Wonderful Facts about Solar System in Hindi

 

“सौर मंडल (Solar System) सूर्य और इसकी गुरुत्वाकर्षण शक्ति में बंधे हुए ग्रहों, उपग्रहों, पुच्छल तारों और एस्टेरोइड का एक वृहत तंत्र है जो 4.5 अरब वर्ष पूर्व निर्मित हुआ था पृथ्वी भी इसी विशाल तंत्र का एक छोटा सा भाग है जो अन्य ग्रहों की तरह अपनी कक्षा में स्थित हुई सूर्य की परिक्रमा करती है हमारा सौर मंडल Orion Arm में स्थित है जो मिल्की वे आकाशगंगा (Galaxy) के केंद्र से लगभग 26 हजार प्रकाश वर्ष दूर है सूर्य इसका सबसे बड़ा सदस्य है”

Wonderful Facts about Solar System in Hindi
हमारा सौर मंडल अनंत ब्रह्मांड का एक छोटा सा हिस्सा भर है

अपने घर के आस-पास के क्षेत्र और जिले के संबंध में लगभग हर इन्सान को जानकारी रहती है उच्च शिक्षित और घूमने के शौक़ीन लोगों को तो देश-प्रदेश की भी जानकारी होती है लेकिन जो हमारा स्थायी वास है और जिस पर हम जन्म से लेकर मृत्यु तक अपने सभी क्रियाकलापों को अंजाम देते हैं, उस धरती और जिस वृहत स्वचालित व्यवस्था का यह विशाल पृथ्वी भी एक बहुत ही छोटा हिस्सा है उस सौर मंडल के बारे में हममे से अधिकांश लोगों को नगण्य जानकारी ही होती है

यह लेख हम केवल सौर मंडल की विशालता का अनुमान कराने के लिये ही नहीं दे रहे हैं, बल्कि हमारा उद्देश्य जनमानस की विचारशीलता को और अधिक उच्चतर आयामों पर पहुँचाने का है फिर चाहे वह दो पल के लिये ही क्यों न हो? यदि हमारे प्रखर मस्तिष्क में इन विशाल पिंडों के सापेक्ष अपनी लघुता का एक हल्का सा अनुमान कुछ समय के लिये भी ठहर सके तो हमें यह समझने में देर नहीं लगेगी कि हमारी जानकारी, अनुभव और अहंकार का वह विशाल स्वरुप कितना क्षुद्र है जिसने हमें एक संकुचित सीमा में ही आबद्ध कर दिया है

हम आशा करते हैं कि आप वह अवश्य समझ सकेंगे जो यहाँ इन शब्दों का अभिप्राय है क्योंकि तथ्य स्थूल हैं –

Solar System या सौर मंडल जैसा कि इसके नाम से ही स्पष्ट है सूर्य और इसकी गुरुत्वाकर्षण शक्ति में बंधे हुए ग्रहों, उपग्रहों, पुच्छल तारों और एस्टेरोइड का एक वृहत तंत्र है जो सीधे या वक्रीय ढंग से इसके चारों ओर घूमते हैं हमारी पृथ्वी भी इसी विशाल तंत्र का एक छोटा सा भाग है जो अन्य ग्रहों की तरह अपनी कक्षा में स्थित हुई सूर्य की परिक्रमा करती है

वह 8 सबसे विशाल पिंड जो सीधे अपनी कक्षा में घूमते हुए सूर्य के चक्कर लगाते हैं, ग्रह कहलाते हैं, इनके अतिरिक्त भी कई छोटे पिंड है जो सूर्य की परिक्रमा करते हैं जैसे – क्षुद्र ग्रह (Dwarf Planets), कॉमेट आदि

हमारा सौर मंडल (Solar System) 4.5 अरब वर्ष पूर्व तब निर्मित हुआ था जब एक विशाल तारे के आणविक बादल (Interstellar Molecular Cloud) की गुरुत्वीय शक्ति नष्ट हो गयी थी

सौर मंडल के कुल भार का सबसे बड़ा अंश सूर्य में समाहित है जो 99.86 प्रतिशत है इसके पश्चात बचे भार का अधिकांश भाग बृहस्पति में सन्निहित है सूर्य की परिक्रमा करने वाले चार सबसे बड़े पिंड जिन्हें Giant Planets कहा जाता है बाकी बचे भार का 99 प्रतिशत हिस्सा हैं इसके पश्चात जो 0.002% भार बचता है उसमे चारों छोटे ग्रह, उपग्रह, पुच्छल तारे, क्षुद्र ग्रह, चन्द्रमा और एस्टेरोइड का भार शामिल है अब आप स्वयं ही अनुमान लगा सकते हैं कि हम कहाँ हैं

Solar System के आसान वर्गीकरण के लिये इसे दो भागों में बाँटा जाता है आंतरिक सौर मंडल (Inner Solar System) और बाहरी सौर मंडल (Outer Solar System) आंतरिक सौर मंडल में वह चार छोटे ग्रह सम्मिलित हैं जो सूर्य के सबसे ज्यादा नजदीक हैं – बुध, शुक्र, पृथ्वी और मंगल इन ग्रहों को Terrestrial Planets भी कहते हैं यह मुख्यतः चट्टानों और धातुओं से बने हैं

बाहरी सौर मंडल में वह चार विशाल ग्रह आते हैं जो इन चार ग्रहों से काफी भारी हैं और सूर्य से बहुत दूर हैं इनमे शनि, बृहस्पति, अरुण और वरुण शामिल हैं

शनि और बृहस्पति गैसों से बने हैं विशेषकर हाइड्रोजन और हीलियम से जबकि अरुण और वरुण बर्फ से निर्मित हैं यह आठों ग्रह अपनी-अपनी कक्षा में भ्रमण करते हैं जो लगभग गोलाकार है

सौर मंडल में asteroid belt जैसे छोटे पिंड भी हैं जो मंगल और बृहस्पति की कक्षाओं के बीच में स्थित है यह भी चट्टानों और धातुओं से बने पदार्थोंसे
वरुण की कक्षा से परे Kuiper Belt और Scattered Disc स्थित हैं जो बर्फ से निर्मित अनेकों छोटे-बड़े पिंडो का समूह है 10 हजार से भी अधिक आकाशीय पिंड अपनी ही गुरुत्वाकर्षण शक्ति से चक्कर काट रहे हैं इन्हें ही क्षुद्र ग्रह (Dwarf Planets) कहा जाता है इनमें Asteroid Ceres, यम (Pluto) तथा एरिस (Eris) शामिल हैं

इनके अतिरिक्त Comets, Centaurs और Interplanetary Dust Clouds जैसे कई छोटे पिंड भी इन क्षेत्रों में मुक्त रूप से विचरण कर रहे हैं

हमारा सौर मंडल Orion Arm में स्थित है जो मिल्की वे आकाशगंगा (Galaxy) के केंद्र से लगभग 26 हजार प्रकाश वर्ष दूर है

हमारे सौर मंडल से सबसे समीप स्थित ग्रह प्रणाली (Planetary System) प्रोक्सिमा सेन्टौरी (Proxima Centauri) जो 4.25 प्रकाश वर्ष दूर है और सबसे पास का तारा भी यही है

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