Amazing Facts about The Small Intestine in Hindi

 

“छोटी आँतें मानव शरीर का अत्यंत महत्वपूर्ण अंग होने के साथ-साथ शरीर का सबसे लम्बा आंतरिक अंग भी हैं। Small Intestine में मुख्य रूप से भोजन पचाने और उसके अवशोषण का काम होता है, जबकि बड़ी आँत में अपशिष्ट पदार्थ से केवल जल का अंश सोखकर उसे मलद्वार से बाहर निकाल दिया जाता है।”

 

Amazing Facts about The Small Intestine in Hindi
शरीर को बलिष्ठ व् तेजस्वी बनाने के लिये आँतों का स्वस्थ होना अनिवार्य है

Small Intestine या छोटी आँत को क्षुद्रांत (Small Bowel) के नाम से भी जाना जाता है। यह आमाशय (Stomach) से लेकर बड़ी आँत (Large Intestine) तक विस्तृत उदर-आंत्र भाग (Gastrointestinal Tract) का ही एक प्रमुख हिस्सा है, जिसमे मनुष्य द्वारा खाये गये भोजन के अधिकांश सार भाग का पाचन और अवशोषण होता है। छोटी आँत का प्रथम भाग, आमाशय से और अंतिम भाग, बड़ी आँत से जुड़ा रहता है।

भोजन में जितने भी Minerals और पोषक तत्व होते हैं उन सभी का अवशोषण, छोटी आँत (Small Intestine) में ही होता है, जिसे इनकी आंतरिक दीवारों पर उभरे हुए चूषक (Villi) संपन्न करते हैं। यह चूषक छोटी अंगुली के जैसी आकृति वाले उभार (Protrusions) होते हैं।

इन चूषकों पर भी कई छोटे-छोटे चूषक होते हैं, जिन्हें सूक्ष्म चूषक (Microvilli) कहते हैं। यह चूषक ही भोजन को पकड़कर उसमे उपस्थित पोषक तत्वों को चूसते हैं। वैसे तो छोटी आँत के तीनों भाग, सूक्ष्म स्तर तक देखने पर भी समान ही दिखाई देते हैं, लेकिन उनमें कुछ महत्वपूर्ण अन्तर पाये जाते हैं। आइये अब जानते हैं छोटी आँतों के बारे में कुछ महत्वपूर्ण तथ्य –

Structure of The Human’s Small Intestine in Hindi

ऐसी होती है मनुष्य की छोटी आँत की संरचना

1. अलग-अलग लोगों में Small Intestine की लम्बाई, अलग-अलग हो सकती है, क्योंकि यह व्यक्ति की लम्बाई पर निर्भर करती है। लम्बे लोगों की छोटी आँत की लम्बाई भी, सामान्य कद वालों की तुलना में अधिक होती है। एक व्यस्क व्यक्ति की छोटी आँत की औसत लम्बाई 4.5 से 6.9 मीटर (15 से 22.5 फुट) तक होती है, लेकिन यह इससे अधिक भी हो सकती है। अब तक की सबसे लम्बी, छोटी आँत लगभग 10.49 मीटर (34.4 फुट) लम्बी थी।

2. आँतों का नाम प्रदर्शित करता है कि वह कितनी चौड़ी हैं, न कि लम्बी। मनुष्य की आँतों का व्यास 1 से 2 इंच तक होता है। लेकिन व्यस्क व्यक्ति की छोटी आँत की चौड़ाई, शिशुओं की तुलना में अधिक होती है। जहाँ एक नवजात शिशु की छोटी आँत का व्यास 1.5 सेमी होता है, वहीँ वयस्कों की आँत का व्यास 2.5 से 3 सेमी तक होता है।

3. मनुष्य की छोटी आँत को तीन भागों में बाँटा जाता है। जिन्हें ग्रहणी (Duodenum), मध्यान्त्र (Jejunum) और शेषान्त्र (Ileum) के नाम से जाना जाता है। इसका प्रत्येक भाग अलग-अलग प्रकार के Nutrients (पोषक तत्वों) को अवशोषित करता है।

