Amazing Health Benefits of Yogurt in Hindi

 

“मीठा दही न केवल स्वादिष्ट और क्रीमी होता है, बल्कि यह कई लाजवाब गुणों से भी भरपूर है। इसका पाचन दूध की तुलना में अधिक सरल है और इसमें लगभग वह सभी विटामिन और खनिज पाये जाते हैं जो मानव शरीर को स्वस्थ, शक्तिशाली और तेजस्वी बनाये रखने के लिये आवश्यक है। जो जीवाणु दही का निर्माण करते हैं उन्हें “Yogurt Cultures” कहते हैं। सुपाच्य प्रोटीन का शानदार स्रोत होने के साथ-साथ, दही रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी अविश्वसनीय स्तर तक बढ़ा सकती है।”

 

Amazing Health Benefits of Yogurt in Hindi
फलों के साथ दही का स्वाद और भी ज्यादा बढ़ जाता है

दूध शायद धरती के उन सबसे अद्भुत पदार्थों में से एक है जो स्वयं विलक्षण रूप से गुणकारी होते हुए भी अनेकों नये प्रकार के खाद्य पदार्थो को बनाने के लिये प्रयुक्त होता है। और यह भी कितना आश्चर्यजनक है कि तापीय और रासायनिक प्रक्रियाओं के पश्चात निर्मित हुए यह पदार्थ भी मानव शरीर के लिये उतने ही स्वास्थ्यप्रद, शक्तिवर्धक और गुणकारी है जितना कि वह मूल पदार्थ – यानी धरती का अमृत दूध। Yogurt या दही भी उन विशिष्ट पदार्थों में से एक है जो दूध से ही बनते है।

पशुओं से प्राप्त होने वाले इस अमूल्य पदार्थ दूध के बारे में हम पहले ही 20 Health Benefits of Milk में बता चुके हैं। जिन्हें दूध अच्छा न लगता हो या जो इसके गुणों से अनजान हों, उन्हें यह लेख अवश्य पढना चाहिये। क्योंकि ऐसा न करके वह अपने शरीर के साथ अन्याय कर रहे हैं – विशेषकर लडकियाँ, जिन्हें दूध अक्सर कम ही भाता है। दूध और इससे बनने वाले सभी पदार्थ, जैसे – घी, पनीर, दही, मट्ठा, खोया आदि सभी शारीरिक स्वास्थ्य के लिये किसी प्राकृतिक वरदान से कम नहीं है।

इनकी महत्ता से कोई भी व्यक्ति अंजान न रहे, इसीलिये हमने दूध से बनने वाली सभी चीज़ों का अलग-अलग लेखों में विस्तार से वर्णन किया है जिन्हें इसी लेख में दे पाना संभव नहीं होगा। पर चूँकि स्वास्थ्य अनमोल है, इसीलिये हम यहाँ उनके लिंक दे रहे हैं जिससे आप आसानी से उनके बारे में जान सकें –

घी के 20 अविश्वसनीय लाभ जिनके बारे में जानकर आप दंग रह जायेंगे – Health Benefits of Ghee in Hindi
क्या हैं पनीर खाने के फायदे – Health Benefits of Cheese in Hindi
सेहत और स्वाद से भरपूर है मक्खन – Health Benefits of Butter in Hindi

What is Yogurt दही क्या है : –

ऐसा माना जाता है कि दही का आविष्कार ईसा से कोई 5000 वर्ष पूर्व मेसोपोटामिया सभ्यता में हुआ था, हालाँकि कई लोगों का यह भी मानना है कि दही बनाने का ज्ञान सबसे पहले भारतीय उपमहाद्वीप के लोगों को हुआ था। हमारा भी यही मत है क्योंकि संसार के सबसे प्राचीन ग्रन्थ माने जाने वाले वेदों में दही का वर्णन हुआ है। दही या दधि दूध से ही निर्मित होने वाला एक भोज्य पदार्थ है जिसे जीवाणुओं के द्वारा खमीरीकरण कराकर (Bacterial Fermentation) बनाया जाता है।

