Health Benefits of Dry Fruits in Hindi

 

“स्वस्थ व्यक्ति कभी भी दूसरों पर अत्याचार नहीं करता – सामान्यतः यह पीडित लोग ही होते हैं जो अत्याचारियों में बदल जाते हैं।”
– कार्ल जुंग

 

Health Benefits of Dry Fruits in Hindi
कुदरत का वरदान हैं सूखे मेवे

How to Make Body Strong शरीर को मजबूत कैसे बनायें : –

एक अच्छा स्वास्थ्य पाना इस दुनिया के सभी लोगों की सबसे प्रधान इच्छा रही है, विशेषकर उनकी जिन्होंने इसे खोने का दुःख उठाया है। कारण कई हो सकते हैं, लेकिन इतना तो अवश्य तय है कि इसे खोने के पीछे कहीं न कहीं उनका अपना योगदान अवश्य रहा है। ऐसी स्थितियाँ तो खैर बहुत कम होंगी, जहाँ शरीर को उसको खोयी शक्ति, तेज और बल न लौटाया जासके।

लेकिन यदि प्रयास किया जाये, तो रोग के समाप्त होने के पश्चात उसे संयम करके और उचित पोषण देकर उसकी स्वाभाविक शक्तिसंपन्न स्थिति में अवश्य लौटाया जा सकता है। औषधि तो केवल देह के रोग को दूर करती है, पर उसे शक्ति व तेज तो आपका पौष्टिक भोजन ही देता है। चूँकि अब सर्दियों का मौसम आरम्भ हो गया है, जिसमे हमारे शरीर को स्वस्थ व गर्म रखने के लिये अधिक पौष्टिक भोजन की आवश्यकता होती है।

अतः अब हम ज्यादा कैलोरी से युक्त शक्तिप्रदायक भोजन ले सकते हैं, क्योंकि वर्ष की अन्य ऋतुओं में गर्मी के कारण अधिक पौष्टिक भोजन न तो सही प्रकार से पचता है और शरीर को अधिक पानी की आवश्यकता होने के कारण न ही हम जिसे अधिक मात्रा में खा सकते हैं। चिकित्सा विज्ञान के जानकारों ने भी सर्दियों को स्वास्थ्य के लिहाज से सर्वश्रेष्ठ ऋतु बताया है।

Dry Fruits are Beneficial for Health स्वास्थ्य के लिये हितकारी हैं सूखे मेवे : –

क्योंकि हम जितना भी पौष्टिक भोजन खा सकते हैं, वह आराम से इस मौसम में पच जाता है और शरीर को बल व तेज प्रदान करता है। ताजे फलों का सेवन तो खैर हम सदा करते ही हैं और उन्हें प्रत्येक मौसम में खाया भी जा सकता है, लेकिन सूखे मेवों को जिन्हें अन्य मौसम में अधिक मात्रा में खा पाना संभव नहीं होता, उन्हें इस समय भरपूर मात्रा में लिया जा सकता है।

इनके अंदर भी महत्वपूर्ण विटामिन और मिनरल्स भारी मात्रा में पाये जाते हैं, जो न केवल शरीर को स्वस्थ रखने में उपयोगी हैं, बल्कि भीषण ठण्ड से बचने के लिये एक सशक्त सुरक्षा कवच भी प्रदान करते हैं। हमें आशा है कि यह जानकारी आपके लिये इस शीत ऋतु में अवश्य लाभदायक सिद्ध होगी। नीचे महत्वपूर्ण और अत्यंत गुणकारी सूखे मेवों और बीजों में पाये जाने वाले पौष्टिक तत्वों की जानकारी दी जा रही है।

यहाँ पर इन पोषक तत्वों की जो मात्रा दी जा रही है, वह उस मेवे या बीज के 1 औंस भार अर्थात 28.35 gm के अनुरूप दी जा रही है। इन गिरियों और बीजों में पाए जाने वाले मुख्य खनिजो की मात्रा नीचे की सारणी में दी जा रही है। इसके अतिरिक्त इनमे अन्य खनिज भी कम मात्रा में पाये जाते हैं, जिन्हें LC (low content) से प्रदर्शित किया गया है।

