ब्रेड, बिस्किट, नूडल्स जैसे फास्ट फूड लेने से बचना चाहिये।

Health Tips in Hindi भोजन के यह नियम हमेशा याद रखें

11. Breakfast हल्का मगर पौष्टिक होना चाहिये, लेकिन दोपहर का भोजन आप अपनी इच्छानुसार ले सकते हैं। क्योंकि दिन के इस समय जठराग्नि प्रचंड होने की वजह से भारी भोजन भी आसानी से पच जाता है। लंच में आप अपनी सभी पसंदीदा चीजें इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन फिर भी भोजन के इस नियम का हमेशा ध्यान रखें।

12. पेट का आधा हिस्सा भोजन से भरें, एक चौथाई हिस्सा पानी से और इतना ही हिस्सा हवा के लिये सुरक्षित रखें और फिर आपको कभी भी उदर रोगों से पीड़ित नहीं होना पड़ेगा।

13. रात के समय हल्का भोजन लें, जिसमे ज्यादा से ज्यादा सलाद और सब्जियाँ शामिल हों। ध्यान रखें रात के समय, दाल और माँस जैसे भारी और गरिष्ठ भोजन का प्रयोग कम से कम करें।

14. अपने भोजन में प्रोटीन, वसा और कार्बोहाइड्रेट से संतुलित आहार को प्रधानता दें, विशेषकर प्रोटीन को। क्योंकि शरीर की वृद्धि और विकास तथा मरम्मत में इसकी बेहद जरुरत पड़ती है।

15. ज्यादा मसालेदार और तला-भुना भोजन न खायें। क्योंकि ऐसा भोजन ही कब्ज (Constipation), बवासीर (Piles), गैस (Gastric Problems), आँतों का रोग (IBS), यकृत रोग (Fatty Liver) और ह्रदय रोग (Heart Disease) जैसे रोगों का जन्मदाता होता है।

Amazing Health Tips in Hindi for Men and Women

अपनी खान-पान की आदतों को समय रहते सुधार लें

16. दुनिया में कुछ लोग ऐसे भी होंगे, जो यह सोचते होंगे कि Fruits और Vegetables इतने महँगे हैं, इसलिये इनसे परहेज रखा जाय। कई लोगों को सब्जियाँ खाना अच्छा नहीं लगता, वे फास्ट फूड को ही बेहतर विकल्प समझते हैं। ऐसे मित्रों को यह समझना चाहिये कि फल व सब्जियाँ चाहे कितने महँगे सही, वे हर तरह से चिकित्सकों की फीस और दवाइयों से सस्ते ही पड़ते हैं और खाने में भी उनसे ज्यादा अच्छे लगते हैं।

17. जब तक व्यक्ति स्वस्थ रहता है, तब तक वह इन गुणकारी, स्वादिष्ट और जीवन के लिये अनिवार्य चीज़ों की महत्ता नहीं समझ पाता। लेकिन अस्वस्थ होने पर जब धन और शरीर पर चोट पड़ती है, तब उसे वह कार्य भी करना ही पड़ता है, जिसे वह बिल्कुल नहीं करना चाहता। वह खाना पड़ता है, जिसे वह देखना भी नहीं चाहता।

18. इसलिये बेहतर यही है कि अपनी खान-पान की आदतों को पहले ही ठीक कर लिया जाय, ताकि जीवन में ऐसा कोई अवसर ही न आने पाये। क्योंकि जब तक बीमारी की उग्रता का पता चलता है, तब तक बहुत देर हो चुकी होती है।

Health Tips in Hindi खाना खाते समय यह बातें ध्यान रखें

19. जिन लोगों की पाचन शक्ति कमजोर है या जो फिर अभी-अभी किसी रोग से उबरे हैं या जिनकी हाल-फ़िलहाल सर्जरी हुई हो, ऐसे लोगों को सरल और सुपाच्य भोजन का सेवन करना चाहिये। इनके लिये दलिया और वेजेटेबल सूप विशेष रूप से लाभदायक होते हैं। क्योंकि इनमे पोषक तत्वों की प्रचुर मात्रा होती है, लेकिन कैलोरी काफी कम। साथ ही यह पाचन संस्थान पर, बिल्कुल भी दबाव नहीं डालते हैं।

20. तेजी से खाना न खायें। बहुत से लोगों की आदत होती है कि वह जल्दी-जल्दी सही प्रकार से चबाये बिना ही भोजन को पेट में डाल लेते हैं। यह आदत बहुत खराब है, क्योंकि इससे आपके दाँतों का काम, आपके पेट को करना पड़ता है। ऐसा करने से लार भोजन में सही प्रकार से नहीं मिल पाती है, जिससे भोजन के पचने में देरी होती है।

21. महात्मा गांधीजी ने एक बार कहा था कि व्यक्ति को भोजन को कम से कम 32 बार यानि जितनी की दाँतों की संख्या है, उतनी बार चबाना चाहिये। दूसरे अर्थों में कहें, तो भोजन को तब तक चबाना चाहिये, जब तक कि वह लार में मिलकर किसी स्लरी जैसा न हो जाय। तभी जाकर भोजन आपके शरीर में पचने लायक बनता है, वरना वह पेट पर बोझ ही रहता है।