दही किसी भी पशु के दूध से बनाया जा सकता है जैसे – बकरी, भेड, गाय, भैंस, घोडी, ऊँटनी आदि। लेकिन जैसे कि हम बता चुके हैं कि जिस तरह गाय का दूध सर्वश्रेष्ठ होता है, ठीक उसी प्रकार से गाय के दूध से निर्मित दही भी सर्वश्रेष्ठ होती है। इसके अतिरिक्त गाय का दूध पूरी दुनिया में लगभग हर स्थान पर सुलभ भी है। गायों में भी देशी गौ के दूध से बनी दही अधिक गुणकारी होती है।

जिन लोगों को दूध ठीक से न पचता हो उन्हें दही का सेवन करना चाहिये, क्योंकि यह दूध से अधिक सुपाच्य है। दूध की ही तरह दही भी एक प्राकृतिक औषधि है जिसे आयुर्वेद में कई रोगों के उपचार में प्रयुक्त किया जाता है – विशेषकर पित्त के कुपित होने से उत्पन्न होने वाले रोगों के उपचार में।

How Yogurt is made by The Bacteria दही कैसे बनायी जाती है : –

दही का निर्माण करने वाले बैक्टीरिया को लैक्टोबैसिलस (Lactobacillus Bacteria) कहते हैं। जिनके वैज्ञानिक नाम लैक्टोबैसिलस डेलब्रूएकी (Lactobacillus Delbrueckii subsp. bulgaricus) और स्ट्रेप्टोकोकस थर्मोफिलस (Streptococcus Thermophilus) हैं। यह जीवाणु दूध के लैक्टोज का खमीरीकरण करके लैक्टिक अम्ल का निर्माण करते हैं जो दूध के प्रोटीन से क्रिया करके उसे दही का स्वरुप और इसका हल्का खट्टा स्वाद प्रदान करता है।

दही को बनाने के लिये पहले दूध को 85 °C (185 °F) तक गर्म किया जाता है (घरों में तो अक्सर 100 °C तक ही उबाल लेते हैं), ताकि दूध में कोई जीवाणु उपस्थित न रहे जिससे यह दही बनने से पहले ही न फट जाये।
उबालने के पश्चात दूध को 45 °C (113 °F) या इसके आस-पास के तापमान पर ठंडा किया जाता है।

फिर इसमें Fermentation करने के लिये Bacterial Culture (जावण) मिलाया जाता है और 2 से 12 घंटे तक 30 से 45 °C के तापमान पर रख दिया जाता है। ध्यान रहे इन जीवाणुओं को अधिक गर्म या अधिक ठन्डे दूध में नहीं मिलाना चाहिये, अन्यथा यह मर जाते हैं।

Nutritional Value of Yogurt दही का पोषणीय महत्व : –

आयुर्वेद के अनुसार मीठा दही वात शामक, पित्त शामक और कफकारक होता है। सुपाच्य वसा और प्रोटीन का शानदार स्रोत होने के साथ-साथ दही में 81 प्रतिशत पानी 9 प्रतिशत प्रोटीन 5 प्रतिशत वसा और 4 प्रतिशत कार्बोहाइड्रेट होती है। इसके अतिरिक्त दही में 97 कैलोरी उर्जा भी होती है। दही में पाए जाने वाले Vitamins और Minerals इस प्रकार हैं –

Why should You Eat Yogurt –

आइये अब विस्तार से जानते हैं कि क्यों हमें दही को प्रतिदिन खाना चाहिये –

Yogurt Boosts Immunity in an Incredible Way –

दही मानव शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को अविश्वसनीय स्तर तक बढ़ा सकती है। यदि आपको यकीन न आता हो यह सत्य घटना पढ़ लीजिये जो अपने ही देश की है। भारत की आजादी से कुछ समय पहले की बात है। एक बार इंग्लैंड से चिकित्सा विशेषज्ञों की एक टीम भारतीय लोगों के स्वास्थ्य से संबंधित एक शोध के सिलसिले में पंजाब के एक गाँव में आयी थी। रास्ते में जगह-जगह उन्हें कूड़े-करकट के ढेर, खुले में शौच करते आदमी और मलिन अवस्था में रहते लोग दिखे।