4. डुओडीनम, छोटी आँत का सबसे पहला और सबसे छोटा भाग है। यह आमाशय से जुड़ा रहता है। आमाशय से भोजन सबसे पहले यहीं आता है और यहीं से भोजन के अवशोषण की तैयारी आरम्भ हो जाती है। पित्ताशय से निकलने वाले पित्त और Pancreas (अग्न्याशय) से निकलने वाले पंक्रेअटिक जूस भी यहीं आकर मिलते हैं।

5. Duodenum की लम्बाई केवल 20 से 25 सेमी होती है और यह दिखने में अंग्रेजी के C अक्षर जैसा ही होता है और Pancreas के सिर को घेरे रहता है। इसमें उपस्थित, Digestive Enzymes (पाचक रस) प्रोटीन और वसा को तोड़कर दूसरे तत्वों में बदल देते हैं।

शरीर का जटिल और बेहद महत्वपूर्ण अंग है छोटी आँत

6. जेजुनम, छोटी आँत का मध्य भाग है और यह लगभग 2.5 मीटर लंबा होता है। आँतों के इस भाग में ही चूषक (Plicae Circulares, Villi) होते हैं जो आँतों का पृष्ठ क्षेत्रफल (Surface Area) बढ़ा देते हैं। यहीं पर शर्करा, एमिनो अम्ल और वसा अम्लों (Sugars, Amino Acids, and Fatty Acids) को अवशोषित करके रक्तधारा (Bloodstream) में मिला दिया जाता है।

7. इलीयम, छोटी आँत का अंतिम भाग है और यह बड़ी आँत से जुडा रहता है। यह 3 मीटर लंबा होता है। इसमें भी Jejunum की तरह चूषक होते हैं और यह मुख्य रूप से विटामिन B12 और पित्त अम्ल को तथा बच गये पोषक तत्वों को अवशोषित करता है।

8. शाकाहारी प्राणियों की छोटी आँत की लम्बाई, माँसाहारी जीवों की तुलना में अधिक होती है, क्योंकि इनकी चयापचय दर (Metabolic Rate) माँसभक्षियों और सरीसृपों की तुलना में अधिक होती है।

9. Small Intestine की लम्बाई Large Intestine से ज्यादा जरुर होती है, लेकिन इसका व्यास (चौड़ाई) बड़ी आंत की तुलना में कम होता है। यही कारण है कि इसे छोटी आँत कहा जाता है।

10. जब भ्रूण केवल 30 से 35 दिन का होता है, उसी समय से उसके शरीर में Small Intestine का निर्माण होना आरम्भ हो जाता है। उस समय छोटी आँत का मध्य भाग, बहुत तेज गति से बढ़ता है।

11. छोटी आँत, शरीर का सबसे लंबा आंतरिक अंग (Internal Organ) है और इनके अंदर कई तरह के Bacteria (जीवाणु) भी रहते हैं, जो प्रायः स्वास्थ्य के लिये हितकर होते हैं।

Structural Facts about Small Intestine in Hindi

छोटी आँत की संरचना से जुडी यह बातें नहीं जानते होंगे आप

12. छोटी आँत के बारे में सबसे अद्भुत तथ्यों में से एक यह है कि छोटी आँत की दीवारें बहुत पतली होती हैं। इस कारण से भोजन के अवशोषण के लिये पृष्ठ क्षेत्रफल कम बचता है। इस समस्या को दूर करने के लिये, ताकि पृष्ठ क्षेत्रफल बढ़ सके, Small Intestine की अंदरूनी सतह पर, सूक्ष्म तंतु और और सिलवटें (विल्ली) उभरी होती हैं।

13. यह सिलवटें और सूक्ष्म तंतु, सतह का क्षेत्रफल काफी बढ़ा देते हैं। लेकिन सतह का क्षेत्रफल और ज्यादा बढ़ सके, इसलिये इन सूक्ष्म तंतुओं को घेरने वाली कोशिकाओं में भी सूक्ष्म तंतु (माइक्रोविल्ली) होते हैं।

14. यह सूक्ष्म तंतु या विली और कुछ नहीं, बल्कि ऊँगली जैसी छोटे माइक्रोस्कोपिक उभार होते हैं, जो छोटी आँत (Small Intestine) के अन्दर की सतह का क्षेत्रफल बढ़ाने के लिये जिम्मेदार होते हैं।

