10 Deadliest Snakes in The World in Hindi

 

संसार में जितने भी साँप हैं उनमे सॉ-स्केल वाइपर और रसेल वाइपर को सबसे अधिक खतरनाक माना जाता है, क्योंकि यह इंसानों की जान के सबसे बड़े दुश्मन हैं। इनके साथ-साथ ब्लैक मांबा, मिस्र का कोबरा,  रैटलस्नेक, डेथ एडर, नाग, वाईपर और करैत भी सबसे खतरनाक साँपों में शामिल हैं। हर साल दुनियाभर में लगभग 55,000 से भी अधिक लोगों की मौत साँपों के काटने से होती है।

 

Deadliest Snakes in The World in Hindi
सॉ स्केल वाइपर दुनिया का सबसे खतरनाक साँप है

इंसान हमेशा से ही एक अपूर्व बुद्धि वाला प्राणी रहा है और इसकी कल्पना और अनवरत जिज्ञासा ने ही इसके लिये असीम संभावनाओं के नये क्षितिज खोले हैं। कुदरत के रहस्यों से पर्दा उठाने की कोशिश में इन्सान हजारों-लाखों वर्षों से तब से लगा हुआ है जब कभी धरती पर इसकी उत्पत्ति हुई थी। ज्ञान की इस अभीप्सा के कारण ही, आज हम हम टेक्नोलॉजी और विज्ञान के वह अद्भुत चमत्कार देखते हैं जिन पर हमारे पूर्वजों को भी मुश्किल से ही विश्वास होता।

हर चीज़ जानने की इसी जुगुप्सा ने हमें उन प्राणियों के बारे में जानने को भी प्रेरित किया है जिन्हें अपनी श्रेणी में अदभुत ही कहा जा सकता है। इंसान हर उस प्राणी के बारे में जानना चाहता है जो उसके लिये लाभदायक सिद्ध हो सकते हैं और उन जीवों के बारे में भी जानना चाहता है जो उसके जीवन को संकट में डाल सकते हैं। इस प्रकार के प्राणियों में जो सबसे पहला नाम हमारे जेहन में आता है वह हैं साँप

हालाँकि साँप दुनिया के उन तीन सबसे जहरीले प्राणियों में शामिल नहीं है जिनका वर्णन हमने 10 Most Venomous Animals of World in Hindi: सबसे जहरीले जानवर में किया है लेकिन अपनी विचित्र संरचना और खौफ के कारण साँपों ने इंसानों का नजरिया पूरी तरह से बदल दिया है संसार में साँपों की 2500 से भी अधिक प्रजातियाँ मिलती हैं पर उनमे से बहुत कम ही जहरीली होती हैं

वास्तविकता तो यह है कि दुनिया के दस सबसे जहरीले साँपों से इंसानों को कोई विशेष खतरा नहीं है क्योंकि उनमे से एक-दो साँपों को छोड़ दिया जाय तो अधिकाँश साँप शांत प्रकृति वाले होते हैं और इंसानों से सामना होने पर बच निकलना ही बेहतर समझते हैं लेकिन आज हम आपको जिन साँपों के बारे में बताने जा रहे हैं वह अत्यंत जहरीले होने के साथ-साथ बहुत आक्रामक और गुस्सैल भी होते हैं

यदि इन्हें थोडा सा भी उत्तेजित किया जाय तो यह हमला करने में देर नहीं लगाते हैं इसी कारण से हमने इन्हें मानवजाति के लिये सबसे अधिक खतरनाक साँप मानते हुए एक अलग सूची में रखा है

Saw-scaled Viper सॉ-स्केल वाइपर : –

Saw-scaled Viper, वाइपर साँपों की सबसे जहरीली प्रजाति है। इसके अतिरिक्त यह दुनिया का सबसे विषैला सर्प भी है। इसका Scientific Name, एचिस कैरीनेटस (Echis carinatus) है इसके विष की मारकता LD50 SC Test में 0.151 mg/kg मापी गयी है। यह एक छोटा साँप अवश्य है, लेकिन साथ ही बहुत असहनशील, क्रोधी और अत्यंत ही आक्रामक प्रवृत्ति का भी है। एक घातक विष के साथ यह सभी कारण इसे बहुत ही खतरनाक बना देते हैं। साँपों की यह प्रजाति दुनिया के सबसे तेज आक्रमण करने वाले साँपों में से एक है।

यह मुख्य रूप से दक्षिण एशियाई देशों जैसे भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका और अफ्रीका महाद्वीप के उत्तरी पूर्वी हिस्से में पाया जाता है। पूरी दुनिया में साँपों के काटने से जितनी भी मौते होती हैं, उनमे सबसे अधिक केवल इस साँप के काटने से होती हैं। भारत में यह उत्तर प्रदेश, पंजाब, महाराष्ट्र, राजस्थान के चट्टानी और रेतीले इलाकों में पाया जाता है। अकेले भारत में ही हर साल, इसके काटने से 5000 लोगों की मौत हो जाती है। यह एक बार में औसत रूप से 18 मिग्रा जहर छोड़ता है, लेकिन उकसाये जाने पर 72 मिग्रा विष तक छोड़ सकता है। http://medind.nic.in/iav/t04/i4/iavt04i4p177.pdf

