What are The 7 Continents of The World in Hindi

 

“पृथ्वी के सम्पूर्ण स्थल भाग को सात महाद्वीपों में बाँटा गया है जिनमे सबसे बड़ा एशिया है। क्षेत्रफल की दृष्टि से सातों महाद्वीपों के नाम इस प्रकार हैं: एशिया, अफ्रीका, उत्तरी अमेरिका, दक्षिणी अमेरिका, अंटार्कटिका, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया।”

 

7 Continents of The World in Hindi
क्या जानते हैं आप संसार के सात महाद्वीपों के बारे में

What is A Continent महाद्वीप किसे कहते हैं : –

पृथ्वी का कुल क्षेत्रफल 13,69,38,500 वर्ग मील है। इसके संपूर्ण भूभाग का 71% भाग जल और 29% भाग स्थल है। यह पूरा स्थल भाग एक छोर से दूसरे छोर तक समान नहीं है, बल्कि कई वृहत टुकड़ों में बंटा हुआ है। धरती के यह विशाल टुकडे ही हमारे महाद्वीप हैं। एक आसान परिभाषा के अनुसार “Continents/महाद्वीप पृथ्वी के वह विशाल, सतत और पृथक टुकडे हैं जो वस्तुतः उस व्यापक जलराशि द्वारा अलग कर दिये गये हैं जिन्हें World Ocean विश्व महासागर के नाम से जाना जाता है।”

हालाँकि इन सातों महाद्वीपों में से केवल ऑस्ट्रेलिया और अंटार्कटिका ही महासागरों द्वारा पूरी तरह अलग किये गये हैं। अन्यथा बाकी महाद्वीप किसी न किसी प्रकार से एक दूसरे से कुछ हद तक जुडे ही हुए हैं। जैसे एशिया और अफ्रीका स्वेज नहर के द्वारा और उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका पनामा नहर के द्वारा जुड़े हुए हैं।

एशिया और यूरोप तो एक दूसरे से इस तरह जुडे हुए हैं कि अक्सर इन्हें एक ही महाद्वीप ‘यूरेशिया’ के नाम से संबोधित किया जाता है। आज भले ही यह सभी महाद्वीप अलग-अलग हों, लेकिन एक समय यह सब एक-दूसरे से पूरी तरह से जुड़े हुए थे और इस समस्त भूभाग को Supercontinent कहा जाता था। लेकिन यह करोड़ों वर्ष पुरानी उस समय की बात है, जब हमारे सौर मंडल और पृथ्वी का जन्म हुआ था।

अपनी आरंभिक अवस्था में धरती बहुत गर्म थी, लेकिन जैसे-जैसे पृथ्वी की आंतरिक कोर और इसकी सतह के बीच के तापमान में अंतर आता गया, तो धरती की tectonic plates के गतिशील होने से यह एक वृहत भूखंड कई टुकड़ों में बंट गया और इस तरह सात महाद्वीप अस्तित्व में आये। इस प्रक्रिया को पूरा होने में भी लाखों वर्षों का समय लगा था।

How many Continents are in The World संसार के महाद्वीप : –

हमारी पृथ्वी पर कुल सात महाद्वीप हैं। इन सातों महाद्वीपों के नाम हैं – एशिया, अफ्रीका, उत्तरी अमेरिका, दक्षिणी अमेरिका, अंटार्कटिका, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया। इनमे एशिया सबसे बड़ा है जबकि ऑस्ट्रेलिया सबसे छोटा। हम यहाँ पर इन Continents से आपका केवल संक्षिप्त परिचय ही करायेंगे। इनके बारे में विस्तार से अगले लेखों में बताया जायेगा। आइये अब एक-एक करके इनके बारे में जानते हैं –

1. Asia is The Largest Continent on Earth एशिया : –

एशिया महाद्वीप सातों Continents में सबसे बडा है। इसका कुल क्षेत्रफल 44,579,000 वर्ग किमी (17,212,000 वर्ग मील) है जो धरती के कुल स्थल भाग का 30 प्रतिशत है। लेकिन इसमें संसार की लगभग 60 प्रतिशत जनसँख्या निवास करती है। यह पूर्व में प्रशांत महासागर से, उत्तर में आर्कटिक महासागर से और दक्षिण में हिंद महासागर से घिरा हुआ है। इसके पश्चिम में यूरोप महाद्वीप है। क्षेत्रफल की दृष्टि से रूस इस महाद्वीप का सबसे बड़ा देश है जबकि चीन सबसे अधिक जनसँख्या वाला राष्ट्र है।

