Know Common Bacterial Infections Caused by Invisible Foe

 

“निमोनिया और क्षय रोग बैक्टीरिया से फैलने वाली वह दो सबसे खतरनाक बीमारियाँ हैं जो दुनिया भर में लोगों को मारने में अव्वल स्थान पर हैं। यह हर साल 55 लाख से भी अधिक लोगों को मौत की नींद सुला देती हैं। इसके पश्चात क्रमशः अल्सर, सलमोनेल्लोसिस, सेप्सिस, मूत्रमार्ग संक्रमण, टाइफाइड, सिफलिस, हैजा और टेटनस जैसे रोग, जीवन के सबसे बड़े दुश्मनों में से एक हैं।”

 

10 Most Dangerous Bacterial Diseases in Humans in Hindi
अपने आप को खतरनाक जीवाणुओं का शिकार होने से बचाइये

Health World में आज हम आपको बतायेंगे Bacteria से फैलने वाले उन रोगों के बारे में जो आसानी से इंसानों को अपना शिकार बना लेते हैं और जिनके कारण दुनिया भर के करोड़ों मनुष्य कष्टदायी रोगों से पीड़ित हैं। Bacterial Diseases, Infection से फैलने वाली बीमारियों में सबसे आम हैं और यह एक छोटे से त्वचा के संक्रमण से लेकर अत्यंत भयानक प्लेग और Tuberculosis (क्षय रोग) जैसे जानलेवा रोग के रूप में भी प्रकट हो सकती हैं।

जहाँ Normal Infection को ठीक होने में सिर्फ दो से तीन दिन का समय लगता है, वहीँ T.B. जैसे Acute Infection को ठीक होने में महीनों लग सकते हैं। Bacteria से फैलने वाले जितने भी रोग हैं उनमे यह 10 बीमारियाँ लोगों की जान लेने में सबसे आगे हैं –

1. Pneumonia निमोनिया : –

निमोनिया रोग बैक्टीरिया से भी फैलता है और वायरस से भी। प्रतिवर्ष 45 करोड़ से भी अधिक लोग (यह कुल जनसँख्या का सात प्रतिशत भाग हैं) निमोनिया के संक्रमण से पीड़ित होते हैं और उनमे से 40 लाख लोग असमय ही मर जाते हैं। शायद यही कारण था कि William Osler ने 19वीं सदी में निमोनिया को “The Captain of The Men of Death” ‘यमदूतों के नायक के उपनाम से’ संबोधित किया था। हालाँकि आज 21वीं सदी में Antibiotics और Vaccines आने के कारण निमोनिया से होने वाली मृत्यु दर में काफी कमी आई है।

अन्यथा यह पहले करोड़ों लोगों की मृत्यु का कारण बनता था। निमोनिया फेफड़ों की सूजन से सम्बंधित एक खतरनाक रोग है जिसमे रक्त को शुद्ध करने में मुख्य भूमिका निभाने वाले Alveoli बुरी तरह प्रभावित होते हैं। इसके मुख्य लक्षण हैं – सीने में तेज दर्द के साथ बुखार आना और साँस लेने में कठिनाई होना। दमा, COPD, मधुमेह जैसी कुछ बीमारियाँ होने पर निमोनिया होने का खतरा और बढ़ जाता है, क्योंकि यह रोग सीधे व्यक्ति के Immune System को प्रभावित करते हैं।

2. Tuberculosis क्षय रोग : –

Tuberculosis भी एक Infectious Disease है जो Bacteria ‘Mycobacterium Tuberculosis’ से फैलती है। इसे तपेदिक और T.B. भी कहते हैं। क्षय रोग मुख्य रूप से फेफड़ों और लिम्फैटिक ग्रंथियों को नष्ट करता है, लेकिन यह शरीर के दूसरे अंगों को भी रोगग्रस्त कर सकता है। फेफड़ों की टीबी से ग्रस्त व्यक्ति से यह रोग दूसरे स्वस्थ मनुष्य में हवा के जरिये आसानी से फ़ैल सकता है क्योंकि उसके मलगम, थूक और खाँसी में इस रोग के Bacteria होते हैं।

