Highest Mountain Peaks of The World in Hindi

 

“हिमालय पर्वत में स्थित माउंट एवेरेस्ट दुनिया का सबसे ऊँचा पर्वत शिखर है जो सागर तल से 8848 मीटर ऊँचा है। यह नेपाल में स्थित है और पूरे वर्ष बर्फ से ढका रहता है। दुनिया के नौ सबसे ऊँचे पर्वत शिखर क्रमशः इस प्रकार हैं – अकांकागुआ पर्वत, मैकिनले पर्वत, किलिमंजारो पर्वत, पिको क्रिस्टोबल कोलों पर्वत, लोगन पर्वत, पिको डी ओरिज़ाबा, विन्सन मासिफ,पुनक जया और एल्ब्रस पर्वत। इनमे से अधिकाँश चोटियाँ हमेशा बर्फ से ढकी रहती हैं।”

 

10 Highest Mountain Peaks of The World in Hindi
दुनिया का सबसे ऊँचा पर्वत शिखर है माउंट एवेरेस्ट

जैसे सागर अपनी अगाध गहराई के कारण जाने जाते हैं ठीक वैसे ही पर्वतों की चोटियाँ भी अपनी गगनचुम्बी ऊँचाइयों के कारण सभी के आकर्षण का केंद्र हैं। पर्वत लगभग हर महाद्वीप में स्थित हैं। पर्वतों के उच्चतम शिखर का निर्धारण समुद्र तल से उनकी ऊँचाई के आधार पर होता है। ऐसा माना जाता है कि इस धरती पर ऐसे कम से कम 115 पर्वत शिखर हैं जिनकी सागर तल से ऊँचाई 7000 मीटर से अधिक है। इनमे से 90 प्रतिशत से अधिक पर्वत शिखर भारतीय उपमहाद्वीप और तिब्बत क्षेत्र में पड़ते हैं, जबकि कुछ चोटियाँ मध्य एशिया में भी स्थित हैं।

पर्वत-शिखर की ऊँचाई निर्धारित करने का सामान्य प्रचलन यह है कि इन्हें समुद्र तल को आधार मानकर मापा जाता है, लेकिन यदि ऐसा किया जाय तो दुनिया के चालीस सबसे ऊँचे पर्वत शिखर केवल हिमालय पर्वत में ही स्थित मिलेंगे। पर चूँकि अभी तक एक ही पर्वतमाला की कई चोटियों और अलग-अलग पर्वतों के बीच के अंतर को पूरी तरह से स्पष्ट नहीं किया जा सका है, इसीलिये पर्वत शिखर की ऊँचाई मापने का एक नया तरीका Topographic Prominence अधिक उचित माना जाता है।

जिसमे पर्वत शिखर की ऊँचाई का निर्धारण उसके चारों ओर स्थित स्थल भाग की ऊँचाई के आधार पर किया जाता है। अर्थात सबसे ऊँचा शिखर ही मुख्य चोटी माना जाता है न कि उस क्षेत्र में पड़ने वाले समस्त शिखर। उदाहरण रूप में हिमालय पर्वत के ल्होत्से शिखर की समुद्रतल से ऊँचाई 8,516 मीटर है, लेकिन चूँकि माउंट एवेरेस्ट इस क्षेत्र का मुख्य पर्वत शिखर है तो समीप के धरातल से तुलना करने पर इसकी ऊँचाई केवल 610 मीटर ही बैठती है। इस कारण से हम भी यहाँ दुनिया के सबसे ऊँचे पर्वतों को Topographic Prominence के आधार पर ही दे रहे हैं –

1. Mount Everest is The Highest Mountain Peak in Asia एवेरेस्ट पर्वत : –

हिमालय पर्वतमाला में स्थित Mount Everest न केवल धरती का सबसे ऊँचा स्थान है, बल्कि यह दुनिया का सबसे ऊँचा पर्वत शिखर भी है। यह समुद्र तल से लगभग 8848 मीटर (29,029 फुट) ऊँचा है। एवेरेस्ट पर्वत हिमालय के महालंगूर क्षेत्र के अंतर्गत आता है और नेपाल में स्थित है। यह चीन और नेपाल की सीमा का विभाजन भी करता है। एवेरेस्ट न केवल समुद्र तल से, बल्कि अपने आधार से चोटी तक संसार का सबसे ऊँचा पर्वत है। चूँकि यह हिमालय के अत्यंत दुर्गम और अत्यंत शीत क्षेत्र में स्थित है इसीलिये यह वर्ष भर बर्फ की परत से ढका रहता है।

