Health Benefits of Minerals for Humans in Hindi

 

“जल्दी सोना और जल्दी उठना एक आदमी को स्वस्थ, धनी और बुद्धिमान बना देता है।”
– बेंजामिन फ्रेंक्लिन

 

Health Benefits of Minerals in Hindi
शरीर में खनिजों की कमी न हो इसके लिये पोषक तत्वों से भरपूर पौष्टिक भोजन लें

Minerals and Your Health खनिज और आपका स्वास्थ्य : –

मानव शरीर जिसकी संरचना बहुत जटिल है, अपने अस्तित्व को बनाये रखने के लिये अनेकों तरह के जैविक और अजैविक तत्वों पर निर्भर है। प्रत्येक दिन हमारा शरीर नया रक्त, नयी माँसपेशियाँ और नयी हड्डियों का निर्माण करता है; रोगों के कीटाणुओं से लड़ने के लिये प्रचण्ड प्रतिरोधक शक्ति तैयार करता है। शरीर की हर छोटी से छोटी कोशिका और दूरस्थ स्थान तक आवश्यक प्राणवायु और पोषक तत्वों को पहुंचाता है।

और तंत्रिका तंत्र के जरिये हजारों मील दूर स्थित मस्तिष्क तक सन्देश भेजता है, लेकिन यह कार्य बिना ऊर्जा के संभव नहीं है और यह ऊर्जा मिलती है 50 से भी अधिक विटामिन और मिनरल्स से जिनकी आपके शरीर को बेहद आवश्यकता होती है, पर जिनका निर्माण वह स्वयं नहीं कर सकता है।

आज इस लेख के जरिये हम उन्ही महत्वपूर्ण तत्वों में से एक Minerals, यानि उन अत्यंत महत्वपूर्ण खनिज पदार्थों की चर्चा करेंगे, जो मनुष्य के प्रतिदिन के जीवन के लिये अनिवार्य आवश्यकता हैं। जो न केवल हमारे स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं, बल्कि शरीर की कई जैविक क्रियाओं को भी सम्पादित करते हैं।

इतना ही नहीं, यह शरीर में बनने वाले कई जहरीले पदार्थों को देह से बाहर कर उसे शुद्ध करते हैं। यह तो हम सभी जानते हैं कि विटामिन और मिनरल्स (खनिज पदार्थ) हमारे शरीर को स्वस्थ और सुद्रढ़ रखने के लिये अत्यंत महत्वपूर्ण पुष्टिकर (बलवर्धक) पदार्थ हैं, लेकिन हममे से ऐसे कितने लोग हैं जिन्हें इन तत्वों की महत्ता के विषय में पता है।

आज के इस युग में अपने शरीर को स्वस्थ रखने के लिये हम केवल चिकित्सकों की सहायता पर ही निर्भर नहीं रह सकते हैं। स्वास्थ्य रक्षा के निमित्त प्रत्येक व्यक्ति को यह पता ही होना चाहिये कि हम किस तरह रोगों से अपने शरीर को बचाए रख सकते हैं और इसे ठीक रखने के लिये हमारी मूलभूत आवश्यकताएँ क्या हैं?

यह लेख आपको बताएगा कि Minerals क्या कार्य करते हैं और किस भोज्य पदार्थ में कौन सा तत्व कितनी मात्रा में है और रोगों से बचने के लिये इन्हें कितनी मात्रा में ग्रहण करना चाहिये। चूँकि यह विषय काफी विस्तृत है, इसलिये इसे सुविधा की दृष्टि से तीन लेखों में दिया जा रहा है।

Type of Minerals खनिज कितने प्रकार के होते हैं : –

हमारे शरीर को कई तरह के मिनरल्स की जरुरत होती है, जिन्हें Essential Minerals या अनिवार्य मिनरल्स कहा जाता है। इन अत्यावश्यक खनिज पदार्थों को दो भागों में वर्गीकृत किया जाता है – Major Minerals (Macro Minerals) अर्थात प्रमुख खनिज पदार्थ और Trace Minerals (Micro Minerals) अवशेष खनिज पदार्थ। खनिज पदार्थों के यह दोनों वर्ग समान रूप से महत्वपूर्ण हैं।