शरीर में हल्का बुखार रहना, रात को ज्यादा पसीना आना, वजन गिरना और बार-बार कफयुक्त खाँसी आना, इस रोग के लक्षण हैं। दुनियाभर में प्रतिवर्ष एक करोड़ से भी ज्यादा लोग T.B. से संक्रमित होते हैं जिनमे से लगभग 13 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो जाती है। इसी कारण से Bacterial Infection से लोगों को मारने में Tuberculosis दूसरे स्थान पर है।

3. Peptic Ulcer अल्सर : –

Peptic Ulcer मुख्य रूप से या तो Bacterial Infection के कारण होता है या फिर Non-steroidal Anti-inflammatory Drugs के कारण। कुछ दुर्लभ Cases में यह Tobacco Smoking और Crohn disease से भी हो सकता है। देखा जाय तो Peptic Ulcer एक Infectious Disease भी है जो Bacteria ‘Helicobacter Pylori’ से फैलती है। अल्सर के 60-70% रोगों के पीछे इसी Bacteria का हाथ होता है। Peptic Ulcer आमाशय की आंतरिक दीवारों में हुआ घाव या फटन है, जो कि सामान्यतः छोटी आंत का प्रथम भाग होता है, या यदा-कदा निचला Esophagus।

पेट (आमाशय) के अल्सर को Gastric Ulcer भी कहा जाता है, जबकि आँतों के प्रथम भाग में जो अल्सर होता है उसे Duodenal Ulcer कहते हैं। Duodenal Ulcer के मुख्य लक्षण हैं – उपरी पेट के हिस्से में होने वाले दर्द के कारण रातों को जागना या भोजन करते समय उपरी पेट के हिस्से में दर्द होना। Gastric Ulcer में खाना खाने के साथ दर्द भयंकर रूप से बढ़ता जाता है।

अन्य लक्षणों में पेट में ऐंठन, उल्टियाँ, वजन गिरना, और भूख न लगना जैसे लक्षण भी हो सकते हैं। समस्या बढ़ने पर आमाशय के block होने, फटने और खून बहने की समस्या भी उत्पन्न हो सकती है। दुनियाभर में प्रतिवर्ष 8 करोड़ 75 लाख से भी ज्यादा लोग इस रोग से संक्रमित होते हैं जिनमे से दो लाख 70 हजार लोगों की मौत हो जाती है।

4. Salmonellosis सलमोनेल्लोसिस : –

Salmonellosis एक Symptomatic Infection है जो सलमोनेला (Salmonella) जाति के बैक्टीरिया से फैलता है। इसकी दो प्रजातियाँ होती हैं – Salmonella Bongori और Salmonella Enterica, इस रोग के सबसे सामान्य लक्षण है – ज्वर, उल्टियाँ, दस्त और पेट की ऐंठन। Infection मुख्य रूप से संक्रमित अंडे, माँस और दूध से फैलता है और यह लक्षण संक्रमण होने के 2 से 3 दिन पश्चात शुरू होकर 3 से 7 दिन तक चलते हैं।

Salmonellosis का संक्रमण कुत्ते, बिल्लियों और दूसरे सरीसृपों से भी फैल सकता है। इस रोग की पहचान Stool-Test से होती है। हर साल अकेले संयुक्त राज्य अमेरिका में ही इससे 12 लाख लोग संक्रमित होते हैं। सन 2015 में पूरी दुनिया में सलमोनेल्लोसिस से लगभग 268,000 मौते हुई थीं।

5. Sepsis सेप्सिस : –

Sepsis एक खतरनाक रोग है जिसमे रोगी का शरीर, संक्रमण के उत्तर में अपने ही अंगों और उतकों को नष्ट करने लगता है। इसके मुख्य लक्षण हैं – ज्वर, मति-भ्रम, तेज ह्रदय गति और साँस तेजी से चलना। सेप्सिस की गंभीर स्थिति में शरीर में रक्त प्रवाह बहुत कम हो जाता है और अंग धीरे-धीरे काम करना बंद करने लगते हैं। Sepsis के संक्रमण के पीछे मुख्य रूप से बैक्टीरिया का हाथ होता है, लेकिन यह वायरस, फंगस और परजीवियों से भी फैल सकता है। संक्रमण से प्रायः मस्तिष्क, फेफड़ें, मूत्र मार्ग और पेट के अंग प्रभावित होते हैं।

