Wonderful Eye Facts in Hindi

 

हमारी आँखे शरीर के अत्यावश्यक अंगों (Vital Organs) के अंतर्गत नहीं आती हैं क्योंकि चाहे किसी भी प्रकार से ही सही, इंसान इनके बिना जी सकता है लेकिन फिर भी इनके बिना जीवन की कल्पना करना मृत्यु से कम दुःखदायी नहीं है क्योंकि प्रकृति के अद्भुत सौंदर्य और उसकी अपूर्व रचनाओं का दिग्दर्शन इनके बिना असंभव है स्थूल रूप से देखने पर तो आँखे माँस के दो गोल पिंड के अतिरिक्त कुछ भी नहीं है

Wonderful Facts about Eyes in Hindi
प्राणियों को ईश्वर द्वारा दिया गया अनमोल वरदान हैं आँखे

लेकिन यदि इनकी संरचना पर जरा गहराई से विचार किया जाय तो आप इस सत्य से आश्चर्यचकित हुए बिना नहीं रहेंगे कि कैसे उस परम कुशल रचयिता ने इस अनुपम प्राकृतिक कैमरे का सृजन किया है जिसकी तुलना में आ सकने वाला कोई कृत्रिम कैमरा हम आज तक नहीं बना पाये हैं एक ईश्वरीय वरदान के रूप में मनुष्यों को मिले इस नायाब उपहार की सुरक्षा करना हर व्यक्ति का कर्तव्य है

ताकि लंबे समय तक इनकी सहायता से जीवन का उद्देश्य पूरा किया जा सके पिछले लेख Hindi Liver Facts और Hindi Heart Facts में हमने आपको यकृत और दिल की अद्भुत सामर्थ्य के बारे में बताया था आज हम आपको आँखों से सम्बंधित कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों के विषय में बताने जा रहे हैं जिससे प्रत्येक व्यक्ति इनकी सुरक्षा के लिये प्रयासरत रहे –

Know Facts about Retina, Lens, Iris –

मनुष्य की आँखे (Human Eyes) शरीर की पाँचों ज्ञानेन्द्रियों (आँख, नाक, कान, जिह्वा और त्वचा) में सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती हैं और आँखों के महत्व को ध्यान में रखते हुए यह तथ्य पूर्ण रूप से सत्य ही सिद्ध होता है

हमारी आँखे प्रकाश और दाब की तीव्रता के अनुसार प्रतिक्रिया करती हैं घने अँधेरे और तेज रौशनी दोनों ही परिस्थितियों में आँखे दृष्टि में सहायता प्रदान करने के लिये अपनी अधिकतम सामर्थ्य से काम करती हैं

आँखे Sense Organ है और यह हमें दृष्टि (Vision) प्रदान करके वस्तुओं के आकार-प्रकार का ज्ञान कराती हैं

आँखे हमें हर वस्तु का त्रिविमीय (Three Dimensional) और गतिशील स्वरुप दिखाती हैं जो दिन के उजाले में अक्सर रंगीन ही होता हैं, हालाँकि रात्रि के समय हम वस्तुओं के रंग को पूर्ण रूप से पहचानने में सक्षम नही होते हैं

हमारी आँखे लगभग 100 लाख रंगों को पहचान सकती हैं जो किसी भी कृत्रिम कैमरे की तुलना में काफी अधिक है यहाँ तक कि यह एक फोटोन को पहचानने में भी सक्षम है

रेटिना के Rod और cone cells हमें प्रकाश के बोध और दृष्टि में सहायता करते हैं जिसमे रंगों को पहचानने की सामर्थ्य भी सन्निहित है

प्रकाश मुख्य रूप से कॉर्निया द्वारा नियंत्रित किया जाता है – यह आँख का सामने का पारदर्शक भाग है जो किसी कैमरे के लेंस की तरह ही कार्य करता है

आँख का आईरिस कैमरे के डायाफ्राम की तरह कार्य करता है अर्थात यह आँख की पुतली/Pupil (Aperature) के आकार को स्वचालित रूप से व्यवस्थित करके आँख के पीछे जाने वाले प्रकाश की मात्रा को नियंत्रित करता है

आँख का स्फटिक सदृश लेंस (Crystalline Lens) ठीक आँख की पुतली के पीछे स्थित होता है और यह आँख की ओर जाने वाले प्रकाश को और अधिक केंद्रित कर देता है Accommodation नाम की प्रक्रिया के जरिये यह लेंस आँख को समीप और नजदीक आने वाली वस्तुओं पर स्वाभाविक रूप से केन्द्रित होने में सहायता करता है

जब प्रकाश कॉर्निया और लेंस के द्वारा केन्द्रित और आईरिस और पुतली के द्वारा सीमित कर दिया जाता है तब यह रेटिना के पास पहुँचता है जो आँख के पीछे का प्रकाश-सुग्राही (Light-sensitive) आंतरिक अस्तर है

रेटिना किसी डिजिटल कैमरे के Electronic Image Sensor की तरह ही कार्य करता है अर्थात यह द्रश्य चित्र (Optical Images) को इलेक्ट्रॉनिक सिग्नल में बदल देता है इसके पश्चात Optic Nerve इन संकेतों को मस्तिष्क के Visual Cortex में भेज देती है जो हमें दिखायी देने वाले द्रश्यों का ज्ञान कराता है मस्तिष्क के बारे में अधिक जानने के लिए पढ़े – Incredible Human Brain in Hindi

हमारी आँखे किसी आदर्श गोले की तरह पूर्ण रूप से गोल नहीं होती हैं, बल्कि यह दो अलग-अलग टुकड़ों का एक सम्मिलित रूप है Anterior Segment और Posterior Segment

Anterior Segment आंतरिक भाग में कॉर्निया, आईरिस और लेंस होते हैं कॉर्निया पारदर्शक और अधिक घुमावदार होता है

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