Causes, Symptoms and Treatment of Irritable Bowel Syndrome in Hindi

 

“इरीटेबल बाउल सिंड्रोम आँतों का एक रोग है जिससे दुनिया भर में लगभग 75 करोड़ से भी अधिक व्यक्ति पीड़ित हैं। इसमें आँतों की गतिशीलता प्रभावित होती है और उनमे अकडन के कारण पेट-दर्द, कब्ज, दस्त जैसी शारीरिक समस्याएँ रोगी को अक्सर परेशान करती हैं। IBS, हालाँकि अन्य किसी घातक रोग को जन्म नहीं देता, लेकिन यह व्यक्ति की सुकून भरी जिंदगी को कष्टकारी अवश्य बना देता है। यह रोग पुरुषों की तुलना में स्त्रियों को अधिक प्रभावित करता है।”

Irritable Bowel Syndrome Causes and Treatment in Hindi
सतत चिंता और तनाव IBS रोग का सबसे बड़ा कारण हैं

Irritable Bowel Syndrome (क्षोभी आंत्र विकार) जिसे कभी-कभी Intestine Bowel Syndrome के नाम से भी पुकारा जाता है आँतों का एक विचित्र रोग है जिसके कई लक्षण होते हैं यह एक दीर्घकालीन रोग (Chronic Disease) है जो मुख्यतः आँतों की चाल को प्रभावित करती है इरीटेबल बाउल सिंड्रोम को इरिटेबल कोलन, म्यूकस कोइलटिस जैसे नामों से भी जाना जाता है। IBS हालाँकि कोई घातक बीमारी नहीं है, लेकिन यह व्यक्ति की जीवनशैली को प्रतिकूल रूप से प्रभावित करती है।

क्योंकि अक्सर रहने वाली बेचैनी, अवसाद और शारीरिक निर्बलता के कारण उत्पन्न होने वाली थकावट से रोगी परेशान हो जाता है सोचिये जब थोडा तेज जुकाम होने पर भी हमारी दिनचर्या प्रभावित होने लगती है तो IBS के कारण प्रभावित रोगियों को कितनी परेशानी होती होगी।

Symptoms of Irritable Bowel Syndrome : –

इस बीमारी के लक्षण काफी लम्बे समय पश्चात ही उभरते है, और अक्सर प्रभावित लोगों को इस बीमारी के होने का पता वर्षों बाद ही चल पाता है IBS के मुख्य लक्षण इस प्रकार हैं –

पेट में सूजन और अक्सर हल्के-हल्के दर्द का बना रहना
पेट में मरोड़ उठना और प्रायः पेचिश जैसे लक्षण उभरना
कब्ज का नियमित रूप से बने रहना और गैस से पेट का फूलना

IBS मे बारंबार दस्तों की शिकायत होने पर आँतों से म्यूकस का स्राव होने लगता है जिससे आँतों में खुश्की और बढ़ जाती है और कब्ज तथा पेट फूलने की समस्या और उग्र रूप धारण कर लेती है आँतों से म्यूकस निकलने की पहचान यह है कि मल में गाढे श्वेत-पीले रंग के श्लेष्मक द्रव्य के अंश पाये जाते हैं तथा जब शौचालय में मल को बहाने के लिये उस पर पानी डाला जाता है तो साबुन जैसे सफेद झाग मल को ढक लेते हैं

Cause of Irritable Bowel Syndrome : –

Irritable Bowel Syndrome का वास्तविक कारण आज तक स्पष्ट नहीं हो सका है लेकिन अधिकाँश विशेषज्ञों का मत है कि मस्तिष्क-पाचन संस्थान की गड़बड़ी (Gut–Brain Axis Problems), आंत्र गतिशीलता की समस्या (Gut Motility Disorders), दर्द की संवेदनशीलता (Pain Sensitivity), स्नायु संचारक (Neurotransmitters), जीन की खराबी (Genetic Factors), और आहार संवेदनशीलता (Food Sensitivity) जैसे कारक शामिल हैं

IBS आंत के किसी संक्रमण (Intestinal Infection) से भी हो सकता है जिसमे छोटी आंत में जीवाणुओं की अधिक वृद्धि होने के कारण उत्पन्न हुआ संक्रमण भी शामिल है इसके अतिरिक्त निरंतर तनावयुक्त जीवन (Stressful Life Event) भी Irritable Bowel Syndrome के आरम्भ का कारण बन सकता है

Types of Irritable Bowel Syndrome : –

उदर व् आँत की समस्या (Gastrointestinal Disorders) के आधार पर इरीटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS) चार प्रकार का होता है –

IBS-C – IBS-C से प्रभावित लोगों में कब्ज (Constipation) की समस्या अधिक देखने को मिलती है इसमें रोगी का पेट कुछ खाते ही फूलना आरम्भ हो जाता है, कभी-कभी हल्के दर्द या सूजन की समस्या भी इस प्रकार के Irritable Bowel Syndrome में एक सामान्य बात है

IBS-D – IBS-D से प्रभावित रोगी में पेचिस (Diarrhea) के लक्षण अधिक उभरते हैं जबकि कब्जियत इतनी नहीं होती व्यक्ति दिन में 3 से 4 बार दस्त करता है और पेट में मरोड़ उठने की समस्या अक्सर रोज ही होती है यदि रोग पुराना हो जाय तो मल से कभी-कभी रक्त भी निकलता देखा गया है हालाँकि ऐसा कम ही होता है

IBS-M – IBS-M में कब्ज और दस्त दोनों ही समस्याओं की प्रधानता होती है रोगी को अक्सर दस्त और कब्ज से जूझना पड़ता है Constipation के कारण गैस बनने और अजीर्ण होने की समस्या होती है और डायरिया के कारण बार-बार अधपका मल निकलने से शरीर में कमजोरी आती है न तो पेट ही सही प्रकार से साफ हो पाता है और न ही खुलकर भूख लगती है

IBS-U – IBS-U में कब्ज और दस्त दोनों ही समस्याएँ कभी-कभार ही देखने को मिलती हैं या तो रोगी कभी कब्ज से ग्रस्त हो जाता है या कभी उसके दस्त लग जाते हैं ऊपर के तीनों क्षोभी आंत्र विकार की तरह इस Irritable Bowel Syndrome का रोगी नियमित रूप से इनसे परेशान नहीं होता है

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