Amazing Benefits of The Garlic in Hindi

 

“लहसुन भोजन का आवश्यक अंग होने के साथ-साथ, शरीर के लिये बहुत ही गुणकारी प्राकृतिक औषधि भी है, जिसके गुणों के बारे में आयुर्वेद में विस्तार से वर्णन किया गया है। यह वात-रोगों की बेहद असरदायक औषधि है। इसके अलावा लहसुन दर्जनों रोगों के उपचार में प्रयुक्त होता है जिनमे कैंसर, पाचन तंत्र के रोग, श्वास रोग, ह्रदय रोग, यौन रोग, गठिया और नसों के रोग शामिल हैं।”

 

Wonderful Health Benefits of Garlic in Hindi
वात रोगों का दुश्मन है तीखी गंध वाला लहसुन

What is Garlic in Hindi आखिर क्या है लहसुन

Garlic Benefits in Hindi: लहसुन, जिसका वानस्पतिक नाम (Boatnical Name), एलियम सैटिवुम (Allium Sativum) है, प्याज के कुल (एलिएसी) का ही एक पौधा है। यह रसोई में इस्तेमाल होने वाले उन प्रमुख मसालों में से एक है, जो सब्जियों के स्वाद को बढ़ाने के लिये इस्तेमाल होता है। लेकिन लहसुन का महत्व सिर्फ इस वजह से नहीं है, बल्कि इसके उन चमत्कारिक औषधीय गुणों के कारण है, जो इसे कई रोगों की एक प्रभावशाली दवाई बना देते हैं।

लहसुन एक Wonder Drug है जो अपने Therapeutic Benefits के कारण बहुत उपयोगी है। Garlic की उत्पत्ति का मूल क्षेत्र मध्य एशिया को माना जाता है और यह संसार के उन चुनिंदा पौधों में शामिल है जिनकी खेती पुरातन काल से की जाती रही है। ऐसा माना जाता है कि लहसुन का इतिहास, 5000 वर्ष से भी अधिक पुराना है।

आधुनिक चिकित्सा विज्ञान के जन्मदाता के नाम से प्रसिद्ध, हिप्पोक्रेटस् ने भी लहसुन के औषधीय गुणों के बारे में लिखा है। लहसुन दुनिया के अधिकांश भागों में उगाया जाता है और अपनी तेज गंध तथा अनोखे चरपरे स्वाद के कारण, यह पाककला का जाना-पहचाना घटक है। Garlic Benefits in Hindi में आज हम आपको लहसुन के अद्भुत फायदों के बारे में बतायेंगे।

Garlic in Hindi लहसुन का संक्षिप्त इतिहास

प्राचीन समय से ही दुनिया की कुछ सबसे पुरानी संस्कृतियाँ और सभ्यताएँ Garlic का इस्तेमाल करती आई हैं, जिनमे मिस्र, भारत और चीन की सभ्यताएँ शामिल हैं। भारत और चीन में तो यह पाचन संबंधी दिक्कतों, श्वास रोगों और परजीवियों के संक्रमण से लड़ने में प्रयुक्त होता आया है। मध्यकाल से लहसुन के इस्तेमाल में कुछ ज्यादा ही तेजी आई है और अभी भी यह कई बीमारियों का बढ़िया इलाज है।

लहसुन से आने वाली तीखी गंध का कारण है एलिल मैथिल सल्फाइड (Allyl Methyl Sulfide) या AMS जो एक वाष्पशील द्रव है। यह भोजन के पाचन के पश्चात, रक्त में मिल जाता है और फिर वहाँ से फेफड़ों और बाद में मुँह के माध्यम से दुर्गन्ध पैदा करता है। इसीलिये इस्लाम धर्म में मस्जिद जाने से पहले लहसुन खाना निषिद्ध किया गया है।

पास्चुराईजेशन के जनक, लुई पास्चर ने सन 1858 में Garlic के एंटी-बैक्टीरियल गुणों का प्रभावी ढंग से इस्तेमाल किया था। प्रथम विश्व युद्ध के समय चिकित्सकों ने, सैनिकों के घावों को साफ करने के लिये एक एंटीसेप्टिक एजेंट के रूप में उस समय गार्लिक का इस्तेमाल किया था।

Nutritional Facts about The Garlic in Hindi

यह हैं लहसुन में उपस्थित महत्वपूर्ण पोषक तत्व

लहसुन पित्तवर्धक और वात तथा कफ नाशक वनस्पति है। लहसुन की प्रकृति बहुत गर्म और गंध काफी तीखी होती है। यह वात रोगों को नष्ट करने के लिये एक राम-बाण दवा है। Garlic, एंटीबेक्टेरियल,एंटी-फंगल एवं एंटी-ऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर है। इसमें कैलोरी बिल्कुल भी नहीं होती और यह जोड़ों के दर्द की अचूक दवा है। Garlic, एलीसिन, एलीसैटिन 1 और 2 का दुर्लभ स्रोत है।

आहार की सामग्रियों पर हुए शोधों के मामले में लहसुन, हल्दी के बाद दूसरे नंबर पर है और अभी तक इस पर 5,200 से भी ज्यादा केस स्टडी और रिसर्च पेपर प्रकाशित हो चुके हैं। इसी से पता चलता है कि रोगों को दूर भगाने की अपनी अनोखी क्षमता के मामले में Garlic कितना ज्यादा सक्षम है। नियमित रूप से लहसुन का सेवन करना, हमारे स्वास्थ्य के लिये बहुत ही अच्छा है।

नीचे दिये जा रहे महत्वपूर्ण पोषक तत्वों के अलावा, लहसुन में 5 माइक्रोग्राम बीटा कैरोटिन, और 16 माइक्रोग्राम लुटेंन-जियाजैन्थिन भी उपस्थित होता है। 100 ग्राम लहसुन में पाये जाने वाले विटामिन्स और मिनरल्स का संघटन इस प्रकार हैं –

