Most Unhealthy Food Combinations in Hindi

 

जीवित रहने के लिये प्रत्येक मनुष्य को तीन चीजों की आवश्यकता रहती है – वायु, जल और आहार। इनमे से दो सबसे महत्वपूर्ण चीज़ें मनुष्य को प्रकृति से उपहारस्वरुप और निशुल्क प्राप्त हुई हैं ताकि तीसरे को अपने श्रम से उपार्जित करने के लिये उसे पर्याप्त समय दिया जा सके। मनुष्य की शारीरिक संरचना को ध्यान में रखते हुए आहार विशेषज्ञों ने कच्चे और ताजे भोज्य पदार्थों को सर्वश्रेष्ठ बताया है और जहाँ इन्हें इनके मूल स्वरुप में लेना संभव न हो, वहाँ उबला भोजन सबसे बेहतर माना गया है।

10 Most Unhealthy Food Combinations in Hindi
स्वास्थ्य के दुश्मन हैं यह भोजन

प्राचीन काल में भले ही इंसान कच्चा भोजन खाने में सक्षम रहा हो लेकिन आज वैसा नहीं है क्योंकि जैसे जैसे सभ्यता की उन्नति होती गयी, वैसे वैसे मनुष्य पाकशास्त्र में पारगंत होता गया और भोजन को स्वादिष्ट, चरपरा और मनोनुकूल बनाने की कई विधियाँ खोज निकाली गयीं यह बात सही है कि रुचिकर भोजन ही सही प्रकार से पच सकता है लेकिन सिर्फ स्वाद पर ही ध्यान केन्द्रित करने के कारण कब भोजन की पौष्टिकता लुप्त हो गयी इस बारे में हम बिल्कुल ही भूल गये

यह बात सिर्फ भोजन को तीखा, चटपटा और मसालेदार बनाने तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि अपनी खान-पान की आदतों को भी हमने इतना विकृत कर लिया कि दो विषमान प्रकृति के खाद्य पदार्थों को एक साथ खाने में भी आज हमें कोई संकोच नहीं होता पर जब लंबे समय तक ऐसा करते रहने पर धीरे-धीरे शरीर की क्षमता घटने लगती है तो हम चिकित्सकों के पास जाकर उस समस्या का निदान पूछते हैं

और कुछ दिन तक दवाई खाकर फिर से उन्ही आदतों को अपने जीवन में उतार लेते हैं, पर थोड़ी देर के लिये भी यह सोचने का प्रयास नहीं करते कि आखिर ऐसा क्यों हुआ था जटिल प्रारब्ध भोगों से प्राप्त होने वाली कुछ शारीरिक समस्याओं को छोड़ दिया जाय तो ज्यादातर रोग असंतुलित जीवनशैली और अनुपयुक्त आहार के कारण ही होते हैं मानव शरीर के लिये सर्वश्रेष्ठ और सबसे बुरे आहार माने जाने वाले भोज्य पदार्थों का वर्णन हमने नीचे दिये लेखों में पहले ही कर दिया है

आज हम आपको बता रहे हैं उन 10 आहार युग्म के विषय में जिन्हें दुनिया भर के आहार विज्ञानियों ने एक साथ लेना हानिकारक बताया है क्योंकि इनकी प्रकृति असमान होने के कारण इनके सुचारू रूप से पचने के लिये अलग-अलग Digestive Environment की आवश्यकता होती है और जो GERD (Gstro Esophageal Reflux Disorder) Symptoms अर्थात विकृत पाचन संस्थान के लक्षणों को और अधिक बढ़ा सकती हैं

इनमे से कई विपरीत आहार युग्म अपना बुरा प्रभाव जल्दी ही प्रकट कर देते हैं जो आम तौर पर पेट में भारीपन, गैस, पेट-दर्द, ऐंठन और थकान के रूप में सामने आते हैं अधिक बुरी स्थिति में उल्टी और मलबंध या पेचिश जैसी समस्याओं का भी सामना करना पड़ सकता है थोड़ी अवधि के लक्षण तो एक-दो दिन में अपना प्रभाव दिखाकर दूर हो जाते हैं

