Incredible Facts about Human Brain in Hindi

 

“मानव मस्तिष्क मनुष्य के तंत्रिका तंत्र का प्रधान अंग है। यह रीढ़ की हड्डी के साथ मिलकर केंद्रीय तंत्रिका तंत्र का निर्माण करता है। हमारा मस्तिष्क हमारे शरीर की अधिकांश शारीरिक और मानसिक गतिविधियों को नियंत्रित करता है। यह ज्ञानेन्द्रियों से सूचना प्राप्त करके उसे एकत्रित और विश्लेषित करके, बाकी शरीर को लिये गये निर्णय के अनुसार कार्य करने का आदेश देता है।”

 

Incredible Facts about Human Brain in Hindi
अविश्वसनीय क्षमताओं से भरा मानव मस्तिष्क कुदरत की सबसे जटिल रचना है

Brain is The Most Complex Super Machine of This Universe : –

1. मानव मस्तिष्क न केवल शरीर का सबसे जटिल अंग है, बल्कि यह इस दुनिया की भी सबसे जटिल मशीन है। लगभग 150 वर्षों के अनवरत अध्ययन के पश्चात भी इसकी संरचना और कार्यशैली के बारे में आज तक पूरी तरह से नहीं समझा जा सका है।

2. मस्तिष्क शरीर के पाँच सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है। अन्य Vital Organs हैं Heart (दिल), Lungs (फेफड़ें), Kidney (वृक्क), और Liver (यकृत)। इन अंगों के बारे में आप दिये गये लिंक से जाकर पढ़ सकते हैं।

3. हालाँकि यह अभी तक पूरी तरह से निर्धारित नहीं किया जा सका है कि मानव मस्तिष्क में कुल कितने Neurons होते हैं। लेकिन एक हालिया अध्ययन के अनुसार मस्तिष्क में लगभग 1 खरब न्यूरोन होते हैं जो लगभग 100 खरब से भी ज्यादा सूक्ष्म तंतुओं से एक-दूसरे से जुडे रहते हैं।

4. बच्चों का सिर उनके शरीर की तुलना में काफी बड़ा होता है। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि एक दो वर्ष के बच्चे का मस्तिष्क, एक व्यस्क व्यक्ति के मस्तिष्क का 80 प्रतिशत होता है। इसका कारण यह है कि बच्चों का मस्तिष्क गर्भावस्था में बहुत तेजी से विकसित होता है।

5. मस्तिष्क को निर्बाध ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है। यदि केवल पाँच मिनट के लिये भी मस्तिष्क की कोशिकाओं को प्राणदायी ऑक्सीजन न मिल पाये तो यह मरने लगती हैं और दिमाग को खतरनाक और स्थायी नुकसान पहुँच सकता है।

6. इंसान के सीखने की क्षमता जितनी अद्भुत है उतनी ही अद्भुत मस्तिष्क की संरचना भी है। जब कभी आप कोई नयी चीज सीखते हैं या एक नयी स्मृति तैयार होती है तब मस्तिष्क के अन्दर भी नये संचार तंतुओं का निर्माण होता है।

7. हमारे शरीर में जितना कोलेस्ट्रॉल होता है उसका 25 प्रतिशत केवल हमारे मस्तिष्क में संचित होता है। क्योंकि Cholesterol मस्तिष्क की प्रत्येक कोशिका का एक अभिन्न अंग है, इसके अभाव में दिमाग की कोशिकाएँ मरने लगती हैं।

8. मस्तिष्क की सभी कोशिकाएँ एक जैसी नहीं होती हैं। एक Research के अनुसार मानव मस्तिष्क में लगभग 10,000 तरह के न्यूरोन होते हैं।

9. शरीर में सबसे अधिक रक्त मस्तिष्क और किडनी में ही प्रवाहित होता है। हमारा मस्तिष्क शरीर की कुल ऑक्सीजन और रक्त का 20 प्रतिशत भाग उपयोग करता है।

10. Stanford University में हुए एक शोध के अनुसार मस्तिष्क से सूचनाओं के प्रसारित होने की गति 450 किमी/घंटे (268 मील/घंटे) तक हो सकती है।

11. प्रत्येक न्यूरोन, प्रति सेकेण्ड 1000 Nerve Impulses भेज सकता है और दूसरे न्यूरोन के साथ भी कई हजार संपर्क बना सकता है।