Amazing Health Benefits of The Garlic in Hindi

लहसुन (Garlic in Hindi) एक शानदार हर्ब है और अपने स्वास्थ्यप्रद गुणों के कारण ही यह इतना ज्यादा प्रसिद्ध है। शरीर को रोगों से बचाने और उसे लम्बे समय तक स्वस्थ रखने में, गार्लिक के पोषक तत्वों और रासायनिक यौगिकों की अहम् भूमिका है। यही कारण है कि ज्यादातर बीमारियों की रोकथाम में इसका सेवन किया जाता है। नीचे हम लहसुन के विस्तृत लाभों की जानकारी दे रहें हैं, ताकि आप भी इससे पर्याप्त लाभ उठा सकें।

1. रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढाता है लहसुन

Garlic Boost The Immune System in Hindi: चूँकि Garlic एंटीबायोटिक और एंटीवायरल गुणों से भरपूर है, इसीलिये यह खतरनाक जीवाणुओं को नष्ट करके उनसे फैलने वाले संक्रमण से बचा सकता है। लहसुन प्रबल जीवाणुनाशक गुणों से भरपूर है, इसकी पुष्टि  मशहूर वैज्ञानिक तथा चिकित्सक लुई पास्चर ने, इसके इन गुणों पर व्यापक शोध करने के पश्चात की थी।

उन्होंने पाया कि लहसुन कई बहुत तेज गति से बढ़ने वाले बैक्टीरिया जैसे कि सल्मोनेला (Salmonella), ई.कोलाई  (Escherichia coli), स्टेफीलोकोक्क्स औरेअस (Staphylococcus aureus), क्लेबसिएला (Klebsiella), माइक्रोकोक्कस (Micrococcus), बैसिलस सबटयुलिस (Bacillus subtulis), क्लॉस्ट्रीडियम (Clostridium), माइकोबैक्टीरियम (Mycobacterium) और  हेलिकोबेक्टर (Helicobacter) के विरुद्ध विशेष रूप से प्रभावी है।

लहसुन में उपस्थित Allicin, एक सक्रिय एंटी-बैक्टीरियल यौगिक और जैविक प्रतिविष है। यह जीवाणुओं को अपनी संख्या बढ़ाने और फैलने से रोकता है। लहसुन के सेवन से शरीर में मैक्रोफेज, न्यूट्रोफिल और लिंफोसाइट्स की तेजी से वृद्धि होती है, क्योंकि यह इनके निर्माण की प्रक्रिया को उत्तेजित करता है।

एक स्टडी के अनुसार, शरीर में ग्लूटाथियोन (Glutathione) एंटीऑक्सीडेंट का स्तर बढ़ने से, इम्यून सिस्टम का मुख्य घटक मानी जाने वाली सफ़ेद रक्त कोशिकाओं पर सकरात्मक प्रभाव पड़ता है। 140 स्वयंसेवकों पर 12 सप्ताह तक चली एक स्टडी में इस बात की पुष्टि हुई कि लहसुन या एल्लिसिन सप्लीमेंट्स से इम्यून सिस्टम मजबूत होता है और आम संक्रमणों से जल्दी छुटकारा मिलता है।

दूसरे विश्व युद्ध में लहसुन का इस्तेमाल, गैंग्रीन से बचाव करने के लिये भी हुआ था। क्योंकि युद्ध में सैनिकों को जल्दी उपचार नहीं मिल पाता था और संक्रमण के फैलने की रफ़्तार बहुत तेज रहती थी। इसीलिये चिकित्सक अपने पास लहसुन रखते थे और इमरजेंसी में इसके रस का इस्तेमाल व्यापक रूप से किया जाता था।

2. शक्तिशाली जैव यौगिकों का खजाना है लहसुन

Garlic is A Great Source of Potent Biological Compounds in Hindi: लिली परिवार का सदस्य लहसुन फ्लेवोनोइड्स, एंजाइम्स, एंटीऑक्सीडेंट्स, विटामिन्स और मिनरल्स का प्रचुर स्रोत है। विटामिन A, B2, B6, पोटेशियम, कॉपर मैंगनीज, फास्फोरस, सेलेनियम,  सैपोनिन, प्रोटीन जैसे पोषक तत्वों के अलावा, इसमें दो शक्तिशाली गंधक के यौगिक भी पाए जाते हैं, जिनका नाम है एलीसिन और डाई एलिल सल्फाइड। लहसुन में उपस्थित ऐलिसिन प्रतिजैविक विशेषताओं से भरा यौगिक है।

Garlic, दिल के रोग, स्ट्रोक, कैंसर और इन्फेक्शन जैसे उन चार सबसे बड़े मौत के कारणों को रोकने में सहायक है, जिनसे पूरी दुनिया थर्रायी हुई है। अमेरिका का राष्ट्रीय कैंसर संस्थान, कैंसर की रोकथाम में और किसी डाइटरी सप्लीमेंट को लेने का परामर्श नहीं देता, लेकिन यह लहसुन को उन कुछ चुनिन्दा सब्जियों में से एक मानता है, जो अपने एंटी-कैंसर गुणों के कारण पहचानी जाती हैं।

3. हड्डियों को मजबूत बनाने में मददगार है लहसुन

Garlic Makes Your Bones Strong in Hindi: हालाँकि अभी तक इंसानों पर हुए किसी भी शोध में गार्लिक के हड्डियों पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में पता नहीं चल पाया है। लेकिन चूहों पर हुए शोधों में सिद्ध हुआ है कि यह स्त्रियों में एस्ट्रोजन हार्मोन का स्राव बढाकर, हड्डियों के क्षरण में कमी ला सकता है। मेनौपौज की अवस्था से गुजर रही एक स्त्री पर हुए एक अध्ययन में, यह सिद्ध हुआ है कि प्रतिदिन लहसुन के रस (2 ग्राम कच्चे लहसुन के बराबर) का सेवन करने से एस्ट्रोजन की कमी में सुधार होता है।