लेकिन हमारे शरीर को प्रमुख मिनरल्स की तुलना में अवशेष मिनरल्स की कम मात्रा में ही आवश्यकता होती है। पर इसका अर्थ यह नहीं है कि आप इनकी अनदेखी कर सकते हैं। शरीर को स्वस्थ रखने के लिये इनकी उचित मात्रा की भी उतनी ही आवश्यकता है। अभी तक 100 से भी अधिक मिनरल्स का पता लगाया जा चुका है, लेकिन उनमे से केवल 20-25 मिनरल्स की ही हमारे शरीर को अधिक आवश्यकता होती है।

इस पृथ्वी पर यह खनिज पदार्थ, हमें पेड़-पौधों के माध्यम से मिटटी से और जल से प्राप्त होते हैं। वैसे तो आजकल कई कम्पनियाँ Health Supplement के रूप में विटामिन और मिनरल्स की आपूर्ति कर रही हैं। लेकिन यदि इन्हें प्राकृतिक रूप से उपलब्ध फलों व सब्जियों द्वारा लिया जाय तो ज्यादा बेहतर है। क्योंकि इनसे हमें फाइबर भी मिलता है जो पेट को सही रखने में मददगार है।

शरीर में इन खनिज तत्वों की कमी न पड़े, इसलिये आपको प्रतिदिन एक संतुलित आहार लेना चाहिये। एक सर्वे के अनुसार दुनिया भर में लगभग 40% लोग मिनरल्स की कमी से जूझ रहे हैं, जिनमे कैल्सियम की कमी से होने वाला ओस्टियोपोरोसिस रोग, जिंक और मैग्नीशियम की कमी से होने वाले कई रोग शामिल हैं।

चूँकि यह लेख एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय पर है, इसलिये हमने इसका विस्तार से वर्णन करना ही उचित समझा, ताकि आपको आवश्यक जानकारी के लिये कहीं और न जाना पड़े। आगे आप प्रत्येक खनिज के बारे में विस्तार से पढेंगे। लेकिन इतने बड़े लेख को एक पोस्ट में दे सकना संभव नहीं था।

इसलिये हमने इसे तीन भागों में बांटकर दिया है, जिससे आप स्वयं ही अपने शरीर के लिये आवश्यक मिनरल की मात्रा निर्धारित कर सकें। लेकिन इसका यह अर्थ नहीं है कि आप चिकित्सीय परामर्श को अनदेखा करें। यह लेख केवल सामान्य स्वास्थ्य जानकारी हेतु ही है।

Why We need Minerals हमारे शरीर को खनिजों की आवश्यकता क्यों है : –

1. खनिज पदार्थ हमारे शरीर के लिये अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। ये विभिन्न एंजाइमों की प्रतिक्रिया में एक सहभागी के रूप में कार्य करते हैं, क्योंकि एंजाइम मिनरल्स के बिना कार्य कर सकने में समर्थ नहीं हैं।

2. शरीर की समस्त कोशिकाओं को अपना कार्य सुचारू रूप से करने के लिए एंजाइमों की आवश्यकता होती है। यही हमारे शरीर को तेज व ओज प्रदान करते हैं।

3. प्रमुख मिनरल्स हमारे शरीर के भीतर अनेकों तरह से प्रसारित होते हैं। इनका एक महत्वपूर्ण कार्य शरीर के अंदर पानी की उचित मात्रा को बनाए रखना भी होता है।

4. मिनरल्स ही शरीर के अंदर के ph संतुलन को कायम रखते हैं।

5. यही संपूर्ण तंत्रिका तंत्र की संचार प्रक्रिया को गतिशील बनाये रखते हैं।

6. खनिज पदार्थ माँसपेशियों के संकुचन और शिथिलीकरण में सहायता करते हैं।

7. मिनरल्स शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढाने से लेकर चयापचय की विभिन्न क्रियाओं में सहयोग देते हैं।

8. यह शरीर में उत्पन्न होने वाले अनेकों विषैले पदार्थों को बाहर निकालकार इसे नवजीवन प्रदान करते हैं।

