Incredible Health Benefits of Papaya in Hindi

 

“Incredible Health Benefits of Papaya in Hindi. Know Why should You eat Papaya Daily. पपीता न सिर्फ भारत, बल्कि पूरी दुनिया मे सबसे अधिक खाया जाने वाला फल है।”

 

Incredible Health Benefits of Papaya in Hindi
पपीता दुनिया में सबसे ज्यादा खाये जाने वाले फलों में से एक है

Surprising Health Benefits of Papaya Fruits, Leaves and Seeds : –

पका पपीता एक हल्के पीले-नारंगी रंग का मीठा और गूदेदार फल है। जो न केवल स्वादिष्ट और रसीला होता है, बल्कि बहुत ही स्वास्थ्यप्रद भी है। यह Tropical Climate में पैदा होने वाला फल है। इसका पेड़ शाखारहित होता है जिस पर बड़े-बड़े फल लगते हैं। एक परिपक्व पपीते का वजन 200gm से लेकर 5000gm तक हो सकता है। यह Caricaceae family का सदस्य है और इसका Biological name Carica Papaya है।

पपीते के पेड़ की ऊंचाई, इसकी प्रजाति के अनुसार 2 मीटर से लेकर 7 मीटर तक हो सकती है। इसके फल के अन्दर काले रंग के गोल बीज पाये जाते हैं जो स्वाद में तीखे और कडवे होते हैं।

आयुर्वेद के अनुसार पका पपीता पित्तवर्धक, सुपाच्य, रेचक और वात-दोष का शमन करने वाला होता है। इसकी उत्पत्ति के बारे में माना जाता है कि यह सबसे पहले दक्षिणी मैक्सिको और उसके निकटवर्ती मध्य अमेरिका में पैदा हुआ था।

पर आज Papaya लगभग हर Tropical और Sub-tropical Country में उगाया जाता है। बहुत ज्यादा frost-sensitive होने के कारण यह अधिक नमी वाले स्थानों पर पैदा नहीं हो सकता है। भारत इसका सबसे बड़ा उत्पादक देश हैं, जो अकेले ही सम्पूर्ण विश्व के कुल उत्पादन का 40 प्रतिशत (5.5 Million in 2017) पपीता पैदा करता है।

पपीता एक विशेष प्रकार के Enzyme Papain/पेपेन से भरपूर होता है जो कि digestion में विशेष रूप से सहायक माना गया है।

Nutritional Value of Papaya/Pawpaws : –

कच्चे पपीते के गूदे में लगभग 88 प्रतिशत पानी, 11 प्रतिशत Carbohydrate और 0.5 से 1% तक प्रोटीन और वसा होती है। 100 ग्राम पपीते में लगभग 43 किलो कैलोरी उर्जा होती है। पपीते के छिलके, गूदे और बीजों में कई तरह के Phytochemicals पाये जाते हैं जिनमे Carotenoids और Polyphenols भी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त इसमें Benzyl Isothiocyanates और Benzyl Glucosinates भी पाये जाते है जिनका स्तर फल पकने के दौरान बढ़ जाता हैं।

कई Scientific Studies में इसके Antiviral, Antibacterial, Antiprotozoal, Antifungal, Anti-inflammatory, Antitumor, Antihypertensive, Wound Healing, Neuroprotective, Diuretic, Abortifacient, Antifertility, Hypoglycemic, और Hypolipidemic Properties के बारे में पता चला है पपीते की इतनी अधिक Biological Activities होने के पीछे इसके उन अनोखे Phytochemicals का हाथ है जिनमे Flavonoids, Polyphenols, Alkaloids, Glycosides, Triterpenes, Lectins, Saponins, Polysaccharides और अनेकों Vitamins, Minerals, Enzymes, और Proteins शामिल हैं

Vitamins in Papaya –

1. 100 ग्राम पपीते में 47 μg Vitamin A, 274 μg Alpha तथा Beta-Carotene और 89 μg Lutein Zeaxanthin होता है।

2. इसमें 0.023 mg Vitamin B1 (Thiamine), 0.027 mg Vitamin B2 (Riboflavin), 0.357 mg Vitamin B3 (Niacin), 0.191 mg Vitamin B5 (Pantothenic Acid) और 40 μg Vitamin B9 (Folate) पाया जाता है।

