Secret Area 51 Facts in Hindi

 

“संसार के सबसे रहस्मय स्थानों में से एक Area 51 संयुक्त राज्य अमेरिका के एक सैन्य अड्डे का उपनाम है। यह अमेरिका के दुनिया भर में मशहूर शहर लास वेगास से लगभग 135 किमी दूर उत्तर-पश्चिम दिशा में ग्रूम झील के तट पर स्थित है।”

 

Secret Area 51 Facts in Hindi

दुनिया में रहस्यमयी और खतरनाक स्थानों की कमी नहीं है। ऐसे स्थान आश्चर्यजनक रूप से वीरान ही होते हैं, क्योंकि लोग वहाँ जाने के खतरों को अच्छी तरह समझते हैं। अगर आप डिस्कवरी या नेशनल जियोग्राफिक चैनल देखते हैं तो आपने Area 51 का नाम जरुर सुना होगा। अमेरिकी वायु सेना के अंतर्गत आने वाले एरिया 51 की असली सच्चाई के बारे में बहुत कम लोगों को पता है।

अमेरिका के इसके बारे में इतनी गोपनीयता बरतने के कारण, Area 51 दुनिया की सबसे रहस्यमयी जगहों में से एक मानी जाती है। संसार में शायद ही दूसरी कोई ऐसी जगह होगी जो बेहद गुप्त होने के साथ-साथ बेहद चर्चित भी हो। कहा तो यहाँ तक जाता है कि Area 51 में अमेरिकी सरकार के कई ऐसे सीक्रेट्स दफन हैं, जो दुनिया में तहलका मचा सकते हैं।

आधिकारिक रूप से Area 51 को एक Military Testing Site या Airforce Facility Center के रूप में देखा जाता है, जहाँ अमेरिकी वायु सेना के हवाई जहाजों की टेस्टिंग होती है। वहीँ कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यहाँ दूसरी दुनिया से आये हुए प्राणियों अर्थात एलियंस पर टेस्ट किये जाते हैं। खैर सच चाहे जो भी हो अब हम आपको एरिया 51 के कुछ रहस्यमयी तथ्यों के बारे में बतायेंगे।

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Where is Area 51 कहाँ है एरिया 51

1. ‘एरिया 51’ अमेरिकी वायु सेना के एक अड्डे (United States Air Force Facility) का उपनाम है जो संयुक्त राज्य अमेरिका के नेवादा राज्य के लास वेगास शहर से 83 मील उत्तर-पश्चिम में लिंकन काउंटी में स्थित है। Area 51 शुष्क हो चुकी ग्रूम झील के पश्चिमी तट की तरफ इसके केंद्र में स्थित है। Area 51 की जानकारी लोगों को आश्चर्यजनक रूप से उस समय हुई थी, जब सन 1967 में CIA के निदेशक से दुर्घटनावश एक मेमो लीक हो गया जिसमे इस स्थान का जिक्र था।

2. अमेरिकी इंटेलिजेंस एजेंसी सीआईए (CIA) के अनुसार एरिया 51 का सही नाम होमी एअरपोर्ट और ग्रूम झील है। एरिया 51 को ड्रीमलैंड, वाटरटाऊन स्ट्रिप, होम बेस, और पैराडाइस रैंच के नाम से भी जाना जाता है। आधिकारिक रूप से Area 51 का नाम हैं – Air Force Flight Test Center, Detachment 3. [स्रोत]

गवर्नमेंट ने जबरदस्ती खाली करवाया था एरिया 51

3. Area 51 के आस-पास का क्षेत्र आज भले ही वीरान मालूम पड़ता हो, लेकिन पहले ऐसा नहीं था। यहाँ कई कालोनियाँ बसी हुई थीं, जहाँ सैकड़ों लोग निवास करते थे। लेकिन जब CIA को अपने विशिष्ट उदेश्यों की पूर्ति के लिये एक उपयुक्त स्थान की जरुरत महसूस हुई और उसने ग्रूम झील को ऐसे स्थान के रूप में पाया, तो सन 1955 में इस जगह को गवर्नमेंट ने अमेरिकी मिलिट्री फ़ोर्स के द्वारा जबरदस्ती खाली करवा लिया था।