इसके अलावा लहसुन जैसे दूसरे आहार, ओस्टियोआर्थराइटिस जैसी समस्याओं में भी लाभदायक सिद्ध होते हैं। चुहियों पर हुए शोध में सिद्ध हुआ है कि कैल्शियम और ओस्टियोपोरोसिस के बीच एक संबंध है। जानकारी के लिये बता दें कि मेनोपॉज की अवस्था से गुजरने वाली स्त्रियों के शरीर में, एस्ट्रोजन का स्तर गिर जाता है, जिससे उनकी कैल्शियम के अवशोषण की क्षमता घट जाती है।

4. पाचन क्रिया में सुधार लाता है लहसुन

Garlic Improves Your Digestive System in Hindi: अपने आहार में प्रतिदिन गार्लिक को शमिल करने से, आप अनेकों पेट की समस्याओं से बचे रह सकते हैं। सीमित मात्रा में गार्लिक का सेवन करने से गैस और एसिडिटी में राहत मिलती है। यह हर्ब अच्छे पाचन हेतु आँतों को सही प्रकार से कार्य करने में मदद करती है।

यहाँ तक कि आँतों की सूजन और उत्तेजना भी इसके उपचार की मदद से सही की जा सकती है। गार्लिक बड़ी और छोटी आंत के ज्यादातर रोग जैसे कि पेचिस, डायरिया और कोलाइटिस को दूर कर सकता है।

5. शारीरिक निर्बलता को दूर करता है लहसुन

Garlic Makes Your Body Strong in Hindi: वर्कआउट करने वाले और एथलीट के लिये लहसुन बड़ा फायदेमंद है। क्योंकि एक तो यह थकान कम करने में मदद करता है, वहीँ दूसरी ओर परिश्रम करने की क्षमता बढाता है। इसी कारण से प्राचीन समय में यूनानी और रोमवासी, इसका खूब इस्तेमाल करते थे।

 

6. शरीर में खनिजों के अवशोषण को बढाता है लहसुन

Garlic Improves The Mineral Absorption Ability of The Body in Hindi: जर्नल ऑफ एग्रीकल्चरल एंड फूड केमिस्ट्री द्वारा संपन्न एक स्टडी के अनुसार, साबुत अनाजों के साथ लहसुन लेने से शरीर की जिंक और आयरन के अवशोषण की क्षमता बढती है। लहसुन शरीर में आयरन के अवशोषण की क्षमता को बढाता है, क्योंकि यह शरीर में फेर्रो प्रोटीन का उत्पादन बढ़ा देता है।

7. आँखों के लिये भी लाभदायक है लहसुन

Garlic is Beneficial for Your Eyes in Hindi: लहसुन आपकी आँखों के लिये भी फायदेमंद है, क्योंकि गार्लिक में सेलेनियम, क्वेरसिटिंन और विटामिन C जैसे पोषक तत्वों की प्रचुर मात्रा होती है और यह आँखों के संक्रमण और सूजन में कमी लाने में मदद करते हैं।

 

Incredible Benefits of The Garlic Herb in Hindi

8. ह्रदय रोगों के खतरे को कम करता है लहसुन

Garlic Decreases The Risk of Heart Disease in Hindi: लहसुन आपके दिल के स्वास्थ्य के लिए एक उत्तम आहार है, क्योंकि यह हार्ट अटैक और स्ट्रोक के जोखिम को कम करता है। अमेरिका के सेण्टर फॉर डिजीज कण्ट्रोल एंड प्रिवेंशन के अनुसार, दिल की बीमारियाँ अमेरिका में नं. 1 किलर हैं और लहसुन एथेरोस्केलोरोसिस, हाइपरलिपिड़ेमिया, थ्रोम्बोसिस, हाइपरटेंशन और डायबिटीज जैसी कई कार्डियोवैस्कुलर और मेटाबोलिक डिजीज के उपचार और उनकी रोकथाम में बड़ा प्रभावी सिद्ध हुआ है।

लहसुन के फायदों की कई एक्सपेरिमेंटल और क्लिनिकल स्टडीज के वैज्ञानिक रिव्यू में, इसके जानवरों और इंसानों दोनों पर अच्छे नतीजे देखने को मिले हैं। शायद लहसुन का अभी तक का सबसे आश्चर्यजनक गुण इसकी उस क्षमता को देखने में मिला है, जिसके बल पर यह धमनियों में वसा के होने वाले जमाव को हटाकर, शुरूआती दिल के रोगों को सही होने में मदद करता है।

सन 2016 की एक रैंडम डबल-ब्लाइंड स्टडी में जो जर्नल ऑफ न्यूट्रीशन में प्रकाशित हुई थी, के अनुसार, मेटाबोलिक सिंड्रोम से पीड़ित, 40 से 75 वर्ष की उम्र के 55 रोगियों में, लहसुन का सत्व इस्तेमाल करने पर, कोरोनरी धमनियों में जमने वाली वसा में काफी कमी आई थी।

एक स्टडी में पाया गया था कि दिल के रोगों से पीड़ित जिन लोगों ने, 6 सप्ताह तक लहसुन के तेल का इस्तेमाल किया था, उनके ह्रदय की उच्च दर में 12 प्रतिशत की कमी हुई थी और उनके एक्सरसाइज करने की सामर्थ्य भी बढ़ गयी थी। हालाँकि 9 प्रतिस्पर्धी साइकिल चालकों पर हुई स्टडी में, इसका कोई विशेष फायदा देखने को नहीं मिल सका था।