कैंसर, मधुमेह, जले हुए और वृद्ध लोगों में इसके संक्रमण का खतरा अधिक होता है। इसका मुख्य उपचार Antibiotic Medicine हैं। सेप्सिस से हर साल लगभग 2 करोड़ लोग बीमार पड़ते हैं और उनमे से 2 लाख लोगों की मौत हो जाती है। सन 2013 में $23.6 बिलियन के साथ, सेप्सिस, संयुक्त राज्य अमेरिका के लिये स्वास्थ्य पर कुल खर्च की दृष्टि से, सबसे अधिक महँगा रोग सिद्ध हुआ है।

6. Urinary Tract Infection (UTI) मूत्रमार्ग संक्रमण : –

UTI भी एक संक्रामक रोग है जो मुख्य रूप से Escherichia coli (E. Coli) Bacteria से फैलता हैं। हालाँकि यह रोग दूसरे बैक्टीरिया और fungus (फफूंद) से भी हो सकता है। यह रोग पुरुषों की तुलना में स्त्रियों को अधिक होता है, विशेषकर 16 से 35 वर्ष की स्त्रियाँ। UTI मुख्य रूप से Bladder (मूत्राशय) और Kidney को प्रभावित करता है। इसके प्रमुख लक्षण हैं पेशाब करते समय दर्द और जलन होना, बार-बार थोडा-थोडा सा पेशाब आना, मूत्र में पस आना और कभी-कभी हल्का ज्वर आना।

पूरी दुनिया में हर साल लगभग 15 से 20 करोड़ लोग इससे संक्रमित होते हैं जिनमे से 2 लाख लोगों की मौत हो जाती है। सावधानी न बरतने पर यह रोग बार-बार हो सकता है। Diabetes और मोटापे से ग्रस्त लोगों तथा असुरक्षित यौन संबंधों बनाने वालों में Urinary Tract Infection के होने की संभावना ज्यादा होती है।

7. Typhoid Fever टाइफाइड : –

Typhoid को आँतों का बुखार भी कहते हैं, क्योंकि इसका Bacteria मनुष्य की आँतों में रहकर अपनी वृद्धि करता है और वहाँ से रक्त में पहुँच जाता है। Typhoid बैक्टीरिया ‘Salmonella Typhi’ से फैलता है। यह Bacteria अक्सर मल से दूषित हुए भोजन और पानी से फैलता है। दूध में, और खाने की खुली हुई वस्तुओं में भी इसके पाये जाने की प्रबल संभावना होती है। जो मनुष्य बाजारों में खुले तथा कटे हुए फल और गन्दा खाना खाते हैं, उनमे यह रोग बहुधा होता है।

इस Bacteria से infected होने के 5 से 30 दिन के पश्चात इसके लक्षण उभरने शुरू होते हैं। इस रोग के मुख्य लक्षण हैं पेट में दर्द और कब्ज रहना, कमजोरी और तेज बुखार का बार-बार चढ़ना और उतरना। कभी-कभी उल्टी-दस्त की संभावना भी हो सकती है। दुनियाभर में प्रतिवर्ष लगभग 1.25 करोड़ से 1.50 करोड़ मनुष्य इस रोग से बीमार पड़ते है जिनमे से 1.5 लाख लोगों की मौत हो जाती है।

8. Syphilis सिफलिस : –

सिफलिस एक Sexually Transmitted Disease है जो बैक्टीरिया ‘ट्रेपोनेमा पालिडम’ के संक्रमण के कारण फैलती है। इसकी चार अवस्थाएँ होती है। सन 2015 में पूरी दुनिया में लगभग 4 करोड़ 55 लाख लोग सिफलिस से संक्रमित हुए थे जिनमे लगभग 1 लाख सात हजार लोगों की मृत्यु हो गयी थी। हर साल इसके लगभग 60 लाख नये मामले सामने आते हैं। यह रोग असुरक्षित यौन संपर्क से फैलता है। पुरुष इस रोग के मुख्य वाहक हैं लेकिन स्त्रियों में यह रोग अधिक तीव्रता से देखने को मिलता है।