एवेरेस्ट का 8000 मीटर से उपर का क्षेत्र ‘Death Zone’ के नाम से जाना जाता है, क्योंकि तेज हवाएँ, अत्यंत कम तापमान और तेज ढलान इस क्षेत्र को बहुत खतरनाक बना देते हैं। इसे नेपाल में सागरमाथा और तिब्बत में चोमोलंगमा के नाम से जाना जाता है। एवेरेस्ट पर्वत पर सबसे पहले चढ़ने का श्रेय शेरपा तेनजिंग और एडमंड हिलेरी को जाता है जिन्होंने सन 1953 में इसके शिखर पर पहुँचने में सफलता हासिल की थी। एवेरेस्ट पर अब तक 200 से भी अधिक सफल पर्वतारोहण अभियान संपन्न हो चुके हैं, हालाँकि कई लोगों को इस पर चढ़ने के दौरान असमय ही काल-कवलित भी होना पडा है।

2. Aconcagua is The Tallest Mountain Peak in South America अकांकागुआ पर्वत : –

एंडीज पर्वत श्रंखला में स्थित Mount Aconcagua दुनिया का दूसरा सबसे ऊँचा पर्वत शिखर है। यह समुद्र तल से 6,961 मीटर (22,838 फुट) ऊँचा है। यह अर्जेंटीना के मेंडोज़ा राज्य में स्थित है और मेंडोज़ा शहर से केवल 112 किमी दूरी पर है। अकांकागुआ दक्षिणी अमेरिका महाद्वीप के साथ-साथ पश्चिमी और दक्षिणी गोलार्द्ध का भी सबसे ऊँचा पर्वत शिखर है। यह अर्जेंटीना और चिली की अंतर्राष्ट्रीय सीमा से सिर्फ 15 किमी दूर है, हालाँकि यह पूरा पर्वत शिखर अर्जेंटीना में ही पड़ता है। अकांकागुआ पर्वत शिखर एशिया के बाहर सबसे ऊँचा पर्वत शिखर है।

पर्वत और इसके आस-पास का क्षेत्र अकांकागुआ प्रोविंशियल पार्क का ही हिस्सा है। इसमें कई ग्लेशियर भी हैं जिनमे सबसे बडा 10 किमी लम्बा है। आज जहाँ यह पर्वत है वह लाखों वर्ष पूर्व कई ज्वालामुखियों का क्षेत्र था, क्योंकि यहाँ की सभी चट्टानें लावा से निर्मित हैं। इस पर्वत पर सबसे पहले चढ़ने का श्रेय मैथिअस जुरब्रिग्गेन को हासिल है जिसने सन 1897 में इसके शिखर पर पहुँचने में सफलता पायी थी। हालाँकि अब तक 100 से भी अधिक व्यक्तियों ने इसे फतह करने में अपनी जान गवाई है।

3. Mount McKinley is The Highest Mountain Peak in North America मैकिनले पर्वत : –

संयुक्त राज्य अमेरिका के अलास्का राज्य में स्थित Mount McKinley संसार का तीसरा सबसे ऊँचा पर्वत शिखर है। यह अलास्का श्रंखला का ही हिस्सा है और अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे के अनुसार सागर तल से 6,190 मीटर (20,310 फुट) ऊँचा है। इसे डेनाली पर्वत के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि सन 2015 में अमेरिकी सरकार ने इसका नाम परिवर्तित कर दिया था। मैकिनले पर्वत शिखर समूचे उत्तरी अमेरिका महाद्वीप का सबसे ऊँचा पर्वत शिखर है और डेनाली नेशनल पार्क के मध्य में स्थित है। यह वर्ष भर बर्फ की मोटी परतों से ढका रहता है, क्योंकि यह ध्रुवीय क्षेत्र में पडता है।