9. यौवन को बरकरार रखने वाली औषधि है लहसुन

Garlic can Save You from Old Age in Hindi: लहसुन एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक एंटीबायोटिक के रूप में काम करता है और आयुर्वेद ग्रंथों में इसे जवान बनाये रखने वाली औषधि माना गया है। क्योंकि यह उन खूबियों से भरपूर है जो पुरुषों की यौन शक्ति और स्टेमिना को बरकरार रखते हैं। फ्री रेडिकल्स से होने वाले ऑक्सीडेटिव डैमेज के कारण बुढ़ापा बहुत जल्दी दस्तक देता है।

गार्लिक में ऐसे तत्व उपस्थित होते हैं, जो ऑक्सीडेटिव डैमेज के विरुद्ध शरीर की सुरक्षा प्रणाली की सहायता करते हैं। गार्लिक सप्लीमेंट्स की उच्च डोज का सेवन करने से, इंसानों के अन्दर एंटीऑक्सीडेंट एंजाइम की बढ़ोत्तरी होती है। साथ ही उच्च रक्तचाप से पीड़ित लोगों में, ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस का स्तर भी कम होता है।

लहसुन आपको लम्बी उम्र तक जिन्दा रहने में भी मदद कर सकता है। क्योंकि यह अधिक उम्र के साथ सिर उठाने वाली स्वास्थ्य समस्याओं जैसे कि उच्च रक्तचाप, कोलेस्ट्रोल, और कई तरह के संक्रमण को फैलने से रोक सकने में समर्थ है। अधिक उम्र के और बीमार लोगों का इम्यून सिस्टम जल्दी कमजोर (Dysfunctional Immune Systems) हो जाता है और उन्हें असमय ही काल-कवलित होना पड़ता है।

 

10. बालों को स्वस्थ और मजबूत बनाता है लहसुन

Garlic helps in Development of Shiny Hair in Hindi: बालों की समस्याओं से छुटकारा पाने में, प्याज की ही तरह, लहसुन का भी इस्तेमाल किया जा सकता है, क्योंकि इसमें उपस्थित सल्फर (एलीसिन), बालों का झड़ना कम करता है। इसके लिये जैतून के तेल में, लहसुन का तेल मिलाकर, बालों की हल्की मसाज करें। कुछ साल पहले तुर्की में एक क्लिनिकल ट्रायल शुरू कराया गया था, जिसका उद्देश्य उस सर्वे की हकीकत पता लगाना था, जिसमे लहसुन से गंजेपन का इलाज किया जाता था।

ईरान की मजनदरण यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंस के शोधकर्ताओं के अनुसार, लगातार तीन महीने तक दिन में दो बार, गार्लिक से बनी जेल का उपयोग करने से, स्कैल्प (सिर की उपरी त्वचा) पर करने से अलोपसिया (Alopecia) में लाभ होता है। यह एक त्वचा रोग (Autoimmune Skin Disease) है, जिसमे सिर, चेहरे और शरीर के दूसरे अंगो पर उगे बाल गिरने लगते हैं।

वर्तमान में इसके अलग-अलग ट्रीटमेंट उपलब्ध हैं, लेकिन इसका स्थायी निदान अभी तक ज्ञात नहीं है। शोधकर्ताओं ने पाया है कि गार्लिक जेल का प्रयोग Alopecia Areata में फायदेमंद सिद्ध हो सकता है।

11. श्वास रोगों को ठीक करने में सहायक है लहसुन

Garlic is A Home Remedy for Respiratory Problems in Hindi: लहसुन श्वास रोगों को दूर करने में बड़ा लाभदायक है। यह अस्थमा, निमोनिया, ब्रोंकाइटिस, और फेफड़ों में जम चुके पुराने कफ को बाहर निकालने में बहुत प्रभावशाली है। गार्लिक की उबली हुई कलियाँ, अस्थमा के उपचार में एक प्रभावशाली औषधि हैं।

हर रोज रात के समय, सोने से पहले एक गिलास दूध के साथ, 3 लहसुन की उबली हुई कलियाँ लें और इससे आपको आराम मिलेगा। माल्टा के सिरके के साथ, लहसुन की कलियों को पीसकर मिलाकर खाने से अस्थमा के दौरे पर लगाम लगायी जा सकती है।

अगर आपको कच्चा लहसुन खाना पसंद नहीं है, तो आप बाजार में मिलने वाले गार्लिक एक्सट्रेक्ट को भी ले सकते हैं। बच्चों को होने वाले निमोनिया को दूर करने के लिये, उन्हें सुबह-शाम एक भुनी हुई लहसुन की कली कुछ दिन तक खिलायें। इससे बहुत आराम होगा और उनकी पसली चलनी बंद हो सकती है।

 

12. कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करता है लहसुन

Garlic Lowers Cholesterol in Hindi: हमारे शरीर में दो प्रकार का कोलेस्ट्रोल होता है – HDL और LDL कोलेस्ट्रोल। इनमे से HDL कोलेस्ट्रोल ही बेहतर माना जाता है। गार्लिक में एल्लिसिन यौगिक प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जो LDL कोलेस्ट्रोल का आक्सीकरण होने से प्रभावी ढंग से निपट सकता है। इसीलिये उन सभी लोगों को, जिनका कोलेस्ट्रोल स्तर ज्यादा बढ़ा हुआ है, वह लहसुन का जरुर इस्तेमाल करें।