Health Tips in Hindi स्वास्थ्य के लिये बहुत गुणकारी हैं यह चीजें

22. ज्वार, बाजरा और जौ जैसे साबुत अनाज भले ही खाने में ज्यादा अच्छे न लगें, लेकिन यह बहुत गुणकारी होते हैं, विशेषकर डायबिटीज, IBS और ह्रदय रोगियों के लिये। इतना ही नहीं यह कैंसर के खतरे को भी काफी कम कर देते हैं।

23. भोजन में ऑइल, मक्खन, क्रीम और दूसरी हेवी फैट का ज्यादा इस्तेमाल करने से बचना चाहिये और ज्यादा से ज्यादा फ्रूट्स और वेजिटेबल्स खाने चाहियें।

24. सब्जियों में भी हरी पत्तेदार सब्जियों और फलों में लाल-नारंगी रंग के फलों को ज्यादा महत्त्व देना चाहिये। मधुमेह के रोगियों को बैगनी और जामुनी रंग के फल खाने चाहियें।

25. एक व्यस्क मनुष्य को प्रतिदिन कम से कम 25 ग्राम प्रोटीन की आवश्यकता होती है। इसी तरह हमारे शरीर को रोजाना 10 से 15 ग्राम वसा भी चाहिये होती है।

Health Tips in Hindi बेहतर स्वास्थ्य के लिए यह चीजें न खायें

26. बर्गर, पिज्जा, चाउमीन, ब्रेड और बिस्किट जैसे फास्ट फूड न खायें। क्योंकि इनमे पोषक तत्व तो कम होते हैं, लेकिन कैलोरी बहुत ज्यादा होती है। यह बढ़ी हुई कैलोरी आगे चलकर डायबिटीज, फैटी लीवर, हार्ट अटैक और ऐसी ही कई समस्याओं को जन्म दे सकती है।

27. कोल्ड ड्रिंक्स, शुगर बेवरेज और सोडा आदि का सेवन भी ना करें। क्योंकि इनके कारण आपके शरीर में शुगर की मात्रा खतरनाक स्तर तक पहुँच सकती है और आपका वजन भी बढ़ सकता है।

28. शुगर की ही तरह भोजन में नमक का प्रयोग भी ज्यादा न करें क्योंकि नमक में सोडियम प्रचुरता से उपस्थित होता है और सोडियम का ज्यादा सेवन करना स्वास्थ्य के लिये अच्छा नहीं है।

Health Tips in Hindi खाने की खराब आदतों से बचकर रहें

29. हर वक्त कुछ न कुछ खाने की आदत बेहद खराब है, क्योंकि यह मेटाबोलिज्म पर बुरा असर डालती है, जिससे मोटापे का खतरा बढ़ जाता है। जब तक भूख न लगे, तब तक कुछ न खायें, सिर्फ पानी पियें।

30. रात के खाने के बाद कुछ न खायें। कुछ लोगों की आदत होती है कि वह खाने के बाद पेट भरने पर भी ब्रेड, जैम, बिस्किट और ऐसी ही कई चीजें खाते रहते हैं। ऐसा न करें यह आपका वजन बढाती हैं।

31. रात के समय के भोजन में कार्बोहाइड्रेट और वसा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिये। इसके अलावा दही, उड़द और छोले का सेवन भी नहीं करना चाहिये।

Mind Blowing Health Tips in Hindi for Everyone

भोजन तैयार करते समय यह 4 बातें हमेशा ध्यान रखें

32. जिस तरह से अच्छे स्वास्थ्य के लिये सही आहार का चुनाव जरुरी है। उसी तरह से भोजन को तैयार करते समय भी कई बातों का ध्यान रखना बेहद जरुरी है। जैसे सब्जियों को काटने से पहले अच्छी तरह से साफ कर लें और उनकी गन्दगी शुद्ध जल से धोकर दूर कर लें।

33. क्योंकि बाजार से घर तक लाने में, इन पर बहुत सारे लोगों के हाथ लगते हैं, साथ ही इन पर गंदगी, धूल और कीटाणु भी जमा हुए रहते हैं। सब्जियों को काटने से पहले ही धो लें, क्योंकि धोने के बाद काटने से इनके पोषक तत्वों की कुछ मात्रा बेकार ही चली जाती है।

34. भोजन को पकाते समय भी सावधानी रखनी जरुरी है, क्योंकि अधिक तापमान पर ज्यादातर पोषक तत्व ख़त्म हो जाते हैं। भोजन को कम आंच पर और धीरे-धीरे ढककर ही पकाना चाहिये, क्योंकि खुला रखकर पकाने से पोषक तत्व वायुमंडल में उड़ जाते हैं।

35. जो लोग किसी रोग विशेष की चिकित्सा हेतु कोई विशिष्ट आहार ले रहे हैं या फिर जो लोग डाइटिंग पर है, अगर वह अपनी डाइट को सही से फालोआप नहीं कर पा रहे हैं, तो फिर अपने लिये एक फूड डायरी या चार्ट तैयार करें और इसका कठोरता से पालन करें।

Health Tips in Hindi प्राकृतिक आहार लें और खराब चीजों से दूर रहें

36. यदि आप किसी कारण लम्बे समय तक बीमार रहे हों, तो ऐसी स्थिति में किसी विशेष खनिज तत्व की कमी होने पर, चिकित्सक की सलाह अनुसार कोई सप्लीमेंट्स अवश्य ले सकते है। अन्यथा यदि आप खनिज तत्वों से भरे प्राकृतिक आहार, जैसे – ताजे रसीले फल, हरी व पत्तेदार सब्जियाँ, दूध और इससे बने पदार्थ जैसे – मक्खन, मट्ठा, पनीर, सूखे मेंवों की गिरियाँ, साबुत अनाज आदि नियमित रूप से लेते रहें, तो समस्त शारीरिक क्षति की पूर्ति संभव है।

