Best Tips for Communication Skills in Hindi

 

“अपनी बोलने की शैली को निखारने वाले हर अवसर का लाभ उठाइये, ताकि जब कभी महत्वपूर्ण अवसर जिंदगी में आये, तो आपके पास वह उपहार, वह तरीका, वह चातुर्य, वह स्पष्टता और वह भावनाएँ हों, जो लोगों को प्रभावित कर सकें और आपके गौरव को और ऊँचा उठा सकें।”
– जिम रॉन

 

सफल होने के लिये Sound Communication Skills अनिवार्य हैं : –

कहते हैं, जब पांडवों के यहाँ राजसूय यज्ञ हुआ था, तो उसमे दुर्योधन भी आमंत्रित था। ऐसे ही एक दिन घूमते हुए जब वह जल को थल समझकर गिर पड़ा था, तो द्रौपदी ने उसका उपहास करते हुए कहा था, “अंधों के अंधे ही होते हैं।” दुर्योधन इस कडवी बात से तिलमिला उठा था और उसने उसी समय अपने अपमान का बदला लेने का संकल्प कर लिया था।

उसके बाद क्या हुआ, यह तो जगजाहिर ही है। महाभारत के भीषण युद्ध के पीछे चाहे जितने भी कारण रहे हों, उन सभी मे यह कारण भी एक बड़ी वजह था। इतिहास की यह प्रसिद्द घटना हमें बताती है कि आखिर सम्प्रेषण कला यानी Communication Skills की जिंदगी में कितनी महत्ता है और शब्दों के गलत प्रयोग से व्यक्ति को कितनी हानि उठानी पड सकती है।

सामान्य, औपचारिक वार्तालाप से लेकर, लोगों के बड़े समूह के सामने भाषण देने तक, विवादों में बीच-बचाव से लेकर, दुखी व्यक्तियों को ढाढस बंधाने तक और Interview में Employer को प्रभावित करने से लेकर, एक बड़े Organization के जिम्मेदार Leader तक, और न जाने जिंदगी में कितनी ही जगहों पर हमें Extraordinary Communication Skills की जरुरत पड़ती है।

कुल मिलकर देखा जाय, तो सदियों से चली आ रही यह कहावत बिलकुल सटीक बैठती है, “जबान से आदमी, दुश्मन को दोस्त बना सकता है और दोस्त को दुश्मन।” आइये अब जरा विस्तार से जानें, आखिर क्या हैं – Communication Skills यानी सम्प्रेषण कला!

Communication Skills क्या हैं : –

Communication Skills – आपके अपने विचारों को स्पष्ट और प्रभावशाली ढंग से कह सकने की क्षमता है। जिनमे तीन मूलभूत बातें समाई हुई हैं, जिन्हें हमारे प्राचीन साहित्य में कुछ यूँ कहा गया है- सत्यं ब्रूयात, प्रियं ब्रूयात, कल्याणं ब्रूयात, अर्थात – सत्य यानी स्पष्ट बोलिए, प्रिय बोलिए और कल्याणकारी बोलिये।

यह आपकी personality की वह quality है, जिसके जरिये आप अपनी बात को दूसरे व्यक्ति तक, उसके मूल अर्थों में गरिमामय और प्रभावशाली ढंग से पहुँचा सकते हैं। Communication Skills का मतलब बहुत ज्यादा बोलना या शेखी बघारना नहीं है, बल्कि यह जानना है कि किस बात को किस तरह और कब कहना है, कहाँ बोलना है और कहाँ चुप रहना है।

कहते हैं, बोलना भी एक कला है। कौन सी बात कब, किससे, किस जगह और कैसे कहनी चाहिये, यह अपने आपमें बहुत महत्वपूर्ण बात है। यह कुछ ऐसी चीज़ है जिसे आप स्कूल-कॉलेज में नहीं सीख सकते और न ही दूसरा कोई इसे आपको सिखा सकता है। आपको स्वयं ही, अपने जीवन में इसका अभ्यास करके आगे बढ़ना होगा।

