25 Largest Deserts in The World in Hindi

 

“बेहद ठंडा और शीत जलवायु वाला अंटार्कटिका धरती का सबसे बड़ा रेगिस्तान है जो 14,000,000 वर्ग किमी क्षेत्रफल में फैला हुआ है जबकि सहारा सबसे बड़ा गर्म रेगिस्तान है। पृथ्वी के अन्य सबसे बड़े मरुस्थल क्रमशः इस प्रकार हैं – आर्कटिक, सहारा, अरब, गोबी, कालाहरी, ग्रेट विक्टोरिया, पैटागोनियन, सीरिया, ग्रेट बेसिन, चिहुआहुआ, ग्रेट सैंडी, कराकुम, कोलोरेडो और सोनोरान मरुस्थल।”

 

Largest Deserts in The World in Hindi
लाखों वर्ग किमी क्षेत्र में फैले हैं दुनिया के सबसे बडे रेगिस्तान

What is A Desert मरुस्थल किसे कहते हैं : –

Desert या मरुस्थल उस स्थान को कहा जाता है जहाँ की भूमि पर वर्षभर में बहुत कम या ना के बराबर वर्षा होती है। इन्हें रेगिस्तान भी कहा जाता है। जनसँख्या की दृष्टि से यह क्षेत्र अत्यंत विरल होते हैं, क्योंकि बंजर जमीन और अत्यंत शुष्क जलवायु होने के कारण यहाँ पर प्राणी और पादप जगत के लिये अपना अस्तित्व बचाये रखना अत्यंत कठिन है। यहाँ तापमान बहुत तेजी से ऊपर-नीचे होता रहता है।

पृथ्वी के सम्पूर्ण स्थल भूभाग का एक चौथाई हिस्सा मरुस्थल ही हैं। स्थान विशेष पर होने वाली वर्षा, विरलता, तापमान और भौगोलिक स्थिति के अनुसार Deserts दो प्रकार के होते हैं – एक Cold Deserts (ठन्डे मरुस्थल) और दूसरे Hot Sand Deserts(गर्म मरुस्थल)। मरुस्थल के कठिन और प्रतिकूल वातावरण में जीवन यापन करना बहुत मुश्किल काम है।

इसमें रहने वाले पशु-पक्षियों की संरचना विशेष प्रकार की होती है। मरुस्थल में निवास करने वाले लोग, उन जनजातियों से होते हैं जो सदियों से वहाँ रहने के कारण इसकी अभ्यस्त हो गयी हैं। इन लोगों को Nomads/ खानाबदोश भी कहते हैं, क्योंकि अपने लिये उचित स्थान की तलाश में यह लोग अक्सर रेगिस्तान में इधर से उधर भटकते देखे जा सकते हैं। आइये अब जानते हैं विश्व के सबसे बड़े रेगिस्तानों से संबंधित आंकड़ों के बारे में –

1. Antarctica is The Largest Cold Desert अंटार्कटिका : –

दक्षिण ध्रुवीय क्षेत्र में स्थित Antarctica दुनिया का पाँचवा सबसे बड़ा Continent/महाद्वीप है, पर इसी के साथ-साथ यह दुनिया का सबसे बड़ा मरुस्थल भी है। इसका कुल क्षेत्रफल 14,000,000 वर्ग किमी (5,500,000 वर्ग मील) है। यह एक Cold Desert माना जाता है, क्योंकि इसकी जलवायु ठंडी शीत प्रकृति की है। यह समूची पृथ्वी का सबसे ठंडा और सबसे शुष्क महाद्वीप हैं, जहाँ हमेशा बर्फीली सर्द हवाएँ चलती रहती हैं। अपने इसी Extreme Environment के कारण यह सम्पूर्ण क्षेत्र निर्जन ही रहता है।

यहाँ निवास करने वाले जो भी लोग हैं वे या तो Scientific Researchers हैं या उनके सहयोगी, जो यहाँ लगभग 2000 से 5000 की संख्या में अस्थायी रूप से रहते हैं। विभिन्न देशों ने यहाँ के वातावरण का अध्ययन करने के लिये अपनी Test Laboratories स्थापित कर रखी हैं। यहाँ का तापमान प्रायः बहुत ठंडा ही रहता है। जो गर्मियों में इसके कुछ तटीय क्षेत्रों में 15 डिग्री सेंटीग्रेड से लेकर, सर्दियों में शून्य से 90 डिग्री सेंटीग्रेड तक नीचे जा सकता है।