3. इसके अलावा पपीते में 65 मिलीग्राम Vitamin C (जो Referred RDA का 75 प्रतिशत है), 0.3mg Vitamin E और 2.6 μg Vitamin K भी होता है।

Minerals in Papaya –

1. पपीते में 20 mg Calcium, 182 mg Potassium, 21 mg Magnesium, 10 mg Phosphorus, 8 mg Sodium, 0.08 mg Zinc, 0.04 mg Manganese और 0.25 mg Iron होता है।

2. इसके अतिरिक्त इसमें 1828 µg Lycopene भी पाया जाता है जो एक Powerful Antioxidants है। Lycopene की सर्वाधिक मात्रा टमाटरों में पाई जाती है।

3. पपीते में easily digestible fiber की भी अच्छी मात्रा पाई जाती है।

How should You eat Papaya : –

पपीते का सेवन कई प्रकार से किया जाता है। इसे फल के रूप में भी खाया जा सकता है और एक औषधि के रूप में भी। शरीर की आवश्यकता के अनुरूप इसे निम्न प्रकार से खाया जाता है –

1. पेड़ की डाल पर पका हुआ पपीता सर्वश्रेष्ठ होता है। वह न मिलने पर ही कार्बाइड या दूसरे कृत्रिम तरीकों से पकाया हुआ पपीता लेना चाहिये।

2. कमजोर पाचन शक्ति वाले लोगों को पूरी तरह से पका हुआ पपीता, काले नमक और भूनकर पीसे गये जीरे के चूर्ण के साथ खाना चाहिये।

3. पेट से संबंधित समस्याएँ होने पर कच्चे पपीते को भूनकर या उबालकर इसकी सब्जी बनाकर खानी चाहिये।

Best Time to eat Papaya –

वैसे तो पपीता सुपाच्य होने के कारण किसी भी समय खाया जा सकता है, लेकिन इसे खाने का सबसे अच्छा समय दोपहर और शाम का वक्त माना जाता है। कुछ विशेष समस्याओं में खाली पेट पपीता खाना अधिक बेहतर रहता है। भोजन करते समय पपीते को सलाद के रूप में खाने से आहार में फाइबर की पर्याप्त मात्रा का समावेश हो जाता है जो कि स्वास्थ्य की दृष्टि से काफी अनुकूल है। दूध पीने के तुरंत बाद पपीता नहीं खाना चाहिये और न ही करेला खाने के बाद इसका सेवन करें।

Why should You eat Papaya : –

सिर्फ पपीते का फल ही नहीं, बल्कि इसके पत्ते, जड़ और बीज तक मनुष्य शरीर के बेहतर स्वास्थ्य के लिये और रोगों को निर्मूल करने में लाभदायक है। इनके बारे में यहाँ संक्षिप्त रूप से दिया जा रहा है –

Papaya has Anti-inflammatory Effects –

पपीते में पाये जाने वाले दो सबसे लाभदायक तत्व हैं – Chymopapain/काईमोपपेन और Papain/पेपेन। Chymopapain एक proteolytic enzyme है जो कि पपीते के लेटेक्स से निकाला जाता है जिसका मुख्य उपयोग Spine Disks के दर्द से आराम दिलाने में होता है। इसके अलावा इसमें एक अन्य महत्वपूर्ण तत्व Choline भी पाया जाता है जो स्मृति, नींद और माँसपेशियों के संचालन में हमारे शरीर की सहायता करता है।

यह शरीर के अंगों में आयी Inflammation/सूजन को कम करता है और Cellular Membrane/कोशिका झिल्ली की संरचना को सही रखकर Nerve Impulse के transmission में मदद करता है।

Papaya makes Bone Strong –

पपीता हड्डियों को मजबूत और लोचदार बनाने में सहायक है, क्योंकि इसमें विटामिन K भी पाया जाता है जो शरीर में कैल्शियम के अवशोषित होने की क्षमता को बढाता है। कई Research में यह पाया गया है कि इस विटामिन की कमी के कारण हड्डियों के टूटने या फिर Rheumatoid Arthritis और Osteoarthritis होने की संभावना बढ़ जाती है।