कुछ स्टडी में पाया गया है कि उच्च कोलेस्ट्रोल से पीड़ित लोग अगर गार्लिक का सेवन करें, तो उनके टोटल कोलेस्ट्रोल में 10 से 15 प्रतिशत की कमी आ सकती है। हालाँकि लहसुन ट्राईग्लिसराइड का स्तर कम करने में प्रभावी नहीं पाया गया है, जो दिल के रोगों में एक दूसरा बड़ा खतरा माना जाता है।

 

13. आँतों की समस्याओं को ठीक कर सकता है लहसुन

Garlic Cures Intestinal Problems in Hindi: लहसुन में एंटी-इंफ्लामेटरी गुण होते हैं, जो आंतों की सूजन को ठीक करने में मदद करते हैं। इसका यह गुण IBS जैसे जटिल रोग में लाभकारी है। लहसुन को एक वर्म एक्सपेलर यानि कृमिनाशक के रूप में भी जाना जाता है। आँतों के कीड़े मार भगाने में लहसुन बड़ा असरदार है।

हालाँकि यह आँतों में उपस्थित, उन उपयोगी सूक्ष्म जीवाणुओंकी क्रियाशीलता पर, कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं डालता, जो पाचन में मदद करते हैं। लेकिन यह आंत में उपस्थित हानिकारक बैक्टीरिया को मार डालता है।

14. लीवर को फैटी होने से बचाता है लहसुन

Garlic Protects Your Liver from Being Fatty in Hindi: लहसुन लीवर को फैटी होने से भी बचाता है। एलीसिन और सेलेनियम से भरपूर होने के कारण, यह शरीर में पित्त का उत्पादन बढाता है, जिससे फैटी लीवर की समस्या से छुटकारा मिल सकता है।

43 Surprising Benefits of The Garlic in Hindi

15. मधुमेह के रोगियों के लिये भी लाभदायक है लहसुन

Garlic is Good for Diabetic People in Hindi: लहसुन मधुमेह के रोगियों के लिये भी बड़ा फायदेमंद है। क्योंकि यह ब्लड शुगर के स्तर का नियंत्रण करने में मदद करता है, डायबिटीज से जुडी कुछ जटिलताओं के प्रभावों को घटाने और रोकने में समर्थ है और रक्त संचरण को बढ़ावा देता है। सिर्फ इतना ही नहीं, यह इन्फेक्शन से भी लड़ता है और LDL कोलेस्ट्रोल को घटाता है। जानकारी के लिये बता दें कि मधुमेह एक चयापचय विकार है, जो खराब जीवनशैली के कारण उत्पन्न होता है।

मधुमेह से पीड़ित चूहों पर हुए शोध में पाया गया है कि गार्लिक, डायबिटीज के मरीजों के सम्पूर्ण स्वास्थ्य को सुधारने में मदद कर सकता है। यहाँ तक कि यह कॉमन डायबेटिक कॉम्प्लीकेशन जैसे कि एथेरोस्केलोरोसिस और नेफ्रोपैथी को ख़त्म करने में भी मदद करता है। जब इन चूहों को सात सप्ताह तक लहसुन का रस दिया गया, तो उनके ग्लोकोज, कोलेस्ट्रोल और ट्राईग्लिसराइड के स्तर, में कमी आई थी।

कण्ट्रोल ग्रुप की तुलना मे कच्चे लहसुन का सार लेने वाले चूहों के सीरम ग्लूकोज में 57 प्रतिशत, सीरम कोलेस्ट्रोल में 40 प्रतिशत और ट्राईग्लिसराइड के स्तर में 35 प्रतिशत की कमी आई थी। इसके अलावा इन चूहों के मूत्र में प्रोटीन का स्तर भी 50% कम था।

लहसुन गुर्दों को नुकसान पहुँचा सकता है, Nervous System के कार्यों में बाधा पहुँचा सकता है, दिल की समस्याएँ पैदा कर सकता है, यहाँ तक कि नजर भी कमजोर कर सकता है। लेकिन लहसुन का तेल डायबिटीज के रोगियों को इन साइड-इफेक्ट्स से बचा सकता है।

 

16. शानदार ओरल हेल्थ सोल्यूशन है लहसुन

Garlic is A Great Oral Health Solution in Hindi: कई प्रयोगों में पता चला है कि लहसुन में पाया जाने वाला विशेष रासायनिक यौगिक एल्लिसिन, उन सैकड़ों-हजारों सूक्ष्म जीवाणुओं को मारने में बेहद प्रभावशाली है, जो कुछ सबसे आम और सबसे दुर्लभ इन्फेक्शन को फैलाते हैं। इनमें आम सर्दी और फ्लू का जीवाणु भी शामिल है। बैक्टीरिया की ऐसी 500 से भी ज्यादा प्रजातियाँ हैं जो हमारे मुँह में पायी जाती हैं।

कई स्टडीज में ऐसा सिद्ध हुआ है कि लहसुन का सत्व कई प्रकार के प्रोटोजोआ जैसे कि कैंडिडा अल्बीकैन्स (Candida albicans) और यीस्ट इन्फेक्शन फैलाने वाले कुछ जीवाणुओं के विरूद्ध प्रभावी पाया गया है। सिर्फ इतना ही नहीं, लहसुन, उन तेज और भारी एंटीबायोटिक दवाइयों का भी सर्वश्रेष्ठ विकल्प है, जो इम्यून सिस्टम को कमजोर कर देती हैं और दूसरे इन्फेक्शन और जीवाणुओं का काम आसान कर देती हैं।

लहसुन एलोपैथिक दवाई सिप्रोफ्लेक्सेसिन के समान मुँह के संक्रमणों के विरुद्ध लड़ने में प्रभावी है। यही वजह है कि प्राचीन समय में लोग कैविटी और मुँह के संक्रमण से बचाव हेतु लहसुन की कलियाँ चबाया करते थे। लहसुन दाँतों का दर्द कम करने में भी असरदार है।