अंटार्कटिका में पूरे वर्ष लगभग 200 मिलीमीटर वर्षा होती है। यहाँ के अत्यंत प्रतिकूल मौसम में जीने के लिये विशेष वस्त्रों और उपायों की आवश्यकता होती है। सूर्य का प्रकाश सीधे बर्फ पर पड़ने के कारण यहाँ के निवासियों को अक्सर Sunburn और Vision Problems होने का खतरा बना रहता है। ध्रुवीय भालू, सील मछलियाँ और पेंग्विन यहाँ के मुख्य जीव-जन्तु हैं।

2. Arctic Desert आर्कटिक : –

आर्कटिक Desert उत्तर ध्रुवीय क्षेत्र में पड़ता है। यह संसार का दूसरा सबसे बड़ा मरुस्थल है, यह अंटार्कटिका से बस थोडा ही छोटा है। इसका क्षेत्रफल 13,985,000 वर्ग किमी (5,400,000 वर्ग मील) है। यह दुनिया का सबसे छोटा महासागर भी है। संयुक्त राज्य अमेरिका का अलास्का राज्य, कनाडा, ग्रीनलैंड, आइसलैंड, नॉर्वे, स्वीडन, फिनलैंड और रूस का आंशिक भूभाग इस मरुस्थल के क्षेत्र में पड़ते है। यहाँ वर्षा विरल है जो बहुधा Snowfall के रूप में ही होती है।

क्योंकि यहाँ अक्सर हमेशा ही तेज और ठंडी बर्फीली हवाएँ चलती रहती हैं जो निरंतर बर्फबारी होने का आभास देती हैं। यहाँ जलवायु परिवर्तन बहुत तेजी से होता है और सर्दियों में तापमान शून्य से 45 डिग्री नीचे तक जा सकता है। गर्मियों में बर्फ पिघलने पर यहाँ पानी में बड़े-बड़े ग्लेशियर तैरते देखे जा सकते हैं जो वैज्ञानिकों के अनुसार तेजी से समुद्र का जल-स्तर बढ़ा रहे हैं। जनसँख्या की दृष्टि से यह क्षेत्र अत्यंत विरल है और ध्रुवीय भालू, सील और स्नोफॉक्स यहाँ के मुख्य पशु-पक्षी हैं।

3. Sahara is The Largest Hot Desert सहारा मरुस्थल : –

सहारा तीसरा सबसे बडा रेगिस्तान होने के साथ-साथ दुनिया का सबसे बड़ा Hot Desert/ गर्म रेगिस्तान भी है। यह अफ्रीका महाद्वीप में पड़ता है और इसका कुल क्षेत्रफल 9,000,000 वर्ग किमी (3,300,000 वर्ग मील) से भी अधिक है। एटलस पर्वत और भूमध्य सागर के तटीय क्षेत्रों को छोड़कर अफ्रीका का लगभग पूरा उत्तरी भाग इस मरुस्थल के अंतर्गत आता है।

अल्जीरिया, चाड, मिस्र, इरीट्रिया, लीबिया, माली, मॉरिटानिया, मोरक्को, नाइजर, सूडान, ट्यूनीशिया और पश्चिमी सहारा के भूभाग, सहारा रेगिस्तान में आंशिक या पूर्णरूप से पड़ते हैं। कुछ क्षेत्रों को छोड़ दिया जाय, तो सहारा का अधिकांश हिस्सा रेट के टीलों, जिन्हें Sand Dunes कहते हैं, से ही व्याप्त है। यह रेत के टीले भी तेज, गर्म रेगिस्तानी हवाओं के कारण बनते-बिगड़ते रहते हैं।

सहारा दुनिया का सबसे शुष्क रेगिस्तान हैं, क्योंकि यहाँ वर्षा दुर्लभ है और यदि होती भी है तो इतनी कम कि उससे पेड़-पौधों का पनपना मुश्किल है। विशेषकर मध्य सहारा को तो अति-शुष्क (Hyper-arid) क्षेत्र माना जाता है। यहाँ दूर-दूर तक हरियाली के दर्शन दुर्लभ हैं, दिखते हैं तो बस रेत के टीले। सहारा मरुस्थल से गुजरने वाली अधिकांश नदियाँ वर्षा के कुछ दिनों के अलावा अक्सर सूखी ही रहती हैं।