Papaya helps in Diabetes Control –

Virginia State University, USA के Food and Nutrition Research Laboratory के Scholar रफत सिद्दीकी ने अपनी शोध में पाया है कि Papaya Diabetes/मधुमेह को नियंत्रित करने में भी बहुत प्रभावी है। यह माना जाता है कि Type1 Diabetes से पीड़ित लोगों को High-fiber Diet लेनी चाहिये, क्योंकि यह Blood Glucose का स्तर कम रखने में मदद करती है। पपीते में पाया जाने वाला fiber सुपाच्य होने के कारण इस बीमारी में लाभदायक है।

Papaya improves Digestive System –

पपीते का सर्वाधिक सकारात्मक प्रभाव पाचन तंत्र पर देखने को मिलता है। क्योंकि इसमें पेपेन की उच्च मात्रा पाई जाती है जो कि एक Potent Digestive Enzyme है। यह कठोर, रेशेदार प्रोटीन को तोड़कर पचाने के लिये आवश्यक है, जिसकी जरुरत माँस जैसे भारी भोजन में पड़ती है।

पपीता एक Natural Laxative है। क्योंकि इसमें पाया जाने वाला रेशा, पानी की उच्च मात्रा और महत्वपूर्ण enzymes न केवल आँतों की दीवारों को चिकना बनाकर उनकी चाल को बढ़ाते हैं, बल्कि मल को मुलायम बनाकर पेट को साफ़ रखने में भी प्रभावी भूमिका निभाते हैं।

Constipation/कब्ज, गैस, अजीर्ण, मंदाग्नि, पेट की जलन आदि अनेक समस्याओं के लिये चिकित्सक पपीते का सेवन करने की सलाह देते हैं। इसके अतिरिक्त पपीते में पाये जाने वाले Folate, Vitamin C और Vitamin E भी आमाशय, आँतों और यकृत की अशुद्धियों को दूर करके उन्हें बल प्रदान करते हैं।

Papaya Protects Eyes –

पपीता Macular degeneration नामक आँखों की एक खतरनाक बीमारी से बचाव करने में भी कारगर है। यह रोग उम्रदराज लोगों में देखने को मिलता है। इसमें लेंस की कोशिकाएँ धीरे-धीरे नष्ट होने लगती हैं जिससे नजर धुंधली हो जाती है तथा कुछ घटनाओं में आँखों की रौशनी भी जा सकती है।

पपीते में पाये जाने वाले Dietary Carotenoids जिसमे Beta-carotene, Lycopene और Lutein जैसे महत्वपूर्ण तत्व होते हैं Macular degeneration के प्रभाव को काफी हद तक कम कर देते है। Beta-carotene और Lycopene क्रमशः गाजर और टमाटर में भी प्रचुरता से पाये जाते हैं।

Papaya aids in Treatment of Multiple Fevers –

National Research Council of Sri Lanka के तत्वाधान में University of Peradeniya, Sri Lanka द्वारा की गयी एक Research ‘Papaya Leaves and Platelets Count’ में यह सिद्ध हो गया है कि पपीते की पत्तियाँ Platelets की संख्या को बढ़ाने में अत्यंत प्रभावशाली है। भारतीय आयुर्वेद पुरातन समय से ही कई प्रकार के जटिल ज्वरों के निवारण के लिये नीमगिलोय और पपीते की पत्तिर्यों के आसव का परामर्श देता रहा है जो आज आधुनिक तरीके से प्रमाणित हो रहा है।

पपीते की पत्तियाँ डेंगू, मलेरिया सहित कई अन्य प्रकार के बुखार के उपचार में प्रयोग की जाती हैं क्योंकि यह प्रभावी Antimalarial और Antiplasmodial activity प्रदर्शित करती हैं। यह रोगाणुओं का नाश करती हैं और Immunity को बढाती हैं। इन्हें पानी में उबालकर चाय की तरह पिया जाता है।

Papaya saves Your Heart –

Plantsjournal में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार पपीता ह्रदय रोगों में भी बहुत लाभदायक है। Lycopene जो एक प्रमुख Carotenoids है, पपीते में उच्च मात्रा में पाया जाता है और यह Cardiovascular Disease होने के खतरे को कम करता है। पपीता, अर्जुन की तरह Cholesterol के उच्च स्तर को घटाता है।