इस सम्पूर्ण पृथ्वी पर 700 करोड़ से भी ज्यादा मनुष्य रहते हैं जिनमे से 450 करोड़ केवल एशिया में ही रहते हैं। एशिया महाद्वीप में कुल 54 राष्ट्र आते हैं जिनमे से 48 संयुक्त राष्ट्र संघ के सदस्य हैं। भारत, चीन, जापान और दक्षिण कोरिया इस महाद्वीप के कुछ प्रमुख शक्तिसंपन्न देश हैं। एशिया संसार के लगभग सभी धर्मों का जन्मस्थान हैं।

ईसाई, इस्लाम, सिक्ख, पारसी, हिंदू, जैन, बौद्ध, ताओ और यहूदी धर्म यहीं से सारे संसार में फैले हैं। संसार की कुछ सबसे पुरानी सभ्यताएँ भी इसी महाद्वीप में पनपी हैं। संस्कृति की तरह यह Continent विशाल खनिज और वन्य सम्पदा से भी भरा-पूरा है। संसार के कुछ सबसे प्रसिद्ध और बड़े नगर भी इसी महाद्वीप में हैं जिनमे शंघाई, दिल्ली, मुंबई, बीजिंग, टोक्यो, सियोल आदि शामिल हैं।

इस महाद्वीप में 2000 से भी ज्यादा भाषाएँ बोली जाती हैं और संसार का 40 प्रतिशत से भी अधिक खाद्यान्न यहीं उत्पन्न होता है। चीन की यांगत्जी नदी इस महाद्वीप की सबसे बड़ी नदी है और इसमें स्थित हिमालय पर्वत न सिर्फ एशिया का सबसे बडा पर्वत है बल्कि यह संसार की भी सबसे विशाल पर्वतमाला है। धरती का सबसे ऊँचा स्थान Mount Everest इसी पर्वत की चोटी है।

2. Africa अफ्रीका : –

अफ्रीका महाद्वीप क्षेत्रफल और आबादी दोनों में एशिया के बाद दूसरा सबसे बड़ा Continent है। इसका कुल क्षेत्रफल 30,370,000 वर्ग किमी (11,730,000 वर्ग मील) है जो धरती के कुल स्थल भाग का 20.4 प्रतिशत है। इसकी कुल जनसँख्या 1,225,080,510 है जो सकल विश्व का 16 प्रतिशत है। अफ्रीका में कुल 54 राष्ट्र हैं। क्षेत्रफल की दृष्टि से अल्जीरिया इस महाद्वीप का सबसे बड़ा देश है जबकि नाइजीरिया सबसे अधिक जनसँख्या वाला राष्ट्र है।

यह महाद्वीप उत्तर में भूमध्य सागर, पश्चिम में अटलांटिक महासागर, पूर्व में फारस की खाड़ी और अरब सागर तथा दक्षिण में हिंद महासागर से घिरा हुआ है। दुनिया के कुछ सबसे बड़े रेगिस्तान भी अफ्रीका में ही हैं। प्राचीन विश्व के लुप्त हो चुके सात महान आश्चर्य जिनका वर्णन हमने 7 Wonders of Ancient World in Hindi में किया है, भी इसी महाद्वीप में ही स्थित थे।

संसार की सबसे लंबी नदी नील भी इसी महाद्वीप से होकर बहती है जिसका वर्णन हमने Longest Rivers of The World in Hindi में किया है। अफ्रीका इस पृथ्वी का सबसे गर्म महाद्वीप है और इसका लगभग 60 प्रतिशत से भी अधिक हिस्सा, रेगिस्तान और सूखी बंजर धरती के रूप में है।

अपनी रहस्यमयी, विचित्र और जटिल भौगोलिक संरचना के कारण अफ्रीका लम्बे समय तक विशेषज्ञों के लिये पहेली बना रहा है। यही कारण है कि अन्य महाद्वीपों की तुलना में अफ्रीका के बारे में कुछ कम ही जाना जा सका है, इसीलिये इसे अंध महाद्वीप भी कहते हैं।

3. North America उत्तरी अमेरिका : –

उत्तरी अमेरिका धरती का तीसरा सबसे बड़ा महाद्वीप है। यह पूरा महाद्वीप उत्तरी गोलार्द्ध में पड़ता है और लगभग सारा ही पश्चिमी गोलार्द्ध में भी। इसका कुल क्षेत्रफल 24,709,000 वर्ग किमी (9,540,000 वर्ग मील) है जो धरती के कुल स्थल भाग का 16.5 प्रतिशत है। इसकी कुल जनसँख्या 565,265,000 है। यह उत्तर में आर्कटिक महासागर, पूर्व में अटलांटिक महासागर और दक्षिण और पश्चिम में प्रशांत महासागर से घिरा हुआ है।