4. जिन लोगों ने घर खाली करने से इंकार कर दिया था, उन्हें बंदूक की नोक पर डराकर ऐसा करवाया गया। लेकिन स्थान को खाली करवाने की कोई वजह किसी को नहीं बताई गई, जिससे भी Area 51 के बारे में फैली भ्रांतियों को बल मिला।

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Top Area 51 Secrets in Hindi

What is Area 51 क्या है Area 51

5. एरिया 51 एडवर्ड एयर फोर्स बेस से संबंधित है और विशाल नेवादा परीक्षण और प्रशिक्षण सीमा के भीतर स्थित है। Area 51 नेल्लिस सैन्य अभियान क्षेत्र का हिस्सा है और मैदान के आस-पास का प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र (R -4808 N) के रूप में निर्दिष्ट है जिसे यहां के सैन्य विमान चालक “द बॉक्स” के नाम से जानते हैं। इस सैन्य अड्डे का प्राथमिक उद्देश्य प्रयोगात्मक विमानों तथा हथियार प्रणालियों की जांच और विकास को समर्थन देना है।

6. Area 51, 29 लाख एकड़ क्षेत्र और 12950 वर्ग किमी के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में फैला है। 6 मील चौड़ा और दस मील लंबा यह आयताकार अड्डा अब तथाकथित ‘ग्रूम बॉक्स ” का एक भाग है, जो कि 23/25.3 मील का एक प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र है। यह क्षेत्र NTS के आंतरिक सड़क प्रबंधन से जुड़ा है, जिसकी पक्की सड़कें दक्षिण में मरकरी की ओर और पश्चिम में युक्का फ्लैट की ओर जाती हैं। [स्रोत]

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कैसी है Area 51 की संरचना

7. झील से उत्तर पूर्व की ओर बढ़ते हुए व्यापक और और सुव्यवस्थित ग्रूम झील की सड़कें एक दर्रे के जरिये पेचीदा पहाड़ियों से होकर गुजरती हैं। पहले सड़कें ग्रूम घाटी में खानों की ओर जाती थीं, लेकिन उनके बंद होने के बाद इन्हें सुधारा गया है। इसके घुमावदार दिशाकोण एक सुरक्षा चौकी से होकर गुजरते हैं, लेकिन अड्डे के चारों ओर का प्रतिबंधित क्षेत्र आगे बढ़कर पूर्व तक फैला हुआ है।

8. प्रतिबंधित क्षेत्र छोड़ने के बाद, ग्रूम झील सड़क पूर्व की ओर तिकाबू घाटी के फर्श की ओर उतरते हुए डर्ट-रोड के प्रवेश द्वार से गुजरती हुई राचेल के दक्षिण, “एक्स्ट्राटेरेस्ट्रिअल हाईवे”, स्टेट रूट 375 की ओर मुखातिब होने से पहले कई छोटे-छोटे खेतों से गुजरती है।

9. Area 51 में सात हवाई पट्टियां हैं जिसमें वह पट्टी भी है जिसे अब शायद बंद कर दिया गया है। बंद हवाई पट्टी 14R/32L, लगभग 7,100 मीटर (23,300 फीट) की कुल लम्बाई के साथ सबसे ज़्यादा लम्बी है, जिसमें स्टाप वे शामिल नहीं है। अन्य हवाई पट्टियों में दो डामर पट्टियां हैं, 14L/32R हवाई पट्टी जिसकी लम्बाई 3,650 मीटर (12,000 फीट) है और 12/30 हवाई पट्टी जिसकी लम्बाई 1,650 मीटर (5400 फीट) है तथा चार हवाई पट्टियां साल्ट झील पर स्थित हैं।