क्योंकि इसमें उपस्थित Pro-carotenoid Phytonutrients शरीर में कोलेस्ट्रॉल का ऑक्सीकरण होने से रोकते हैं। जिससे यह Blood Vessels/रक्त वाहिकाओं की दीवारों पर जमने नहीं पाता है। चूँकि पपीता fiber का भी अच्छा स्रोत है, इस कारण से भी यह Cholesterol के स्तर को कम करता है।

कच्चा हरा पपीता High Blood Pressure के उपचार में सहायक है। क्योंकि इसमें उपस्थित Carpaine जो कि एक Alkaloid है, दिल के धडकने की गति कम करता है और बढ़ा हुआ रक्तचाप घटाता है। पपीते में Fibrin नामक एक और महत्वपूर्ण तत्व मिलता है जो वनस्पति जगत में दुर्लभ है।

यह Blood Clots/खून के थक्के जमने के खतरे को कम करता है और रक्त कोशिकाओं की गुणवत्ता को बढाता है, जिससे रक्त परिसंचरण तंत्र से आसानी से प्रवाहित होता है। Fibrin, Heart Attacks पड़ने से भी रोकता है।

Papaya boosts Hair Growth –

पपीता बालों को मजबूत और चमकीला बनाने में भी मददगार है। यदि पपीते के सिरके/Papaya Vinegar को नींबू के रस में मिलाकर 15 से 20 मिनट तक(शैम्पू करने से पहले ) सिर पर इसका लेप लगाकर रखा जाय तो यह Dandruff/रूसी को मारता है और बालों की सेहत सुधारता है।

Papaya is an Immunity Booster Fruit –

पपीता Immunity बढ़ाने के लिये एक शानदार कुदरती नेमत है। यह कई प्रकार के Infections से हमारी रक्षा करता है। क्योंकि इसमें उपस्थित Antioxidants उन Free Radicals को समाप्त करते हैं जो शरीर की स्वस्थ कोशिकाओं को नष्ट करके रोगों को आमंत्रित करते हैं। यह तत्व Metabolism के दौरान शरीर के अन्दर ही पैदा होते हैं, लेकिन आसानी से बहार नहीं जाते।

Papaya Controls The Obesity –

पपीता मोटापे को कुदरती रूप से घटाने में सहायक होता है क्योंकि इसमें ज्यादातर सिर्फ पानी और कार्बोहाइड्रेट ही होता है। यदि मोटे लोग अपने आहार में पपीते और कुछ अन्य फलों का ही चुनाव करें और वसायुक्त भोजन न खायें, तो उन्हें अपने वजन को नियंत्रित करने में काफी मदद मिल सकती है।

Papaya Prevents Cancer –

University of Florida के Researcher डाo नाम डंग और उनके सहयोगियों ने पपीते की उन Anticancer Properties का पता लगाया है जो इस जानलेवा रोग को फैलने से रोकते हैं। पपीते में Lycopene जैसे कई शानदार Anticarcinogenic Agents होते हैं जो कैंसर से बचाते हैं। यह अन्य महत्वपूर्ण Carotenoids जैसे Beta-carotene और Xanthophylls के जैव विश्लेषण/ biosynthesis का मुख्य घटक है।

इसमें पाये जाने वाले Antioxidants और Enzymes गर्भाशय, स्तन, यकृत, फेफड़े और पैंक्रियास के कैंसर से बचाने में मदद करते हैं। Lycopene आँतों और प्रोस्टेट के कैंसर के खतरे को भी कम करता है। इसके अलावा उन्होंने पाया है कि पपीते की पत्तिर्यों का अर्क, इस रोग की सूचना देने वाले मुख्य Signaling Molecules, Th1-type Cytokines का उत्पादन भी काफी बढ़ा देते हैं।

Papaya healps in Respiratory Problems –

पपीता श्वसन तंत्र से संबंधित रोगों में भी लाभदायक है। Asthma/दमा और Bronchitis रोग की आरंभिक अवस्था में इससे लाभ मिलता है, क्योंकि यह पित्त प्रकृति का होता है। यह फेफड़ों को भी बल प्रदान करता है।