15. प्रत्येक एकल सूक्ष्म तंतु या विली के अन्दर केशिकाएँ और एक लक्टेअल होता है। यह लक्टेअल ही समस्त पचायी गयी वसा को अवशोषित करने के लिये उत्तरदायी होता है।

16. लक्टेअल द्वारा अवशोषित की गयी यह वसा, फिर लिम्फेटिक तंत्र में भेजी जाती है जो आखिर में परिसंचरण तंत्र में मिल जाती है।

17. आमाशय से आने वाला भोजन डुओडीनम में एक छिद्र से प्रवेश करता है, जिसे पायलोरिक स्फिंकटर कहते हैं।

18. छोटी आँत की संरचना जटिल होने के कारण, इन्हें कृत्रिम रूप से बना पाना असंभव ही है और इनके प्रत्यारोपण में भी अभी तक कोई सफलता हाथ नहीं लग सकी है।

Small Intestine in Hindi छोटी आँत से जुड़े अद्भुत तथ्य

19. छोटी आँत की सुरक्षा करने के लिये पेयर्स पैचेज नामक एक चीज होती है, जो छोटी आँत के इलियम हिस्से में उपस्थित लिम्फोइड उतकों का क्षेत्र होते हैं। पेयर्स पैचेज उन हानिकारक जीवाणुओं और सूक्ष्म परजीवियों से छोटी आँत की सुरक्षा के लिये आवश्यक एंटीजन उपलब्ध कराते हैं, जो पाचन तंत्र में प्रवेश कर जाते हैं।

20. छोटी आँत की अंदरूनी दीवारों से सेक्रेटिन नाम का एक हार्मोन निकलता है, जो पैंक्रियास को पाचक एंजाइम्स (Digestive Enzymes) बनाने के लिये उत्तेजित करता है।

21. केशिकाएँ (Capillaries), छोटी आँत के अन्दर पचने वाले बाकी सभी पोषक तत्वों को ले जाने के लिये जिम्मेदार होती हैं।

22. केशिकाओं द्वारा संगृहीत किये गये पोषक तत्व, फिर छोटी आँत की दीवारों से पास हो जाते हैं और रक्त प्रवाह में छोड़ दिये जाते हैं।

23. छोटी आँत के अन्दर सूक्ष्म जीवाणु होते हैं जो Small Intestine को स्वस्थ रखने और शरीर के Immune System को सही रखने में मदद करते हैं।

24. पूरी छोटी आँत, पेट के अन्दर (Abdominal Cavity) बहुत ही कसकर मुड़ी रहती है और बड़ी आँत से जुडी रहती है।

Wonderful Functions of The Small Intestine in Hindi

अद्भुत है इन्सान की छोटी आँत की कार्य प्रणाली

25. जब हमारी छोटी आँत खाली होती हैं, तब उनके भीतर कोई गति नहीं होती है। लेकिन जैसे ही भोजन छोटी आँत में आता है, तब उनमे एक तरंग जैसी गति आरम्भ हो जाती है। जिसमे आँतों की मांसपेशियाँ निरंतर फैलती और सिकुड़ती हैं और भोजन धीरे-धीरे आगे बढ़ता है। इस तरंग जैसी गति (Wave-like Motion) को ही क्रमानुकंचन गति (Peristaltic Motion) कहा जाता है और यह तब तक होती रहती है, जब तक कि भोजन छोटी आँत (Small Intestine) से निकल नहीं जाता।

26. भोजन छोटी आँत में 1 से 4 घंटे तक रहता है। इनके द्वारा भोजन का जो रस अवशोषित किया जाता है, वह शिराओं (Hepatic Portal Veins) के जरिये यकृत में चला जाता है। जहाँ उसे रूपांतरित करके रक्त को बनाने की प्रक्रिया आरंभ की जाती है।

27. छोटी आँत के बारे में सबसे विचित्र तथ्यों में से एक यह है कि यह भोजन को कुतरने की कला में माहिर है। जब भोजन पहले डुओडीनम में प्रवेश करता है, तो आँतों की माँसपेशियाँ एक क्रमबद्ध सुसंचालित ढंग से सिकुड़ती हैं और यह संकुचन 1 मिनट में 16 बार तक हो सकता है।

28. माँसपेशियों का संकुचन यह सुनिश्चित करने के लिये होता है कि भोजन ठीक प्रकार से तोड़ दिया गया है ताकि यह Small Intestine में सरलता से आगे बढ़ सके।