जब उन्होंने गाँव में प्रवेश किया तो उन्हें यह देखकर निराशा हुई कि वहाँ के लोग जिस एकमात्र तालाब का जल पीते थे, वह गंदा और मटमैला होने के साथ-साथ कई प्रकार के जीवाणुओं का भी घर था। लेकिन जब उन्होंने उस गाँव के स्त्री पुरुषों को देखा तो वे आश्चर्यचकित रह गये, क्योंकि सभी स्त्री-पुरुष स्वस्थ और मजबूत कद-काठी के स्वामी थे। ढूँढने पर भी उन्हें गाँव में कोई रोगी व्यक्ति नहीं मिला।

इधर तो पीने में प्रयोग किया जाने वाला दूषित और रोगकारक जल और उधर गाँव के लोगों का स्वस्थ शरीर, उन चिकित्सा विशेषज्ञों को इस विचित्र रहस्य का कोई कारण न सूझा। उनके अनुसार तो उस दूषित जल को पीने के कारण हर व्यक्ति को हैजा, खसरा और डायरिया समेत कई बीमारियों का शिकार हो जाना चाहिये था। उन्होंने कुछ दिन तक वहीँ रूककर गाँव के लोगों की दिनचर्या का सूक्ष्म निरीक्षण करने का निश्चय किया।

उन्होंने देखा कि बच्चे से लेकर बूढ़े तक, गाँव का हर व्यक्ति हर रोज कम से कम एक बार दही का सेवन जरुर करता था और इसकी पूर्ति करने के लिये हर घर में एक दुधारू पशु अवश्य था। जो लोग ग्रामीण भारत को अच्छी-तरह से जानते समझते हैं, उन्हें यह पता ही होगा कि ग्रामीण अंचल में दूध-घी और मट्ठा भोजन का एक अनिवार्य अंग है। जब उन वैज्ञानिकों से दही/मट्ठे का गहन विश्लेषण किया तो वह उसके अद्भुत गुणों को जानकर हैरान रह गये।

क्योंकि स्वास्थ्य के लिये घातक, अनेकों रोगों को जन्म देने वाले वह जीवाणु दही/मट्ठे में रखने के थोड़े समय उपरांत ही मर गये। हो सकता है आज इस पदार्थ के गुणों में भी कुछ कमी आ गयी हो, क्योंकि आज हमें कोई चीज शुद्ध रूप में उपलब्ध नहीं होती है। लेकिन यह निर्विवाद सत्य है कि दही एक शक्तिशाली जीवाणुनाशक है और इसकी Immune-enhancing Properties का राज छिपा है मैग्नीशियम, जिंक और सेलेनियम जैसे Trace Minerals में जो सीधे तौर पर Immunity को प्रभावित करते हैं।

Yogurt is Beneficial for Digestive System –

दही पाचन संस्थान के लिये सर्वश्रेष्ठ आहार में से एक है। हमारे Digestive System में कुदरती रूप से शरीर के मित्र जीवाणु (Friendly Bacteria) पाये जाते हैं जिन्हें Probiotics कहते हैं। इन अच्छे जीवाणुओं के जीवित अंश (Live Strains) दही और उससे निर्मित होने वाले पदार्थों में पाये जाते हैं। कुछ शोधों के अनुसार इन्ही मित्र जीवाणुओं के कुछ अंश Immune System को मजबूत बनाने और पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में योगदान देते हैं।

Tufts University के Human Nutrition Research Center के अनुसार दही कई पेट की समस्याओं (Gastrointestinal Problems) को दूर कर सकती है, क्योंकि यह उदर की microflora को परिवर्तित कर देती है और आँतों में भोजन की चाल को धीमा कर देती है। लेकिन डिब्बाबंद दही, स्वास्थ्य की दृष्टि से घर पर तैयार की हुई दही जितनी उत्तम नहीं होती, क्योंकि यह पास्चुराइज्ड होती है और यह प्रक्रिया इन मित्र जीवाणुओं को समाप्त कर देती है।