10. यह चार हवाई पट्टियां हैं 09L/27R और 09R/27L, दोनों लगभग 3,500 मीटर (11,450 फीट) लम्बी, तथा अन्य दो 03L/21R और 03R/21L लगभग 3,050मीटर (10,000 फीट) लम्बी हैं। शिविर के पास एक हेलीपैड भी है। कहा जाता है कि शुरूआती दौर में जब यहाँ रनवे बनाया जा रहा था, तो इसका निर्माण कार्य केवल रात में किया जाता था, ताकि इसके निर्माण की ओर किसी का ध्यान न जाये। [स्रोत]

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कोई नहीं जानता क्या होता है Area 51 में

11. जब सन 2005 में एक व्यक्ति ने Freedom of Information Act के तहत सूचना माँगी, तब जाकर 25 जून 2013 को पहली बार आधिकारिक रूप से Area 51 के अस्तित्व में होने की पुष्टि हुई। अमेरिकी जाँच एजेंसी CIA ने सार्वजनिक रूप से इस बात को स्वीकारा कि अमेरिका में एरिया 51 नाम का कोई सीक्रेट प्लेस है। इससे पहले लोगों के बीच बस इस बात की चर्चा थी कि ऐसी कोई जगह भी इस दुनिया में मौजूद है। लेकिन CIA ने इस बात का जिक्र तब भी नहीं किया कि Area 51 को आखिर क्यों बनाया गया है? यहाँ क्या होता है? [स्रोत]

Area 51 में की जाती है ड्रोंस की टेस्टिंग

12. Area 51 में सबसे पहले टेस्ट होने वाला वायुयान था लॉकहिड U-2 स्पाई, जिसे रूस की निगरानी के लिये बनाया जा रहा था। सन 1960 में इस तरह का एक जहाज रूस की जासूसी करते समय क्रैश भी हो गया था। सन 1964 में Area 51 में एक ड्रोन विमान की भी टेस्टिंग हुई थी, लेकिन इसकी चौथी टेस्टिंग करते समय ड्रोन और इसका कैरीयर प्लेन दोनों नष्ट हो गये थे, साथ ही एक क्रू मेम्बर की भी जान चली गयी थी।

13. माना जाता है कि आज भी इस जगह पर अमेरिकी ड्रोन्स की टेस्टिंग की जाती है और अमेरिकी सरकार के इंजीनियर्स इस जगह पर कई मिलिट्री हार्डवेयर बनाते हैं।

न्यूक्लियर टेस्ट साईट है Area 51

14. Area 51 के बारे में कई लोगों का ऐसा भी मानना है कि इस जगह पर अमेरिका ने सीक्रेट न्यूक्लियर प्लांट लगा रखा है और यहाँ कई न्यूक्लियर वेपन्स भी बनाए जाते हैं। लेकिन आधिकारिक रूप से या खोज करने पर ऐसे किसी तथ्य का पता नहीं चल पाया है, पर यह अवश्य सत्य है कि इस जगह पर परमाणु बमों के कई धमाके जरुर हुए हैं जो Nuclear Bombs की टेस्टिंग का जरुरी हिस्सा हैं।

15. लोगों को यहां से विस्थापित करने की मुख्य वजह भी यही समझी जाती है। एरिया 51 में जो कर्मचारी और उनके परिजन रहते हैं उनके बारे में भी पूरी गोपनीयता बरती जाती है।

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Weird Facts about Area 51 in Hindi

Area 51 के वजूद को स्वीकार नहीं करता अमेरिका

16. Area 51 का प्राथमिक उद्देश्य आज तक कभी किसी को पता नहीं चल पाया है, क्योंकि इस जगह के बारे में इतनी गोपनीयता बरती गई है कि अमेरिकी सरकार के किसी नक्शे तक में इसकी कोई जानकारी नहीं है। यहाँ तक कि काफी साल पहले जब इस जगह को एक नक्शे में इसे दिखाया गया था, तो तुरंत उस नक्शे को बदलकर दूसरा नक्शा लाया गया था। क्योंकि अमेरिकी सरकार कभी नहीं चाहती कि एरिया 51 के बारे में किसी को कुछ पता चले। Area 51 और ग्रूम झील के बारे में गूगल मैप तक पर भी जानकारी उपलब्ध नहीं है।