37. अपनी प्रतिदिन की दिनचर्या में एलोवेरा और तुलसी जैसी हर्ब्स को जरुर शामिल करें। क्योंकि इनमे कैंसर, ह्रदय रोग, डायबिटीज जैसी दर्जनों बीमारियों को रोकने की क्षमता होती है। अधिक जानकारी के लिये जीवनसूत्र पर इनसे संबंधित लेख देखें।

38. सिगरेट, बीडी, तंबाकू, शराब, ड्रग्स, नशीली दवाइयों आदि का सेवन भूलकर भी न करें। क्योंकि यह आपके DNA को नुकसान पहुँचाने की क्षमता रखती हैं और आगे चलकर आने वाली पीढ़ियों में कई प्रकार के जेनेटिक रोगों का कारण बन सकती हैं।

39. चाय, कॉफ़ी, आदि का सेवन करने के बजाय, दूध और हर्बल टी या फिर ग्रीन टी को वरीयता देनी चाहिये।

Health Tips in Hindi अच्छी हेल्थ के लिए जरुरी है स्वस्थ पाचन तंत्र

40. जिन लोगों का अक्सर कब्ज रहने के कारण पेट साफ़ न रहता हो, वह कब्जहर चूर्ण जैसे हल्के रेचक इस्तेमाल करके, सप्ताह में कम से कम दो बार अपना पेट साफ़ करें या फिर एनिमा लें। क्योंकि मल का सही प्रकार से निष्कासन न होना, दर्जनों बीमारियों की जड़ है।

41. सप्ताह में एक दिन उपवास रखना, स्वास्थ्य की दृष्टि से बेहतर है। क्योंकि इससे न केवल पाचन संस्थान को आराम मिलता है, बल्कि शरीर की शुद्धि भी होती है। उपवास काल में नींबू-पानी, फलों के रस, दूध और शहद का ही इस्तेमाल किया जाना चाहिये।

42. जिन लोगों को गैस की ज्यादा समस्या रहती है, वह वात पैदा करने वाली चीजें कतई न खायें और प्याज और लहसुन का ज्यादा सेवन करें, क्योंकि यह प्राकृतिक गैसहर पदार्थ हैं।

43. जहाँ तक संभव हो सके, दिन में सोने से बचना चाहिये। क्योंकि इससे न सिर्फ आलस्य बढ़ता है, बल्कि शरीर में कफ की मात्रा भी बढ जाती है, जिससे आगे चलकर कई परेशानियाँ पैदा हो सकती हैं

Must Remember Tips for Better Health in Hindi

स्वस्थ मन और शरीर के लिए कुदरती जीवन जियें

44. स्वस्थ जीवन हेतु कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना भी बेहद जरुरी है। जैसे अगर आप लम्बे समय तक स्वस्थ रहना चाहते हैं, तो साल में एक बार अपना कम्पलीट बॉडी चेकअप जरुर करायें। क्योंकि इससे धीमे-धीमे पनप रही उन अनजान बीमारियों से बचा जा सकता है जो आगे चलकर आपके लिये बड़ी मुसीबत बन सकती हैं।

45. अगर आपको अपने शरीर में कभी कोई असामान्य परिवर्तन दिखायी दे, तो चिकित्सक से सलाह लेना न भूलें। क्योंकि गंभीर बीमारियाँ अक्सर शुरुआत में, अपने लक्षणों को थोड़े समय तक ही प्रकट करती है।

46. प्रकृति माँ यानि Mother Nature, सभी प्राणियों की सबसे अच्छी मित्र है। हम कुदरत के जितने नजदीक रहते हैं, उतने ही ज्यादा स्वस्थ रहते हैं। इसीलिये प्रकृति के करीब रहने का समय जरूर निकालें।

47. हर समय गंभीरता का लबादा न ओढें रहें, न ही हर समय सोचते रहें। अगर कोई चीज आपको तनाव दे रही है, तो जल्दी से जल्दी उससे बाहर निकलने की कोशिश करें।

48. समय मिलते ही बच्चों के साथ खेलें-कूदे और परिवार के साथ हल्के-फुल्के मनोरंजन का समय निकालें।

Health Tips in Hindi स्वस्थ रहने के लिए अच्छी नींद जरुरी है

49. आज अनिद्रा का रोग लाइफस्टाइल जनित दुनिया का दूसरा सबसे गंभीर रोग बन चुका है और दुनिया में लगभग 50 प्रतिशत लोग अपने जीवन में कम से कम एक बार इससे जरुर पीड़ित होते हैं। अच्छे स्वास्थ्य के लिये पूरी नींद लेना बहुत ही जरुरी है, क्योंकि यह न सिर्फ मस्तिष्क बल्कि शरीर के सभी अंगों को विश्रांति (आराम) प्रदान करती है।

50. अगर आप सही प्रकार से नींद नहीं ले पाते हैं तो आपके शरीर में तनाव पैदा हो जाता है। जो आपके व्यवहार में चिडचिडेपन, बेचैनी घटी हुई कार्यक्षमता और सुस्ती के रूप में दिखायी देता है। इसके अलावा नींद की लगातार कमी आगे चलकर, हाइपरटेंशन, डिप्रेशन, हार्ट डिजीज और माईग्रेन जैसे रोगों को जन्म दे सकती है।