असभ्य ढंग से बातचीत करने वाले और व्यर्थ की बकवाद करने वाले तो हर जगह हैं, पर ऐसे लोग जो न केवल प्रभावशाली ढंग से अपनी बात स्पष्टता से कह सकें, बल्कि दूसरे लोग भी उसके अच्छे असर से न बच पाएँ, यह खूबी कुछ विरले लोगों में ही देखने को मिलती है।

तीखी आवाज में बात करना, बहुत बक-बक करना और अप्रिय ढंग से बात कहना तो हर किसी के लिये सहज है, पर बोलने की वह शैली, जो सुनने वाले के ह्रदय में उल्लास जगा दें और अप्रिय घटनाओं को अपने प्रभाव से टाल दें, सामान्यतः दुर्लभ ही हैं, पर यदि इस ओर संकल्पित होकर प्रयास किया जाय तो अपनी वाकशैली को निश्चित रूप से वैसा बनाया जा सकता है।

Communication Skills क्यों जरूरी हैं : –

Communication Skills की जिंदगी में कितनी अहमियत है, यह अगर देखना हो, तो अपने आस-पास के परिवेश में आराम से देख सकते हैं। मसलन आपका पडोसी किसी के बारे में यह शिकायत करता मिल जायेगा कि फलाने को बोलने की तमीज नहीं है, वह मुंहफट है। पड़ोस की आंटी से हर कोई बचना चाहता है, क्योंकि वे बहुत ज्यादा बोलती हैं, किसी दूसरे को बोलने का मौका नहीं देती।

पड़ोस के भाई साहब को कोई पसंद नहीं करता, क्योंकि वे हमेशा बढ़-चढकर गप्पे मारने में ही यकीन रखते हैं। इस तरह देखें, तो सबके साथ एक ही समस्या है – Communication Skills की कमी। अब जरा इसकी importance social life से निकलकर corporate field में देखते हैं। नौकरी के लिए Interview देने जाते हैं, तो Employer के सामने मुंह नहीं खुल पाता है, कहना कुछ चाहते हैं, कह कुछ देते हैं।

Employer समझता है, इसे कुछ नहीं आता, जबकि बात यह होती है सब कुछ जानते हुए भी, केवल उसे कहने का ढंग नहीं आता। केवल अच्छे सामाजिक सम्बन्ध विकसित करने के लिए ही नहीं, बल्कि अपने-अपने कार्यक्षेत्र में सफलता हासिल करने के लिए भी बेहतर Communication Skills बेहद जरूरी हैं।

Communication Skill जिंदगी में हर जगह, हर समय काम आने वाली चीज़ है। यह आपकी व्यक्तिगत उन्नति, सामाजिक प्रतिष्ठा, पारिवारिक सदभाव और कैरियर समेत जीवन के हर क्षेत्र में आपको आगे बढाने में निहायत जरूरी है। ऐसा कोई क्षेत्र नहीं है जिसके बारे में आप यह कह सकें कि वाकशैली अमुक क्षेत्र के लिये एक पूर्णतया निरर्थक चीज है।

Impressive Communication Skills के लाभ : –

ध्यान रखिये, जो लोग दूसरों से विनम्रता के साथ पेश आते हैं, शब्दों को तोल-मोल कर बोलते हैं और कभी भी तीखी आवाज़ में बात नहीं करते हैं, वे जल्दी ही दूसरों को अपना मित्र बना लेते हैं और दूसरे व्यक्तियों का सहयोग, सम्मान और प्रेम, बिना प्रयास ही पा लेते हैं।

नीचे लिखी बातों पर अगर जरा ध्यान से गौर करें, तो पायेंगे कि वास्तव में प्रभावशाली ढंग से बोलने की कला की कितनी ज्यादा अहमियत है और अगर हम इस क्षमता को हासिल कर लें, तो अपने जीवन में क्या कुछ नहीं पा सकते हैं!