29. छोटी आँत में जितने भी पाचक रस (Digestive Enzymes) आकर मिलते हैं, उनमे से ज्यादातर को पैंक्रियास ही पैदा करता हैं।

Small Intestine in Hindi ऐसे पचता है भोजन छोटी आँत में

30. आमाशय के अन्दर जो भोजन होता है, वह बहुत अम्लीय होता है, क्योंकि वहाँ उसे तेज अम्लों के द्वारा पूरी तरह से गलाया जाता है। लेकिन छोटी आँत में भोजन की अम्लीयता को दूर करके उसे क्षारीय बना दिया जाता है।

31. छोटी आँतों के अन्दर कुछ क्षारीय रसायन (Alkaline Chemicals) और बाईकार्बोनेट्स स्रावित होते हैं। यह रसायन भोजन की अम्लीयता को ख़त्म करने में मदद करते हैं।

32. Small Intestine से स्रावित होने वाले क्षारीय रसायन, वास्तव में आँतों की दीवारों की कोशिकाओं और साथ ही यकृत, पित्ताशय और पैंक्रियास द्वारा संश्लेषित किये जाते हैं।

33. छोटी आँत को भी अपना कार्य करने के लिये, पोषण की आवश्यकता होती है जो इन्हें खून के रूप में, महाधमनी की दो शाखाओं से मिलता है।

34. पैंक्रियास और लीवर से निकलने वाले एंजाइम्स, पंक्रेअटिक डक्ट के माध्यम से छोटी आँत में प्रवेश करते हैं।

35. पोर्टल वेन, आँतों से अवशोषित किये गये पोषक तत्वों को यकृत तक पहुँचाती है।

Small Intestine in Hindi भोजन का पाचन और छोटी आँत

36. कार्बोहाइड्रेट, लिपिड्स और प्रोटीन तीन महत्वपूर्ण पोषक तत्व हैं जिनका पाचन छोटी आँत में होता है। दूसरे अर्थों में कहा जाय तो Small Intestine वह स्थान है, जहाँ पाचक एंजाइम्स का प्रयोग करते हुए, भोजन का रासायनिक पाचन होता है।

37. छोटी आँत के अन्दर प्रोटीन को एमिनो एसिड्स और पेप्टाइडस में तोडा जाता है। जबकि वसा या लिपिड्स को ग्लिसरोल और फैटी एसिड्स तथा कार्बोहाइड्रेट को सरल शर्करा या मोनोसैक्राइड में विखंडित किया जाता है।

38. पानी और रेशेदार फल-सब्जियाँ छोटी आँत के सर्वश्रेष्ठ मित्र हैं। क्योंकि यह न केवल इसकी शुद्धि करते हैं, बल्कि इन्हें पचाने में आँतों पर अधिक भार भी नहीं पड़ता है।

39. छोटी आँत अपना काम चुपचाप करती है। यह परदे के पीछे छुपे उस कारीगर की तरह है जो बिना शिकायत किये काम करता रहता है।

40. हम जो भोजन खाते हैं, उसे Intestine में पूर्ण रूप से पचने के लिये कम से कम 12 घंटे चाहिये होते हैं।

Health and Disease of The Small Intestine in Hindi

छोटी आँत की बीमारियों से बचना चाहते हैं तो यह बातें ध्यान रखें

41. छोटी आँत शरीर का बेहद महत्वपूर्ण, मगर जटिल अंग है। इसीलिये अगर इसके स्वास्थ्य का ध्यान न रखा जाय, तो यह कई प्रकार की बीमारियों का शिकार बन सकती है। अब तक ऐसी 75 से भी ज्यादा बीमारियों का पता लगाया जा चुका है जो छोटी आँत को प्रभावित कर सकती हैं। इनमे जेनेटिक, संक्रामक, बैक्टीरिया और वायरस से फैलने वाली बीमारियाँ भी शामिल हैं। यहाँ तक कि ऐसे 7 से 8 कैंसर रोग भी हैं जो विशेष रूप से Small Intestine को ही प्रभावित करते हैं।