क्योंकि इसमें एंटी-बैक्टीरियल और एनल्जेसिक गुण पाए जाते हैं। दर्द कम करने के लिये ब्रश करने के बाद, दाँतों व मसूड़ों में लहसुन का तेल लगायें या फिर कच्चे लहसुन को लौंग के साथ पीसकर भी लगा सकते हैं।

17. मलेरिया और एलर्जी से राहत दिलाता है लहसुन

Garlic is Beneficial in Malaria and Allergy in Hindi: क्या आपको पता है लहसुन मलेरिया रोग के उपचार में भी कारगर है? मलेरिया बुखार को ख़त्म करने के लिये, लहसुन की 10 से 15 कलियों को छीलकर गाय के देशी घी में तल लें और फिर उसे सेंध नामक के साथ मिलाकर खायें, मलेरिया में आराम होगा। वहीँ लहसुन में उपस्थित एंटी इंफ्लेमेटरी तत्व, एलर्जी को दूर करने में सहायक है।

अगर छाछ के साथ लहसुन का सेवन किया जाय, तो यह स्किन और श्वास मार्ग दोनों की एलर्जी को ख़त्म कर देता है। जब शरीर को किसी चीज से एलर्जी होती है, तो हिस्टामाइन का स्राव बढ़ जाता है। यह हार्मोन एलर्जिक रिएक्शन की वजह से उत्पन्न होता है और लहसुन में एंटी-हिस्टामाइन गुण होने के कारण, यह इसकी वृद्धि को रोकता है।

लहसुन एलर्जिक रायनाइटिस के कारण पैदा हुई श्वसन मार्ग की सूजन को कम करने में भी प्रभावी है। यहाँ तक कि कानखजूरे और ततैये जैसे कम जहरीले जीवों के काटने से शरीर में जो खुजली पैदा हो जाती है, गार्लिक उसे भी दूर कर सकता है। इसके लिये प्रभावित अंग पर लहसुन को पीसकर लगायें।

18. त्वचा रोगों के उपचार में भी बहुत कारगर है लहसुन

Garlic can Cure Various Skin Diseases in Hindi: चूँकि लहसुन में एंटी फंगल (फफूँदरोधी), एंटी-बैक्टीरियल, और एंटी-वायरल गुण पाये जाते हैं, इसीलिये यह कई प्रकार के स्किन इन्फेक्शन से लड़ने में कारगर है। एक्जिमा और सोरायसिस में, लहसुन का छाछ के साथ सेवन करना फायदेमंद हो सकता है। लहसुन में डायलिल सल्फाइड और एजेन जैसे यौगिक होते हैं, जो न्यूक्लिअर ट्रांसमिशन एजेंट, कप्पा बी को निष्क्रिय कर देते हैं।

इसी की वजह से सोरायसिस होता है, हालाँकि अभी इसे वैज्ञानिक तरीके से प्रमाणित होने के लिये, कुछ और प्रमाणों की दरकार है। अपने इन्ही गुणों के कारण, लहसुन दाद, खाज और खुजली की समस्या में आराम दिला सकता है।

इसके लिये प्रभावित स्थान पर लहसुन का पेस्ट लगायें। अगर आप इसे बनाने में परेशानी महसूस करते हैं, तो जैतून के तेल में लहसुन का तेल मिलाकर लगायें। भोजन में कच्चा लहसुन शामिल करना भी अच्छा होता है।

19. कील-मुंहासों से छुटकारा दिलाता है लहसुन

Garlic Saves You from Pimples and Acne in Hindi: इस दुनिया के लगभग आधे लोग, मुँहासों की कम या ज्यादा समस्या से परेशान हैं। ऐसा शायद ही कोई इन्सान होगा, जिसे अपने चेहरे पर पिम्पल्स अच्छे लगते हों। गार्लिक को हल्दी, शहद और क्रीम जैसी दूसरी चीजों के साथ मिलाकर, मुँहासों के घाव का उपचार किया जा सकता है और मुँहासों की प्रारंभिक अवस्था को रोका जा सकता है।

लहसुन, स्किन के चकत्तों को हल्का करने के लिये, एक एंटीबायोटिक पदार्थ और क्लींसर के रूप में प्रयोग किया जाता है। लहसुन के सेवन से झुर्रियाँ भी कम होती है और रक्त में उपस्थित गन्दगी Kidney और Intestine के माध्यम से बाहर निकल जाती है। ब्लड को प्यूरीफाई करने के लिये, सुबह के समय खाली पेट 2-3 लहसुन की कलियाँ, एक गिलास नींबू-पानी के साथ लें।

20. जलने के पश्चात संक्रमण से बचाता है लहसुन

Garlic Protects from After Burn Infections in Hindi: लहसुन, स्यूडोमोनास एरुगिनोसा (Pseudomonas Aeruginosa) नाम जीवाणु से होने वाले इन्फेक्शन को रोकता है। यह वह बैक्टीरिया है जो उन लोगों पर हमला करता है, जिनकी त्वचा आग से जल जाती है।

Wonderful Benefits of Garlic in Hindi with Images

21. कैंसर जैसे जानलेवा रोग की रोकथाम करता है लहसुन

Garlic Thwarts Off The Cancer in Hindi: लहसुन का नियमित रूप से सेवन करने से कैंसर होने का खतरा काफी कम रहता है। Onion और Garlic जैसी एलियम सब्जियाँ और उनमे उपस्थित जैवक्रियाशील सल्फर के यौगिक, कैंसर की हर स्टेज में लाभदायक हैं। क्योंकि यह उन कई जैविक क्रियाओं को प्रभावित करते हैं, जो कैंसर के खतरे को परिवर्तित कर सकती हैं।

