Most Venomous Snakes of The World in Hindi

 

“ऑस्ट्रेलिया में पाया जाने वाला इनलैंड टैपन दुनिया का सबसे जहरीला साँप है। इसके जहर की सिर्फ 100 मिग्रा मात्रा 263 इंसानों की जान ले सकती है। इसके बाद क्रमानुसार संसार के नौ सबसे जहरीले सर्प हैं – समुद्री साँप, ईस्टर्न ब्राउन स्नेक, कोस्टल टैपन, धारीदार करैत, टाइगर स्नेक, सॉ-स्केल वाइपर, रसेल वाइपर, कैस्पियन कोबरा और रैटलस्नेक। हर साल दुनियाभर में लगभग 75,000 से भी अधिक लोगों की मौत साँपों के काटने से हो जाती है।”

 

Most Venomous Snakes of The World in Hindi
ऑस्ट्रेलिया में पाया जाने वाला इनलैंड टैपन दुनिया का सबसे जहरीला साँप है

साँप हमेशा से ही सारी दुनिया के लिये एक रहस्यमय जीव रहे हैं, क्योंकि अपने रंग-बिरंगे प्राकृतिक सौंदर्य के साथ-साथ वह एक अत्यंत घातक अस्त्र से भी सुसज्जित हैं। सर्पों के बारे में चली आ रही एक प्रचलित धारणा ने उन्हें जनमानस में एक कौतूहलपूर्ण जीव नहीं, बल्कि एक खतरनाक और डरावना प्राणी बना दिया है। यही कारण है कि साँपों को देखकर हर कोई भयभीत मुद्रा में आ जाता है। इन सबके पीछे मुख्य कारण कुछ सर्पों का आक्रामक व्यवहार तथा उनका तेज और मारक जहर है।

हालाँकि यह अति तीव्र विष उन्हें कुदरत से अपनी सुरक्षा के लिये उपहार में मिला है और वह भी सिर्फ कुछ ही सर्पों को, लेकिन जागरूकता के अभाव में न जाने कितने सर्प असमय ही मारे जाते हैं। सत्य तो यह है कि पूरी दुनिया में सर्पों की लगभग 2500 प्रजातियों में से केवल 150 से 200 प्रजातियाँ ही जहरीली होती हैं और पानी में रहने वाले लगभग सभी सर्प (समुद्री साँपों को छोड़कर) विषहीन ही होते हैं, लेकिन लोग उनसे भी भयभीत रहते हैं।

साँप अंटार्कटिका को छोड़कर लगभग हर महाद्वीप और हर देश में पाये जाते है। जहरीले सर्पों के विषय में जानने की इच्छा हमारी तरह सभी को है, लेकिन अभी तक हिंदी में इनके बारे में कोई भी प्रमाणिक लेख उपलब्ध नहीं था। हमने दुनिया के दस सबसे विषैले सर्पों के संबंध में कई स्रोतों से जानकारी जुटाई है और यहाँ केवल उन्ही साँपों को क्रमवार दिया जा रहा है जिन्हें सर्प विशेषज्ञ वैज्ञानिक तरीकों से प्रमाणित हुए तथ्यों के आधार पर सबसे जहरीला मानते हैं।

How to Measure Venom Toxicity of Snakes : –

सर्पों के विष की तीव्रता Toxicity Test (विष-मारकता की जाँच), “Median Lethal Dose (LD50)” के आधार पर मापी जाती है। जिसे मापने के चार तरीके हैं – Subcutaneous (त्वचा में प्रविष्ट कराकर), Intravenous (नसों के द्वारा), Intramuscular (मांसपेशियों के द्वारा) और Intraperitoneal (पेट के द्वारा)। चूँकि साँप अक्सर त्वचा के उपर ही काटते हैं, इसीलिये Subcutaneous Method (LD50SC) को सबसे विश्वसनीय समझा जाता है।

जब कोई सर्प किसी व्यक्ति को काटता है, तो वह अलग-अलग मात्रा में विष छोड़ते हैं, जैसे – वाईपर 8 से 12 मिग्रा जहर छोड़ता है, तो किंग कोबरा 500 mg तक। सबसे खतरनाक सर्प और सबसे विषैले सर्प में एक अंतर है। जो साँप अधिक विषैला है, आवश्यक नहीं है कि वह सबसे खतरनाक भी हो, क्योंकि विषैलेपन का अर्थ है – ‘Drop for Drop Intensity of Venom/विष की मात्रा के अनुसार उसकी तीव्रता।’