सन 1913 में हडसन स्टक, वाल्टर हार्पर, हैरी कर्स्टन और रोबर्ट टटुम इन चार पर्वतारोहियों ने इस पर्वत शिखर पर सफलतापूर्वक चढ़ने का गौरव प्राप्त किया था। डेनाली पर्वत शिखर की दो मुख्य चोटियाँ हैं – पहली दक्षिणी चोटी जो अधिक ऊँची है और दूसरी उत्तरी छोटी जो लगभग 5,934 मीटर ऊँची है। इस पर्वत पर पाँच बड़े ग्लेशियर हैं जो अलग-अलग दिशा में स्थित हैं। मैकिनले पर्वत की तलहटी में कोयुकों अथाबसकंस (Koyukon Athabaskans) नाम की जनजाति के लोग सदियों से रहते आ रहे हैं।

4. Mount Kilimanjaro is The Highest Mountain Peak in Africa किलिमंजारो पर्वत : –

Mount Kilimanjaro अफ्रीका महाद्वीप में स्थित दुनिया का चौथा सबसे ऊँचा पर्वत है। इसकी सागर तल से कुल ऊँचाई 5,895 मीटर (19,341 फुट) है। किलिमंजारो एक पर्वत होने के साथ-साथ एक ज्वालामुखी भी है। हालाँकि आज यह एक सुषुप्त ज्वालामुखी है, लेकिन दुनिया के दस सबसे बडे ज्वालामुखीयों में इसकी गिनती होती है। यह तंजानिया के किलिमंजारो नेशनल पार्क में स्थित है और एडवेंचर के शौकीन लोगों का पसंदीदा पर्यटन स्थल है। किलिमंजारो पर्वत अफ्रीका महादवीप का सबसे ऊँचा पर्वत तो है ही, यह अफ्रीका का सबसे बडा सुषुप्त ज्वालामुखी भी है। यह यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची का भी हिस्सा है।

इसके शिखर पर प्रथम बार चढ़ने का श्रेय हैंस मेयेर और लुडविग पर्टशेलर को जाता है जिन्होंने सन 1889 में यह उपलब्धि हासिल की थी। किलिमंजारो में तीन अलग-अलग ज्वालामुखी शंकु हैं – किबो, मवेंज़ी और शिरा। किबो सबसे बड़ा शंकु है और यह 24 किमी चौड़ा है। इसके क्रेटर पर स्थित उहुरु शिखर किलिमंजारो की सबसे ऊँची चोटी है। इस पर्वत पर चढने के प्रयास में अब तक 30 से भी अधिक लोगों को अपनी जान गँवानी पड़ी है। यह पर्वत अपने समाप्त होते ग्लेशियरों और ज्वालामुखी गतिविधियों के कारण वैज्ञानिकों के भी आकर्षण का केंद्र है।

5. Pico Cristóbal Colón is The Highest Mountain Peak in Colombia पिको क्रिस्टोबल कोलों पर्वत : –

कोलंबिया में स्थित पिको क्रिस्टोबल कोलों संसार का पाँचवाँ सबसे ऊँचा पर्वत शिखर है जिसकी आधार से शिखर तक की ऊँचाई 5,700 मीटर (18,700 फुट) है। यह अकांकागुआ पर्वत के पश्चात दक्षिण अमेरिका महाद्वीप का दूसरा सबसे ऊँचा पर्वत शिखर है। यह Pico Simón Bolívar के साथ-साथ, सिएरा नेवादा डे सांता मार्टा (Sierra Nevada de Santa Marta) श्रंखला का भी हिस्सा है।

इस चोटी का नाम क्रिस्टोफर कोलंबस के नाम पर रखा गया था। यह चोटी और इसके समीप के पर्वत हमेशा बर्फ से ढके रहते हैं। सन 1939 में विलियम वुड, बेकरवैल और प्रावलिनी इन तीन पर्वतारोहियों ने इस पर्वत शिखर पर सफलतापूर्वक चढ़ने का गौरव हासिल किया था।