“हालाँकि दुनिया की सबसे बड़ी नदी ‘नील नदी’ इसका अपवाद है, जो इसी रेगिस्तान से होकर गुजरती है। सहारा में दिन का तापमान जहाँ 50 डिग्री सेंटीग्रेड से भी ऊपर चला जाता है, वहीँ रात्रि के समय यह 7 डिग्री सेंटीग्रेड तक नीचे गिर जाता है।

4. Arabian Desert अरब का मरुस्थल : –

Arabian Desert संसार का चौथा सबसे बड़ा मरुस्थल है। यह एशिया महाद्वीप का सबसे बड़ा रेगिस्तान भी है। सहारा की तरह यह भी Subtropical Climate वाला गर्म रेगिस्तान है और इसका कुल क्षेत्रफल 2,330,000 वर्ग किमी (900,000 वर्ग मील) है। लगभग पूरा अरब प्रायद्वीप इसके अंतर्गत ही आता है, जिसमे इराक, जॉर्डन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और यमन यह देश पड़ते हैं।

फारस की खाड़ी भी इसी मरुभूमि के क्षेत्र में पड़ती है। इसका मध्य भाग जिसे “रब ‘अल खाली” यानि “खाली मंडल” के नाम से भी जाना जाता है, संसार में रेत की सबसे विशाल अटूट श्रंखला का निर्माण करता है। औसत वार्षिक वर्षा 100 मिमी से भी कम होती है और कहीं-कहीं पर तो यह 30 मिमी से भी कम है।

इस मरुभूमि में तापमान बहुत तेजी से ऊपर-नीचे गिरता है। दिन के समय तापमान 45 से 50 डिग्री तक पहुँच जाता है तो रात के समय यह 5 डिग्री सेंटीग्रेड तक भी गिर सकता है।

5. Gobi Desert गोबी मरुस्थल : –

गोबी मरुस्थल विश्व का पाँचवा सबसे बड़ा रेगिस्तान है। यह मध्य एशिया में पड़ता है। दक्षिणी मंगोलिया और चीन का उत्तरी और उत्तर-पश्चिमी भाग इस मरुभूमि के अंतर्गत आता है। इसका कुल क्षेत्रफल 1,000,000 वर्ग किमी (500,000 वर्ग मील) है। ठंडी-सर्द जलवायु होने के कारण यह एक Cold Desert माना जाता है और सर्द मौसम में कभी-कभी यहाँ बर्फबारी भी हो जाती है।

इसे ‘Rain Shadow Desert’ भी कहते है, क्योंकि यह हिमालय पर्वत श्रंखला के पीछे पड़ता है। यहाँ की जलवायु शुष्क इसलिये है, क्योंकि हिमालय हिन्द महासागर से उठने वाले बादलों को गोबी पहुँचने से पहले ही रोक लेता है। इसकी अधिकांश सतह रेतीली होने के बजाय चट्टानी और दरारयुक्त है।

6. Kalahari Desert कालाहारी मरुस्थल : –

कालाहारी मरुस्थल विश्व का छठा सबसे बड़ा रेगिस्तान है। यह अफ्रीका महाद्वीप के दक्षिणी भाग में पड़ता है और इसका कुल क्षेत्रफल 900,000 वर्ग किमी (360,000 वर्ग मील) है। अंगोला, बोत्स्वाना, नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका के भूभाग इस Desert का हिस्सा है। यह एक विस्तृत अर्ध-शुष्क मरुभूमि है। इस रेगिस्तान का बड़ा हिस्सा लाल रंग की बालू से ढका है और केवल एक ही स्थायी नदी ‘ओकावंगो’ इस मरुस्थल से होकर गुजरती है।

जो इसके उत्तरी-पश्चिम में स्थित डेल्टा में गिरती है और उस दलदली क्षेत्र का निर्माण करती है जो वन्यजीवों (Wildlife) से समृद्ध है। सवाना क्षेत्र इसके नम क्षेत्र में ही पड़ता है, जहाँ वर्षभर में लगभग 500 मिमी वर्षा होती है। जबकि कालाहारी के सबसे शुष्क क्षेत्रों में सिर्फ 110-200 मिमी वर्षा होती है। यहाँ का औसत तापमान कभी भी 30 °C से ऊपर नहीं जाता, लेकिन गर्मियों में तापमान बहुत अधिक बढ़ जाता है।