लहसुन में उपस्थित क्वेरसीटिन, डाई एलिल सल्फाइड, अल्लिन और एजेन शक्तिशाली एंटी-कैंसर तत्व हैं। अल्लिन और एजेन कैंसर कोशिकाओं को बाँधने और रोकने की अपनी क्षमता के कारण, नेचुरल किमोथेरेपी के रूप में काम करते हैं। यूनिवर्सिटी ऑफ अलाबामा, बर्मिन्घिम के वैज्ञानिकों के अनुसार, लहसुन से भरपूर डाइट ब्रेस्ट कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर और कोलोन कैंसर को रोकती है।

क्योंकि गार्लिक में हाइड्रोजन सल्फाइड का उत्पादन बढ़ाने की क्षमता होती है। हालिया रिसर्च में पता चला है कि जो माँस बहुत ऊँचे तापमान (400F/204C) पर पकाया जाता है, वह कैंसर से संबंधित गुण पैदा कर सकता है। यही वजह है कि माँस खाने वाली स्त्रियों के अन्दर, ब्रेस्ट कैंसर के इतने ज्यादा मामले देखने को क्यों मिल रहे हैं।

क्योंकि उच्च ताप पर पके माँस में DNA में बदलाव लाने की सामर्थ्य होती है। एक स्टडी में पता चला है कि प्रतिदिन 5 ग्राम लहसुन खाने से निट्रोपोलिन नामक एंजाइम का उत्सर्जन रुक जाता है। यह वही एंजाइम है जो कैंसर कोशिकाओं को विकसित होने में मदद करता है। कई शोध में गार्लिक के एंटी-ट्यूमर प्रभावों का भी पता चला है।

जब चूहों पर गार्लिक का प्रयोग किया गया, तो पता चला कि इसके सेवन से उनके Liver, Colon, Prostate, Lungs, Skin, Stomach, Mammary Gland और Esophagus के ट्यूमर की वृद्धि रुक गयी थी। ग्रामीण भारत में कैंसर रोगियों को अपनी नाक के पास लहसुन की माला रखने की सलाह दी जाती है, ताकि वह बार-बार इसकी गंध सूंघ सकें। ऐसा करने के पीछे यह मान्यता है कि इससे कैंसर कोशिकाएँ नष्ट हो जाती हैं।

 

22. सर्दी-जुकाम और मौसमी बीमारियों से बचाता है लहसुन

Garlic Protects from Cold and Flu in Hindi: कच्चा लहसुन सर्दी-जुकाम जैसी समस्याओं को दूर करने में बड़ा फायदेमंद है, क्योंकि इसकी तासीर बहुत गर्म होती है। जब कभी सर्दी का आक्रमण हो, तो आपको लहसुन की दो कलियों को पीसकर खा लेना चाहिये। इससे ठण्ड की गंभीरता कम हो जाती है, लहसुन बंद गले और गले की खराश में भी बड़ा आराम देता है।

एक स्टडी में पाया गया था कि लहसुन के सार की अधिक मात्रा (2.56 ग्राम/दिन) का सेवन करने से कोल्ड और फ्लू से पीड़ित होने की अवधि 61 प्रतिशत तक कम हो जाती है। अगर बच्चों को दूध में लहसुन की कुछ कलियाँ उबालकर पिलाई जाय, तो उनका सर्दी-जुकाम से बढ़िया बचाव होता है।

23. वजन को नियंत्रित करने में भी मददगार है लहसुन

Garlic Aids in Weight Loss Management in Hindi: क्या आप जानते हैं कि लहसुन आपके वजन को नियंत्रित करने में भी कारगर है? इसका कारण यह है कि लहसुन एक शानदार फैट बर्निंग एजेंट है और यह मेटाबोलिज्म को भी बढाता है। जिससे आपका वजन कम होने लगता है, साथ ही यह भूख लगाने वाले हार्मोन्स को नियंत्रित करके, आपके दिमाग को पेट भरा होने का अहसास दिलाती है।

लहसुन आपके शरीर में नोरेपीनेफ्राइन (Norepinephrine) हार्मोन का स्राव बढ़ा देता है, जो मेटाबोलिज्म की प्रक्रिया को बढ़ाने वाला एक न्यूरोट्रांसमीटर है। वजन कम करने के लिये प्रतिदिन खाली पेट लहसुन की दो-तीन कलियाँ, गुनगुने नींबू पानी के साथ खायें।

24. कमर दर्द और गठिया रोग में आराम देता है लहसुन

Garlic Lowers Back Pain and Arthritis Pain in Hindi: गठिया रोग में लहसुन का सेवन करना बहुत ही फायदेमंद है, क्योंकि यह वात को जड़ से मिटा देता है। जो लोग नियमित रूप से लहसुन खाते हैं, उन्हें जोड़ों के दर्द से कम ही जूझना पड़ता है। वैसे गठिया या संधिशोथ (Rheumatoid) से बचाव ही ज्यादा बेहतर है, क्योंकि एक बार यह रोग आने के बाद जल्दी से वापिस नहीं जाता।

लहसुन के एंटी-ऑक्सिडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण, सूजन और उत्तेजना को कम करके दर्द में आराम देते हैं। इसके लिये चाहे तो आप कच्चा लहसुन खायें या फिर लहसुन के हलवे का सेवन करें। लहसुन की कलियों का रस छाछ के साथ लेने पर भी काफी आराम मिलता है।

25. योनि संक्रमण से छुटकारा दिलाता है लहसुन

Garlic can Heal Vaginal Infections in Hindi: बदलती लाइफस्टाइल और खान-पान के कारण, अक्सर ज्यादातर महिलाओं को योनि में संक्रमण होने की शिकायत हो जाती है, जो कि कई बार गंभीर रूप धारण कर लेती है। योनि में संक्रमण का मुख्य कारण है, उसमे बैक्टीरिया की वृद्धि हो जाना। चूँकि लहसुन में एंटी-बैक्टीरियल तत्व पाए जाते हैं, इसीलिये यह वेजिनल इन्फेक्शन को दूर करने में असरदार है।

