25 Largest Seas in The World in Hindi

 

“फिलीपिंस द्वीप के उत्तर-पूर्व में स्थित फिलीपिंस सागर दुनिया का सबसे बडा समुद्र है जो लगभग 56 लाख वर्ग किमी क्षेत्र में फैला है, यह प्रशांत महासागर का ही हिस्सा है। इसके बाद क्रमशः कोरल सागर, अरब सागर, दक्षिण चीन सागर, वेडेल सागर, कैरेबियाई सागर, भूमध्य सागर, तस्मान सागर, बैरिंग सागर और बंगाल की खाड़ी विश्व के नौ सबसे बडे सागर हैं। बंगाल की खाड़ी दुनिया की सबसे बड़ी खाड़ी भी है।”

 

Largest Seas of The World in Hindi
फिलीपिंस सागर दुनिया का सबसे बडा समंदर है

पूरी दुनिया में लगभग 100 से भी अधिक समुद्र हैं जो एक छोर से दूसरे छोर तक फैले हुए हैं। यह सभी सागर विश्व के पाँच महासागरों का ही हिस्सा हैं। ये एक-दूसरे से आंशिक स्थल भाग द्वारा पृथक हैं। आसान परिचय के लिये प्रायः इन्हें इनके समीप स्थित देश या द्वीप के नाम से जाना जाता है। जैसे जापान के निकट स्थित प्रशांत महासागर का जलीय भाग, ‘जापान सागर’ और भारत के बंगाल राज्य के समीप स्थित हिंद महासागर का हिस्सा, ‘बंगाल की खाड़ी’ के नाम से जाना जाता है।

संसार के पाँच महासागरों के बारे में हम पहले ही Largest Oceans of The World in Hindi में बता चुके हैं। आइये अब जानते हैं संसार के दस सबसे बडे सागरों के बारे में कुछ महत्वपूर्ण तथ्य। यह सूची हमने कई स्रोतों से जानकारी जुटाकर तैयार की है। यदि आपके पास कोई अन्य महत्वपूर्ण जानकारी हो, तो कृपया ईमेल के माध्यम से हमें सूचित करें ताकि लेख को और विस्तार से दिया जा सके –

1. Philippine Sea फिलीपिंस सागर, 5,695,000 वर्ग किमी : –

फिलीपिंस सागर संसार का सबसे बडा सागर है। यह फिलीपिंस के उत्तर-पूर्व में स्थित एक सीमांत समुद्र (Marginal Sea) है जो उत्तरी प्रशांत महासागर के पश्चिमी भाग में पड़ता है। इस धरती का सबसे गहरा स्थान भी इसी सागर के अंतर्गत आने वाले Mariana Trench (मेरियाना ट्रेंच) में पड़ता है। फिलीपिंस सागर के पश्चिम में फिलीपिंस और ताइवान, उत्तर में जापान, पूर्व में मरिआना और दक्षिण में पलाऊ द्वीप स्थित हैं। इसके समीप स्थित सागरों में मकस्सर सागर और सेलेबस सागर मुख्य हैं।

Area – फिलीपिंस सागर का कुल क्षेत्रफल 5,695,000 वर्ग किमी है और इसकी औसत गहराई 4,108 मीटर है।

Islands – फिलीपिंस सागर में पड़ने वाले मुख्य द्वीप हैं – बोनिन द्वीप, हलमाहेरा, होमोनहों, होंशू और क्यूशू द्वीप।

Animals – फिलीपिंस सागर में समुद्री कछुए, ऑक्टोपस, व्हेल, शार्क, और ईल मछलियों के साथ-साथ दुनिया के सबसे जहरीले साँपों में से एक समुद्री साँप भी पाया जाता है।

2. Coral Sea कोरल सागर, 4,791,000 वर्ग किमी : –

कोरल सागर जो दुनिया का दूसरा सबसे बडा सागर है दक्षिणी प्रशांत महासागर का ही एक सीमांत समुद्र है। यह ऑस्ट्रेलियाई तट के उत्तर-पूर्व में स्थित है। यह सागर अपनी गर्म और स्थिर रहने वाली जलवायु के कारण जाना जाता है। इसके अतिरिक्त अक्सर होने वाली वर्षा और उष्णकटिबंधीय चक्रवात भी इसकी विशिष्ट भौगोलिक स्थिति को दर्शाते हैं। इसके पश्चिम में क्वीन्सलैंड, पूर्व में वनुतु और न्यू कैलेडोनिया और सुदूर दक्षिण में सोलोमन द्वीप स्थित हैं।