जबकि खतरनाक का अर्थ है – प्राणियों के जीवन को हानि पहुँचाने में उसका योगदान, जिसमे उस सर्प के जहर की तीव्रता ही नहीं, बल्कि उसके व्यवहार, एक बार काटने में छोड़ी जाने वाली विष की कुल मात्रा और अन्य चीजों को भी देखा जाता है। दुनिया के सबसे खतरनाक साँपों के बारे में हम अगले लेख में जानकारी देंगे। यहाँ हम सर्पों की सूची केवल उनके जहर की तीव्रता के आधार पर दे रहे हैं, जो कि सबसे विषैले सर्पों की सूची के लिये सबसे उचित मापदंड भी है।

1. Inland Taipan is The Most Venomous Snake इनलैंड टैपन : –

Inland Taipan जिसका Scientific Name, ऑक्सीयूरेनस माइक्रोलेपिडोटस (Oxyuranus Microlepidotus) है, दुनिया का सबसे जहरीला साँप है। यह ऑस्ट्रेलिया में पाया जाता है। इसे Western Taipan के नाम से भी जाना जाता है। इनलैंड टैपन, स्थल और पानी, दोनों जगह पाये जाने वाले साँपों में सबसे अधिक विषैला होता है। इसके विष की मारकता, LD50 SC Test में 0.01 mg/kg मापी गयी है। यह सांप एक बार में औसतन 44 मिग्रा जहर छोड़ता है। इनलैंड टैपन का 100 मिग्रा जहर लगभग 986,000 चुहियों या 263 इंसानों को मारने के लिये काफी है।

यदि समय से Antivenom न दिया जाय तो लगभग 80 प्रतिशत मामलों में व्यक्ति की मौत हो जाती है। अच्छी बात यह है कि इनलैंड टैपन इंसानों को बहुत कम काटता है, क्योंकि यह बहुत शर्मीला और शांत स्वभाव का होता है और सामना होने पर बच निकलना ही बेहतर समझता है। इसके विष में टैपोक्सिन होता है, जो कि Neurotoxins, Procoagulants और Myotoxin का एक जटिल मिश्रण होता है। यह माँसपेशियों को लकवाग्रस्त कर देता है, साँस रुकने लगती है और रक्त वाहिकाओं, मांसपेशियों और उतकों के नष्ट होने से शरीर में आंतरिक रक्तस्राव (Hemorrage) होने लगता है।

2. Dubois’ Sea Snake डूबोइज समुद्री साँप : –

लगभग अधिकाँश पानी के साँप जहरीले नहीं होते हैं, लेकिन समुद्री साँप इसका अपवाद हैं। केवल सागरों और महासागरों में पाये जाने समुद्री साँपों की लगभग सभी प्रजातियाँ बहुत जहरीली होती हैं। इन्ही में से एक प्रजाति Dubois’ Seasnake, जिसे Reef Shallows Sea Snake भी कहते हैं, संसार का दूसरा सबसे जहरीला साँप है जो इनलैंड टैपन से अधिक पीछे नहीं है। इसका Scientific Name, एपीसरस डुबोईसी (Aipysurus Duboisii) है, इसके घातक विष की तीव्रता का स्तर, LD50 SC Test में 0.025 mg/kg मापा गया है।

यह साँप पपुआ न्यू गिनी, न्यू कैलेडोनिया और ऑस्ट्रेलिया के उत्तरी, पूर्वी और पश्चिमी तटीय क्षेत्रों ( कोरल सागर, अराफुरा सागर, तिमोर सागर और हिंद महासागर का जलीय क्षेत्र) में पाया जाता है। यह प्रवाल भित्तियों (Coral Reefs) और रेतीली तलछट के भीतर लगभग 20 से 80 मीटर की गहराई पर पाया जाता है। इसका मुख्य भोजन मोरे ईल और दूसरी मछलियाँ है। यह साँप अन्य सर्पों की तरह अंडे नहीं, बल्कि सीधे नवजात शिशुओं को जन्म देता है।

डूबोइज समुद्री साँप अधिक आक्रामक नहीं होते हैं, लेकिन उकसाये जाने पर या समीप जाने पर अक्सर काट लेते हैं। इनके दांत (1.8 mm) काफी छोटे होते हैं और यह विष भी कम ही (0.43 mg) छोड़ते हैं। व्यस्क साँप की औसत लम्बाई 80 सेमी के आस-पास होती है, लेकिन यह 148 सेमी तक बढ़ सकता हैं। इनका सिर, इनके बाकी शरीर की तुलना में कुछ बडा होता है। यह साँप 110 सेमी लंबी मछली भी निगल सकता है।