12. मानव मस्तिष्क 25 वर्ष की आयु तक पहुँचने पर पूर्ण रूप से विकसित हो चुका होता है।

Human Brain is More Powerful than A Supercomputer : –

13. भले ही कंप्यूटर बहुत जल्दी गणना कर सकते हों, लेकिन मानवीय मस्तिष्क दुनिया के सबसे शक्तिशाली कंप्यूटर से भी कहीं अधिक शक्तिशाली है। एक नयी Research के अनुसार मस्तिष्क की स्मृति क्षमता लगभग 1 Quadrillion (1015 Bytes या 1 नील) है जो पूर्व में लगाये गये अनुमानों से कहीं अधिक है। क्या आप जानते हैं कि यह संख्या कितनी बड़ी है? चलिये हम बताते हैं – मस्तिष्क की यह क्षमता इतनी अधिक है कि इसमें समूचे इन्टरनेट को संगृहीत किया जा सकता है।

14. मनुष्य का मस्तिष्क हर सेकेण्ड 1016 Process (प्रक्रम) संपन्न कर सकता है। The Telegraph में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार Human Brain की केवल एक सेकेण्ड की activity का विश्लेषण करने के लिये दुनिया के सबसे तेज सुपर कंप्यूटरों में शुमार जापान के K कंप्यूटर को लगभग चालीस मिनट का समय लग गया था।

15. Spectrum में छपे एक Research के अनुसार मनुष्य का मस्तिष्क IBM के Sequoia (सेक्विया) Supercomputer से भी 30 गुणा अधिक तेज है। यह निष्कर्ष मस्तिष्क और सुपर कंप्यूटर के उस तुलनात्मक अध्ययन से निकाला गया है जिसमे इस बात की जाँच की गयी थी कि आखिर यह दोनों अपने ही तंत्र के अन्दर कितनी तेजी से सूचना प्रसारित कर सकते हैं। ध्यान रहे IBM सुपर कंप्यूटर बनाने वाली विश्व की सबसे प्रसिद्ध कंपनी है।

16. एक Supercomputer जहाँ अपने सामान्य कार्य के लिये सैकड़ों वाट उर्जा का उपयोग करता है, वहीँ हमारा मस्तिष्क शरीर की जटिल क्रियाओं को संपन्न करने के लिये केवल 10 से 15 वाट उर्जा का उपयोग करता है। यह उर्जा बस एक छोटे LED बल्ब को जलाने के लिये पर्याप्त होती है। इस तरह देखा जाय तो मस्तिष्क की दक्षता Supercomputer की तुलना में कहीं ज्यादा है।

17. क्या आपने कभी विचार किया है कि दिनभर में हमारे मन में कितने विचार उठते हैं? 100, 500 या 1000? जी नहीं, Psychology Today में छपी रिपोर्ट की मानें तो एक इंसान का मस्तिष्क एक दिन में लगभग 50,000 विचारों का सृजन करता है। है न आश्चर्यजनक?

Wonderful Facts about The Human Brain : –

18. मानव मस्तिष्क का 73 प्रतिशत भाग पानी होता है। लेकिन केवल 2 प्रतिशत निर्जलीकरण होने से ही इसकी कार्यक्षमता पर विपरीत प्रभाव पड़ने लगता है और आपका ध्यान, स्मृति और अन्य मानसिक क्षमताएँ प्रभावित होने लग जाती हैं।

19. मस्तिष्क शरीर का सबसे महत्वपूर्ण और सुकोमल अंग है, फिर भी इसे अपने दर्द का कोई अहसास नहीं होता है, क्योंकि इसमें Pain Receptors (पीड़ा की अनुभूति कराने वाले तंतु) नहीं होते हैं। यही कारण है कि जागते हुए रोगी के मस्तिष्क की शल्य चिकित्सा करना संभव है।

20. संसार के सबसे बुद्धिमान व्यक्ति समझे जाने वाले महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन के मस्तिष्क का भार 1230 ग्राम था, जो कि दिमाग के औसत भार की श्रेणी में आता है। लेकिन उनके मस्तिष्क की (Neuron Density) औसत मस्तिष्क से अधिक सघन थी।

21. वैज्ञानिकों ने अपनी खोज में पाया है कि स्त्रियों और पुरुषों का मस्तिष्क, दर्द और दूसरी भावनाओं को अलग-अलग तरीके से व्यक्त करता है। इतना ही नहीं, एक ही लिंग के व्यक्तियों के मस्तिष्क भी एक ही भावना को अलग-अलग ढंग से व्यक्त करते हैं।

