Busiest and Longest Shipping Canals in The World in Hindi

 

जर्मनी की कील नहर संसार की सबसे व्यस्त और सबसे मह्त्वपूर्ण जहाजी नहर है। यह 98 किमी लम्बी है तथा उत्तर सागर और बाल्टिक सागर को जोडती हैं। हर साल लगभग 75000 से भी अधिक जहाज और यॉट इससे होकर गुजरते हैं। दुनिया की नौ अन्य सबसे महत्वपूर्ण जहाजी नहरें क्रमशः इस प्रकार हैं – स्वेज नहर, पनामा नहर, बाल्टिक-श्वेत सागर, गोटा नहर, वोल्गा-डान नहर, मेनचेस्टर जहाज नहर, वेलेंड नहर, यूरोपा नहर और डेन्यूब-काला सागर नहर।

Busiest, Important Shipping Canals in The World in Hindi
कील नाहर दुनिया की सबसे व्यस्त जहाजी नहर है

Shipping Canals सामान्य नहरों से अलग होती हैं क्योंकि इनकी चौड़ाई और गहराई आम नहरों से अधिक होती है इन्हें मुख्य रूप से बड़े जहाजों के परिचालन की दृष्टि से बनाया जाता है जलमार्ग से होने वाले अंतर्राष्ट्रीय समुद्री व्यापार में इन जहाजी नहरों की बहुत बड़ी भूमिका है क्योंकि यह Shipping Lanes को छोटा करके कार्गो शिप के लिये एक छोटा रास्ता मुहैया कराती हैं

इससे न केवल ईंधन की बचत होती है बल्कि यात्रा में लगने वाला समय भी बहुत कम हो जाता है International Shipping Lanes के लिये यह दस जहाजी नहरें सबसे महत्वपूर्ण समझी जाती हैं क्योंकि प्रति वर्ष इनसे करोड़ों-अरबों टन माल की आवाजाही होती है –

Kiel Canal is The World’s Busiest Artificial Waterway : –

जर्मनी की कील नहर संसार की सबसे व्यस्त और सबसे मह्त्वपूर्ण जहाजी नहर है यह जर्मनी के शेल्सविग-होल्स्टीन राज्य में पड़ती है तथा उत्तर सागर और बाल्टिक सागर (North Sea and Baltic Sea) को जोडती है कील नहर ताजे पानी की नहर (Freshwater Canal) है और यह 98 किमी (61 मील) लम्बी तथा 11 मीटर गहरी है इसकी चौड़ाई स्थान विशेष के अनुसार 102 मीटर से 214 मीटर तक है इस नहर को पहले कैसर विल्हेल्म नहर (Kaiser-Wilhelm Canal) के नाम से जाना जाता था

कील नहर का निर्माण सन 1895 में हुआ था लेकिन बाद में बड़े जहाजों को प्रवेश कराने के लिये इसकी चौड़ाई को और अधिक बढाया गया था इसके निर्माण में कुल 37,128,000 डॉलर की लगत आयी थी कील नहर वाणिज्यिक दृष्टि से बहुत ही महत्वपूर्ण जलमार्ग है क्योंकि 50 से भी अधिक एशियाई और यूरोपीय देशों का आयात-निर्यात इसके जरिये ही होता है यह नहर 480 किमी दूरी कम करके जहाजों के लिये लगभग 10 से 15 घंटे का समय बचाती है

जहाजों को इसे पार करने में औसतन 8 से 10 घंटे का समय लग जाता है हर साल लगभग 55000 जहाज और 20,000 नौकाएँ कील नहर से होकर गुजरती हैं चूँकि यह संसार की व्यस्ततम जहाजी नहर है इसीलिये इससे होकर गुजरने वाले जहाजों को कई कठोर नियमों का पालन करना पड़ता है – जैसे जहाजों की लम्बाई 236 मीटर और चौड़ाई 33 मीटर से अधिक नहीं होनी चाहिये