इसके दक्षिण-पूर्व में ही दक्षिणी अमेरिका महाद्वीप और कैरेबियन सागर है। इस महाद्वीप में कुल 23 देश हैं जिनमे संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको प्रमुख हैं। संसार के कुछ सबसे बड़े और सबसे महत्वपूर्ण नगर भी इसी महाद्वीप में स्थित हैं जिनमे न्यूयार्क, शिकागो, लॉस एंजेल्स, ओटावा, और वाशिंगटन प्रमुख हैं।

इस महाद्वीप की खोज क्रिस्टोफर कोलंबस ने की थी। यहाँ के मूल निवासी रेड इंडियन कहलाते हैं। क्षेत्रफल और जनसँख्या की दृष्टि से कनाडा इस महाद्वीप का सबसे बड़ा देश है। संसार के सात नये आश्चर्यों में शामिल Chichen Itza भी इसी महाद्वीप के मैक्सिको देश में स्थित है। मिसिसिप्पी नदी उत्तरी अमेरिका की सबसे बड़ी नदी है और रॉकी पर्वत यहाँ की सबसे बड़ी पर्वतमाला।

4. South America दक्षिणी अमेरिका : –

दक्षिणी अमेरिका पश्चिमी गोलार्द्ध में स्थित धरती का चौथा सबसे बड़ा महाद्वीप है। इसका अधिकांश भाग दक्षिणी गोलार्द्ध में ही पड़ता है। इसका कुल क्षेत्रफल 17,840,000 वर्ग किमी (6,890,000 वर्ग मील) है जो धरती के कुल स्थल भाग का लगभग 11.9 प्रतिशत है। इसकी कुल जनसँख्या 420,458,044 है। क्षेत्रफल और जनसँख्या की दृष्टि से ब्राजील इस महाद्वीप का सबसे बड़ा देश है।

दक्षिणी अमेरिका की लगभग आधे से अधिक आबादी सिर्फ ब्राजील में ही निवास करती है। यह दुनिया का पाँचवां सबसे बड़ा राष्ट्र है। इस महाद्वीप के उत्तर और पूर्व दिशा में अटलांटिक महासागर है और पश्चिम दिशा में प्रशांत महासागर। उत्तरी अमेरिका और कैरेबियन सागर इसके उत्तर-पूर्व में हैं। दुनिया की सबसे बड़ी नदी अमेजन भी इसी महाद्वीप के कई देशों से होकर बहती है।

इसमें कुल 12 देश हैं जिनमे ब्राजील, अर्जेंटीना, कोलंबिया, वेनजुएला और चिली प्रमुख हैं। इसी महाद्वीप में दुनिया का सबसे ऊँचा जल प्रपात एंजेल फाल्स भी है जो वेनजुएला में है। संसार के सात महान आश्चर्यों में से एक Machhu Pichhu भी इसी महाद्वीप के पेरू देश में स्थित है जिसके बारे में आप 7 New Wonders of World in Hindi में पढ़ चुके हैं।

5. Antarctica अंटार्कटिका : –

अंटार्कटिका विश्व का पाँचवां सबसे बड़ा महाद्वीप होने के साथ-साथ दुनिया का सबसे ठंडा और सबसे सूखा महाद्वीप भी है। इसका कुल क्षेत्रफल 14,000,000 वर्ग किमी (5,400,000 वर्ग मील) है जो धरती के कुल स्थल भाग का लगभग 9.4 प्रतिशत है। यह धरती का सबसे दूरस्थ महाद्वीप है और दक्षिणी गोलार्द्ध में स्थित है। इसका लगभग 98 प्रतिशत भाग बर्फ की मोटी-मोटी परतों से ढका हुआ है जिनकी औसत मोटाई लगभग 2 किमी तक है।

यहाँ का तापमान हमेशा शून्य डिग्री सेंटीग्रेड से नीचे ही रहता है और न्यूनतम तापमान −89.2 °C तक रिकॉर्ड किया गया है। अंटार्कटिका एक निर्जन स्थान है क्योंकि अत्यंत प्रतिकूल जलवायु होने के कारण प्राणियों के लिये यहाँ पर जीवन धारण करना बहुत मुश्किल है। इस पूरे महाद्वीप पर अक्सर तेज बर्फीली हवाएँ चलती रहती हैं।