3. Eastern Brown Snake ईस्टर्न ब्राउन स्नेक : –

Eastern Brown Snake जिसका Scientific Name, स्यूडोनाजा टेक्स्टलीस (Pseudonaja Textilis) है, दुनिया का तीसरा सबसे जहरीला साँप है। यह ऑस्ट्रेलिया, पपुआ न्यू गिनी और इंडोनेशिया में पाया जाता है। इसके विष की मारकता, LD50 SC Test में 0.041 mg/kg मापी गयी है। Eastern Brown Snake काटने पर औसतन 5-10 मिग्रा जहर छोड़ता है, हालाँकि यह एक बार में अधिकतम 155 मिग्रा जहर तक छोड़ सकता है। Eastern Brown Snake का 100 मिग्रा जहर लगभग 137,000 चुहियों या 37 इंसानों को मारने के लिये काफी है।

यह साँप अपने बुरे स्वभाव, आक्रमण और तेज चाल के लिये बदनाम है। यह केवल सुनसान स्थानों या जंगलों में ही नहीं, बल्कि भीड़-भाड़ वाले स्थानों में भी मिल सकता है। यदि इसे कोई खतरा नजर आता है तो यह बिना संकोच हमला कर देता है, यहाँ तक कि यह हमलावर के पीछे भागने में भी नहीं हिचकिचाता। ऑस्ट्रेलिया में हर साल साँपों से जितनी भी मौते होती हैं उनमे सबसे अधिक इसके काटने से होती हैं।

4. Yellow Bellied Sea Snake पीले पेट वाला समुद्री साँप : –

Yellow Bellied Sea Snake सागर का दूसरा सबसे जहरीला सर्प होने के साथ-साथ दुनिया का चौथा सबसे विषैला सर्प भी है। इसका Scientific Name, हाइड्रोफिश प्लाटूरुस (Hydrophis Platurus) है। इसके घातक विष की तीव्रता का स्तर, LD50 SC Test में 0.048 mg/kg मापा गया है। यह अटलांटिक महासागर को छोड़कर लगभग सम्पूर्ण संसार के उष्णकटिबंधीय महासागरीय जल में पाया जाता है। चूँकि इस साँप का पेट पीले रंग का होता है, इसीलिये इसे Yellow Bellied Sea Snake के नाम से पुकारा जाता है, हालाँकि इसकी कमर का रंग भूरा होता है।

अपने रंग की वजह से इसे दूसरे समुद्री साँपों के साथ होने पर भी आसानी से पहचाना जा सकता है। यह अपनी पूरी जिंदगी सागर के जल में ही बिता देता है। वहीँ यह खाता है, मिलन करता है और नवजात शिशुओं को जन्म देता है। सागर के लगभग सभी साँप अच्छे तैराक होते हैं, क्योंकि तैरते समय यह अपने शरीर के पिछले हिस्से को चपटा करके उससे चप्पू का काम लेते हैं। सभी समुद्री साँपों में एक खास बात यह होती है कि हमेशा सागर में रहने के बावजूद यह कभी समंदर का पानी नहीं पीते हैं, बल्कि सिर्फ ताजा पानी ही पीते हैं।

इसके अतिरिक्त सागर के साँपों को ऑक्सीजन लेने के लिये समय-समय पर (30 मिनट से 2 घंटे बाद) सतह पर ऊपर आना पड़ता है। नर साँपों की औसत लम्बाई 72 सेमी और मादा साँप की लम्बाई 88 सेमी तक होती है। इनका विष न्यूरोटॉक्सिक होता है और यह एक बार में 1 से 4 मिग्रा जहर छोड़ते हैं। मछलियाँ इनका मुख्य भोजन है। समुद्री साँपों की अन्य विषैली प्रजातियाँ हैं – Peron’s Sea Snake, Black-banded Sea Krait और Beaked Sea Snake जिनके विष की तीव्रता नीचे दिये गये कुछ अन्य सर्पों से भी ज्यादा है, लेकिन इन्हें यहाँ कोई क्रमांक नहीं प्रदान किया गया है, क्योंकि यह सभी समुद्री साँपों की ही विशेष प्रजातियाँ है।

5. Coastal Taipan कोस्टल टैपन : –

Coastal Taipan संसार का पाँचवां सबसे विषैला सर्प है। इसका Scientific Name, ऑक्सीयूरेनस स्कूटेलाटस (Oxyuranus Scutellatus) है और यह भी ऑस्ट्रेलिया में ही पाया जाता है। देखा जाय तो दुनिया के दस सबसे जहरीले साँपों में से चार इसी देश में पाये जाते हैं। Coastal Taipan के विष की मारकता, LD50 SC Test में 0.064 mg/kg मापी गयी है। इसका विष भी Inland Taipan की तरह बहुत तेज होता है। इसके जहर की 100 मिग्रा मात्रा 83,207 चुहियों या 22 इंसानों को मारने के लिये काफी है।