42. पेट रोगों का सबसे बड़ा कारण, छोटी आँत का भोजन को सही प्रकार से नहीं पचा पाना और भोजन का वहाँ रुके रहना है। जब गरिष्ठ भोजन के अंश, आँतों की भित्ति पर चिपककर सड़ते हैं, तो रक्त में मीथेन और दूसरी हानिकारक गैसे मिलने से रक्त दूषित हो जाता है जो अनेकों बीमारियों को जन्म देता है।

43. क्या आप जानते हैं कि आपकी Small Intestine किसी टेलिस्कोप की तरह से फोल्ड हो सकती हैं। जी हाँ यह संभव है और इस स्थिति को Intussusception (इंटससससेपशन) कहते हैं। इसमें आपकी छोटी आँत का एक हिस्सा इसके ही उपर लिपट जाता है – प्रायः छोटी आँत के निचले हिस्से और बड़ी आँत के शुरूआती हिस्से के बीच में।

44. इससे पेट में बहुत तेज दर्द उठता है और इसमें तुरंत चिकित्सीय सहायता की आवश्यकता होती है। हालाँकि यह बहुत रेयर है, लेकिन किसी वायरल इन्फेक्शन की वजह से बच्चों में ऐसा होना संभव है।

45. IBS (Intestine Bowel Syndrome) और Colorectal Cancer छोटी आँत के सबसे प्रमुख रोगों में से एक है। पूरी दुनिया में 40 करोड़ से भी अधिक लोग IBS की समस्या से पीड़ित हैं।

Small Intestine in Hindi छोटी आँत के अन्दर रहते हैं यह जीव

46. आपकी छोटी आँत बहुत समझदार होती है। जी हाँ यह सच है और हम ऐसा इसलिये कह रहे हैं, क्योंकि आपकी आँतों को अच्छी चीज जैसे कि पानी, भोजन, विटामिन अच्छे बैक्टीरिया और बुरी चीजों जैसे कि वायरस जैसे संक्रामक जीव, परजीवी और बुरे जीवाणुओं के बीच अंतर करना पड़ता है। हालाँकि अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि Small Intestine आखिर ऐसा कैसे करती हैं।

46. लेकिन वह यह जानती हैं कि अच्छे जीवाणु, आँतों की एपिथेलियल कोशिकाओं के समीप की म्यूकस परत में नहीं रहते हैं। Small Intestine की संरचना इस प्रकार की होती है कि खतरनाक बैक्टीरिया बाहर ही रहे, लेकिन कभी-कभी संक्रामक जीवाणु इनका सुरक्षा चक्र तोड़ भी देते हैं।

47. पेट के अन्दर पनपने वाले फीताकृमि, गोलकृमि और दूसरे प्रकार के कीड़े भी, छोटी आँत के ही अन्दर निवास करते हैं। यह परजीवी अपने चूषकों के माध्यम से, आँतों की दीवारों से खून चूसते रहते हैं।

48. अगर किसी व्यक्ति की आँतों में उपस्थित बैक्टीरिया को दूसरे व्यक्ति की Small Intestine में ट्रान्सफर कर दिया जाय, तो इससे उस व्यक्ति का रोग दूसरे में ट्रान्सफर हो सकता है।

Small Intestine in Hindi आँतों के स्वास्थ्य से जुडी जरुरी बातें

50. छोटी आँत भोजन को पूर्ण रूप से पचा सकें और वे लम्बे समय तक स्वस्थ और सक्षम बनी रहें, इसके लिये आवश्यक है कि उनके अन्दर का वातावरण क्षारीय बना रहे। अतः उन पदार्थों को न खायें जो भीतर जाकर अधिक अम्ल पैदा करें।

51. जब आप बहुत ज्यादा भोजन खा लेते हैं, तो छोटी आँत की माँसपेशियाँ ज्यादा तन जाती हैं और दर्द करने लगती हैं। यह ठीक वैसी ही स्थिति होती है, जब कोई विषैला पदार्थ या पैथोजेन आपकी Small Intestine में प्रवेश कर जाता है।

52. आपकी छोटी आँत बदलाव के प्रति बहुत ज्यादा संवेदनशील होती है और कई चीजें जैसे कि एंटीबायोटिक्स, खाया जाने वाला भोजन, तनाव और संक्रमण, माइक्रोबायोम की संरचना बदल सकती हैं।