51. एक स्वस्थ व्यस्क व्यक्ति के लिये 6 घंटे की नींद पर्याप्त बतायी गयी है, लेकिन ऐसा नहीं है कि इससे कम सोने पर शरीर पर कोई बुरा प्रभाव पड़ता है। सच्चाई तो यह है कि ज्यादा देर तक सोने के बजाय, गहरी नींद ज्यादा महत्व रखती है।

52. जो लोग रात की पूरी नींद लेते हैं, उनका पूरा दिन अच्छे से बीतता है और फिटनेस भी बेहतर रहती है। शायद इसीलिये बेंजामिन फ्रेंक्लिन ने कहा है किजल्दी सोना और जल्दी उठना एक आदमी को स्वस्थ, धनी और बुद्धिमान बना देता है।

53. अच्छी नींद लेने के लिये आपके सोने और जागने का एक निश्चित समय होना चाहिए। देर रात तक जागने वाले लोगों को अक्सर अनिद्रा रोग का शिकार होना पड़ता है।

Health Tips in Hindi हेल्दी लाइफ के लिए लाइफस्टाइल बदलें

54. गुस्सा लगभग सभी लोगों को आता है, लेकिन बहुत से लोगों की आदत होती है कि वह छोटी-छोटी बातों पर ही आपे से बाहर हो जाते हैं। ऐसे लोग एक प्रकार के मनोरोगी ही हैं, जो स्वयं पर जरा सा भी नियंत्रण नहीं रख सकते हैं। हर समय मन-मस्तिष्क में क्रोध छाया रहने से न केवल ब्लडप्रेशर का स्तर हमेशा बढ़ा रहता है, बल्कि धीरे-धीरे बुद्धि भी कुंठित होने लगती है। ऐसे लोगों को ह्रदय और पेट रोग होने की ज्यादा संभावना होती है।

55. योगियों और महात्माओं के अलावा बाकी लोगों के लिये अकेलापन एक बड़ी समस्या ही सिद्ध होता है। क्योंकि लगभग सभी लोगों का अपने मन पर पूर्ण नियंत्रण नहीं होता। ऐसा एकाकीपन कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकता है। इसीलिये अपने परिवारीजनों और मित्रों के साथ हँसे-बोले। हो सके तो कहीं बाहर तीर्थ आदि पर घूमने भी जायें, इससे आपका मन प्रसन्न रहेगा।

56. वृद्ध लोगों (बुजुर्गों) का शरीर न तो तेजी से किसी रोग की रिकवरी कर पाता है और न ही उनके शारीरिक अंग युवाओं की तरह सामर्थ्यवान होते हैं। इसीलिये उन्हें अपने शरीर को चुस्त-दुरुस्त रखने के लिये भोजन से इतर पोषक तत्वों यानि सप्लीमेंट्स की आवश्यकता होती है। क्योंकि इस अवस्था में टूट-फूट और मेंटेनेंस अधिक होती है, पर शरीर उसकी भरपाई लायक नहीं होता।

Important Hygiene Tips in Hindi for Good Health

स्वस्थ रहने के लिए साफ़-सफाई (हाइजीन) का भी ध्यान रखें

57. शरीर को स्वस्थ रखने के लिये साफ़-सफाई का ध्यान रखना भी बेहद जरुरी है और यह साफ़-सफाई सिर्फ अपने शरीर की ही नहीं, बल्कि अपने खान-पान और परिवेश की भी होनी चाहिये। बाजार में खुले में बिकने वाली चाट-पकौड़ी, फास्ट फूड और दूसरी खाने-पीने की वस्तुओं को लेने से परहेज करें।

58. क्योंकि एक तो इन पर धूल और गन्दगी उड़-उडकर जमा होती रहती है, दूसरा मक्खियों और दूसरे कीटों के कारण बीमारियाँ फैलाने वाले कीटाणु भी इन पर चिपक जाते हैं। अगर आप इन चीजों का आनंद उठाना ही चाहते हैं, तो इन्हें घर पर तैयार कर लें।

59. जहाँ आप सोते या विश्राम करते हैं, वह स्थान हवादार और साफ-सुथरा होना चाहिये। अगर वहाँ दिन के कुछ समय तक, सूर्य का सीधा प्रकाश आये तो और भी बेहतर है, क्योंकि सूर्य की रौशनी में जीवाणुनाशक गुण होते हैं।

60. समय-समय पर घर की चादरों, तकियों के कवर, और मैट्रेस की सफाई भी करते रहें। सर्दियों और वर्षा ऋतु में, इन्हें धूप में अच्छी तरह से सुखायें, क्योंकि नमीयुक्त वातावरण में जीवाणु पनप जाते हैं।

Hygiene Tips in Hindi स्वच्छता के महत्वपूर्ण नियम

61. टॉयलेट, बाथरूम और वाशबेसिन ऐसे स्थान हैं, जहाँ अमूनन कुछ ज्यादा ही गन्दगी रहती है। इसीलिये इन जगहों की जीवाणुनाशक साबुन, डिटर्जेंट, फिनाइल आदि से अच्छी तरह से सफाई करें। साथ ही यहाँ पानी भी जमा न होने दें।

