Sex Organs of Male Reproductive System in Hindi

 

पुरुषों के Sex Organs/प्रजनन अंग, Male Reproductive System के अंतर्गत आते हैं जिनमे कई अंग शामिल हैं। लिंग और वृषण पुरुष के बाहरी और मुख्य प्रजनन अंग है जो संभोग क्रिया में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है। लिंग को उपस्थ और शिश्न भी कहते हैं। वीर्य और शुक्राणुओं का उत्पादन अन्डकोशों के भीतर होता है जो मैथुन के समय स्त्री के शरीर में, योनिमार्ग से प्रविष्ट होकर अंडे को निषेचित करके, भ्रूण का निर्माण करते हैं। यही भ्रूण परिपक्व होने पर नवजात शिशु के रूप में पैदा होता है।

पिछले लेख में हमने आपको Sex Organs के कार्य और स्त्री-पुरुष के यौनांगों के प्रकार व नामों के बारे में बताया था आज हम आपको पुरुषों के जननांगों/यौनांगों की संरचना और कार्य के बारे में विस्तार से बतायेंगे क्योंकि अच्छा स्वास्थ्य पाने के लिये प्रत्येक व्यक्ति को अपने शरीर के हर अंग की आधारभूत जानकारी होनी आवश्यक है और मनुष्य के प्रजनन अंग तो शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक हैं

इसीलिये हमें उन बातों के ज्ञान की आवश्यकता है जिनसे हमारे यह अंग लंबे समय तक स्वस्थ रह सकें और एक दीर्घायु जीवन जीने में हमारी सहायता कर सकें वैसे तो इस लेख में कहीं भी किसी प्रकार के अश्लील शब्द या चित्र का प्रयोग नहीं किया गया है, फिर भी हमारा यह द्रढ़ता से मानना है कि यदि आपकी आयु 18 वर्ष से अधिक है तो ही आप इस लेख को पढ़ें

इसका कारण यह है कि किशोरावस्था के बालकों और बालिकाओं के मन में प्रत्येक चीज को जानने की जिज्ञासा तो रहती है, लेकिन विवेकशक्ति उतनी प्रखर नहीं होती है चूँकि इस अवस्था में काम अंगों का विकास तेजी से होता है और शरीर में कुछ नये हार्मोन्स का स्राव भी आरम्भ हो जाता है इसीलिये व्यक्ति के मन में जननांगों/यौनांगों की चर्चा करते समय पूर्वसंस्कारवश वासना की लहरें उठती हैं

आज जबकि हम सभी देख रहे हैं कि Technology और Co-education ने बच्चों को समय से पहले जवान बना दिया है तो इनकी वक्त से पहले चर्चा किशोरों के मन में एक विचित्र तूफ़ान उठने का कारण बन सकती है और यह केवल हमारा मानना नहीं है, बल्कि मानव मानस के मर्मज्ञ ज्ञानियों और विद्वानों का भी ऐसा ही कथन है

पुरुषों के Sex Organs/प्रजनन अंग Male Reproductive System के अंतर्गत आते हैं जिनमे कई अंग शामिल हैं जनन तंत्र मनुष्य की उत्पत्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है जैसा कि हमने पिछले लेख में बताया था कि स्त्री और पुरुष दोनों के अन्दर दो प्रकार के Sex Organs होते हैं जिनमे एक शरीर के बाहर होता है और दूसरा शरीर के अन्दर

पुरुषों के बाहरी प्रजनन अंग दो होते हैं जिन्हें लिंग या शिश्न (Penis) और अंडकोष या वृषण (Scrotum) भी कहते हैं पुरुषों के भीतरी प्रजनन अंगों में Epididymis, Vas Deferens, Seminal Vesicles, Prostate Gland और Bulbourethral Glands शामिल हैं आइये अब विस्तार से पुरुषों के प्रजनन अंगों के बारे में जानते हैं –

External Genital Organs –

Penis – लिंग पुरुष का बाहरी और मुख्य प्रजनन अंग (Primary Sex Organ) है इसे शिश्न भी कहा जाता है यह संभोग क्रिया में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है लिंग के अग्र भाग को लिंग मुंड भी कहा जाता है सामान्य अवस्था में लिंग की लम्बाई 1 से 4 इंच होती है लेकिन उत्तेजित अवस्था में इसकी लम्बाई बढ़कर 10 से 24 सेमी तक हो सकती है लेकिन अधिकांश लोगों के लिंग की औसत लम्बाई 5 से 6 इंच के बीच ही होती हैं लिंग की संरचना देखने में बहुत सामान्य सी प्रतीत होती है लेकिन ऐसा है नहीं लिंग में कोई हड्डी नहीं होती है, बल्कि यह उपस्थि से बना होता है इसीलिये इसका एक नाम उपस्थ इन्द्रिय भी है

सीधे अर्थों में कहें तो लिंग की संरचना स्पंजनुमा होती है

Internal Genital Organs –