यह एक लंबा साँप है और ऑस्ट्रेलिया के पूर्वी तट से लेकर इसके उत्तरी-पश्चिमी भाग में पाया जाता है। यह बहुत आक्रामक होता है और खतरे का थोडा सा भी आभास होने पर तुरंत हमला कर देता है। यह एक बार काटने पर औसतन 120 mg जहर छोड़ता है, लेकिन अधिकतम सीमा 400 मिग्रा तक दर्ज की गयी है। इसका विष भी न्यूरोटॉक्सिक होता है और यदि जल्दी ही एंटीवेनम का प्रयोग न किया जाय तो 80 प्रतिशत मामलों में पीड़ित व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है।

6. Many-banded Krait धारीदार करैत : –

करैत दुनिया के उन सबसे खतरनाक साँपों में शामिल है जिसकी लगभग सभी प्रजातियाँ बेहद जहरीली होती हैं। इसकी ही एक प्रजाति Many-banded Krait, जिसका Scientific Name, बंगारस मल्टीसिंक्टस (Bungarus Multicinctus) है, दुनिया का छठा सबसे जहरीला साँप है। इसके विष की मारकता LD50 SC Test में 0.072 mg//kg मापी गयी है। यह चीन, ताइवान, बर्मा, लाओस और वियतनाम में पाया जाता है। चूँकि इसके शरीर पर अलग-अलग रंग की धारियाँ पायी जाती हैं, इसीलिये इसे धारीदार करैत कहते हैं। Many-banded Krait एशिया महाद्वीप का, थल पर पाया जाने वाला सबसे विषैला सर्प है।

इसका विष न्यूरोटॉक्सिक होता है और इसके जहर की 100 मिग्रा मात्रा 101,000 चुहियों या 29 इंसानों को मारने के लिये पर्याप्त है। यह एकमात्र साँप है जिसके उपचार में Antivenom Therapy भी अधिक कारगर नहीं है। यही कारण है कि प्रतिविष दिये जाने पर भी 50 प्रतिशत मामलों में व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है। करैत सर्पों की अन्य विषैली प्रजातियों में मलेशियन करैत और भारतीय करैत शामिल हैं जिनके विष की मारकता LD50 SC Test में क्रमशः 0.12 mg/kg और 0.3 mg/kg मापी गयी है।

7. Tiger Snake टाइगर स्नेक : –

ऑस्ट्रेलिया में पाया जाने वाला Tiger Snake जिसका Scientific Name, नोटचिस स्कूटेटस (Notechis Scutatus) है, दुनिया का सातवाँ सबसे जहरीला साँप है। इसकी दो प्रजातियाँ पायी जाती हैं – काला टाइगर स्नेक (Black Tiger Snake) और पश्चिमी ऑस्ट्रेलियाई टाइगर स्नेक (Western Australian Tiger Snake)। वैसे तो दोनों ही जहरीले हैं, लेकिन Black Tiger Snake अधिक जहरीला होता है। जिसके विष की मारकता LD50 SC Test में 0.099 mg/kg मापी गयी है, दूसरी प्रजाति भी अधिक पीछे नहीं है जिसकी मारकता 0.124 mg/kg है।

इसे ऑस्ट्रेलियाई कोबरा के नाम से भी पुकारा जाता है, क्योंकि यह नागों की तरह अपना फन खड़ा कर लेता है। इसके जहर की 100 मिग्रा मात्रा 98,000 चुहियों या 25 इंसानों के प्राण ले सकती है। Tiger Snake के विष में शक्तिशाली Neurotoxins, Coagulants, Haemolysins और Myotoxins होते है जिसके कारण विष तेजी से कार्य करता है और शरीर पंगु हो जाता है। मस्तिष्क सुन्न पड़ने से साँस लेने में कठिनाई होने लगती है और शरीर के उतक नष्ट होने से रक्तस्राव होना आरंभ हो जाता हैं। समय पर उपचार न करने पर 40 प्रतिशत मामलों में मृत्यु हो जाती है।

 

अभी तक आपने जहर की प्रयोगशाला में हुई जाँच के आधार पर दुनिया के दस सबसे जहरीले सर्पों के बारे में पढ़ा है। आगे आप उन सर्पों के बारे में पढेंगे जिनका विष इन साँपों के घातक जहर से थोडा कम तेज जरुर है, लेकिन इतना कम तेज भी नहीं है कि उन्हें बिलकुल ही बिसार ही दिया जाय। बल्कि अपने जहर और गुस्सैल स्वभाव के कारण तो वह ऊपर दिये गये साँपों से कहीं ज्यादा खतरनाक हो जाते हैं और लोगों को मारने में इनसे मीलों आगे हैं।

“जीवन का वास्तविक सौंदर्य केवल सत्य के प्रकाश में ही देखा जा सकता है।”
– हेनरी डेविड थोरो

 

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