1. लोगों का सहयोग, सम्मान व स्नेह पाने के लिये।

2. कैरियर और जिंदगी में आगे बढ़ने के लिये।

3. रिश्तों को जिन्दा रखने के लिए।

4. मुश्किलों, झगड़ों और नुकसान से बचने के लिये।

5. व्यक्तित्व को आकर्षक बनाने के लिये

6. इस दुनिया को खूबसूरत और जीने लायक बनाये रखने के लिये।

Communication Skills पर असर डालने वाली बातें : –

Communication Skills को impressive बनाने के लिये इन बातों पर जरूर ध्यान दिया जाना चाहिये, वरना हम कभी भी अपने बोलने की शैली को निखार नहीं सकेंगे –

1. पहला नियम – आप किससे बातें कर रहे हैं? –

सभी को एक डंडे से हांकने वाली बात impressive communication के मामले में नहीं चल सकती। आप जिससे बात कर रहे हैं, उसकी अवस्था, प्रतिष्ठा और अपेक्षा पर ध्यान देकर ही आप खुद को बेहतर communicator के रूप में स्थापित कर सकते हैं। हमेशा ध्यान रखिये, हर व्यक्ति सम्मान का भूखा होता है और कोई भी अपनी आलोचना सुनना पसंद नहीं करता।

सामने वाले व्यक्ति को कभी भी यह महसूस नहीं होना चाहिये कि आप उसे पर्याप्त सम्मान नहीं दे रहे हैं। अगर आप Job Interview में या किसी अन्य महत्वपूर्ण स्थान पर बैठे हैं, तो जाहिर है आपको इस सम्बन्ध में अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी और शिष्टाचार का भी पूरा ध्यान रखना होगा।

2. दूसरा नियम – आप किस समय बातें कर रहे हैं? –

परिस्थितियों का आपकी Communication Skill पर बड़ा गहरा प्रभाव पड़ता है। परिस्थितियाँ कैसी है, इसमें कई बातें ध्यान देने वाली हैं। जैसे आप दिन के किस समय बात कर रहे हैं?, आप किस जगह बातें कर रहे हैं?, क्या आप एकांत या खुले स्थान पर हैं? खुले स्थान पर बात करते समय, आपको इस बात का भी ध्यान रखना होगा कि दूसरों को परेशानी न हो।

कई बातें ऐसी होती हैं जिन्हें एकांत में तो कहा जा सकता है, लेकिन सबके सामने कहना अच्छा नहीं माना जाता। ऐसी स्थिति में उन प्रसंग से बचना ही उचित है। इसके अलावा जन्मदिन, विवाह, शोक या हर्ष के कई महत्वपूर्ण अवसर जिंदगी में आते हैं। इन स्थानों पर समझदारी का परिचय देते हुए अपने शब्दों को चुनना पड़ता है, ताकि आपसी सदभाव और संबंधों में मधुरता हमेशा बनी रहे।

3. तीसरा नियम – आप किस तरह जवाब दे रहे हैं? –

हर बात को कहने का एक विशेष ढंग होता है और यही Communication Skill का सबसे महत्वपूर्ण बिंदु है। कभी-कभी, हंसी-हंसी में कही गयी कोई गंभीर बात भी किसी को बुरी नहीं लगती, लेकिन किसी दूसरे अवसर पर कही गयी सच्ची बात भी लोगों को बुरी लग जाती है। इसलिए इस बात पर ध्यान दिया ही जाना चाहिये कि आप अपनी बात को किस अंदाज़ में कहते हैं। इसमें आपकी भाषा और जानकारी, दोनों ही महत्वपूर्ण हैं।

अगर आप किसी भाषा को ज्यादा नहीं जानते हैं, पर जवाब देने को मजबूर हैं, तो जाहिर है आप कभी भी दूसरे व्यक्ति को प्रभावित नहीं कर पायेंगे। Effective Communication Skills में आपकी Body Language का भी अहम role होता है। जैसे ऊँची या नीची आवाज़ में बात करना, शरीर के अंगो को गतिशील करते हुए बाते करना – हाथ हिलाना, टांग हिलाना, गर्दन हिलाना और आँखे झपकाना आदि।