Most Important Dry Fruits and Seeds सूखे मेवों व बीजों में यह सर्वप्रमुख हैं : –

1. Almond बादाम : –

बादाम उष्ण प्रकृति का वात-कफ दोषनाशक फल है जो पर्वतीय स्थानों पर होता है। यह पित्तवर्धक है, अर्थात यह शरीर में गर्मी का संचार करता है, इसलिये इसे गर्मियों में अधिक मात्रा में नहीं खाया जाता है। लेकिन यदि इसकी गिरी को 8 से 12 घंटे जल में भिगोकर रख दिया जाय और फिर इसका छिलका उतार कर इसका सेवन करें, तो इसका पित्त दोष भी समाप्त हो जाता है।

सर्दियों में तो इसे कैसे ही खायें, लेकिन गर्मियों में छिलका उतारकर ही सेवन करें। यह मस्तिष्क और नाडियों को बल देने वाला फल है, जिसमे कई प्रकार के पोषक तत्व पाए जाते हैं।

1 औंस भार में लगभग 20 से 22 बादाम की गिरियाँ होती हैं, जिनमे लगभग 6 ग्राम प्रोटीन, 3.5 ग्राम फाइबर(रेशा) और 162 कैलोरी ऊर्जा होती है। बादाम में 0.06 mg विटामिन B1, 0.29 mg विटामिन B2, 1.0 mg विटामिन B3, 0.133 mg विटामिन B5, 0.04 mg विटामिन B6, 14 mcg विटामिन B9 और 7.34 mg विटामिन E सहित दूसरे विटामिन भी कम मात्रा में पाए जाते हैं।

मिनरल्स(mg) बादाम काजू पिस्ता चिलगोजा अखरोट मखाना पहाड़ीबादाम ब्राजीलनट
कैल्शियम 75 10 31 5.0 28 24 32 45
पोटैशियम 200 187 295 170 125 104 193 187
फॉस्फोरस 137 168 137 163 98 53 82 206
मैग्नीशियम 76 83 34 71 45 37 46 107
आयरन 1.05 1.9 1.2 1.6 0.82 1.05 1.33 0.70
जिंक 0.87 1.65 .65 1.85 0.90 0.37 0.70 1.15
मैंगनीज 0.65 0.47 .36 2.5 0.97 1.17 1.75 0.38
कॉपर 0.29 0.63 0.38 0.38 0.45 0.22 0.49 0.50
सोडियम LC 3.0 3.0 1.0 1.0 1.0 LC 1.0
सेलेनियम(µg) 0.7µg 5.6µg 2.6µg 0.2µg 1.4µg 1.0µg 0.7µg 543.5µg

2. Cashew Nut काजू –

काजू भी स्वादिष्ट और प्रमुख सूखे मेवों में से एक हैं जो न केवल पौष्टिक हैं, बल्कि जिनका इस्तेमाल भोजन और मिठाइयों को सजाने में भी किया जाता है। यह भी पर्वतीय स्थानों पर पैदा होता है। यह ह्रदय, मस्तिष्क और नाड़ियों को स्वस्थ रखने में मदद करता है। 1 औंस काजू गिरी (बिना भुनी और बिना नमक मिली) में लगभग 5.15 ग्राम प्रोटीन, 0.95 ग्राम फाइबर(रेशा) और 157 कैलोरी ऊर्जा होती है।

काजू में 0.12 mg विटामिन B1, 0.016 mg विटामिन B2, 0.3 mg विटामिन B3, 0.25 mg विटामिन B5, 0.19 mg विटामिन B6, 7µg विटामिन B9, 0.1 mg विटामिन C, 0.26 mg विटामिन E और 9.7 µg विटामिन K सहित दूसरे विटामिन भी कम मात्रा में पाए जाते हैं।

3. Pistachio पिस्ता –

पिस्ता भी महत्वपूर्ण मेवों में से एक है, जिसे भारत में प्रायः मिठाइयों की सजावट में प्रयोग किया जाता है। यह भी पहाड़ी स्थानों पर ही पैदा होता है, क्योंकि इन्हें पनपने के लिये ठंडी जलवायु की आवश्यकता होती है। 1 औंस (लगभग 45-50 गिरी) पिस्ता गिरी (बिना भुनी और बिना नमक मिली) में लगभग 6 ग्राम प्रोटीन, 3 ग्राम फाइबर(रेशा) और 162 कैलोरी ऊर्जा होती है।