Area 51 में किसी भी प्राणी का जाना प्रतिबंधित है

17. सिविलियन और पर्यटक एरिया 51 के सामने और पीछे के दरवाजों तक तो जा सकते हैं, लेकिन वह इसके अन्दर नहीं घुस सकते। Area 51 में किसी भी इन्सान या जानवर के घुसने पर पूरी तरह से प्रतिबन्ध है। इस गुप्त स्थान के चारों ओर बाड लगायी गयी है ताकि कोई भी गलती से या धोखे से अंदर न घुस पाये। बाड़ों के चारों ओर अत्याधुनिक स्वचालित हथियारों से लैस सुरक्षाकर्मी चौबीसों घंटे पहरा देते रहते हैं।

18. ग्रूम झील जहाँ Area 51 स्थित है, के आस-पास का इलाका स्थायी रूप से नागरिकों और सामान्य हवाई सेना यातायात के लिए बंद है। अगर कोई जान-बूझकर घुसने की कोशिश करते पकड़ा जाता है तो उस पर 1000 डॉलर तक का जुर्माना या 6 महीने की जेल की सजा दी जा सकती है। इसकी सूचना देने के लिये वहाँ जगह-जगह चेतावनी सन्देश वाले बोर्ड लगाये गये हैं।

Area 51 के ऊपर से किसी विमान को उड़ने की इजाजत नहीं है

19. Area 51 हर तरह से एक प्रतिबंधित क्षेत्र है, यहाँ तक कि इस इलाके के ऊपर से किसी विमान को उड़ने की भी इजाजत नहीं है। राडार स्टेशन इस क्षेत्र की सुरक्षा करते हैं और बिना अनुमति प्रवेश करने वाले लोगों को तुंरत ही निष्कासित कर दिया जाता है।

20. अगर कोई विमान अनजाने में Area 51 के हवाई क्षेत्र के चारों तरफ के वर्जित “बॉक्स” में भटक कर आ जाता है, तो एयर ट्रैफिक कंट्रोल उसे तुरंत चेतावनी जारी करके अपना रास्ता बदलने को कहता है। अगर वह ऐसा नहीं करता, तो फिर विमान चालकों को अनुशासनात्मक कार्रवाई का जोखिम रहता है।

Area 51 में जाने से डरते हैं लोग

21. Area 51 के बारे में इतनी गोपनीयता बरतने की वजह से बहुत से लोग अक्सर इस खुफिया जगह के आस-पास जाने से भी डरते थे। इसीलिये केली जॉनसन, जो U-2 प्रोजेक्ट के लीडिंग इंजिनियर्स में से एक थे, ने लोगों के मन में बैठे डर को निकालने के लिये इस जगह का नाम पैराडाइज रैंच रखा।

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Amazing Facts about Area 51 in Hindi

Area 51 में दफ़न हैं कई जहरीले पदार्थ

22. Area 51 को प्रतिबंधित करने का एक कारण विशेषज्ञ यह भी बताते हैं कि यहाँ की जमीन में कई तरह के बेहद खतरनाक और जहरीले रासायनिक पदार्थ असुरक्षित तरीके से डंप किये गये हैं, जिनके संपर्क में आने से लोगों को स्किन डिजीज से लेकर कैंसर तक हो सकता है। इसकी पुष्टि सन 1994 में तब हुई, जब यहाँ काम करने वाले कुछ लोगों की मौत होने पर उनकी विधवाओं ने अमेरिकी वायु सेना और अमेरिकी पर्यावरण संरक्षण एजेंसी पर मुकदमा कर दिया।