9. मिनरल्स शरीर के लिये ढाँचागत और क्रियात्मक सहयोग प्रदान करते हैं।

10. ये हमारे शरीर के उतकों की वृद्धि को नियंत्रित रखने में मदद करते हैं।

अब तो आप समझ ही गये होंगे कि शरीर को स्वस्थ रखने के लिये मिनरल्स कितने अनिवार्य हैं। मिनरल्स की हमारे शरीर को कितनी आवश्यकता है इसे mg (मिलीग्राम) और mcg (माइक्रोग्राम) में नापा जाता है। प्रमुख मिनरल्स, जिनकी अधिक मात्रा में आवश्यकता होती है उन्हें mg में मापा जाता है और Trace Minrals, जिनकी कम मात्रा में जरुरत होती है, उन्हें mcg में मापा जाता है।

1mg में 1000mcg होते हैं। आइये अब देखते हैं दोनों वर्गों के किस खनिज पदार्थ का क्या कार्य है, उसकी क्या महत्ता है और वह किन स्रोतों से प्राप्त होता है? उसके अभाव में शरीर के किस अंग पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है और यदि उसे अधिक मात्रा में लिया जाय तो किस परेशानी का सामना करना पड सकता है? आइये अच्छे स्वास्थ्य की दिशा में एक कदम और बढ़ाये –

Major Minerals प्रमुख खनिज पदार्थ : –

प्रमुख खनिज पदार्थों में वे मिनरल्स आते हैं जिनकी हमारे शरीर को प्रतिदिन एक बड़ी मात्रा में आवश्यकता होती है और जो शरीर के अनेकों महत्वपूर्ण कार्यों को पूर्ण करने के लिये उत्तरदायी हैं। जैसे – कैल्शियम, पोटैशियम, फॉसफोरस, सोडियम, मैग्नीशियम, सल्फर, क्लोराइड आदि। आहार के रूप में हमें मिनरल्स की कितनी मात्रा की आवश्यकता है, इसकी मात्रा हम US RDA के अनुसार दे रहे हैं।

इसके साथ-साथ इनकी अधिकतम मात्रा UL जिसे प्रतिदिन लेना सुरक्षित है, वह भी दी जा रही है। इन शब्दों के विषय में विस्तार से जानने के लिये कृपया पढ़ें – “Why Minerals are Essential for Health

1. What is The Role of Calcium कैल्शियम शरीर में क्या कार्य करता है : –

कैल्शियम हमारे शरीर के लिये सबसे महत्वपूर्ण खनिज पदार्थ है, क्योंकि हमारे शरीर में जितने भी खनिज पदार्थ होते हैं, यह उन सभी का आधा भाग होता है। शरीर का 99 % Calcium केवल हड्डियों में उपस्थित होता है। यही शरीर के लिये आधाररूप अस्थियों का निर्माण करता हैं। यही उन्हें उनका आकार, मजबूती और घनत्व देता है।
इसके अतिरिक्त Calcium दांतों के निर्माण में, माँसपेशियों के संकुचन-प्रकुंचन में; तथा ह्रदय और पाचन तंत्र को स्वस्थ बनाये रखने में मदद करता है। जब यह खनिज पदार्थ शरीर में प्रवेश करता है, तो हमारा पाचन तंत्र इसे धीमे-धीमे ही अवशोषित कर पाता है। क्योंकि ऐसा करने के लिये व शरीर में अन्य स्थान पर ले जाने के लिये इसे भी वसा में घुलनशील विटामिनों की तरह एक माध्यम की आवश्यकता होती है।

कैल्शियम, कोशिका झिल्ली के निर्माण के लिये व हार्मोन को स्रावित करने के लिये अत्यंत आवश्यक तत्व है और यही हमारे शरीर की नस-नाड़ियों को गतिशील बनाये रखकर संपूर्ण तंत्रिका तंत्र को सहयोग प्रदान करता है। रक्त परिसंचरण तंत्र में भी यह खून को जमाने से लेकर, रक्तचाप को नियंत्रित करने और रोग प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने में अहम् भूमिका निभाता है।

Deficiency and Excess of Calcium कैल्शियम की कमी व अधिकता से होने वाली समस्या : –

जब शरीर में Calcium की कमी हो जाती है, तब हमारा शरीर हड्डियों और दांतों में संचित कैल्शियम का प्रयोग करने लगता है। इससे हड्डियाँ और दांत कमजोर पड़ने लगते हैं और यदि लम्बे समय तक ऐसा चलता रहे, तो कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएँ पैदा हो जाती हैं। इस स्थिति को हाइपोकैलसेमिया कहा जाता है। हड्डियाँ भुरभुरी होने पर ओस्टियोपोरोसिस नाम का एक रोग हो जाता है, जिससे शरीर के सभी जोड़ों व हड्डियों में भीषण दर्द होता है।