पिस्ते में 0.24 mg विटामिन B1, 0.045 mg विटामिन B2, .404 mg विटामिन B3, 0.145 mg विटामिन B5, 0.36 mg विटामिन B6, 14 mcg विटामिन B9, 0.7 mg विटामिन C, 74 IU विटामिन A, 0.55 mg विटामिन E और 3.7 mcg विटामिन K सहित अन्य विटामिन भी कम मात्रा में पाए जाते हैं।

4. Pine Nut चिलगोजा –

चिलगोजा या चीड की गिरी भी शरीर के लिये पौष्टिक मेवों में से एक है। अन्य मेवों की तरह यह भी पर्वतीय स्थानों पर ऊंचाई पर पैदा होता है। 1 औंस (लगभग 165-170 गिरी) चिलगोजा में लगभग 3.9 ग्राम प्रोटीन, 1 ग्राम फाइबर(रेशा) और 190 कैलोरी ऊर्जा होती है।

चीडगिरी में 0.103 mg विटामिन B1, 0.64 mg विटामिन B2, 1.24 mg विटामिन B3, 0.09 mg विटामिन B5, 0.027 mg विटामिन B6, 10 mcg विटामिन B9, 0.2 mg विटामिन C, 8 IU विटामिन A, 2.65 mg विटामिन E और 15.3 mcg विटामिन K सहित दूसरे विटामिन भी कम मात्रा में पाए जाते हैं।

5. Walnut अखरोट –

अखरोट भी एक पहाड़ी फल है जो प्रत्येक मौसम में खाया जा सकता है। यह वात-कफ नाशक है और खाने में स्वादिष्ट होने के साथ-साथ पौष्टिक भी है। यह वैसे तो सारे शरीर के लिये लाभकारी है, लेकिन मधुमेह, ह्रदय रोग और जोड़ों के दर्द में विशेष रूप से लाभकारी है। कई लोगों पर हुए प्रयोग में यह सिद्ध हुआ है कि गठिया और जोड़ों से सम्बंधित रोगियों ने जब नियमित रूप से अखरोट का सेवन किया तो उनकी पीड़ा और सूजन में उल्लेखनीय कमी आई।

1 औंस अखरोट में 4.32 mg प्रोटीन, 1.9 mg फाइबर और 185 कैलोरी होती है। अखरोट में 0.097 mg विटामिन B1, 0.043 mg विटामिन B2, 0.32 mg विटामिन B3, 0.162 mg विटामिन B5, 0.152 mg विटामिन B6, 28 mcg विटामिन B9, 0.4 mg विटामिन C, 6 IU विटामिन A, 0.2 mg विटामिन E और 0.8 mcg विटामिन K सहित दूसरे विटामिन भी कम मात्रा में पाए जाते हैं।

6. Gorgon Nut माखाना –

माखाना भी प्रमुख सूखे मेवों में से एक है जिसे भारतीय व्रत और उपवास के समय भूनकर खाना काफी पसंद करते हैं। इतना ही नहीं यह मिठाइयों और सब्जियों के साथ भी एक प्रमुख घटक के रूप में प्रयुक्त होता है। लेकिन माखाना केवल स्वादिष्ट ही नहीं, बल्कि पौष्टिक तत्वों से भरपूर एक शानदार मेवा है, जो शरीर की कमजोरी दूर करने के साथ-साथ पाचन संस्थान के लिये भी लाभकारी है।

1 औंस भार में लगभग 10 से 12 कच्चे माखाने की गिरियाँ होती हैं, जिनमे लगभग 2.24 ग्राम प्रोटीन, 2.4 ग्राम फाइबर(रेशा) और 204 कैलोरी ऊर्जा होती है। माखाने में 0.34 mg विटामिन B1, 0.046 mg विटामिन B2, 0.701 mg विटामिन B3, 0.215 mg विटामिन B5, 0.8 mg विटामिन B6, 3 mcg विटामिन B9, 0.3 mg विटामिन C, और 0.15 mg विटामिन E सहित दूसरे विटामिन भी कम मात्रा में पाए जाते हैं।

“एक स्वस्थ परिवार एक पवित्र क्षेत्र है।”
– अज्ञात

 

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