23. शिकायतकर्ताओं से ली गयी बायोप्सीस का विश्लेषण, रुटगर्स विश्वविद्यालय के जीव रसायन विज्ञानियों ने किया। जिन्हें इस परीक्षण में मृत लोगों के शरीर की वसा में उच्च मात्रा में डाईओक्सिन, डाई बेंजोफ्फुरन और ट्राईक्लोरोइथीलीन रसायन मिले। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि ग्रूम पर काम करने के कारण उन्हें लगातार त्वचा, कलेजे और श्वसन सम्बन्धी परेशानियों का सामना करना पड़ा और फ्रोस्ट और कास्ज़ा की मौत का भी यही कारण बना।

Area 51 में जाने का प्रयास किया था BBC ने

24. सन 2012 में दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित समाचार एजेंसी BBC ने भी इस जगह पर एक डॉक्यूमेंट्री बनाने का प्रयास किया था, लेकिन वह सीक्रेट एरिया के रहस्यों को उजागर करने में नाकाम रही। छिपते-छिपाते एक कैमरा क्रू यहां पर चला तो गया, लेकिन काफी देर बाद भी उनके हाथ कुछ नहीं लग पाया और जैसे ही वह यहाँ मुस्तैद सिक्योरिटी गार्डस की नजर में आये, उन्हें जासूस समझकर बंधक बना लिया गया। बड़ी मुश्किल से और फेडरल ब्यूरो तथा मिलिटरी की लम्बी पूछ-ताछ के बाद ही उन्हें छोड़ा गया था। [स्रोत]

Area 51 और नील आर्मस्ट्रांग का सम्बन्ध

25. हालांकि, इस बात का कोई पुख्ता प्रमाण नहीं है, लेकिन ऐसा माना जाता है कि नील आर्मस्ट्रांग कभी चांद पर नहीं गए। बल्कि अमेरिका ने एरिया 51 में छदम सेटअप लगा कर उनसे मून पर लैंड करने की एक्टिंग करवाई थी। इसके लिये अंतरिक्ष में काम आने वाले कई उपकरणों को यहाँ लाया गया था, जिनमे लैंड रोवर और लाइफ सपोर्ट सिस्टम भी शामिल थे। बिल केसिंग ने 1974 में आयी अपनी पुस्तक ‘हम कभी चाँद पर नहीं गये’ में नासा की इस उपलब्धि को झूठ करार दिया था।

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Facts about Aliens of Area 51 in Hindi

Area 51 और एलियन के बीच क्या संबंध है

26. Area 51 अक्सर चर्चा का केंद्र इसलिये भी बना रहता है, क्योंकि ऐसा माना जाता है कि यहां दूसरे ग्रहों से आए एलियनों के ऊपर शोध किया जाता है। कई लोगों ने तो यहां तक दावा किया है कि उन्होंने कई बार यूएफओ यानि अनआडेंटिफाइड फ्लाइंग ऑब्जेक्ट को वहां उड़ते देखा है। एक नये सर्वेक्षण में यह बात सामने आयी है कि लगभग 70 प्रतिशत अमेरिकी इस बात पर यकीन करते हैं कि एलियन और उड़नतस्तरियाँ वास्तव में होते हैं।

Area 51 और उड़नतश्तरियों का सच

27. UFO और एलियन देखे जाने की 90 प्रतिशत घटनाएँ आसानी से ख़ारिज की जा सकती हैं, लेकिन 10 प्रतिशत घटनाएँ विश्वसनीय दर्शकों की अविश्वसनीय रिपोर्ट थीं, जिसके सबूत भी मौजूद हैं। कई एलियंस की डेड बॉडीज वाली फोटोज भी इस एरिया से सामने आ चुकी हैं, लेकिन वह कितनी सच हैं, यह नहीं बताया जा सकता।