22. यदि शरीर के आकार और भार की दिमाग से तुलना की जाय तो मानव मस्तिष्क का आकार सभी रीढधारी प्राणियों में सबसे बड़ा होता है।

23. मस्तिष्क के कुल भार का 60 प्रतिशत भाग केवल वसा होती है जो इसे शरीर का सबसे Fatty Organ (स्थूल अंग) बनाती है।

24. संसार में सबसे बड़ा मस्तिष्क व्हेल मछली का होता है। और हो भी क्यों न आखिर वह धरती का सबसे बडा जीव जो ठहरा! व्हेल मछली की सबसे छोटी प्रजाति स्पर्म व्हेल के मस्तिष्क का वजन सबसे अधिक (लगभग 7600 ग्राम) होता है।

25. जब भी हम कुछ नया सीखते हैं तो मस्तिष्क पुरानी और कम महत्वपूर्ण स्मृति के स्थान पर नये तथ्यों को सुरक्षित कर देता है। यह प्रक्रिया पूरे जीवन चलती रहती है।

26. भूलना मस्तिष्क की सीखने और स्मरण रखने की प्रक्रिया का ही एक हिस्सा है। यदि मस्तिष्क ऐसा नहीं करेगा तो अनावश्यक सूचनाओं के भरने से यह अपना लचीलापन खो देगा।

27. Huffingtan Post में छपी एक खबर के अनुसार बच्चों की याददाश्त Millennials (18 से 34 वर्ष की आयु वाले लोग) से ज्यादा अच्छी होती है।

Facts about The Structure of Brain : –

28. मस्तिष्क के चारों ओर एक पारदर्शक, रंगहीन द्रव्य भरा होता है जिसे Cerebrospinal Fluid कहते हैं। यह मस्तिष्क के चारों ओर प्रवाहित होता रहता है और इसे झटका या सीधा आघात लगने पर चोट से बचाता है। आश्चर्य की बात यह है कि मस्तिष्क ही इस द्रव्य को तैयार करता है और यह हर वक्त इसमें तैरता रहता है।

29. मस्तिष्क के न्यूरोन एक दूसरे से जुड़े रहते हैं और एक जाल जैसी संरचना का निर्माण करते हैं। इस जाल को Neural Network कहा जाता है। यह सघन तंत्र Neurotransmission की प्रक्रिया से संचालित होता है।

30. प्रमस्तिष्क दिमाग का सबसे बडा हिस्सा होता है। मस्तिष्क के कुल भार का 85 प्रतिशत भाग Cerebrum ही होता है। यह Spinal Cord (मेरुदंड) के जरिये Brainstem से जुडा रहता है।

31. शरीर की सबसे महत्वपूर्ण अंतः स्रावी ग्रंथियाँ भी मस्तिष्क में ही स्थित होती हैं। जिनमे Pineal Gland, Thalamus, Epithalamus, Hypothalamus, Pituitary Gland और Subthalamus शामिल हैं।

32. हमारा मस्तिष्क अत्यंत कोमल अंग है, इसीलिये प्रकृति ने इसकी सुरक्षा के लिये इसे कठोर कपाल के भीतर रखा है।

33. मस्तिष्क की रक्त वाहिनियों (Blood Vessels) की कुल लम्बाई 400 मील से भी अधिक होती है।

34. मस्तिष्क में होने वाली हलचल की जाँच, Electro Encephalograph से की जाती है जिसे सरल भाषा में EEG कहा जाता है।

35. एक व्यस्क व्यक्ति के मस्तिष्क का औसत भार 1200 से 1400 ग्राम होता है।

36. पुरुषों का मस्तिष्क स्त्रियों के मस्तिष्क से थोडा बड़ा और भारी होता है।

37. मस्तिष्क का भार, मनुष्य के शरीर के वजन का लगभग 2 प्रतिशत होता है।

38. प्रत्येक मिनट 750 से 1000 मिली रक्त हमारे मस्तिष्क से प्रवाहित होता है।

Research Facts about Health and Disease of The Brain : –

39. एल्कोहल (Alcohol) यकृत के लिये जितनी नुकसानदायक है उससे कहीं ज्यादा यह मस्तिष्क के न्यूरोन को नुकसान पहुँचाती है। यह मात्र छह मिनट के अन्दर मस्तिष्क तक पहुँच जाती है।

