Wonderful Health Benefits of Ginger in Hindi

 

“अदरक एक जानी पहचानी सब्जी है जिसे लगभग हर घर और हर रसोई में इस्तेमाल किया जाता है। आयुर्वेद के अनुसार अदरक पित्तवर्धक और वात तथा कफनाशक होता है। यह उष्ण प्रकृति का और तीखे स्वाद वाला एक कंद है जो जमीन के भीतर उगता और पनपता है। अदरक को पैदा होने के लिये नम जलवायु की आवश्यकता होती है।”

Wonderful Health Benefits of Ginger in Hindi
सर्दियों में अदरक शरीर के लिये बहुत गुणकारी है

अदरक का सबसे अधिक उपयोग सर्दी से होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं के उपचार में किया जाता है यह श्वास रोगों की सर्वश्रेष्ठ घरेलू औषधियों में से एक है।

जिन्हें ठण्ड लग गयी हो या जिन्हें अक्सर जुकाम-नजला और खाँसी की समस्या से दो-चार होना पड़ता है उन्हें प्रतिदिन खाली पेट आधा चम्मच अदरक के रस का सेवन करना चाहिये अदरक को मुँह में रखकर धीरे-धीरे चूसने से बंद गला खुल जाता है और सर का भारीपन कम होता है।

अदरक अस्थमा/दमा और ब्रोंकाईटिस रोग में भी लाभदायक है यह दौरों की तीव्रता को कम करता है जिससे रोगी के सीने की माँसपेशियों को भी आराम मिलता है।

अदरक निमोनिया की आरंभिक अवस्था में भी लाभ पहुँचाता है।

अदरक पाचन संस्थान पर भी अनुकूल प्रभाव डालता है यह Gastrointestinal Tract में उपस्थित हानिकारक जीवाणुओं को नष्ट कर देता है क्योंकि इसके भीतर जीवाणुरोधी (Antibacterial), विषाणुरोधी (Antiviral), और फफूंदरोधी (Antifungal) तत्व पाये जाते हैं।

अदरक शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढाता है यह शरीर को लंबे समय तक खतरनाक बीमारियों के कीटाणुओं से बचाता है।

अदरक के भीतर प्रचुर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं।

अदरक बढ़ते वजन को कम करने में भी मदद करता है प्रतिदिन शहद के साथ अदरक के रस का सेवन करने से मोटापे पर नियंत्रण संभव है।

अदरक बुखार/ज्वर से मुक्ति दिलाने में भी सहायक है नीमगिलोय, शहद और अदरक का काढ़ा मलेरिया और टायफाइड बुखार का नाश करने में उपयोगी सिद्ध होता है।

जिन लोगों के शरीर में कफ अधिक बनता है या जिन्हें कोई कफजनित समस्या है उन्हें दूध पीने में सावधानी बरतनी चाहिये क्योंकि दूध की प्रकृति कफकारक होती है जिससे मलगम अधिक बनता है ऐसे लोगों को अदरक का दूध पीना चाहिये क्योंकि यह दूध के कफ पैदा करने वाले गुण को समाप्त कर देता है।

अदरक का दूध तैयार करने के लिये उबाले गये गर्म दूध में कूटे गये अदरक को 5 से 10 मिनट तक उबालना चाहिये जिससे इसका रस अच्छी तरह से निकल जाय इसमें यदि दो इलायची और दो लौंग और डाल दें तो और ज्यादा अच्छा है ध्यान दें ताजे अदरक को ठन्डे दूध में डालकर न उबालें अन्यथा दूध फट जाता है।

ठंड के मौसम में होने वाले बुखार में अदरक, अजवाईन, अजमोद, इलायची और मिश्री को उबालकर तैयार किए गये दूध का सेवन करने से बहुत लाभ होता है इसे रात्रि को सोते समय पीना चाहिये।

चर्म रोगों में अदरक का सेवन नहीं करना चाहिये क्योंकि इसके सेवन से शरीर में पित्त की मात्रा बढती है जिससे रोग की तीव्रता और अधिक बढ़ सकती है।

कुछ विशेष प्रकार के यौन रोगों में भी अदरक का सेवन नहीं करना चाहिये जैसे – सुजाक, धातुस्राव आदि क्योंकि यह रोग शरीर में अधिक गर्मी होने के कारण ही पैदा होते हैं।

Spread Your Love