28. जब सन 1952 में UFO देखे जाने की घटनाएँ बढ़ गयीं तो CIA इस निश्चय पर पहुँची कि इस बात की भी दूरस्थ संभावना हो सकती है कि वह दूसरे देशों के एयरक्राफ्ट हों और ऐसी स्थिति में हर मामले की जाँच होनी चाहिये।

29. जो वायुयान विदेशी राष्ट्रों और एजेंसियों से पकडे जाते थे, उन्हें Area 51 में टेस्ट किया जाता था, ताकि उनमे इस्तेमाल हुई नवीनतम तकनीकी को अमेरिका के लिये इस्तेमाल किया जा सके। लेकिन लोगों ने इसका आँकलन एक कदम बढ़कर इस तरह से किया कि Area 51 में UFO पर भी परीक्षण किये जा रहे थे।

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प्रोजेक्ट ब्लू बुक और Area 51

30. सन 1950 के शुरुआती दौर में कुछ उड़नतश्तरियों को अमेरिकी आसमान में उड़ते पाया गया था। जिसके बाद इसके लिए एक अलग खुफिया प्रोजेक्ट शुरू किया गया। इस नए प्रोजेक्ट को ‘प्रोजेक्ट ब्लू बुक’ और कई अन्य नामों से जाना जाता है जिसे सीआईए के निर्देशों के बाद शुरू किया गया था। यह इतना खुफिया प्रोजेक्ट था कि इसकी जानकारी सिर्फ बेहद खास लोगों को ही थी।

एलियंस से बात की है Area 51 में काम करने वाले वैज्ञानिकों ने

31. दुनिया में कई जगहों पर एलियंस देखे जाने के दावे किए जाते हैं, लेकिन एरिया 51 में इन दावों में छुपी सच्चाई देखने में आयी है। अमेरिका के सीनियर साइंटिस्ट बॉयड बुशमैन ने 2014 में यह बयान देकर तहलका मचा दिया था कि वो दूसरी दुनिया के प्राणी यानी एलियंस से बात कर चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने वह तरीका भी बताया था, जिससे ये एलियंस मात्र एक घंटे में पृथ्वी से अपने ग्रह का सफर तय करते हैं।

32. डान ब्यूरेश्च जो एक माइक्रोबायोलॉजिस्ट थे, और जिन्होंने Defense Intelligence Agency के लिये काम करते हुए Area 51 में कुछ समय बिताया था, ने बताया कि अमेरिकी सरकार ने उनसे पकडे गये एलियन के शरीर के टिश्यू सैंपल्स की जाँच करने को कहा था। यह एलियन जिसका नाम J-Rod बताया गया, सन 1950 में एरिजोना राज्य के किंगमैन क्षेत्र में हुए विवादास्पद UFO क्रैश में बच गया था।

33. डान ने बताया कि उन्होंने उस प्रोजेक्ट पर दो साल काम किया था और वह तथा एलियन जे-रोड अच्छे दोस्त बन गये थे। इस एलियन के बारे में बताया जाता है कि वह छोटे कद का, भूरे रंग का और बड़ी आँखों वाला प्राणी था। हालाँकि डान की इस बात पर ज्यादा लोगों ने विश्वास नहीं किया।

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नवीनतम तकनीक पर काम किया जाता है Area 51 में

34. माइकल श्राट जो Area 51 में एक एरोनॉटिकल इंजिनियर रहे हैं, ने बताया कि Area 51 में कोई एलियन नहीं है और यह सब कुछ मनगढ़ंत है, उन्होंने बताया कि यहाँ पर ऐसी तकनीकों पर काम चल रहा है जो दुनिया में अभी इस्तेमाल हो रही तकनीकों से कम से कम 50 साल आगे है।

35. श्राट ने यह भी बताया कि स्टार वार्स और स्टार ट्रेक फिल्म में जो तकनीकें दिखायी गयी थीं, हमने उन पर भी काम किया है। इसके अलावा उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि Area 51 में ऐसे हवाई जहाज बनाने के प्रयोग किये जा रहे हैं, जो बेहद हल्के और बिना बैटरी से चलने वाले होंगे।