इसके उत्तर-पश्चिम में पपुआ की खाडी स्थित है। यह दक्षिण में तस्मान सागर, उत्तर में सोलोमन सागर और पूर्व में प्रशांत महासागर से मिल जाता है। मूँगे से बनी हुई विश्व प्रसिद्द चट्टान ग्रेट बेरियर रीफ भी इसी सागर के क्षेत्र में स्थित है।

Area – कोरल सागर का कुल क्षेत्रफल 4,791,000 वर्ग किमी (1,850,000 वर्ग मील) है। इसकी औसत गहराई 2,394 मीटर है और सबसे गहरा स्थान लगभग 9,140 मीटर गहरा है।

Islands – कोरल सागर में पड़ने वाले मुख्य द्वीप हैं – उत्तरी स्ट्रेड ब्रोक द्वीप, विलिस द्वीप और रेनेल द्वीप।

Animals – कोरल सागर में पाये जाने वाले मुख्य जीव हैं – हंपबैक डॉलफिन, स्टार फिश, हंपबैक व्हेल, ऑक्टोपस और समुद्री कछुए। इसमें व्हेल की 30 प्रजातियों के अलावा समुद्री कछुओं की कई दुर्लभ प्रजातियाँ भी मिलती हैं, जिनमे हरा समुद्री कछुआ, लोगर हेड और ओलिव रिडले प्रमुख हैं। इसके अतिरिक्त मछलियों की 1500 और समुद्री साँप की 17 प्रजातियाँ भी कोरल सागर को अपना बसेरा बनाये हुए है।

3. Arabian Sea अरब सागर, 3,862,000 वर्ग किमी : –

अरब सागर संसार का तीसरा सबसे बड़ा सागर है। यह उत्तरी हिन्द महासागर का ही भाग है, जिसके उत्तर-पूर्व में भारतीय प्रायद्वीप, पश्चिम में सोमालिया और अरब प्रायद्वीप उत्तर में पाकिस्तान और ईरान और दक्षिन में मालदीव स्थित है। अरब सागर को फारस के सागर और ऐरेथ्रेयन सागर के नाम से भी जाना जाता रहा है। अरब सागर, अदन की खाड़ी के जरिये लाल सागर से जुडा हुआ है।

अरब सागर का जलीय क्षेत्र संसार के व्यस्त और महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक माना जाता है, क्योंकि यह एक बडा जलीय व्यापारिक मार्ग है। इसके अंतर्गत आने वाले बड़े बंदरगाहों में कांडला, मुंबई, मर्मगाओ, कोच्चि, ग्वादर और चाबहार प्रमुख हैं। भारत, पाकिस्तान, सऊदी अरब, ईरान, ओमान, सोमालिया, यमन और मालदीव अरब सागर की सीमा से लगते देश हैं।

Area – अरब सागर का कुल क्षेत्रफल 3,862,000 वर्ग किमी (1,491,000 वर्ग मील) है। इसकी अधिकतम गहराई 4,652 मीटर और अधिकतम चौड़ाई 2,400 किमी है।

Islands – अस्तोला द्वीप, दुर्गा द्वीप, पिराम द्वीप और लक्षद्वीप, अरब सागर में पड़ने वाले मुख्य द्वीप हैं।

Animals – अरब सागर में व्हेल मछली की सबसे छोटी प्रजाति स्पर्म व्हेल के अतिरिक्त कैटफिश, कार्डिनलफिश, डॉलफिन, समुद्री कछुए और शार्क भी पायी जाती है।

4. South China Sea दक्षिण चीन सागर, 3,500,000 वर्ग किमी : –

दक्षिण चीन सागर एक सीमांत समुद्र है जो प्रशांत महासागर का ही हिस्सा है। इसका क्षेत्र करिमता और मलक्का जलडमरूमध्य से लेकर ताइवान जलडमरूमध्य तक फैला है। दक्षिण चीन सागर का जल परिवहन क्षेत्र संसार का दूसरा सबसे महत्वपूर्ण जलमार्ग है। दुनिया की एक तिहाई शिपिंग इस समंदर से ही होकर गुजरती है, जिसके जरिये लगभग 3 खरब डॉलर का व्यापर प्रतिवर्ष होता है। इसके अलावा इसके Seabed (समुद्र तल) के नीचे तेल और गैस का बहुत बड़ा भंडार भी दबा हुआ है।