7. Great Victoria Desert ग्रेट विक्टोरिया मरुस्थल : –

Great Victoria Desert ऑस्ट्रेलिया का सबसे बड़ा रेगिस्तान है। इसका कुल क्षेत्रफल 647,000 वर्ग किमी (220,000 वर्ग मील) है। यह दक्षिणी ऑस्ट्रेलिया की गालर श्रेणी से पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया की पूर्वी सोने की खानों के क्षेत्र तक फैला हुआ है। इसमें कई बड़े-बड़े रेत के पहाड़ हैं। Thunderstorms/बिजली के गरज भरे तूफ़ान इस क्षेत्र में बहुत आम हैं।

यह एक Subtropical Climate वाला Hot Desert है। गर्मियों में तापमान जहाँ 30 से 40 °C के बीच रहता है, वहीँ सर्दियों में यह 20 °C तक गिर जाता है। यहाँ वर्षा वर्षभर एक समान रूप से नहीं होती है, पर औसत वर्षा 200 से 250 मिमी के बीच ही रहती है।

8. Patagonian Desert पटागोनिअन मरुस्थल : –

Patagonian Desert दक्षिण अमेरिका का सबसे बड़ा रेगिस्तान है। इसका कुल क्षेत्रफल 620,000 वर्ग किमी (200,000 वर्ग मील) है और यह एक Cold Desert माना जाता है। यह मुख्य रूप से अर्जेंटीना में अवस्थित है जबकि इसका कुछ आंशिक क्षेत्र चिली में भी पड़ता है। इस मरुस्थल के पूर्व में अटलांटिक महासागर है तो पश्चिम में एंडीज पर्वत।

यह सर्द-नम जलवायु वाला एक Cold Desert है और यहाँ अक्सर बर्फीली हवाएँ चलती रहती हैं। इस मरुभूमि का तापमान कभी भी 10-12 °C से ऊपर नहीं जाता है, जबकि औसत तापमान 2 से 3 °C तक रहता है।

9. Syrian Desert सीरिया का मरुस्थल : –

Syrian Desert विश्व का नौवां सबसे बड़ा रेगिस्तान है। यह पश्चिमी एशिया मे पड़ता है और इसका कुल क्षेत्रफल 520,000 वर्ग किमी (200,000 वर्ग मील) है। यह अरब प्रायद्वीप के उत्तर में सीरियाई क्षेत्र में अवस्थित है इसीलिये इसे सीरिया का मरुस्थल कहा जाता है। यह एक Hot Desert है और इराक, जॉर्डन और सीरिया के भूभाग इस मरुस्थल का हिस्सा हैं। इस रेगिस्तान का ज्यादातर हिस्सा चपटा है, लेकिन यह बहुत चट्टानी भी है।

क्योंकि इसकी भूमि का निर्माण सीरियाई क्षेत्र में होने वाली ज्वालामुखी गतिविधियों के कारण बाहर निकले लावा के स्राव से हुआ है। यह क्षेत्र वर्ष के अधिकांश दिन सूखा ही रहता है और औसत वर्षा प्रायः 100-150 मिमी के बीच ही रहती है।

10. Great Basin Desert ग्रेट बेसिन मरुस्थल : –

Great Basin Desert संयुक्त राज्य अमेरिका का सबसे बड़ा रेगिस्तान है। यह एक Cold Desert है और इसका कुल क्षेत्रफल 492,000 वर्ग किमी (190,000 वर्ग मील) है। इसके पूर्व में रॉकी पर्वत हैं तो पश्चिम में सिएरा नवादा श्रेणी। दक्षिण में सोनोरन और मोजेव मरुस्थल हैं तो उत्तर में यह कोलंबिया के पठार को स्पर्श करता है। गर्मियों में यहाँ का तापमान बहुत अधिक रहता है जबकि सर्दियाँ में काफी बर्फबारी होती है और तापमान बहुत नीचे तक चला जाता है।

इस लेख में हमने आपको दुनिया के दस सबसे बड़े रेगिस्तानों के बारे में बताया है। अगले लेख में हम आपको अन्य देशों के रेगिस्तानों के बारे में भी बतायेंगे, विशेषकर भारत के थार रेगिस्तान के बारे में।

“सुखों का त्याग करना बुद्धिमानों की प्रकृति है, लेकिन मूर्ख उनके दास ही बने रहना चाहते हैं।”
– एपिक्टेटस

 

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