Ultimate Secrets for A Happy Marriage in Hindi

 

जब आप विवाह करने जा रहें हों, तब अपने आप से यह सवाल पूछिये: क्या आपको विश्वास है कि आप इस व्यक्ति से अपनी वृद्धावस्था में अच्छी तरह से वार्तालाप करने में सक्षम होंगे? क्योंकि विवाह में दूसरी सभी चीज़ें अस्थायी हैं।
– फ्रेडरिक नीत्से

Top Secrets for A Happy Marriage in Hindi
आप किसी को तब तक कभी नहीं जान पाते हैं जब तक कि आप उनसे विवाह नहीं कर लेते।

विवाह दो व्यक्तियों के बीच स्थापित हुआ एक ऐसा गठबंधन है जिसे सर्वाधिक विश्वसनीय माना जाता है प्रेम, आत्मीयता, सम्मान और सहयोग की नींव पर खड़ा यह संबंध प्रत्येक व्यक्ति के जीवन के अधिकतम सुख-दुःख को तय करता है भारतीय संस्कृति और हिंदू समाज में विवाह को हमेशा से एक चिरयुति समझा जाता रहा है जिससे कोई भी व्यक्ति मृत्यु से पहले अलग नहीं हो सकता स्त्री-पुरुष की नैसर्गिक युति को और अधिक दृढ आधार देने के लिये इसे सात जन्मों के बंधन का नाम दिया गया

और इसके प्रतीक रूप में अग्नि के सात फेरे लेने की प्रक्रिया को प्रत्येक विवाह का अनिवार्य अंग बनाया गया अच्छी या बुरी हर स्थिति में एक-दूसरे के साथ जीने-मरने की कसमें दिलायी गयी ताकि दो सच्चे प्रेमियों के बीच प्रेम का नाता कभी भी कमजोर न पड़े इसके लिये उन्हें विवाहित जीवन की मर्यादा और उसके गौरव के बारे में भी समझाया गया लेकिन बदलते वक्त और मिटती मर्यादाओं ने सिर्फ इस संस्था का स्वरुप ही नहीं बिगाड़ा बल्कि इसे नष्टप्राय सा कर दिया है

दम्पत्तियों के बीच मनमुटाव आजकल एक बहुत आम बात हो चली है एक हँसती-खेलती गृहस्थी में न जाने कब कलह, असंतोष, उदासी अपनी जगह बना लें कुछ कहा नहीं जा सकता मनोवैज्ञानिकों के अनुसार हमारी बेतरतीब जीवनशैली Hectic Lifestyle और अपरिष्कृत व्यक्तित्व ही विवाहित जीवन में उपजने वाली अधिकाँश समस्याओं की वास्तविक जड़ है जिनकी ओर से हम सदा मुँह फेरे रहते हैं और कारण बाहर ढूँढते हैं

प्रत्येक स्त्री पुरुष इसी आशा में विवाह बंधन में बँधता हैं कि इससे उनके जीवन में उस प्रेम की कमी पूरी हो सकेगी जिससे वह अभी तक अछूता रहा था यूँ तो सामाजिक संबंधो के दायरे में आने वाला प्रत्येक रिश्ता प्रेम, निष्ठा, प्रतिबद्धता और परिश्रम की अपेक्षा रखता है लेकिन एक सफल और सुखकर विवाह में इनका महत्व आँकलन से परे है एक वाक्य में कहा जाय तो जीवनसाथी के प्रति पूर्ण समर्पण ही सुखी वैवाहिक जीवन का मूल रहस्य है

यदि थोडा सा धैर्यवान बने रहकर, समझदारी दिखाते हुए इस रिश्ते को मजबूत करने की दिशा में कदम बढाया जाय तो आपके और आपके जीवनसाथी के बीच तकरार की दीवार कभी भी इतनी चौड़ी न हो सकेगी कि आपको अपनी जिंदगी नीरस और बोझिल मालूम पड़ने लगे

अपने जीवनसाथी के साथ संवादहीनता की स्थिति कभी न आने दें वैचारिक मतभिन्नता अपनी जगह है लेकिन उदासीनता बरतते हुए पूरी तह से मौन धारण कर लेना इस रिश्ते की जड़ों को खोखला करने के समान है गलती चाहे किसी भी पक्ष की हो लेकिन हठ को अधिक समय तक धारण किये रहने से और बारंबार ऐसा करने से दूरियाँ और अधिक बढती चली जाती हैं

जरा सोचिये आपका जीवनसाथी आपकी प्रसन्नता के लिये क्या कुछ नहीं करता आपको सुख मिले इसी चेष्टा में उसका ज्यादातर समय खप जाता है जीवन की सबसे महत्वपूर्ण संपत्ति को वह आप पर न्यौछावर कर रहा है फिर भी आप उसके उपकारों से दृष्टि हटाकर उसकी भूलों पर ही ध्यान केन्द्रित किये रहते हैं क्या आपको नहीं लगता कि अपनी सेवाओं के बदले वह आपके कुछ प्रेम, कृतज्ञता और क्षमा का अधिकारी है

यदि आपको कोई समस्या है तो उस बारे में अपने जीवनसाथी से बात करें

Spread Your Love