International Hydrographic Organization के अनुसार दक्षिण चीन सागर, चीन के दक्षिण, वियतनाम के पूर्व, फिलीपिंस के पश्चिम, मलय प्रायद्वीप, सुमात्रा और बोर्नियो के उत्तर में स्थित है। चीन, होंग कोंग, ताइवान, फिलिपींस, मलेशिया, इंडोनेशिया, ब्रूनेई, सिंगापुर और वियतनाम इस सागर की सीमाओं से लगते देश हैं।

Area – दक्षिण चीन सागर का कुल क्षेत्रफल 3,500,000 वर्ग किमी (1,352,000 वर्ग मील) है। इसकी अधिकतम गहराई 5, 559 मीटर है।

Islands – फिएरी क्रॉस रीफ, वुडी आइलैंड, स्कारबोरो शोअल, स्प्रत्ली, परसल और प्रतस द्वीप, दक्षिण चीन सागर में पड़ने वाले मुख्य द्वीप हैं। इसमें लगभग 250 द्वीप हैं।

Animals – दक्षिण चीन सागर में मछलियों की बहुतायत है, यही कारण है कि यहाँ मछलियों की लगभग 3365 प्रजातियाँ पायी जाती हैं। सन 2012 में पूरे संसार में जितनी मछलियाँ पकड़ी गयी थी उसमें 12 प्रतिशत योगदान इसी सागर का था जिसकी कुल कीमत 22 बिलियन डॉलर थी। इसके अलावा इसमें शार्क, स्टिंगरे, समुद्री कछुए आदि भी पाये जाते है।

5. Weddell Sea वेडेल सागर, 2,800,000 वर्ग किमी : –

वेडेल सागर, दक्षिणी महासागर का ही हिस्सा है और यह 73° S और 45° W इन अक्षांशों के मध्य स्थित है। स्कॉटलैंड के नाविक जेम्स वेडेल, जिसने सन 1923 में इस सागर का सबसे पहले पता लगाया था, के नाम से ही इस सागर को जाना जाता है। यह पश्चिम में पश्चिमी अंटार्कटिका के अंटार्कटिक प्रायद्वीप और पूर्व में पूर्वी अंटार्कटिका के काट्स लैंड से घिरा हुआ है। वेडेल सागर का सुदूर दक्षिणी भाग बर्फ की एक स्थायी और अत्यधिक मोटी परत से ढका रहता है, जिसे फिल्च्नर-रोन्न आइस शेल्फ के नाम से जाना जाता है।

इस धरती पर जितने भी सागर हैं उन सभी में वेडेल सागर का जल सबसे स्वच्छ माना जाता है। सन 1986 में डच वैज्ञानिकों के एक दल ने 80 मीटर की गहराई से पानी का एक नमूना लिया था जो परीक्षा करने पर बिल्कुल Distilled Water (आसवित जल) की तरह शुद्ध था। वेडेल सागर से लगे हुए अन्य सागर हैं लाजरेव सागर, स्कोटिया सागर और बेल्लिंग्सहौज़ेन सागर।

Area – वेडेल सागर का कुल क्षेत्रफल 2,800,000 वर्ग किमी (1,080,000 वर्ग मील) है। इसकी अधिकतम चौड़ाई 2000 किमी है।

Islands – वेडेल सागर में पड़ने वाले मुख्य द्वीप है – सिमोर द्वीप (Seymour Island), स्नो हिल द्वीप (Snow Hill Island), डेविल द्वीप (Devil Island) और Half Moon Island

Animals – वेडेल सागर में व्हेल और सील मछलियों की बहुतायत है, जिनमे किलर व्हेल, हम्पबैक व्हेल, मिंक व्हेल और लेपर्ड सील मुख्य हैं। इसके अतिरिक्त इसके तट पर पेंगुइन की एक विशेष प्रजाति अडेलि पेंगुइन भी पायी जाती है जो अब इसके कठोर वातावरण की अभ्यस्त हो गयी है। दुनियाभर के Wildlife Photographers यहाँ मिलने वाले दुर्लभ जीवों की एक झलक देखने आते हैं।