53. क्या आप जानते हैं आपकी Small Intestine, माइक्रोबायोम का घर हैं। माइक्रोबायोम, सभी प्रकार के सूक्ष्म जीवों जिनमे वायरस, फंगस, बैक्टीरिया और प्रोटोजोआ शामिल है, से मिलकर बना होता है।

Amazing Facts about The Small Intestine in Hindi

छोटी आँत के बारे में यह अविश्वसनीय बातें नहीं जानते होंगे आप

54. अगर आप सोचते हैं कि आपके सिर में स्थित मस्तिष्क ही आपका एकमात्र दिमाग है, तो आप गलत हैं। आपके शरीर में एक दूसरा मस्तिष्क भी होता है जो आपकी छोटी आँत (Small Intestine) के अन्दर है और इसमें भी लगभग 10 करोड़ न्यूरोन्स होते हैं। आँतों के जीवाणु (Gut Bacteria), 30 से भी ज्यादा न्यूरोट्रांसमीटर को बनाने के लिये उत्तरदायी हैं जिसमे कि मूड को अच्छा बनाने वाला सेरेटोनिन भी शामिल है।

55. मशहूर लेखक, और कलाकार लियोनार्डो ड विन्ची को यकीन था कि आँतें इन्सान को साँस लेने में मदद करती हैं। सन 1940 में उन्होंने अपनी एक अप्रकाशित नोटबुक में लिखा था ‘संघनित हवा से दबी हुई आँते, जो कि उनके अन्दर ही पैदा होती है, डायफ्राम को उपर की ओर धकेलती है। डायफ्राम फिर फेफड़ों को दबाते हैं जिससे वह हवा खींच पाते हैं।”

56. अगर हमारी छोटी आँत सिर्फ एक सामान्य सी ट्यूब रही होती, तो इसका पृष्ठ क्षेत्रफल सिर्फ आधा वर्ग मीटर या एक कुर्सी के आकार जितना होता। लेकिन छोटी आँतों की आन्तरिक संरचना बहुत ही जटिल होती है, जो लाखों-करोड़ों विल्ली से बनी होती है। इन्ही के कारण, Small Intestine का क्षेत्रफल, बढ़कर 50 वर्ग मीटर तक हो जाता है।

57. हमारी छोटी आँत, पेट के अन्दर सिकुड़ी और मुड़ी हुई पड़ी रहती है। लेकिन यदि Small Intestine को पूर्ण रूप से फैला दिया जाय, तो यह लगभग 50 वर्ग मीटर के क्षेत्र में फ़ैल जायेंगी, जो कि टेनिस कोर्ट के बराबर बैठता है।

Small Intestine in Hindi छोटी आँत से जुडे कुछ हैरतंगेज तथ्य

58. कोई भी मनुष्य छोटी आँत के बिना लम्बे समय तक जिन्दा नहीं रह सकता है, क्योंकि यह रक्त निर्माण की प्रक्रिया का पहला अंग है। अगर किसी इन्सान को Small Intestine के बिना जीना पड़े, तो उसे नियमित रूप से रक्त चढाना होगा।

59. औसतन एक इन्सान एक बार भोजन करने में 20 से 25 मिनट का समय लेता है। अगर हम जन्म से मृत्यु तक की कुल अवधि को जोड़ लें, तो एक इन्सान अपनी जिंदगी के 5 साल सिर्फ खाने में ही बिता देता है।

60. आँतों की चिकनी और सुकोमल माँसपेशियाँ गुरुत्वाकर्षण को धता बताते हुए भी, भोजन को आगे बढ़ा सकती हैं, और हम नीचे मुँह और टाँगे उपर करके भी खा सकते हैं।

61. ई. कोलाई जो आंतों में रहने वाला एक प्रकार का जीवाणु है, हरी सब्जियों और बीन्स को पचाने में मदद करता है। हालाँकि यह गैस पैदा करने के लिये भी उत्तरदायी है।

62. भले ही आप आश्चर्य करें, लेकिन यह सच है कि आप Small Intestine के बिना भी जी सकते हैं। लेकिन तब आपको सीधे खून पर ही जिन्दा रहना पड़ेगा।

63. यदि मनुष्य की 50 प्रतिशत छोटी आँत, क्षतिग्रस्त होने के कारण नष्ट हो जाय, तब भी मनुष्य ठीक प्रकार से जीवन यापन कर सकता है।

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