चलने, उठने, बैठने में भारी समस्या हो जाती है। मेनोपॉज की अवस्था में पहुँच चुकी औरतों में यह समस्या अधिक गंभीर होती है। शरीर अपने सामान्य कार्य करने में भी अक्षम हो जाता है। जैसे इस तत्व की कमी खतरनाक है, उसी तरह इसे अधिक मात्रा में लेना भी नुकसानदेह है। जब शरीर में Calcium की मात्रा बहुत ज्यादा हो जाती है, तो इसे हाइपरकैलसेमिया कहा जाता है।

जिसमे हमारी रक्त-कणिकाओं में कैल्शियम अधिक मात्रा में जमा हो जाता है, जो हमारे उत्सर्जन तंत्र के मुख्य अंग गुर्दों को बुरी तरह प्रभावित करता है। इससे उनकी कार्य-क्षमता घटने लगती है, जो आगे चलकर गंभीर रूप ले सकती है। इससे व्यक्ति थकान और आलस्य महसूस करता है; हड्डियों में दर्द, अवसाद और उबकाई जैसे लक्षण उभरने लगते हैं। ऐसे लोगों को अक्सर पथरी बनने की समस्या और बार-बार पेशाब करने की समस्या से भी दो-चार होना पड़ता है।

Calcium Rich Foods कैल्शियम से भरपूर भोज्य पदार्थ : –

शरीर में Calcium की एक उचित मात्रा बनाये रखने के लिए हमें अपने प्रतिदिन के आहार में ऐसा भोजन लेना चाहिये जो कैल्शियम से भरपूर हो। जैसे दूध और दूध से तैयार होने वाले पदार्थ दही, मक्खन, पनीर, मावा आदि, जिनमे सबसे अधिक कैल्शियम पाया जाता है। लेकिन हमें केवल इन तक ही सीमित नहीं रहना चाहिये।

बल्कि Calcium से भरपूर दूसरे पदार्थ जैसे हरी पत्तेदार सब्जियाँ (पालक, चना, सरसों, ब्रोक्कोली मूली, शलजम आदि), हरी मटर, फलियाँ, चुकंदर, सोयाबीन और बादाम, अखरोट और काजू जैसे सूखे मेवे भी खाने चाहिये। अस्थि युक्त मछली जैसे सामन और रोहू जैसी मछलियों में भी यह मिनरल्स पाया जाता है।

Requirement of Calcium शरीर के लिए कितनी मात्रा में आवश्यक है : –

हमारे शरीर को प्रतिदिन 1000 mg से 1200 mg Calcium की आवश्यकता होती है, जो आहार में ऊपर दी गयी चीजों से आसानी से प्राप्त हो सकता है। लेकिन जब किसी रोग के कारण शरीर में कैल्शियम की कमी हो जाती है, तो इसकी पूर्ति के लिये चिकित्सकों द्वारा सुझाये गये supplement का उपयोग करना पड़ता है, क्योंकि तब अधिक मात्रा में Calcium की जरुरत पड़ती है। इसकी प्रतिदिन के लिये अधिकतम मात्रा 2500 mg निर्धारित है।

2. What is the Role of Potassium पोटैशियम शरीर में क्या कार्य करता है : –

पोटैशियम शरीर में उपस्थित तरल पदार्थों के सन्तुलन और शरीर की उचित वृद्धि को बनाये रखने में सहायता करता है। यह हमारे ह्रदय के लिये अत्यंत महत्वपूर्ण खनिज तत्व है, जो इसे अतिरिक्त शक्ति प्रदान करता है। Potassium शरीर के अंदर जाते ही तुरंत अवशोषित कर लिया जाता है और जल्दी ही यह खून में मिल जाता है।

जहाँ यह आसानी से बहते हुए गुर्दों के माध्यम से शरीर से उत्सर्जित कर दिया जाता है, ठीक एक जल में घुलनशील विटामिन की तरह। हमारे शरीर को प्रोटीन और माँसपेशियों के निर्माण के लिये काफी मात्रा में पोटैशियम की आवश्यकता होती है। क्योंकि यह न केवल शरीर में निरंतर होने वाली टूट-फूट की भरपाई करता है, बल्कि ब्लडप्रेशर को भी कम करता है और हड्डियों के लिये भी लाभदायक है।