6. Caribbean Sea कैरेबियन सागर, 2,754,000 वर्ग किमी : –

कैरेबियन सागर संसार का छठा सबसे बड़ा समंदर है। यह पश्चिमी गोलार्द्ध के अंतर्गत आता है और अटलांटिक महासागर का ही हिस्सा है। इसके पश्चिम में मैक्सिको, दक्षिण-पश्चिम में मध्य अमेरिका, उत्तर में क्यूबा पूर्व में Lesser Antilles और दक्षिम में दक्षिण अमेरिका महाद्वीप का उत्तरी तट है। इसकी औसत गहराई 2200 मीटर है। कैरेबियन सागर का सम्पूर्ण क्षेत्र तथा इसमें पड़ने वाले वेस्टइंडीज के विभिन्न द्वीप कैरेबियन के नाम से जाने जाते हैं। इस सागर की खोज का श्रेय भी कोलंबस को ही जाता है जो इससे होकर ही सन 1492 में भारत के धोखे में अमेरिका पहुँच गया था।

चूँकि कैरेबियन सागर दुनिया के सबसे बड़े समन्दरों में से एक है, इसीलिये इसके क्षेत्र में अनेकों खाड़ियाँ भी पड़ती हैं, जिनमे वेनेजुएला, परिया और होंडुरास की खाड़ी प्रमुख हैं। ग्रेट बेरियर रीफ के पश्चात मूँगे से निर्मित संसार की दूसरी सबसे बडी संरचना भी इसी सागर में पड़ती है, जिसे मेसो अमेरिकन बैरियर रीफ (Mesoamerican Barrier Reef) के नाम से जाना जाता है। यह लगभग 1000 किमी लम्बी है।

उत्तरी अमेरिका में तबाही लाने वाले कई तूफ़ान और चक्रवात भी इसी सागर से पैदा होते हैं। कैरेबियन सागर दुनिया भर के पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है। Caribbean Tourism Organization के अनुसार हर साल लगभग 1 करोड़ से भी अधिक लोग यहाँ के बीचों के सुहाने मौसम का लुत्फ़ उठाने पहुँचते हैं। इसके अतिरिक्त यह दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पादक क्षेत्रों में से भी एक है।

Area – कैरेबियन सागर का कुल क्षेत्रफल 2,754,000 वर्ग किमी (1,063,000 वर्ग मील) है। जमैका के समीप स्थित Cayman Trough जिसकी गहराई 7,686 मीटर है, इस सागर का सबसे गहरा बिंदु है।

Islands – कैरेबियन सागर में पड़ने वाले मुख्य द्वीप है – सेंट मार्टिन एंटीगुआ और सैन एंड्रेस द्वीप।

Animals – कैरेबियन सागर में मछलियों की 1000 से भी अधिक प्रजातियाँ पायी जाती है जिनमे मुख्य रूप से शार्क, फ्लाइंग फिश, महासागरीय मंटा रे, टार्पोन और ईल मुख्य हैं। शार्क मछलियों की अधिकांश प्रजातियाँ यहाँ पर देखी गयी हैं, जिनमे बुल शार्क, टाइगर शार्क और सिल्की शार्क प्रमुख हैं। इसके अतिरिक्त स्तनपायी जीवों की 90 प्रजातियाँ, सरीसृपों की 500 प्रजातियाँ और पक्षियों की 600 प्रजातियाँ भी कैरेबियाई क्षेत्र में पायी जाती हैं। समुद्री कछुओं की कई प्रजातियाँ, जहरीले और पेड़ पर रहने वाले मेंढक भी यहाँ पाये जाते हैं।

7. Mediterranean Sea भूमध्य सागर, 2,510,000 वर्ग किमी : –

भूमध्य सागर दुनिया का सातवाँ सबसे बड़ा समंदर है। यह अटलांटिक महासागर से जुड़ा है और चारों ओर से स्थल भाग से घिरा हुआ है। इसके उत्तर में यूरोप, दक्षिण में अफ्रीका और पूर्व में एशिया महाद्वीप हैं। इस सागर को अटलांटिक का हिस्सा मानना उचित नहीं होगा, क्योंकि भूगर्भीय सर्वेक्षण बताते हैं कि यह लगभग 59 लाख वर्ष पहले अटलांटिक महासागर से अलग हो गया था। हालाँकि भूमध्य सागर जिब्राल्टर की संधि के जरिये अटलांटिक से जुडा हुआ है, लेकिन यह जलडमरूमध्य केवल 14 किमी चौड़ा है।

यह संधि यूरोप को अफ्रीका से भी अलग करती है। दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण जहाजी नहरों में से एक स्वेज नहर जो इसके दक्षिण पूर्व में है, भूमध्य सागर को लाल सागर से जोडती है। भूमध्य सागर का जल क्षेत्र प्राचीन काल के सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक जलमार्गों में से एक था।