62. शौच करने के बाद अपने हाथों को साबुन या लिक्विड से अच्छी तरह से धोएं। इसी तरह खाना खाने से पहले और बाद में भी अपने हाथों को अच्छी तरह से धोयें। कहीं बाहर से आने से पहले भी बिना साफ़-सफाई किये न रहें।

63. घर से मक्खी, मच्छर, कॉकरोच, मकड़ी, छिपकलियों को भगाने के लिये जरुरी कीटनाशकों का प्रयोग करें।

Health Tips in Hindi स्वस्थ जीवन का मन्त्र है स्वच्छता

64. जिन बर्तनों में भोजन पकाया जाता है या फिर रखा जाता है, उन्हें भी अच्छी तरह से साफ करें। गीले बर्तनों को स्वच्छ कपडें से पोछकर तब रैक में रखें।

65. खाने योग्य चीजों को कभी भी खुला न छोड़ें, क्योंकि घर में अक्सर, मक्खी, कॉकरोच, मकड़ी, छिपकलियाँ और दूसरे कीड़े-मकोड़े घूमते रहते हैं।

66. नवजात शिशुओं और बेहद छोटे बच्चों का इम्यून सिस्टम बहुत कमजोर होता है, इसीलिये खुद की अच्छी तरह से साफ़-सफाई करने से पहले उन्हें मत छुएँ।

Hindi Health Tips: Importance of Pure Air-Water

स्वस्थ शरीर के लिए बेहद जरुरी है शुद्ध वायु और जल

67. स्वस्थ जीवन जीने के लिये, भोजन की तरह वायु और जल का शुद्ध होना भी बहुत जरुरी है। क्योंकि इनके अशुद्ध होने पर, शरीर बहुत जल्दी और गंभीर रूप से बीमार पड़ सकता है। आम तौर पर छोटे शहरों और गाँवों में वायु प्रदूषण की स्थिति इतनी गंभीर नहीं है, जितनी कि बड़े शहरों में, इसीलिये वहाँ शुद्ध वायु आसानी से उपलब्ध हो सकती है।

68. लेकिन महानगरों और शहरों में रहने वाले लोगों को रोजाना ही धूल और धुएँ के सागर से सामना करना पड़ता है। सर्दियों में तो स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, क्योंकि तब धूल और धुंए के कण, तुषार और ओस के साथ मिलकर सतह पर नीचे ही आ जाते हैं।

69. इसीलिये दिन के समय लोगों को फेस मास्क का जरुर इस्तेमाल करना चाहिये। इतना भी न हो सके तो प्रतिदिन सुबह के समय किसी पार्क और खुले स्थान में जाकर प्राणायाम जरुर करें, ताकि शुद्ध हवा, फेफड़ों में जमा हुए प्रदूषित कणों को बाहर निकाल सके।

70. जिस तरह शुद्ध वायु हमारे जीवन के लिये अनिवार्य है, उसी तरह से शुद्ध पेयजल भी हमारे अस्तित्व के लिये अपरिहार्य है। अगर आपने Water Benefits in Hindi को गहराई से पढ़ा है तो आप समझ ही गये होंगे कि अच्छे स्वास्थ्य के लिये पानी कितना जरुरी है। लेकिन अगर आप चाहते हैं कि पानी आपके शरीर को वह लाभ दे सके, जो इसे मिलने चाहियें, तो इन जरुरी बातों को हमेशा याद रखें –

Health Tips in Hindi अद्भुत हैं पानी के फायदे

71. प्रातःकाल सोकर उठने के पश्चात, कम से कम 700 मिली गुनगुना जल पियें, ज्यादा पी सकें तो और बेहतर रहेगा। प्रातःकाल का जल, अमृत के तुल्य गुणकारी माना गया है, क्योंकि यह पूरे शरीर की सफाई करता है और विषैले तत्वों को मूत्र और मल के जरिये शरीर से बाहर निकालता है।

72. जो लोग सुबह के समय पर्याप्त मात्रा में जल पीते हैं, उन्हें कभी भी पथरी और गुर्दा रोगों से नहीं जूझना पड़ता। इसके अलावा वह बवासीर और कब्ज जैसे गंभीर रोगों से भी बचे रहते हैं। आयुर्वेद ग्रंथों के अनुसार, सुबह के समय पिया गया जल, एक दर्जन से भी ज्यादा बीमारियों से सुरक्षा करता है।

73. फिजिकल एक्टिविटी के दौरान आपको खूब पानी पीना चाहिये। क्योंकि ऐसा करते समय आप अपने शरीर का 6 से 10 प्रतिशत वजन खो सकते हैं। हाइड्रेशन आपके शक्ति, उर्जा और सहनशीलता को भी प्रभावित करता है।

74. गर्म वातावरण में ज्यादा देर तक एक्सरसाइज करने से, न सिर्फ आपका ब्लडप्रेशर गिर जाता है, बल्कि हाइपरथर्मिया की शिकायत भी उत्पन्न हो सकती है। अगर डीहाइड्रेशन बहुत ज्यादा बढ़ जाय, तो मूर्च्छा, यहाँ तक कि मौत भी हो सकती है।

Health Tips in Hindi ऐसे बढायें पानी की शक्ति

75. पानी की ताकत को बढाकर, पानी पीने से सादे पानी की तुलना में कहीं ज्यादा लाभ होता है। लेकिन शक्तिवर्धक पानी कैसे तैयार किया जाय, इसके बारे में हम आपको यहाँ बतायेंगे। एक 1 लीटर के तांबे के लोटे में जल भरकर, उसे लकड़ी या किसी अन्य कुचालक पदार्थ पर, इस तरह रखिये कि धरती का संपर्क लोटे से किसी प्रकार न हो, अन्यथा इस जल की समस्त ऊर्जा पृथ्वी में ही समा जायेगी।