लेकिन यदि लंबे समय तक ऐसा चलता रहे तो धीरे-धीरे पाचन संस्थान कमजोर पडने लगता है और फिर मुँह से बदबू, शुष्क त्वचा, दीर्घकालीन सूजन, चकत्ते-फुंसियाँ, अजीर्ण, शरीर में उर्जा की कमी, अनिद्रा और इनके ही जैसी पाचन तंत्र की दूसरी जटिल समस्याएँ सामने आने लगती हैं इसीलिये जहाँ तक संभव हों सके अपने भोजन में इस प्रकार की चीज़ों को एक साथ शामिल करने से अवश्य बचें

Milk Products and Meat दुग्ध उत्पाद और माँस : –

दूध और इससे बने उत्पाद जैसे दही, पनीर आदि प्रोटीन और वसा का प्रचुर स्रोत होने के साथ-साथ शरीर के लिये आवश्यक विटामिनों और खनिजों से भी भरपूर होते हैं इसी तरह माँस में भी प्रोटीन और वसा की उच्च मात्रा पायी जाती है प्रोटीन से भरपूर एक ही प्रकार का भोजन न केवल पचने में सरल होता है बल्कि इसे उर्जा की भी इतनी अधिक आवश्यकता नहीं होती है लेकिन जब दो ऐसे भोजन एक साथ लिये जाँय तो पाचन संस्थान पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और भोजन सरलता से नहीं पचता

आयुर्वेदिक विशेषज्ञों के अनुसार दूध की प्रकृति कफकारक जबकि माँस पित्त्वर्धक होता है यदि इन दो विपरीत प्रकृति के भोजन को एक साथ लिया जाय तो आँतों और आमाशय की क्रियाशीलता बुरी तरह प्रभावित होती है क्योंकि दूध तरल और सुपाच्य होने के कारण शीघ्रता से पचता है जबकि माँस भारी होता है और इसे पचाने के लिये आमाशय को पाचक अम्लों की काफी अधिक मात्रा छोडनी पड़ती है

Fruits and Meals फल और भोजन : –

अधिकाँश लोगों को पता ही होगा कि भोजन के साथ या इसके तुरंत बाद कभी भी फलों का सेवन नहीं करना चाहिये क्योंकि यह तथ्य लंबे समय से ज्ञात है कि फल भोजन के साथ सही प्रकार से मिश्रित नहीं होते हैं इसका कारण यह है कि फलों के अन्दर साधारण शर्करा होती है जिसे पचने की आवश्यकता नहीं होती और इस तरह वे आमाशय के अन्दर अधिक समय तक नहीं ठहरेंगे

जबकि प्रोटीन, वसा और स्टार्च से भरपूर भोजन अधिक समय तक आमाशय में रुकते हैं क्योंकि उन्हें अधिक पाचन की आवश्यकता होती है तो इसीलिये जब आप भोजन के साथ या इसके तुरंत बाद फल खाते हैं तो फलों की शर्करा पेट में ज्यादा लंबे समय तक रुकी रहेगी और खमीरीकरण करके सडन पैदा करेगी

Protein and Starch प्रोटीन और स्टार्च : –

दाल, पनीर और सैंडविच जैसे प्रोटीनयुक्त भोजन और आलू जैसे स्टार्च की प्रचुर मात्रा वाले पदार्थों का एक साथ सेवन करना भी अच्छा नहीं है लगभग यह शरीर पर बुरा प्रभाव डालती हैं

Acidic Food and Starch अम्लीय भोजन और स्टार्च : –

Fruits and Yogurt फल और दही : –

Cereals with Juice अन्न और जूस : –

Milk and Sour Juices दूध और खट्टे फलों का रस : –

Milk and Banana दूध और केला : –

Lemon Dressing on Salad सलाद और नींबू : –

Honey and Ghee शहद और घी : –
लगभग अधिकाँश भारतीय जानते हैं कि घी और शहद को एक साथ, एक समान मात्रा में लेना विष खाने के बराबर है क्योंकि इन दोनों पदार्थों की प्रकृति एक दूसरे से काफी अलग होती है शहद पित्तवर्धक तो घी कफकारक होता है जब यह दोनों पदार्थ शरीर के भीतर जाते हैं

Milk Products, Radish and Bitter Gourd दूध, मूली और करेला : –

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