Area – भूमध्य सागर का कुल क्षेत्रफल 2,510,000 वर्ग किमी (970,000 वर्ग मील) है। इसकी औसत गहराई 1,500 मीटर और अधिकतम गहराई 5,267 मीटर है। यह स्थान Calypso Deep के नाम से जाना जाता है।

Islands – भूमध्य सागर में कुल मिलाकर 3300 से भी अधिक द्वीप हैं जिनमे रोड्स, चिओस, कोर्फू, समोस, क्रीट, सिसली, और माल्टा मुख्य हैं। 50 से भी अधिक देशों की सीमाएँ इस सागर से मिलती हैं जिनमे मिस्र, अल्बानिया, इटली, ग्रीस, फ्रांस, स्पेन, इजराइल, तुर्की, मोनाको, सायप्रस और क्रोएशिया प्रमुख देश हैं।

Animals – भूमध्य सागर में पाये जाने वाले जीवों में डॉलफिन, लोगरहेड समुद्री कछुए, सारडाइन, सोर्डफिश, मोंक सील और समुद्री केकड़े प्रमुख हैं। कम जलापूर्ति और पानी के अधिक वाष्पीकरण से धीरे-धीरे भूमध्य सागर का जल खारा होता जा रहा है जिसके कारण कई जलीय जीवों के अस्तित्व पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।

8. Tasman Sea तस्मान सागर, 2,300,000 वर्ग किमी : –

तस्मान सागर दक्षिण प्रशांत महासागर का ही एक सीमांत समुद्र है और दुनिया का आँठवा सबसे बड़ा सागर है। यह ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड देशों के बीच में स्थित है। इस सागर का नाम डच अन्वेषक अबेल जांसजून तस्मन (Abel Janszoon Tasman) के नाम पर रखा गया है, जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया के तस्मानिया द्वीप और न्यूजीलैंड की खोज की थी। इसके उत्तर में कोरल सागर, पूर्व में प्रशांत महासागर, दक्षिण में दक्षिणी महासागर और पश्चिम में बास जलडमरूमध्य है। ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के कई प्रमुख नगर, तस्मान सागर के किनारे बसे हैं जिनमे वोल्फगांग, सिडनी, ऑकलैंड, वेलिंगटन और होबार्ट मुख्य हैं।

Area – तस्मान सागर का कुल क्षेत्रफल 2,300,000 वर्ग किमी (888,000 वर्ग मील) है। इसकी अधिकतम लम्बाई 2,800 किमी और अधिकतम चौडाई 2,200 किमी है।

Islands – तस्मान सागर में स्थित मुख्य द्वीप हैं – लार्ड हॉवे द्वीप, नोरफोक द्वीप, मिडिलटन रीफ और एलिजाबेथ रीफ।

Animals – डॉलफिन, स्टार फिश, व्हेल, ऑक्टोपस, समुद्री साँप और समुद्री कछुए समेत मछलियों की सैकड़ों प्रजातियाँ तस्मान सागर के गहन जल में पायी जाती हैं।

9. Bering Sea बैरिंग सागर, 2,261,100 वर्ग किमी : –

बैरिंग सागर भी प्रशांत महासागर का ही सीमांत सागर है। यह अलास्का प्रायद्वीप द्वारा अलास्का की खाड़ी से पृथक है। इसके पूर्व और उत्तर-पूर्व में अमेरिका का अलास्का राज्य, पश्चिम में रूस का सुदूर पूर्वी हिस्सा और कामचटका प्रायद्वीप, दक्षिण में अलास्का प्रायद्वीप और अलयूशियन द्वीपसमूह और सुदूर उत्तर में बैरिंग जलडमरूमध्य है। Bering Strait इस सागर को आर्कटिक महासागर के चकची सागर से जोडती है।

सन 1728 में एक डच अन्वेषक विटस बेरिंग ने इस सागर की खोज की थी। बैरिंग सागर के मुख्य क्षेत्रों में बेरिंग स्ट्रेट, ब्रिस्टल की खाड़ी, नॉर्टन साउंड और अनाडिर की खाड़ी शामिल हैं। यह सागर अमेरिका और रूस के लिये बहुत महत्व रखता है, क्योंकि उन्हें इस सागर के जल से प्रतिवर्ष लगभग 2 अरब डॉलर की मछलियाँ प्राप्त होती हैं।

Area – बैरिंग सागर का कुल क्षेत्रफल 2,261,100 वर्ग किमी (8,729,00 वर्ग मील) है। इसकी अधिकतम लम्बाई 2,800 किमी और अधिकतम चौडाई 2,200 किमी है।