76. 12 से 24 घंटे तक तांबे के लोटे में रखा गया स्वच्छ जल, इस धातु के उच्च विद्युत् चालकता गुण को ग्रहण कर लेता है और इस आवेशित जल को पीने से E.Coli जैसा भयंकर बैक्टीरिया भी नष्ट हो जाता है, जो आमाशय के अंदर, अल्सर जैसे खतरनाक रोग को पैदा करता है। इसके अतिरिक्त यह जल पेट और आँतों की अनेकों जीवाणुओं के संक्रमण से भी रक्षा करता है।

77. भोजन करने से तुरंत पहले कभी जल न पीयें। क्योंकि ऐसा करने से भोजन को पचाने वाले पाचक अम्ल धीमे पड जाते हैं, जिससे भोजन सही तरह से नहीं पचता। भोजन करते समय बीच-बीच में एक-दो घूंट जल पीते रहने से, पेट में भोजन और जल आपस में अच्छी तरह मिल जाते हैं।

78. जिससे आँतों को रस अवशोषित करने में आसानी होती है और मल त्याग करते समय, व्यक्ति को नाडियों पर जोर नहीं डालना पड़ता। क्योंकि अपशिष्ट पदार्थ आसानी से बड़ी आंत में पहुँच जाता है, लेकिन इस जल की मात्रा 150-200 मिली से अधिक न हो।

Health Tips in Hindi पानी पीते समय ध्यान रखें यह बातें

79. भोजन करने के तुरंत बाद न तो कभी जल लें और न ही किसी प्रकार के फल या जूस का सेवन करें। क्योंकि ऐसा करने से भोजन का पाचन देर से होता है और आमाशय सहित अन्य पाचक अंगों की जैव रासायनिक प्रक्रिया भी प्रभावित होती है। खाना खाने के 45 मिनट बाद ही आपको पानी पीना चाहिये।

80. यदि किसी कारण से पेट में कब्ज होने पर, पित्त की सांद्रता बढ़ गयी हो और खट्टी-खट्टी डकारें आ रही हों या फिर पेट में तेज जलन होती हो और ऐसा अक्सर होने लगे तो इसे दूर करने के लिये यह क्रिया कुछ दिन नियमित रूप से करें। यह न केवल इन समस्त समस्याओं को दूर करेगी, बल्कि आपके पाचन तंत्र को सुधारकर उसे बलशाली बनायेगी।

81. एक बर्तन में 2-3 लीटर जल लेकर उसे हल्का गर्म करें और फिर तब तक पीयें, जब तक आपका पेट पूरी तरह से न भर जायें। जब जल पीने की बिल्कुल इच्छा न हो, तब कमर को आगे की ओर थोडा झुकाकर इस तरह खड़े हो जाय कि आपका सिर और मुँह नीचे की ओर रहे। अब तर्जनी और मध्यमा ऊँगली को मुँह के अंदर कुछ दूर तक ले जाइये। इससे आपको उल्टी आने लगेगी और पेट से गन्दा पानी बाहर आना शुरू हो जायेगा।

82. इस जल के साथ-साथ अधपचे भोजन के कुछ अंश और हरे-पीले रंग का पित्त बाहर आ जायेगा, अंत में साफ़ पानी बाहर आयेगा और पेट की सारी समस्या, जलन आदि दूर हो जायेगी। इस क्रिया को प्रतिदिन सुबह के समय खाली पेट ही करें। आप स्वयं फर्क महसूस करेंगे।

Health Tips in Hindi पानी के महत्व पर एक सच्चा अनुभव

83. अभी कुछ समय पहले एक हेल्थ वेबसाइट पर एक यूजर ने पानी पीने के अपने व्यक्तिगत अनुभव के बारे में बताया था। उन्होंने बताया था कि उनकी उम्र 55 वर्ष है, लेकिन उनकी बेटियां भी उन्हें सिर्फ 45 का ही समझती हैं। इसके अलावा उन्होंने बताया कि जो कोई भी उनकी बेटियों को देखता है, वह यही समझता है कि वह टीनएजर हैं, जबकि उनकी बेटियां 30 वर्ष से उपर की हैं।

84. अपनी सेहत का राज बताते हुए उन्होंने कहा कि वह पूर्णतया स्वस्थ हैं और वह तथा उनकी बेटियाँ, रोजाना 10 से 12 गिलास पानी पीती हैं। Exercise के रूप में वह सप्ताह में सिर्फ 4 दिन 2.5 मील पैदल चलते हैं। वह कहते हैं जब भी मै अपने काम से वापस लौटता हूँ, तो तुरंत पानी पीता हूँ।

85. साथ ही काम के बीच में भी पानी पीने का काफी ध्यान रखता हूँ। उन्होंने बताया कि शायद ही वह कभी बीमार पड़े हों या फिर उन्हें सिरदर्द हुआ हो। हालाँकि उन्होंने यह भी बताया कि वह Fruits और Vegetables का भी खूब सेवन करते हैं।