यहाँ पर जो भी जनसँख्या है वह केवल शोध करने वाले विशेषज्ञों की है जो 2000 से 5000 की संख्या में यहाँ रहते हैं। विन्सन मासिफ अंटार्कटिका का सबसे ऊँचा पर्वत शिखर है। पृथ्वी का दक्षिणी ध्रुव अंटार्कटिका में ही पड़ता है। सील, पेंग्विन, अल्बाट्रोस, स्क्विड यहाँ के भीषण वातावरण में रहने वाले मुख्य जीव हैं।

6. Europe यूरोप : –

सम्पूर्ण यूरोप महाद्वीप उत्तरी गोलार्द्ध में ही पड़ता है और इसका अधिकांश भाग पूर्वी गोलार्द्ध के अंतर्गत भी आता है। इसके उत्तर में आर्कटिक महासागर है तो पश्चिम में अटलांटिक महासागर। इसके दक्षिण में भूमध्य सागर है। यह उरल के छिछले जल और काकेशस पर्वतों की वजह से एशिया महाद्वीप से पृथक मालूम पड़ता है। इसका कुल क्षेत्रफल 10,180,000 वर्ग किमी (3,930,000 वर्ग मील) है जो धरती के कुल स्थल भाग का 6.8 प्रतिशत है।

इस महाद्वीप की कुल जनसँख्या 741,447,158 है तथा इसमें कुल 50 देश हैं जिनमे फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन, स्पेन, स्विट्ज़रलैंड, स्वीडन और बेल्जियम प्रमुख हैं। एशिया के साथ-साथ रूस यूरोप का भी सबसे बड़ा देश माना जाता है, क्योंकि इसका भूभाग दोनों ही महाद्वीपों में पड़ता है। रूस की येनेसी नदी, यूरोप की सबसे बड़ी नदी है।

रूस में स्थित Mount Elbrus एल्ब्रस पर्वत यूरोप का सबसे ऊँचा पर्वत है। Industrial Revolution/ औद्योगिक क्रांति का जन्मदाता भी यूरोप ही माना जाता है। मास्को, लंदन, पेरिस, बर्लिन, रोम, जेनेवा, कोपेनहेगेन और मैड्रिड यूरोप के कुछ सबसे बड़े और प्रसिद्द नगर हैं। धरती का स्वर्ग कहा जाने वाला स्विट्ज़रलैंड देश भी यूरोप महाद्वीप का ही हिस्सा है।

7. Australia ऑस्ट्रेलिया : –

ऑस्ट्रेलिया संसार का सबसे छोटा महाद्वीप है। इसका कुल क्षेत्रफल 8,600,000 वर्ग किमी (3,300,000 वर्ग मील) है जो धरती के कुल स्थल भाग का 5.7 प्रतिशत है। इस महाद्वीप की कुल जनसँख्या 36,000,000 है। सरल वर्गीकरण की दृष्टि से न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया और प्रशांत महासागर में पड़ने वाले कुछ अन्य छोटे द्वीप जिनका समावेश सात महाद्वीपों में नहीं हो सका है को Oceania/ ओशेनिया के नाम से भी संबोधित किया जाता है।

ऑस्ट्रेलिया पश्चिम में हिंद महासागर और पूर्व में प्रशांत महासागर से घिरा हुआ है। महाद्वीप में केवल 4 देश हैं जिनमे ऑस्ट्रेलिया की मुख्य भूमि, पपुआ न्यूगिनी, पूर्वी तिमोर और इंडोनेशिया के कुछ द्वीप शामिल हैं। सिडनी, मेलबर्न, और कैनबरा इस महाद्वीप के कुछ सबसे बड़े और प्रसिद्द नगर हैं। इंडोनेशिया के द्वीप पपुआ में स्थित पुनक जाया ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप का सबसे ऊँचा पर्वत शिखर है।

इस पृथ्वी पर कुल सात महाद्वीप, 195 देश और पाँच महासागर हैं। हर Continent अपने आप में कोई न कोई अनोखी विशेषता लिये हुए है जो उसमे स्थित देश की भाषा, संस्कृति, परंपरा, रीति-रिवाज और भौगोलिक विशेषताओं के कारण है। अगले लेख में हम आपको संसार के सभी देशों और उनकी राजधानियों के बारे में बतायेंगे।

“कल्पना सृजन की शुरुआत है। आप उसकी कल्पना कर सकते हैं जिसे आप चाहते हैं और तब आप वह होंगे जो आप कल्पना करते हैं और आखिर में आप उसकी रचना कर लेंगे जो आप करना चाहते हैं।”
– जॉर्ज बर्नार्ड शॉ

 

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