Suez Canal is The Longest Shipping Canal –

स्वेज नहर मिस्र में स्थित एक कृत्रिम जलमार्ग है जो स्वेज स्थलडमरूमध्य (Isthmus of Suez) के जरिये भूमध्य सागर को लाल सागर से जोडती है यह स्थलडमरूमध्य 125 किमी चौड़ा धरती का टुकड़ा है जो भूमध्य सागर और लाल सागर के बीच में पड़ता है और एशिया तथा अफ्रीका महाद्वीप को जोड़ता है स्वेज नहर का निर्माण Suez Canal Company की देख रेख में सन 1858 से 1869 के मध्य हुआ था स्वेज नहर की कुल लम्बाई 193.30 किमी (120.11 मील) और चौड़ाई 205 से 225 मीटर है इसकी गहराई 16.1 मीटर से 23 मीटर तक है

स्वेज नहर भूमध्य सागर और लाल सागर के माध्यम से अटलांटिक महासागर को हिन्द महासागर से जोडती है और अटलांटिक से होते हुए पूर्व की ओर जाने वाले जहाजों के लिये 7000 किमी की दूरी कम कर देती है इससे पहले इन जहाजों को पूरे अफ्रीका महाद्वीप का चक्कर लगाना पड़ता था जिसमे 15 से 25 दिन का समय और लगता था फ्रांसीसी राजदूत Ferdinand De Lesseps के निर्देशन में इस Masterpiece को पूरा करने में दस वर्षों का समय लगा था और हजारों मजदूरों ने जान गंवाई थी

स्वेज नहर दुनिया के सबसे व्यस्त और सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है क्योंकि यह यूरोपीय, अमेरिकी और अफ्रीकी देशों को दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों से जोडती है स्वेज नहर को पार करने में जहाजों को औसतन 10 से 14 घंटे का समय लगता है हर साल लगभग 20000 जहाज इस नहर से होकर गुजरते हैं (55 जहाज/प्रतिदिन) स्वेज नहर पर लगभग 100 वर्षों तक फ्रांस और ब्रिटेन का कब्ज़ा रहा था लेकिन बाद में सन 1956 में मिस्र ने इसका राष्ट्रीयकरण कर दिया

Panama Canal –

पनामा देश में पड़ने वाली पनामा नहर संसार की तीसरी सबसे महत्वपूर्ण जहाजी नहर होने के साथ-साथ दुनिया के सबसे व्यस्त जलमार्गों में से भी एक है यह नहर अटलांटिक और प्रशांत महासागर को एक-दूसरे से जोडती है पनामा नहर 77.1 किमी (48 मील) लंबी और 35 मीटर चौड़ी है इसकी औसतन गहराई 12.5 मीटर है इस नहर को कैरेबियाई सागर और प्रशांत महासागर के बीच में पड़ने वाली धरती के संकरे टुकड़े को काट कर बनाया गया है जिसे Isthmus of Panama के नाम से जाना जाता है

पनामा नहर अंतर्राष्ट्रीय समुद्री व्यापार का एक बहुत महत्वपूर्ण जलमार्ग है क्योंकि उत्तरी और दक्षिणी अमेरिकी महाद्वीपों के अधिकांश देशों का व्यापार इससे ही होता है यह नहर लगभग 14000 किमी की दूरी कम कर देती है क्योंकि इसके बनने से पूर्व अमेरिकी महाद्वीपों के पश्चिमी क्षेत्र तक पहुँचने के लिये सभी जहाजों को पूरे दक्षिणी अमेरिका महाद्वीप का चक्कर काटना पड़ता था जिसमे 30 से 40 दिन तक का समय लग जाता था

पनामा नहर को पार करने में जहाजों को औसतन 8 से 10 घंटे का समय लगता है हर साल लगभग 16000 जहाज इस नहर से होकर गुजरते हैं सन 1881 में फ्रांस ने इस नहर का निर्माण शुरू किया था जिसे बाद में संयुक्त राज्य अमेरिका ने पूरा किया अंततः सन 1914 में जाकर यह नहर तैयार हुई पहले यह नहर अमेरिका के अधिकार में थी पर बाद में इसे पनामा को सौंप दिया गया पनामा नहर को दुनिया के सबसे मुश्किल और सबसे खतरनाक Engineering Projects में से एक माना जाता है इसके निर्माण में सैकड़ों श्रमिकों को अपनी जान गँवानी पड़ी थी

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