इस साँप के काटने पर तेज दर्द होता है और काटे गये स्थान पर सूजन आ जाती है, त्वचा पर फुंसी या फफोले पड़ना भी एक आम बात है। जैसे जैसे जहर चढ़ता है वैसे-वैसे शरीर में रक्तस्राव और उतकों के नष्ट होने की प्रक्रिया आरंभ हो जाती है और शरीर और मस्तिष्क सुन्न पड़ने लगते हैं। कुछ मामलों में Acute Renal Failure (गुर्दे ख़राब होने से) होने पर डायलिसिस की भी आवश्यकता पड़ जाती है। चूँकि हजारों लोग हर साल इसके शिकार बनते हैं, अतः इसकी Antivenom Therapy हर जगह आसानी से उपलब्ध है। http://www.britannica.com/EBchecked/topic/525886/saw-scaled-viper

Russell’s Viper रसेल वाइपर : –

Russell’s Viper जिसका Scientific Name, (Notechis Scutatus) है, दुनिया का सबसे जहरीला साँप है। संसार में जितने भी जहरीले साँप हैं उनमे सबसे अधिक दर्द इस साँप के काटने पर होता है । रसेल वाइपर के विष की मारकता LD50 SC Test में 0.162 mg/kg मापी गयी है। Saw-scaled Viper की तरह यह भी बहुत ही आक्रामक, गुस्सैल और असहनशील प्रकृति का होता है। जब इसे उकसाया जाता है तो यह जोरों से अपने शरीर की कुंडली मार लेता है तथा हिस्स-हिस्स करने लगता है और समीप जाते ही बिजली की तेजी से आक्रमण करता है। http://www.ilo.org/oshenc/part-vi/biological-hazards/item/255-clinical-features-of-snakebite

इसके काटने पर त्वचा पर फफोले पड़ जाते हैं, शलक उतरने लगते हैं और धीरे-धीरे नीम बेहोशी छाने लगती है। यदि जल्दी ही एंटीवेनम (प्रतिविष) न दिया जाय तो शरीर में आंतरिक रक्तस्राव होने लगता है। यह एक बार में लगभग 80 से 150 मिग्रा जहर छोड़ता है, लेकिन परिस्थिति के आधार पर अधिकतम 300 मिग्रा विष तक छोड़ सकता है। पूरे भारतीय उपमहाद्वीप में साँपों में काटने से जितनी मौतें होती हैं, उनमे सबसे अधिक मौते सिर्फ इसी साँप के कारण होती हैं। अकेले भारत में ही हर साल 25,000 लोग, रसेल वाइपर के काटने से मारे जाते हैं।

Caspian Cobra कैस्पियन कोबरा : –

Caspian Cobra संसार का दसवाँ सबसे विषैला सर्प है, इसका Scientific Name, नाजा ओक्सिअना (Naja oxiana) है। दुनिया में नागों की जितनी भी प्रजातियाँ मिलती हैं उनमे कैस्पियन कोबरा सबसे जहरीला होता है। सन 1992 में हुई एक Toxinological Study (यह Indian Journal of Experimental Biology में प्रकाशित हुई थी) के अनुसार नागों की यह प्रजाति समस्त नागों में सबसे घातक विष पैदा करती है। कैस्पियन कोबरा के विष की मारकता LD50 SC Test में 0.18 mg/kg मापी गयी है जबकि Ernst और Zug के अनुसार यह 0.21 mg/kg है।

कैस्पियन नाग चिकित्सीय दृष्टि से मध्य एशिया की सबसे महत्वपूर्ण सर्पों की प्रजाति है। यह Philippine Cobra (फिलीपिंस का नाग), Samar Cobra (समर नाग), Forest Cobra (वन का नाग) और Black Desert Cobra (काला रेगिस्तानी नाग) से भी अधिक जहरीला होता है, जिनके विष का स्तर LD50 SC Test में क्रमशः 0.20 mg/kg, 0.21 mg/kg, 0.225 mg/kg और 0.4 mg/kg पाया गया है। इसके विष में बहुत ही शक्तिशाली Neurotoxins होता है, लेकिन इसके साथ ही इसमें Cytotoxins और Cardiotoxins भी होते हैं। https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC1184559

कैस्पियन नाग एक बार में लगभग 75 से 125 मिग्रा (शुष्क भार) जहर छोड़ता है, लेकिन आपत्ति में पड़ने पर यह 590 मिग्रा (शुष्क भार) जहर भी छोड़ सकता है। इस साँप के काटने पर शरीर में काफी दर्द होता है और काटे गये स्थान पर सूजन आ जाती है। काटने के एक घंटे के अंदर ही बेहोशी और कमजोरी आना आरम्भ हो जाती है, शरीर को लकवा मार जाता है और साँस रुकने लगती है। यदि जल्दी ही प्रतिविष न दिया जाय तो दम घुटने से इन्सान की मौत हो जाती है। यह सांप मुख्य रूप से ईरान, रूस, पाकिस्तान, और कैस्पियन सागर से लगते अन्य देशों में पाया जाता है।

This Article is being Edited by Jivansutra Team…

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