6. Mount Logan is The Highest Mountain Peak in Canada लोगन पर्वत : –

Mount Logan दुनिया का छठा सबसे ऊँचा पर्वत होने के साथ-साथ, कनाडा का सबसे ऊँचा पर्वत शिखर भी है। सागर तल से इसकी कुल ऊँचाई 5,959 मीटर (19,551फुट) है। इस पर्वत का नामकरण सर विलियम एडमंड लोगन के नाम पर किया गया है जो कनाडा के प्रख्यात भूविज्ञानी (Geologist) थे। लोगन पर्वत दक्षिण-पश्चिमी, युकों में ‘क्लुअने नेशनल पार्क रिज़र्व’ के अन्दर ही स्थित है। यह पर्वत शिखर अलास्का/युकों बॉर्डर से केवल 25 मील की दूरी पर है।

लोगन पर्वत, डेनाली पर्वत के पश्चात उत्तरी अमेरिका की दूसरी सबसे ऊँची चोटी भी है। वर्ष भर बर्फ जमे रहने के कारण यहाँ तापमान हमेशा शून्य से नीचे (-25 °C से -45 °C) ही रहता है, क्योंकि यह अत्यधिक शीत क्षेत्र में स्थित है। इस पर्वत पर सबसे पहले चढ़ने का कीर्तिमान, अल्बर्ट एच. मैक्कार्थी, एलन कार्प, विलियम फोस्टर, लैबर्ट, नार्मन रीड और एंडी टेलर के नाम पर दर्ज है, जिन्होंने सन 1925 में यह उपलब्धि हासिल की थी।

7. Pico de Orizaba is The Highest Mountain Peak in Maxico पिको डी ओरिज़ाबा : –

मैक्सिको में स्थित Pico de Orizaba संसार का सातवाँ सबसे ऊँचा पर्वत होने के साथ-साथ, उत्तरी अमेरिका का तीसरा सबसे ऊँचा पर्वत भी है। यह समुद्र तल से 5,636 मीटर (18,491 फुट) ऊँचा है और वेराक्रज तथा पूबला राज्यों की सीमा पर स्थित है। पिको डी ओरिज़ाबा एक ज्वालामुखी पर्वत है और तंज़ानिया के किलीमंजारों पर्वत के पश्चात, दुनिया का दूसरा सबसे ऊँचा और उत्तरी अमेरिका का सबसे ऊँचा ज्वालामुखी पर्वत है। इसे मृत नहीं, बल्कि सुषुप्त ज्वालामुखी मान जाता है, क्योंकि इसमें अंतिम विस्फोट उन्नीसवीं सदी के मध्य (सन 1846) में ही हुआ था।

पिको डी ओरिज़ाबा ट्रांस-मैक्सिकन Volcanic Belt का हिस्सा है और मैक्सिको का सबसे ऊँचा पर्वत है। यह इतना ऊँचा है कि इसे मैक्सिको की खाड़ी में चलने वाले जहाज आसानी से देख सकते हैं। सन 1848 में एफ. मेनर्ड और विलियम रेनोल्ड्स ने इस पर्वत पर चढ़ने में सफलता प्राप्त की थी। पिको डी ओरिज़ाबा पर नौ ग्लेशियर हैं जिनमे ग्रान ग्लेशियर नोर्ट सबसे बड़ा है। यहाँ का औसत तापमान -2 °C से 5 °C के बीच रहता है तथा हर साल लगभग 1,600 मिमी औसत वर्षा भी होती है।

8. Vinson Massif is The Highest Mountain Peak in Antarctica विन्सन मासिफ : –

Vinson Massif अंटार्कटिका महाद्वीप में स्थित दुनिया का आठवां सबसे ऊँचा पर्वत शिखर है। यह 21 किमी लम्बा तथा 13 किमी चौड़ा है और एलिसवर्थ पर्वतों की सेंटीनेल श्रेणी में पड़ता है। यह चोटी दक्षिणी ध्रुव से 1200 किमी की दूरी पर स्थित है। विन्सन मासिफ की खोज सन 1958 में अमेरिकी नेवी एयरक्राफ्ट ने की थी और अमेरिकी राजनेता कार्ल जी विन्सन के नाम पर इस पर्वत का नामकरण किया गया था।