Health Care Tips for Women’s Body in Hindi

महिलाएँ अपने शरीर को स्वस्थ रखने हेतु इन बातों का ध्यान रखें

86. उपर दी गयी हेल्थ टिप्स पुरुषों और स्त्रियों दोनों के लिये महत्वपूर्ण हैं, लेकिन यह Health Care Tips विशेष रूप से स्त्रियों के ही लिये दी जा रही हैं। चूँकि एक वर्किंग वूमेन पर बहुत सारी जिम्मेदारियाँ होती हैं, इसीलिये उन्हें अपने स्वास्थ्य को कभी भी नजरंदाज नहीं करना चाहिये। उम्मीद है यह आसान से उपाय, आपको स्वस्थ रहने में मदद करेंगे –

87. 30 की उम्र के पश्चात स्त्रियों की हड्डियाँ कमजोर होने लगती हैं। जिसके पीछे की मुख्य वजह है – ज्यादा व्हाइट डिस्चार्ज और ल्यूकोरिया की समस्या। इससे शरीर में कैल्शियम की कमी आ जाती है। इसीलिये स्त्रियों को इस उम्र के बाद, अपने चिकित्सक की सलाह पर, कैल्शियम युक्त आहार और कैल्शियम सप्लीमेंट्स का सेवन करना चाहिये।

88. जैसे-जैसे वक्त गुजरता जा रहा है, वैसे-वैसे स्त्रियों की फर्टिलिटी भी कम होती जा रही है। चिकित्सकों और वैज्ञानिक शोधों के अनुसार, 32 की उम्र के पश्चात महिलाओं की उर्वरता धीरे-धीरे कम होने लगती है। जिससे उन्हें बच्चा पैदा करने में मुश्किलें पेश आ सकती हैं, इसीलिये कामकाजी स्त्रियाँ इस बात का भी ध्यान रखें।

89. महिलाओं को अपने यौन स्वास्थ्य के प्रति भी सजग रहना चाहिये और उन्हें गर्भनिरोधक उपायों, UTI, यौन संचारित रोग (Sexual Transmitted Disease), HIV AIDS जैसी बीमारियों की जानकारी होनी चाहिये।

Women Health Tips in Hindi स्त्रियाँ पीरियड्स में यह बातें ध्यान रखें

90. पीरियड्स के समय में स्त्रियों को अपना विशेष रूप से ख्याल रखना चाहिये। क्योंकि मासिक धर्म के समय ज्यादा ब्लीडिंग, पेट के निचले हिस्से में दर्द, चिडचिडापन और सिरदर्द जैसी समस्याएँ अक्सर उन्हें परेशान करती है। अगर व्हाइट डिस्चार्ज की समस्या ज्यादा हो रही हो या रक्तस्राव का रंग हरा या पीला हो, तो आपको तुरंत अपने चिकित्सक से मिलना चाहिये।

91. पीरियड्स की परेशानियों को कम करने के लिये स्त्रियों को हल्की-फुलकी एक्सरसाइज करने के साथ-साथ, योगासन और प्राणायाम भी करने चाहिये, क्योंकि इससे कोम्प्लिकेशन कम होते हैं। नियमित रूप से व्यायाम करने से स्त्रियों की Personality में भी निखार आता है और स्वास्थ्य भी बेहतर बनता है।

92. अगर पीरियड्स में पेट में दर्द हो रहा हो, तो गर्म पानी से स्नान करें या फिर गर्म पानी से पेडू की सिकाई करें। इससे दर्द में बहुत आराम मिलता है, लेकिन ठन्डे पानी से बचकर रहें।

93. अगर आप एक माँ हैं, तो एक अच्छे Parent के रूप में अपनी बेटी को, किशोरावस्था में होने वाले इन परिवर्तनों से परिचित करायें, ताकि वह इन समस्याओं से घबराएं नहीं।

Women Health Tips in Hindi स्त्रियाँ गर्भावस्था में यह बातें ध्यान रखें

94. गर्भावस्था में भ्रूण के विकास के कारण स्त्रियों का शरीर फ़ैल जाता है। इसीलिये बच्चे के जन्म के बाद, उनके शरीर पर जगह-जगह स्ट्रेच मार्क्स हो जाते हैं। लेकिन ओलिव आयल या फिर ऐसे ही किसी अन्य तेल से मालिश करने से इनमे कमी आ जाती है। आप चाहें तो आलू के रस या नींबू का भी इस्तेमाल कर सकती हैं।

95. स्त्रियों का गर्भाशय उनके Reproductive Organ का बेहद महत्वपूर्ण अंग है, जो पेल्विक कैविटी के निचले भाग में स्थित होता है। इसके उचित स्वास्थ्य के लिये उन्हें पेट और पेडूसे संबंधित हलके व्यायाम करने चाहिये। इस बारे में जीवनसूत्र का अगला लेख पढ़ें।

96. गर्भाशय के साथ-साथ स्त्रियों का अंडाशय या Ovary भी उनका महत्वपूर्ण प्रजनन अंग है, जो गर्भाशय के सामने ही स्थित होता है। पेल्विक एरिया से संबंधित एक्सरसाइज करने से, इन्हें भी स्वस्थ रहने में मदद मिलती है और अण्डों की गुणवत्ता सुधरती है।

97. गर्भवती स्त्रियों को अपने आहार का विशेष ध्यान रखना चाहिये, क्योंकि इससे उनके बच्चे की सेहत पर भी बड़ा प्रभाव पड़ता है। प्रेगनेंसी में किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिये, इस बारे में जीवनसूत्र पर Pregnancy Care Tips in Hindi नामक लेख पढ़ें।