4. चौथा नियम – आप किस परिणाम की अपेक्षा रखते हैं? –

इन सब बातों के अलावा एक अद्रश्य कारण भी है, जो हमारी Communication Skill को प्रभावित करता है और वह है – आप दूसरे से किस चीज़ की अपेक्षा करते हैं। कई लोग सोचते होंगे कि आखिर इसकी क्या जरुरत है, लेकिन हमारा मानना है कि आपके अवचेतन मन में चलने वाली यह बात आपकी Communication Skill पर बड़ा असर डालती है।

फिर चाहे आपका motive सम्मान पाना हो, favor हासिल करना हो या कुछ और, अगर आप सामने वाले व्यक्ति से कुछ चाहते हैं, अगर आप उससे किसी अनुकूल परिणाम की अपेक्षा रखते हैं, तो निश्चित तौर पर आपकी Communication Skill पर इसका असर होगा और ऐसी स्थिति में आपको ज्यादा सावधानी बरतनी पड़ेगी।

अपनी Communication Skills को कैसे बेहतर बनायें : –

Communication Skills को बेहतर बनाने के लिये वैसे तो कई चीजें हमारी मददगार हो सकती हैं, लेकिन उनमे ये 7 महत्वपूर्ण बातें सबसे ज्यादा सहायक हैं। अगर इन बातों को वार्तालाप करते समय ध्यान में रखा जाय और थोड़े समय तक इनका अभ्यास किया जाय, तो जल्दी ही इनका सकारात्मक परिणाम आपको अपनी Communication Skills में दिखाई देने लगेगा।

1. अपने शब्दों को सावधानी से चुनिये।

2. मुस्कुरा कर बातें करिये।

3. दूसरे की बातों को सही अर्थों में समझने का प्रयास कीजिये।

4. अच्छे श्रोता बनिये।

5. शब्दों से ज्यादा अपने व्यक्तित्व की भाव-भंगिमा पर ध्यान दीजिये।

6. दूसरों की सच्ची प्रशंसा करने की आदत डालिये।

7. आधे-अधूरे सच और गलत बातें बोलने से बचिये।

देखा जाय, तो Personality Grooming में Communication Skills का भी बहुत बड़ा योगदान हैं। इस संसार में ऐसे अनेकों महापुरुष हुए हैं जिनकी Impressive Communication Skills ने उनके लिये उन्नति, सफलता और अपार यश के दरवाजे खोल दिये। स्वामी विवेकानंद, महात्मा गाँधी, अब्राहम लिंकन, महामना मदनमोहन मालवीय, अपनी प्रखर वाक्शक्ति के बल पर जन-जन के प्रिय बने।

लोगों का प्रेम, सम्मान और सहयोग उन्हें बिना प्रयास ही मिलता चला गया। अगर हम भी जीवन में ऊपर उठना चाहते हैं और चाहते हैं कि वैसा ही सहयोग, सम्मान हमें भी मिले, तो अपनी सम्प्रेषण शैली को प्रभावशाली बनाना ही होगा। हमें विश्वास है, ऊपर दी गयी बातों से न केवल आपको अपनी Communication Skills निखारने में काफी आसानी होगी, बल्कि आप अपने जीवन को और भी ऊँचा उठा सकेंगे।

“प्रत्येक स्थान और समय बोलने के लिये नहीं होते, कभी-कभी चुप रह जाना ही बेहतर होता है।”
– जयशंकर प्रसाद

 

Comments: आशा है यह लेख आपको पसंद आया होगा। कृपया अपने बहुमूल्य सुझाव देकर हमें यह बताने का कष्ट करें कि जीवनसूत्र को और भी ज्यादा बेहतर कैसे बनाया जा सकता है? आपके सुझाव इस वेबसाईट को और भी अधिक उद्देश्यपूर्ण और सफल बनाने में सहायक होंगे। एक उज्जवल भविष्य और सुखमय जीवन की शुभकामनाओं के साथ!