Surprising Facts about Human Blood in Hindi

 

रक्त एक शारीरिक द्रव है जो लगातार प्राणियों के शरीर के अन्दर उनकी रक्त वाहिनियों में प्रवाहित होता रहता है। यह लाल रंग का गाढ़ा, कुछ चिपचिपा और एक जीवित उतक है जो मनुष्य के साथ-साथ अन्य सजीव प्राणियों के जीवित रहने के लिये भी अनिवार्य है। एक स्वस्थ और व्यस्क मनुष्य के शरीर में लगभग 5.5 लीटर रक्त होता है।

Surprising Facts about Human Blood in Hindi
मानव जीवन का आधार है रगों में दौड़ता लहू

आज विश्व रक्तदान दिवस अर्थात World Blood Donor Day है प्रतिवर्ष 14 जून का दिन संसार के सभी देश रक्तदान दिवस के रूप में मनाते हैं ताकि सुरक्षित रक्त की महत्ता के प्रति सभी को जागरूक किया जा सके इसके अतिरिक्त यह रक्तदानियों के स्वैच्छिक जीवन रक्षक उपहार रक्त के प्रति आभार प्रकट करने का भी दिन है लोगों को रक्तदान के प्रति प्रेरित करने के लिये सन 2004 में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इस दिवस का शुभारंभ किया

प्रायः अधिकाँश लोगों को शरीर के अंगों और उनकी क्रियाविधि के बारे में समुचित जानकारी नहीं होती है जिसके कारण वे अक्सर बीमार पड़ते रहते हैं चिकित्सक शरीर संबंधी इस अनभिज्ञता को भी बीमार पड़ने के मुख्य कारणों में से एक मानते हैं चूँकि समस्त शरीर का पोषण रक्त से ही होता है इसीलिये रक्त के संबंध में पर्याप्त जानकारी होनी भी प्रत्येक व्यक्ति के लिये आवश्यक है

खून में कोई भी खराबी होने पर या शरीर में रक्त की कमी होने पर व्यक्ति को बीमार होते देर नहीं लगती इसीलिये आज विश्व रक्तदान दिवस के अवसर पर हम रक्त से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण तथ्य यहाँ दे रहे हैं ताकि सभी व्यक्ति जीवन आधार रुपी इस रक्त की महत्ता को समझकर अपने और दूसरों के स्वास्थ्य को उत्तम बना सकें

Structure of Blood : –

खून को जीवन रक्षक द्रव्य (Life Saving Fluid) कहा जाता है क्योंकि शरीर का प्रत्येक अंग, इसकी प्रत्येक कोशिका अपने पोषण, उर्जा और शुद्धि के लिये रक्त पर ही निर्भर है लहू के बिना शरीर का कोई भी अंग 5 से 10 मिनट तक भी जिन्दा नहीं रह सकता है यदि मस्तिष्क की कोशिकाओं को 5 मिनट भी रक्त न मिले तो यह बहुत तेजी से नष्ट होने लगती हैं

रक्त ही शरीर के अंगों की अशुद्धि दूर करता है चयापचय की प्रक्रिया के दौरान शरीर के भीतर पैदा होने वाले विषैले तत्वों को दूर करने का कार्य भले ही त्वचा, यकृत और गुर्दे करते हों लेकिन इस जहर को कोशिकाओं से इन तक पहुँचाने का काम रक्त ही करता है

रक्त प्लाज्मा और रक्त कणों से मिलकर बना होता है प्लाज्मा एक साफ, धूसर रंग का और पानी की तरह प्रवाहित होने वाला द्रव्य है जिसमे कई प्रकार के रक्त कण तैरते रहते हैं प्लाज्मा के सहारे ही यह सभी रक्त कण शरीर के प्रत्येक हिस्से में पहुँच पाते हैं रक्त का 55 प्रतिशत भाग प्लाज्मा होता है बाकी का 45 प्रतिशत भाग रक्त के मूल अंश रक्त कोशिकाओं से मिलकर बना होता है रक्तकण या रक्त कोशिकाएँ तीन प्रकार की होती हैं – लाल रक्त कणिका, श्वेत रक्त कणिका और प्लैटलैट्स। यह तीनों शरीर में अलग-अलग कार्य करते हैं

रक्त कुछ क्षारीय होता है इसका pH मान 7.4 होता है आयुर्वेद के अनुसार उत्तम स्वास्थ्य के लिये रक्त क्षारीय ही होना चाहिये जब कभी रक्त में अम्लीयता बढ़ने लगती है तो यह अनेक स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म देता है जानकारी के लिये बता दें 7 से ऊपर का pH मान क्षारीय और 7 से नीचे का pH मान अम्लीय माना जाता है

Functions of Blood : –

रक्त के कई कार्य हैं

ऊतकों को आक्सीजन पहुँचाना।
पोषक तत्वों को ले जाना जैसे ग्लूकोस, अमीनो अम्ल और वसा अम्ल (रक्त में घुलना या प्लाज्मा प्रोटीन से जुडना जैसे- रक्त लिपिड)।
उत्सर्जी पदार्थों को बाहर करना जैसे- यूरिया कार्बन, डाई आक्साइड, लैक्टिक अम्ल आदि।
प्रतिरक्षात्मक कार्य।
संदेशवाहक का कार्य करना, इसके अन्तर्गत हार्मोन्स आदि के संदेश देना।
शरीर पी. एच नियंत्रित करना।
शरीर का ताप नियंत्रित करना।
शरीर के एक अंग से दूसरे अंग तक जल का वितरण रक्त द्वारा ही सम्पन होता है

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