 

26. टीबी जैसे खतरनाक रोग के इलाज में सहायक है लहसुन

Garlic can be Helpful in Treatment of TB in Hindi: लहसुन का इस्तेमाल करने से क्षय (TB) जैसे जानलेवा रोग से छुटकारा पाया जा सकता है, क्योंकि लहसुन में उपस्थित गंधक के कई यौगिक Mycobacterium Tuberculosis के विरुद्ध प्रभावी हैं। इसके लिये रोजाना कम से कम 20 से 30 ग्राम लहसुन खाना चाहिये। हालाँकि ध्यान दीजिये, यह औषधि का विकल्प नहीं है।

27. स्ट्रेच मार्क के निशानों को कम कर सकता है लहसुन

Garlic can Reduces Stretch Marks in Hindi: लहसुन महिलाओं के शरीर पर बने स्ट्रेच मार्क के निशानों को कम कर सकता है, हालाँकि इन निशानों को पूरी तरह से मिटा पाना मुश्किल होता है। इसके लिये लहसुन की कलियों को सरसों या जैतून के तेल में गर्म करें और जब इनका रस तेल में अच्छे से मिक्स हो जाय, तो ठंडा होने पर तेल को स्ट्रेच मार्क पर लगा लें।

Mind Blowing Benefits of The Garlic in Hindi

28. उच्च रक्तचाप को कम करता है लहसुन

Garlic Lowers The Blood Pressure in Hindi: लहसुन उच्च रक्तचाप के उपचार की एक हर्बल औषधि है। यह Hypertension को कम करता है, क्योंकि गार्लिक में उपस्थित एल्लिसिन, जब दाब के उच्च स्तर के संपर्क में आता है, तो यह रक्त वाहिनियों को ढीला करके दाब में कमी लाता है। जानकारी के लिये बता दें कि ब्लड प्रेशर बढ़ने का कारण है – एंजियोटेंसिन या एसीई एंजाइम का शरीर में ज्यादा बनना। एलोपैथिक दवाइयाँ इस एंजाइम को बनने से रोकती है, नतीजन रक्तचाप कम हो जाता है।

लेकिन लहसुन में उपस्थित गामा-ग्लूटामिलसीस्टीन (Gamma-glutamylcysteine), एक प्राकृतिक एसीई अवरोधक (ACE Blocker) का काम करता है, जिससे रक्तदाब नियंत्रित हो जाता है। लहसुन प्लेटलेट्स के एक साथ जुड़ने की प्रक्रिया में कमी लाकर, थ्रोम्बोसिस (Thrombosis) से भी बचाता है। यह उन लोगों लिए भी बहुत फायदेमंद होता है, जिनका खून गाढ़ा होता हैं, क्योंकि यह रक्त को पतला करता है।

एक स्टडी में पाया गया था कि 24 सप्ताह तक, रोजाना गार्लिक की 600 से 1500 मिग्रा मात्रा का सेवन करने से, उतना ही लाभ होता है, जितना कि ब्लड प्रेशर घटाने वाली एटेनोलोल (Atenolol) नामक दवाई प्रदान करती है। इतनी मात्रा में एल्लिसिन लेने के लिये, आपको हर रोज लहसुन की चार कलियाँ खानी होंगी। ब्लड प्रेशर कम करने के अलावा एल्लिसिन, इन्सुलिन का स्तर भी कम करता है।

एक वैज्ञानिक जर्नल ‘मेचुरीटस’ में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, जिन लोगों को एंटीहाइपरटेंशन की दवाई लेने पर भी आराम नहीं मिलता, उन्हें दवाई के साथ-साथ गार्लिक लेने पर पर्याप्त आराम मिल जाता है। इस स्टडी में अनियंत्रित ब्लडप्रेशर से पीड़ित 50 रोगियों की जाँच करने पर पाया गया कि प्रतिदिन लहसुन के रस के चार कैप्सूल (960 मिग्रा), तीन महीने तक लने पर उच्च रक्तचाप में 10 पॉइंट की कमी आती है।

इसी तरह सन 2014 में प्रकाशित एक अन्य स्टडी के अनुसार भी लहसुन, ब्लडप्रेशर की दूसरी दवाइयों की ही तरह रक्तचाप घटाने में प्रभावी है। हाइपरटेंशन से पीड़ित 47 रोगियों पर हुई एक अन्य स्टडी में पता चला है कि गार्लिक के इस्तेमाल से ब्लड प्रेशर में 12 mmHg की कमी आई थी।

इस मामले में लहसुन की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह एकदम नेचुरल है और इसका किसी प्रकार का कोई नकारात्मक प्रभाव शरीर पर नहीं पड़ता है। इसी प्रकार की एक अन्य स्टडी में जिसमे रोगियों को रोजाना 200 मिग्रा लहसुन पाउडर दिया जाता था, के अनुसार उनके डायास्टोलिक ब्लड प्रेशर में कमी आई थी।

आशा है Garlic Benefits in Hindi में दी गयी बातों से आपको लहसुन के शानदार औषधीय गुणों को जानने में काफी मदद मिली होगी। लहसुन वास्तव में इतना गुणकारी है कि इसे हर व्यक्ति को खाना चाहिये और ज्यादातर चिकित्सक इसके सेवन की सलाह देते हैं। इसीलिये अगर कोई धार्मिक या अन्य कारण न हो, तो गार्लिक का सेवन जरुर करें। क्योंकि यह आपको दर्जनों बीमारियों से बचाकर रखता है।

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