10 Amazing Health Benefits of Yogurt in Hindi

 

“आयुर्वेद के अनुसार मीठा दही वात शामक, पित्त शामक और कफकारक होता है। दही में 81 प्रतिशत पानी 9 प्रतिशत प्रोटीन 5 प्रतिशत वसा और 4 प्रतिशत कार्बोहाइड्रेट होती है। इसके अतिरिक्त दही में 97 कैलोरी उर्जा भी होती है। सुपाच्य प्रोटीन का शानदार स्रोत होने के साथ-साथ दही रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी अविश्वसनीय स्तर तक बढ़ा सकती है।”

दूध शायद धरती के उन सबसे अद्भुत पदार्थों में से एक है जो स्वयं विलक्षण रूप से गुणकारी होते हुए भी अनेकों नये प्रकार के खाद्य पदार्थो को बनाने के लिये प्रयुक्त होता है और यह भी कितना आश्चर्यजनक है कि तापीय और रासायनिक प्रक्रियाओं के पश्चात निर्मित हुए यह पदार्थ भी मानव शरीर के लिये उतने ही स्वास्थ्यप्रद, शक्तिवर्धक और गुणकारी है जितना कि वह मूल पदार्थ – यानी धरती का अमृत दूध Yogurt या दही भी उन विशिष्ट पदार्थों में से एक है जो दूध से बनते है

पशुओं से प्राप्त होने वाले इस अमूल्य पदार्थ दूध के बारे में हम पहले ही 20 Health Benefits of Milk में बता चुके हैं जिन्हें दूध अच्छा न लगता हो या जो इसके गुणों से अनजान हों उन्हें यह लेख अवश्य पढना चाहिये क्योंकि ऐसा न करके वह अपने शरीर के साथ अन्याय कर रहे हैं – विशेषकर लडकियाँ, जिन्हें दूध अक्सर कम ही भाता है

दूध और इससे बनने वाले सभी पदार्थ जैसे घी, पनीर, दही, मट्ठा, खोया आदि सभी शारीरिक स्वास्थ्य के लिये प्राकृतिक वरदान से कम नहीं है इनकी महत्ता से कोई भी व्यक्ति अंजान न रहे इसीलिये हमने दूध से बनने वाली सभी चीज़ों का अलग-अलग लेखों में विस्तार से वर्णन किया है जिन्हें इसी लेख में दे पाना संभव नहीं होगा पर चूँकि स्वास्थ्य अनमोल है इसीलिये हम यहाँ उनके लिंक दे रहे हैं जिससे आप आसानी से उनके बारे में जान सकें –

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What is Yogurt –

दही या दधि दूध से ही निर्मित होने वाला एक भोज्य पदार्थ है जिसे जीवाणुओं के द्वारा खमीरीकरण कराकर (Bacterial Fermentation) बनाया जाता है जो जीवाणु दही का निर्माण करते हैं उन्हें “Yogurt Cultures” कहते हैं यह जीवाणु दूध के लैक्टोज का खमीरीकरण करके लैक्टिक अम्ल का निर्माण करते हैं जो दूध के प्रोटीन से क्रिया करके उसे दही का स्वरुप और इसका हल्का खट्टा स्वाद प्रदान करता है दही किसी भी पशु के दूध से बनाया जा सकता है जैसे – बकरी, भेड, गाय, भैंस, घोडी, ऊँटनी आदि

लेकिन जैसे कि हम बता चुके हैं कि जिस तरह गाय का दूध सर्वश्रेष्ठ होता है, ठीक उसी प्रकार से गाय के दूध से निर्मित दही भी सर्वश्रेष्ठ होती है इसके अतिरिक्त गाय का दूध पूरी दुनिया में लगभग हर स्थान पर सुलभ भी है गायों में भी देशी गौ के दूध से बनी दही अधिक गुणकारी होती है आयुर्वेद के अनुसार मीठा दही वात शामक, पित्त शामक और कफकारक होता है

जिन लोगों को दूध ठीक से न पचता हो उन्हें दही का सेवन करना चाहिये क्योंकि यह दूध से अधिक सुपाच्य है दूध की ही तरह दही भी एक प्राकृतिक औषधि है जिसे आयुर्वेद में कई रोगों के उपचार में प्रयुक्त किया जाता है – विशेषकर पित्त के कुपित होने से उत्पन्न होने वाले रोगों के उपचार में

Nutritional Value of Yogurt –

दही का निर्माण करने वाले बैक्टीरिया को लैक्टोबैसिलस (Lactobacillus Bacteria) कहते हैं जिनके वैज्ञानिक नाम Lactobacillus delbrueckii subsp. bulgaricus और Streptococcus thermophilus जीवाणु हैं दही को बनाने के लिये पहले दूध को 85 °C (185 °F) तक गर्म किया जाता है (घरों में तो अक्सर 100 °C तक ही उबाल लेते हैं) ताकि दूध में कोई जीवाणु उपस्थित न रहे जिससे यह दही बनने से पहले ही न फट जाये

उबालने के पश्चात दूध को 45 °C (113 °F) या इसके आस-पास के तापमान पर ठंडा किया जाता है फिर इसमें Fermentation करने के लिये Bacterial Culture (जावण) मिलाया जाता है और 2 से 12 घंटे तक 40 से 45 °C के तापमान पर रख दिया जाता है ध्यान रहे इन जीवाणुओं को अधिक गर्म या अधिक ठन्डे दूध में नहीं मिलाना चाहिये अन्यथा यह मर जाते हैं

दही में 81 प्रतिशत पानी 9 प्रतिशत प्रोटीन 5 प्रतिशत वसा और 4 प्रतिशत कार्बोहाइड्रेट होती है इसके अतिरिक्त दही में 97 कैलोरी उर्जा भी होती है दही में पाए जाने वाले Vitamin और Minerals इस प्रकार हैं –

Why should You Eat Yogurt –