यह पर्वत सागर तल से 4,892 मीटर (16,050 फुट) ऊँचा है और अंटार्कटिका का सबसे ऊँचा पर्वत है। विन्सन मासिफ पर सबसे पहले चढ़ने का श्रेय निकोलस क्लिंच और उनके सहयोगियों ने सन 1966 में प्राप्त किया था। गर्मियों में (नवंबर से जनवरी तक) यहाँ का तापमान -30 °C रहता है, क्योंकि इन दिनों सूरज 24 घंटे निकला रहता है, जबकि सर्दियों में यह और नीचे चला जाता है।

9. Puncak Jaya is The Highest Mountain Peak in Indonesia पुनक जया : –

Puncak Jaya इंडोनेशिया के पपुआ राज्य के पश्चिमी मध्य उच्च क्षेत्र में स्थित संसार का नौवां सबसे ऊँचा पर्वत शिखर है। इसे कार्स्टनस्ज पिरामिड के नाम से भी जाना जाता है और यह जयविजय या कार्स्टनस्ज पर्वत का सबसे ऊँचा शिखर है। यह सागर तल से 4,884 मीटर (16,024 फुट) ऊँचा है और इंडोनेशिया का सबसे ऊँचा पर्वत है। यह किसी भी द्वीप पर स्थित संसार की सबसे ऊँची चोटी है। इस पर्वत पर सबसे पहले चढ़ने का श्रेय, सन 1936 में कॉलिन, डोजी और विस्सेल्स ने हासिल किया था।

पुनक जया की शिखर पर बर्फ नहीं है, लेकिन इसके ढलानों पर कई ग्लेशियर मिलते हैं। सुरक्षा कारणों से इस पर्वत शिखर को सन 1995 से 2005 के बीच पर्यटकों और पर्वतारोहियों के लिये बंद कर दिया गया था, हालाँकि अब सरकार से अनुमति लेने के पश्चात इस पर चढ़ने का आनंद उठाया जा सकता है।

10. Mount Elbrus is The Highest Mountain Peak in Russia एल्ब्रस पर्वत : –

Mount Elbrus संसार का दसवाँ सबसे ऊँचा पर्वत शिखर होने के साथ-साथ यूरोप का भी सबसे ऊँचा पर्वत है। इसे रूसी भाषा में कराचे-बलकर या कबरडियन भी कहते हैं। यह सागर तल से 4,741 मीटर (15,554 फुट)  ऊँचा है और इसकी चोटी हमेशा बर्फ से ढकी रहती है। एल्ब्रस एक ज्वालामुखी पर्वत है और यह जॉर्जिया की सीमा के समीप, दक्षिणी रूस में काकेशस पर्वतों के बीच स्थित है। सन 1829 में खिलर खाशिरोव ने इस पर्वत की पूर्वी चोटी को छुआ था जबकि सन 1874 में फ्लोरेंस क्राफोर्ड ग्रोव, होरेस वाकर, पीटर क्नुबेल और फ्रेडरिक गार्डनर ने इसकी पश्चिमी चोटी पर पहुँचने में सफलता प्राप्त की थी।

एल्ब्रस पर्वत की दो चोटियाँ हैं और दोनों ही सुषुप्त ज्वालामुखी गुम्बद हैं। इसमें 22 ग्लेशियर हैं जो बक्सन, मलका और कुबन नदियों के जल स्रोत हैं। एल्ब्रस पर्वत का निर्माण लगभग 25 लाख वर्ष पूर्व हुआ था और इसमें अंतिम विस्फोट कोई 1950 वर्ष पूर्व हुआ था। यह माना जाता है कि इस सुषुप्त ज्वालामुखी के नीचे काफी गहराई पर मैग्मा अभी भी क्रियाशील तरल अवस्था में मौजूद है। आज एल्ब्रस पर्वत पर चढ़ाई करना काफी आसान हो गया है, क्योंकि इस पर चढने के लिये केबल कार की व्यवस्था उपलब्ध है, हालाँकि यह शिखर तक नहीं है।

“साहस का तात्पर्य भय की अनुपस्थिति नहीं है, बल्कि इसके ऊपर जय है। बहादुर आदमी वह नहीं है जो डर महसूस नहीं करता, बल्कि वह है जो उस डर को जीतता है।”
– नेल्सन मंडेला

 

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