Female Health Tips in Hindi महिलाएँ इन रोगों से बचकर रहें

98. स्त्रियों को अक्सर Urinary Tract Infection या मूत्र मार्ग के संक्रमण की समस्या से गुजरना पड़ता है। बार-बार पेशाब आना, पेशाब करते समय जलन और दर्द, गहरे पीले या हलके लाल रंग का पेशाब आना, इस बीमारी के मुख्य लक्षण हैं। UTI से बचने के लिये स्त्रियों को अपनी योनि की साफ़-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिये और ज्यादा से ज्यादा पानी पीना चाहिये।

99. आज स्तन कैंसर की समस्या ने बेहद गंभीर रूप धारण कर लिया है और दुनिया की करोड़ों स्त्रियाँ इससे पीड़ित हैं। इसीलिये प्रत्येक स्त्री फिर चाहे वह युवा ही क्यों न हों को, अपने Breasts की जाँच-समय पर करते रहनी चाहिये, ताकि समय रहते ब्रेस्ट कैंसर से बचा जा सके।

100. तनाव (Depression), महिलाओं का सबसे बड़ा दुश्मन है, क्योंकि इससे आगे चलकर कई रोग पैदा हो जाते हैं। चूँकि महिलाओं पर घरेलू कार्यों की भारी जिम्मेदारी रहती है, इसीलिये वह जल्दी ही इसका शिकार बन जाती हैं।

101. महिलाओं को अपनी जेनेटिक हिस्ट्री की भी अच्छी जानकारी होनी चाहिये, क्योंकि पुरुषों की तुलना में, उन्हें आनुवांशिक रोग होने का खतरा ज्यादा होता है।

Women Health Tips in Hindi स्त्रियों के स्वास्थ्य के लिए जरुरी मंत्र

102. यूँ तो प्रत्येक व्यक्ति को अपने शरीर की मालिश या मसाज अवश्य करनी चाहिये, लेकिन स्त्रियों के लिये मसाज विशेष रूप से फायदेमंद होती है। क्योंकि उन्हें लगभग सारे ही दिन बहुत सारे कार्यों में व्यस्त रहना पड़ता है। मालिश कैसे की जाती है, इस बारे में आप जीवनसूत्र का यह लेख पढ़ें।

103. स्त्रियों के लिये खूबसूरत दिखना भी काफी जरुरी है। लेकिन खूबसूरत दिखने का अर्थ किसी को अपनी ओर आकर्षित करना या फिर किसी की प्रशंसा पाना नहीं है, बल्कि यह इसलिये जरुरी है, क्योंकि इससे आपका आत्मविश्वास बढ़ता है।

104. स्त्रियों को अपनी डाइट के बारे में विशेष रूप से सतर्क रहना चाहिये, विशेषकर बच्चा पैदा होने के बाद, क्योंकि तब उनका वजन ज्यादा तेजी से बढ़ सकता है।

105. व्यस्त रहें मस्त रहें, स्वास्थ्य का यह मंत्र, स्त्रियों पर भी उतना ही लागू होता है, जितना कि पुरुषों पर। याद रखिये, एक लापरवाही भरी जीवनशैली आपको भविष्य में कई रोगों का शिकार बना सकती है।

Good Health Tips for Girl’s Body in Hindi

अच्छी हेल्थ के लिए लड़कियाँ इन बातों का हमेशा ध्यान रखें

106. स्त्रियों का शरीर पुरुषों की तुलना में कुछ कोमल होता है, विशेषकर उनके प्रजनन अंग, इसीलिये उन्हें अधिक वजन नहीं उठाना चाहिये। वर्षों अभ्यास करके शरीर की क्षमता बढ़ा चुके एथलीट की बात अलग है, अन्यथा जहाँ तक संभव हो सके, उन्हें पेट और छाती पर जोर डालने वाले काम नहीं करने चाहिये। यहाँ मै अपने ही जीवन की एक घटना के बारे में बताना चाहूँगा, जिसे मैंने अपने पिताजी से सुना था।

107. उनकी दादी एक स्वस्थ और बलशाली महिला थी, जिसकी पुष्टि आस-पास के लोगों ने भी की थी। एक बार अपनी युवावस्था में उन्होंने काम करते समय 50 किलोग्राम से अधिक वजन वाली एक बोरी, स्वयं ही उठाकर दूसरे स्थान पर रख दी थी। उस समय तो उन्हें कुछ विशेष नहीं महसूस हुआ, लेकिन इसके बाद उनकी स्थिति दिन-प्रतिदिन बिगड़ती चली गयी।

108. कई चिकित्सकों को दिखाने के पश्चात भी उनकी स्थिति में कोई सुधार नहीं आ पाया और लगभग एक महीने पश्चात वह चल बसी। लोगों के अनुसार उनकी मृत्यु का कारण था, नाभि के समीप से गुजर रहे नलो (नाडीगुच्छकों) का क्षतिग्रस्त हो जाना।

“स्त्रियों के लिये सूर्य नमस्कार, पवन-मुक्तासन, उर्ध्व-सर्वांगासन, चक्रासन, वज्रासन और कुछ विशिष्ट एक्सरसाइज विशेष रूप से लाभदायक होती हैं। वह चाहें तो जुम्बा और एरोबिक्स की भी मदद ले सकती हैं।”

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