Islands – बैरिंग सागर में स्थित मुख्य द्वीप हैं – कोमंडोर्सकी द्वीप, किंग द्वीप, ननिवक द्वीप, करागिनस्की द्वीप, सेंट लॉरेंस द्वीप और प्रिबिलोफ़ द्वीप।

Animals – बैरिंग सागर में मछलियों की 419 प्रजातियों के साथ-साथ Seabird (समुद्री पक्षियों) की 30 प्रजातियाँ भी पायी जाती हैं। इनके अतिरिक्त केकड़े की सबसे बड़ी प्रजाति किंग क्रैब, वालरस, सी लायन, फर सील, ध्रुवीय भालू और ओर्का भी बैरिंग सागर के जलीय क्षेत्र के मुख्य जीव हैं। पर इस सागर की मुख्य विशेषता यहाँ मिलने वाली व्हेल मछलियों की कई प्रजातियों के कारण है, जिनमे बेलूगा व्हेल, हंपबैक व्हेल, ग्रे व्हेल, ब्लू व्हेल, स्पर्म व्हेल, फिन व्हेल, सी व्हेल और व्हेल मछली की दुनिया में सबसे दुर्लभ प्रजाति ‘नार्थ पेसिफिक राईट व्हेल’ शामिल है।

10. Bay of Bengal बंगाल की खाड़ी, 2,172,000 वर्ग किमी : –

बंगाल की खाड़ी दुनिया की सबसे बडी खाड़ी है। इसमें आने वाले जल का मुख्य स्रोत भारत की प्रमुख नदियाँ हैं जिनमे गंगा, जमुना, ब्रह्मपुत्र, गोदावरी, इरावदी, महानदी, कृष्णा और कावेरी मुख्य हैं। बंगाल की खाड़ी पश्चिम, उत्तर-पश्चिम और पूर्व दिशा में भारतीय उपमहाद्वीप से घिरी है। इसके उत्तर में बांग्लादेश, उत्तर-पूर्व में म्यांमार, दक्षिण-पूर्व मे इंडोनेशिया और सुदूर दक्षिण में श्रीलंका स्थित है। बंगाल की खाड़ी की अधिकतम लम्बाई 2,090 किमी और अधिकतम चौडाई 1,610 किमी है। इस विशाल खाड़ी का नाम भारत के बंगाल राज्य के कारण पड़ा है।

प्राचीन काल में इसे महोदधि के नाम से भी पुकारा जाता था। यह माना जाता है कि कभी बंगाल की खाड़ी उस मेरियाना ट्रेंच से भी अधिक गहरी थी जो आज दुनिया का सबसे गहरा स्थान है। लेकिन गंगा, ब्रह्मपुत्र और मेघना नदियों के कारण जमा होने वाली लगभग 100 करोड़ टन तलछट जो हर वर्ष इसमें जमा हो जाती है, के कारण इसकी गहराई काफी कम हो गयी है। विशाखापट्नम, कोलकाता, चेन्नई, हल्दिया, चटगाँव और काकीनाडा बंगाल की खाड़ी पर स्थित मुख्य बंदरगाह हैं।

Area – बंगाल की खाड़ी का कुल क्षेत्रफल 2,172,000 वर्ग किमी (839,000 वर्ग मील) है। इसकी औसत गहराई 2600 मीटर है। बंगाल की खाड़ी का सबसे गहरा भाग लगभग 4,694 मीटर गहरा है।

Islands – बंगाल की खाड़ी में स्थित मुख्य द्वीप हैं – अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, मेर्गुई और चेडूबा द्वीप।

Animals – बंगाल की खाड़ी में मछलियों की अनेकों प्रजातियों के साथ-साथ समुद्री कछुए (ओलिव रिडले), हम्पबैक डॉलफिन, टूना, व्हेल और समुद्री साँप भी पाये जाते हैं। इनके अतिरिक्त इसमें मूँगे की कई चट्टानें भी हैं। बंगाल की खाड़ी से प्रतिवर्ष लगभग 60 लाख टन मछलियाँ पकड़ी जाती हैं।

“अगर आप सागर पार करना चाहते हैं तो आपमें फौलादी जज्बा अवश्य होना चाहिये। आप हर हाल में इतने शक्ति संपन्न होने चाहिये कि पर्वतों को भी भेद सकें।”
– स्वामी विवेकानंद

 

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