Papaya Revitalize Reproductive Organs –

कच्चा पपीता महिलाओं के प्रजनन संस्थान पर अपना अनुकूल प्रभाव डालता है। यह महिलाओं के मासिक चक्र को नियमित करता है और Reproductive Organs को stimulate करके Estrogen Hormone के उत्पादन में मदद करता है। पपीते का जूस भी इस समस्या को दूर करने में लाभदायक हो सकता है।

Papaya as a Skin Care Treatment –

पपीता एक शानदार Revitalizing Agent है। यही कारण है कि इसका प्रयोग कई सौदर्य प्रसाधनों में किया जाता है। स्त्रियाँ इसके पके गूदे को निकालकर face mask के रूप में इसका इस्तेमाल करती हैं। क्योंकि यह त्वचा की dead cells (मृत कोशिकाओं) को हटाकर त्वचा को साफ़ करता है और इसकी चमक को बढाता है।

Sunburn से झुलसी त्वचा पर इसका pulp लगाने से आशातीत लाभ होता है। अधिकतर समय घर से बाहर रहने वाले लोगों के लिये पपीता काफी मददगार साबित हो सकता है। क्योंकि यह शरीर का असमय क्षरण करने वाले free radicals से त्वचा की सुरक्षा करता है।

इसके अतिरिक्त फोड़े-फुंसियों और कील-मुहाँसों के उपचार के लिये भी पपीता एक Natural Remedy है। क्योंकि इसमें उपस्थित Latex इन पर गंदगी की उस परत को नहीं जमने देता है जो इन्हें और अधिक बढ़ा देती हैं। साथ ही यह त्वचा की आन्तरिक परतों में जाकर उसे भी शुद्ध करता है।

Papaya Kills Intestinal Worms –

पपीते में उपस्थित Carpaine, alkaloid शरीर के भीतर रहने वाले शत्रु परजीवियों को समाप्त करने में भी सहायक है। पके पपीते के बीजों को निकालकर उन्हें सुखाकर कूट लें। इनका एक चम्मच चूर्ण पानी के साथ देने से, यह आँतों में रहने वाले कीड़ों को मारकर बाहर निकाल देते हैं, ऐसा आयुर्वेद विशेषज्ञों का मत है।

Common Side-Effects of Papaya : –

1. वह लोग जिन्हें Plant Latex/लेटेक्स से allergy होती है उन्हें पपीते से भी एलर्जी होने की संभावना हो सकती है। क्योंकि पपीते में chitanases नाम का enzyme होता है जो लेटेक्स युक्त फलों से cross reaction कर सकता है।

2. इसके अलावा Diarrhoea या Dysentery से पीड़ित व्यक्ति को भी पपीते का सेवन नहीं करना चाहिये। ऐसा करने से रोग और ज्यादा बढ़ जाता है, क्योंकि इसकी प्रकृति प्रवाही होती है।

3. कमजोर पाचन शक्ति वाले लोगों और गर्भवती स्त्रियों को कच्चे पपीते का सेवन ध्यानपूर्वक करना चाहिये क्योंकि इसका पाचन भारी होने के कारण यह पेट में दर्द पैदा कर सकता है।

4. Jaundice/पीलिया रोग की तीव्र स्थिति में पका हुआ पपीता नहीं खाना चाहिये। इसके स्थान पर रोगी को कच्चे पपीते का सेवन करना चाहिये जिसे खाने का तरीका हम ऊपर बता चुके हैं।

5. जिन्हें मीठे का सेवन करने के उपरांत पेट में acidity बनने की समस्या होती है वह लोग मीठे पपीते के बजाय कच्चे पपीते का प्रयोग करें जिसके प्रयोग हम आगे देंगे।

पपीते के इतने सारे फायदों को देखकर क्या आपको नहीं लगता कि कोलंबस ने इसे ‘Fruit of The Angels/देवदूतों का फल’ के नाम की जो संज्ञा दी थी वह बिल्कुल उचित ही थी शरीर के लिये इतना अधिक लाभदायक होने के कारण ही एक समय exotic और rare fruit समझा जाने वाला पपीता आज लगभग पूरे साल उपलब्ध रहता है तो देर किस बात की है आज से ही पपीता खाना शुरू कर दीजिये!

“जो अच्छी तंदुरुस्ती का मजा उठाता है वह धनी ही है, चाहे वह इसे जानता हो या नहीं।”
– इटली की कहावत

 

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