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Interesting Facts about Area 51 in Hindi

36. जब शीत युद्ध चरम पर था उस दौरान सोवियत जासूसी उपग्रहों ने ग्रूम झील क्षेत्र की तस्वीरें प्राप्त की और बाद में नागरिक उपग्रहों ने अड्डे एवं इसके आस-पास के विस्तृत चित्रों को प्रस्तुत किया। ये चित्र अड्डे के बारे में कुछ मामूली निष्कर्ष देते हैं जिसमें झील, विमानशाला, लम्बी हवाई पट्टी और अवर्णनीय अड्डे का चित्रण किया गया है।

37. सन 1974 में नासा की स्कायलैब उडान पर गये कुछ नौसिखिये एस्ट्रोनॉट्स ने अंतरिक्ष से Area 51 के कुछ फोटोग्राफ ले लिये थे, जबकि उस समय के कॉंफिडेंनशियल पेपर्स के अनुसार Area 51 दुनिया का वह एकमात्र स्थान था जिसके फोटोग्राफ अंतरिक्ष से लेने की भी मनाही थी।

38. Area 51 की स्थापना के शुरूआती दिनों में मनोरंजन का एकमात्र साधन एक टेनिस कोर्ट ही था। हालाँकि यहाँ रहने वालो को बेहद शानदार भोजन दिया जाता था।

39. अभी तक यह सही तरह से पता नहीं चल पाया है कि क्यों Area 51 का नियंत्रण एक एजेंसी से दूसरी एजेंसी को दिया जाता रहा। लेकिन 1970 में इसे CIA से लेकर अमेरिकी वायु सेना को सौंप दिया गया था।

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दुनिया का अनोखा स्थान है Area 51

40. आप सोचेंगे कि Area 51 जैसी जगह पर आपको तकनीकी के सर्वश्रेष्ठ नमूने देखने को मिलेंगे। लेकिन वास्तव में ऐसा नहीं है और किसी भी तरह की हैकिंग को रोकने के लिये Area 51 में न तो कोई वाई-फाई है और न ही कोई इन्टरनेट कनेक्शन।

41. दूसरे विश्व युद्ध के दौरान Area 51 को सेना के लिये गन रेंज के रूप में इस्तेमाल किया गया था। Area 51 को अमेरिकी पर्यावरण नियमों के दायरे से भी बाहर रखा गया है।

42. Area 51 के नाम के पीछे एलियन आदि का कोई रहस्य नहीं है, दरअसल अमेरिकी परमाणु उर्जा आयोग की कई टेस्ट साइट्स में से 51वां स्थान होने की वजह से ही इसे Area 51 कहा जाता है।

43. चूँकि Area 51 में कई टॉप सीक्रेट प्रोजेक्ट्स चलते रहते हैं, इसीलिये यहाँ एक रनवे की भी अनिवार्य रूप से जरुरत पड़ती है और यह रनवे कोई साधारण नहीं है, बल्कि 2 मील लंबा है।

44. जब A-12 ओक्स्कार्ट के परीक्षण के लिये अधिक क्षेत्र की जरुरत पड़ी तब लगभग 38,000 एकड़ जमीन को Area 51 में जोड़कर इसे और विस्तार दिया गया। ऐसा करने की जरुरत इसलिये पड़ी क्योंकि पायलट्स को हवाई जहाजों के यू-टर्न का परीक्षण करने के लिये भी उन्हें 186 मील की दूरी तक उड़ाना पड़ता था।

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“यदि एक विरोधी आपकी नक़ल करता है तो बिलकुल चिंतित मत होइये। जब तक वे आपके पदचिन्हों पर चल रहे हैं तब तक वे आपसे आगे नहीं निकल सकते हैं।”
– अज्ञात

 

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