सिफलिस की प्रारंभिक अवस्था में जननेन्द्रिय की त्वचा पर एक छोटा सा दर्दरहित घाव या फुंसी होती है, कुछ में एक से अधिक भी हो सकते हैं। दूसरी अवस्था में हथेलियों और पैरों के तलवों पर लाल-लाल फुंसियाँ और चक्कते हो जाते हैं। योनी या लिंग पर या मुख में भी सिफलिस के घाव हो सकते हैं। यह माँ से बच्चे में भी फ़ैल सकता है। इस रोग की पहचान रक्त की जाँच और Dark Field Microscopy से होती है। जल्दी इलाज कराने पर यह Antibiotics के प्रयोग से ठीक हो जाता है।

9. Cholera हैजा : –

हैजा Bacteria ‘Vibrio cholerae’ के कुछ Strains से फैलने वाली एक संक्रामक बीमारी है। इस रोग के मुख्य लक्षण है लगातार उल्टी और पानी जैसे दस्त होना। अधिक कमजोरी आने के पश्चात माँसपेशियों के ऐंठने की समस्या भी पैदा हो सकती है। इस Bacteria से infected होने के दो से पाँच दिन के पश्चात इसके लक्षण उभरने शुरू होते हैं। यदि दस्त बहुत ज्यादा होने लगे तो व्यक्ति कुछ ही घंटों में भयानक dehydration और पानी की कमी से खतरे में पड़ सकता है।

डूबती आँखे, ठंडी त्वचा, और हाथों-पैरों का ढीला पड़ना इसकी गंभीरता के परिचायक हैं। Cholera का Bacteria मुख्य रूप से सडे-गले फलों व सब्जियों में, गंदे भोजन और गंदे-दूषित पानी में पाया जाता है। अधपका seafood और मांस भी इस रोग के फैलने का एक आम स्रोत है। केवल मनुष्य ही इस रोग से प्रभावित होते हैं। मक्खियाँ इस रोग की मुख्य वाहक हैं जो गंदे स्थानों और मल-मूत्र पर बैठकर इसके बैक्टीरिया को मनुष्य के खाने में मिला देती हैं।

जब कोई व्यक्ति इस प्रकार के खाने को खाता है तो उसे यह रोग हो जाता है। इसके उपचार के लिये रोगी को ORS Therapy, Intavenous Fluid और Antibiotics देनी चाहियें। दुनिया भर में इससे प्रतिवर्ष लगभग 40 से 50 लाख लोग संक्रमित होते हैं जिनमे से 60,000 से 120,000 लोगों की मृत्यु हो जाती है। बच्चे इस रोग से सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं।

10. Tetanus टेटनस : –

टेटनस एक जानलेवा संक्रमण है जो बैक्टीरिया Clostridium Tetani (क्लॉस्ट्रीडियम टेटानी) से फैलता है। यह जीवाणु मुख्य रूप से जमीन, लार, धूल और पशुओं के मल में पाया जाता है। सन 2015 में इससे लगभग 2 लाख लोग संक्रमित हुए थे जिनमे से 60 हजार लोगों की मृत्यु हो गयी थी। टेटनस का जीवाणु शरीर में त्वचा की फटी परत के जरिये प्रवेश करता है, जैसे – किसी संक्रमित चीज से हुआ घाव।

यह रोग दुनिया के लगभग हर हिस्से में फैलता है, लेकिन गर्म और नम जलवायु वाले उन स्थानों पर अधिक फैलता है, जहाँ जमीन में organic matter अधिक होता है। Tetanus की Vaccine के जरिये इसका संक्रमण फैलने से रोका जा सकता है, लेकिन यदि संक्रमण एक बार फैलना शुरू हो जाय, तो लगभग 99 प्रतिशत मामलों में मृत्यु निश्चित रहती है।

बैक्टीरिया से फैलने वाले इन रोगों के बारे में विस्तार से हम अगले लेखों में बतायेंगे और साथ ही उन सभी उपायों की भी चर्चा की जायेगी जो इन खतरनाक बीमारियों से बचने में लोगों की मदद कर सकें।

“हमारी किस्मत हमारे विचारों के साथ बदल जाती है, हम वो बन सकते हैं जो हम बनना चाहते हैं, वो कर सकते हैं जो करना चाहते हैं, पर तब, जब हमारे अभ्यस्त विचार हमारी इच्छाओं के साथ एकरूप होते हैं।”
– स्वेट मार्डन

 

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