Potassium हमारे गुर्दों(किडनी) पर से अतिरिक्त दबाव को कम करता है, विशेषकर तब, जब हमारे शरीर से अधिक तरल बाहर निकल जाता है। इसके अतिरिक्त यह खनिज पदार्थ हमारे शरीर में स्नायु संचरण, विद्युतीय और कोशिकाओं से सम्बंधित कार्यों को सुचारू रूप से करने के लिये एक अनिवार्य आवश्यकता है।

Deficiency and Excess of Potassium पोटैशियम की कमी और अधिकता से होने वाली समस्या : –

पोटैशियम की कमी होने पर हमारा पूरा रक्त परिसंचरण तंत्र गड़बड़ा जाता है। यह एक ऐसा विद्युत् अपघट्य पदार्थ है, जो ह्रदय के नियमित स्पंदन के लिये अनिवार्य है। जब रक्त में Potassium की मात्रा निर्धारित से अधिक कम हो जाती है, तो हाइपोकैलेमिया होने की सम्भावना काफी बढ़ जाती है। ऐसा होने पर रक्तदाब(ब्लड प्रेशर) बढ़ जाता है, दिल की धड़कन अनियमित हो जाती है, जिस कारण तनाव, अवसाद और माँसपेशियों में कमजोरी की समस्या उत्पन्न हो जाती है।

इतना ही नहीं, तंत्रिका तंत्र की संचार प्रणाली भी सही प्रकार से कार्य नहीं करती, जो आगे चलकर विस्मृति और भ्रम पैदा कर सकती है। इसके अतिरिक्त कभी-कभी पेट में दर्द, ऐंठन, पेट फूलने और कब्ज की समस्या हो सकती है, जो इसे उपयुक्त मात्रा में लेने से जल्दी ही दूर हो जाती है। Potassium को बहुत अधिक मात्रा में लेना भी सही नहीं है, अन्यथा हाइपरकैलामिया की स्थिति उत्पन्न सकती है।

जिसमे ह्रदय खतरनाक रूप से संकुचित होता है और असामान्य लय में धड़कता है। इसके साथ-साथ माँसपेशियों की कमजोरी, हाथ-पैरों में कंपकंपी और पेट ख़राब रहने की समस्या का सामना भी करना पड सकता है। जो व्यक्ति भारी और अधिक परिश्रमयुक्त कार्य करते हैं, वे पोटैशियम की सही खुराक लेकर अपनी थकान और कमजोरी की समस्या को दूर कर सकते हैं।

Potassium Rich Foods पोटैशियम से भरपूर भोज्य पदार्थ : –

पोटैशियम अधिकांश ताजे फलों और सब्जियों में पाया जाता है। जैसे – पपीता, आलूबुखारा, जामुन, केला, आलू, हाथीचक, पत्तागोभी, मूली, पालक और फलियाँ (सेम फली, फ्रेंच बीन, सिंगरा, लोभिया) आदि। हल्दी व लहसुन में भी काफी मात्रा में Potassium पाया जाता है। इसके अलावा साबुत अनाज जैसे – जौ, बाजरा, मक्का और किशमिश-मुन्नके में भी भरपूर पोटैशियम पाया जाता है। दूध और माँस भी इसके अच्छे स्रोत हैं।

Requirement of Potassium शरीर के लिए कितनी मात्रा में आवश्यक है : –

हमारे शरीर को प्रतिदिन 4200 mg से 5000 mg Potassium की आवश्यकता होती है, जो आहार में ऊपर दी गयी चीजों से आसानी से प्राप्त हो सकता है। लेकिन जब किसी रोग के कारण शरीर में पोटैशियम की बहुत कमी हो जाती है, तब सामान्य स्वास्थ्य को बचाने के लिये अधिक मात्रा में Potassium की जरुरत पड़ती है।

फिर इसकी पूर्ति के लिये चिकित्सक की सलाह पर supplement का उपयोग करना पड़ सकता है। इसकी प्रतिदिन के लिये अधिकतम मात्रा अभी तक निर्धारित नहीं की जा सकी है, अतः आवश्यकता अनुसार ही लें।

अब बाकी के महत्वपूर्ण मिनरल्स के विषय में इन लेखों में पढिये……….

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– डेसीडेरिअस एरास्मस

 

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