40. जब वृक्क रक्त को शुद्ध करने का कार्य बंद कर देते हैं तो चयापचय की प्रक्रिया के दौरान बनने वाले विषैले तत्व रक्त में ही मिल जाते हैं। यह अशुद्ध रक्त मस्तिष्क की कार्यक्षमता को बुरी तरह प्रभावित करता है। इसके कारण मस्तिष्क की कोशिकाएँ तेजी से नष्ट होने लगती हैं।

41. यह माना जाता है कि लगातार तनाव और चिंता आपके मस्तिष्क के लिये बेहद नुकसानदेह होती है। अमेरिका के येल विश्वविद्यालय की एक नयी शोध में यह सिद्ध हुआ है कि तनाव से आपके मस्तिष्क का आकार सिकुड़कर छोटा हो जाता है।

42. कुछ वैज्ञानिकों का यह मानना है कि Technology का बहुत ज्यादा इस्तेमाल इंसान की मानसिक शक्तियों को धीरे-धीरे ख़त्म करता जा रहा है, सही सिद्ध हुआ है। Harvard Magazine और Scientific American में छपे एक शोध की मानें तो GPS पर निर्भरता आपके मस्तिष्क की दिशा ज्ञान की स्वाभाविक सामर्थ्य को समाप्त कर देती है।

43. Fatty Acids (वसा अम्ल) का एक विशेष प्रकार Omega-3 जो ह्रदय के स्वास्थ्य के लिये आवश्यक समझा जाता है, मस्तिष्क के लिये भी उतना ही जरुरी है। उकला विश्वविद्यालय के एक शोध की मानें तो इसका स्तर कम होने पर मस्तिष्क के सिकुड़ने का खतरा बना रहता है।

44. Science Daily में छपे एक शोध के अनुसार जब मस्तिष्क को आवश्यकता के अनुरूप उर्जा नहीं मिल पाती है तो मस्तिष्क की कोशिकाएँ स्वयं को ही खाना शुरू कर देती हैं। इस प्रकार से देखा जाय तो लंबे समय तक डाइटिंग पर रहने का विचार मस्तिष्क के लिये बेहद खराब है।

45. मस्तिष्क अपनी प्रखर कार्यक्षमता के लिये 140 तरह के प्रोटीन पर निर्भर रहता है, लेकिन Electromagnetic Radiation के निरंतर संपर्क में रहने से इन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसीलिये सेलफोन और ईयरफोन जैसे उपकरणों का प्रयोग कम से कम किया जाना चाहिये।

46. मस्तिष्क की जो बीमारियाँ सीखने की अक्षमता और स्मृतिनाश से संबंधित हैं उनमे पार्किन्सन रोग, डेमेंशिया, अल्झाइमर रोग और मल्टीपल स्केलरोसिस मुख्य हैं। इसके अतिरिक्त मनोवैज्ञानिक रोग जैसे सिजोफ्रेनिया और डिप्रेशन भी मस्तिष्क से ही सम्बंधित हैं।

47. तम्बाकू में पाया जाने वाला निकोटीन न केवल आपके फेफड़ों के लिये नुकसानदायक है, बल्कि यह आपके मस्तिष्क पर भी बुरा असर डालता है। यह मात्र 7 सेकेण्ड के अन्दर दिमाग तक पहुँच जाता है।

48. जहरीले साँप जैसे कोबरा, करैत और वाईपर का विष न्यूरोटोक्सिक होता है यह रक्त में मिलकर सीधे केंद्रीय तंत्रिका तंत्र और मस्तिष्क पर आक्रमण करता है यही कारण है कि जहर चढ़ने पर लोगों पर बेहोशी छाने लगती है

49. कुछ बैक्टीरिया और वायरस जनित रोग भी मस्तिष्क को स्थायी नुकसान पहुँचा सकते हैं।

50. मनुष्य का मस्तिष्क जाग्रत अवस्था की तुलना में सोते समय अधिक क्रियाशील होता है।

“एक मनुष्य कला की कितनी अदभुत कृति है। तर्क में कितना श्रेष्ठ है, क्षमताओं में, कितना असीम है, स्वरुप में और गतिशील होने में कितना तीव्र और प्रशंसनीय है, कर्म में कितना देवताओं जैसा है, और विचारशीलता में कितना ईश्वरीय है।”
– विलियम शेक्सपियर

 

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