Yogurt Makes Your Bones Strong –

नियमित रूप से दही का सेवन करने से हड्डियाँ मजबूत बनती हैं, क्योंकि इसमें कैल्शियम की उच्च मात्रा पायी जाती है। जीव विज्ञान के विद्यार्थी जानते ही होंगे कि कैल्शियम और विटामिन डी हड्डियों के लिये सबसे ज्यादा आवश्यक micronutrients हैं। यह दोनों तत्व हड्डियों के घनत्व को बढाकर उन्हें भंगुर होने से बचाते हैं और Osteoporosis जैसी गंभीर बीमारी को होने से रोकते हैं। इतना ही नहीं, यह इस बीमारी के उपचार में एक महत्वपूर्ण औषधि भी सिद्ध होते हैं।

University के अनुसार प्रतिदिन 400 IU विटामिन डी कंकाल के स्वास्थ्य (Skeletal Health) के लिये पर्याप्त है। European Commission ने भी निश्चित किया है कि प्रोटीन, कैल्शियम, फॉस्फोरस, मैग्नीशियम, मैंगनीज, जिंक, विटामिन डी और विटामिन के हड्डियों के सामान्य स्वास्थ्य के लिये अनिवार्य हैं और यह सभी तत्व दही में पाये जाते हैं। [1, 2]

Yogurt is Great Food for Your Brain –

दही आपके मानसिक स्वास्थ्य के लिये भी बहुत लाभदायक है। यह मस्तिष्क के स्नायुओं को बल प्रदान करती है और मस्तिष्क की कोशिकाओं के पुनर्निर्माण/मरम्मत में सहायता करती है। क्योंकि दही की वसा में शरीर के लिये हितकर HDL कोलेस्ट्रोल होता है जो न्यूरोन के निर्माण और उनकी उचित गतिविधियों के लिये आवश्यक होता है। आपकी जानकारी के लिये बता दें कि मस्तिष्क के कुल भार का 60 प्रतिशत भाग केवल वसा होती है।

और हमारे शरीर में जितना कोलेस्ट्रॉल होता है उसका 25 प्रतिशत भाग केवल हमारे मस्तिष्क में संचित होता है। Cholesterol मस्तिष्क की प्रत्येक कोशिका का एक अभिन्न अंग है, इसके अभाव में दिमाग की कोशिकाएँ मरने लगती हैं। इसके अतिरिक्त मस्तिष्क अपनी प्रखर कार्यक्षमता के लिये 140 तरह के प्रोटीन पर निर्भर रहता है और दही सुपाच्य प्रोटीन का प्रचुर स्रोत है। (200 ग्राम दही में 12 ग्राम प्रोटीन होता है)

Yogurt can Prevents Cancer –

Yogurt का नियमित सेवन कैंसर जैसे घातक रोग का आक्रमण होने से बचा सकता है। Colorectal Cancer (बड़ी आंत का कैंसर) विकासशील देशों में कैंसर से होने वाली मौतों का दूसरा सबसे बड़ा कारण है। हालाँकि बड़ी आंत में ट्यूमर का पैदा होना (Colorectal Tumourigenesis) एक जटिल प्रक्रिया है, लेकिन कई Experimental Data संकेत करते हैं कि दूध और दही कैंसर को उत्पन्न होने से रोकने में मददगार हैं।

सन 2011 में Colorectal Cancer की WCRF Report में भी यही निष्कर्ष निकाला गया था कि दूध और इससे बनने वाले उत्पाद नियमित रूप से खाने पर इस प्रकार के कैंसर का खतरा कम हो जाता है। इसी प्रकार से एक अन्य शोध में भी यह पाया गया है कि दूध-दही के सेवन से पुरुषों में Colon Cancer का खतरा 26 प्रतिशत तक कम हो जाता है।

जेंग एट अल (Zang et al) के एक विस्तृत विश्लेषण में यह पाया गया था कि हर रोज 400 से 600 ग्राम दुग्ध उत्पाद खाने से स्तन कैंसर का खतरा भी 10 प्रतिशत तक कम हो जाता है। इन शोधों के आधार पर यह आसानी से कहा जा सकता है कि दही हर प्रकार के कर्क रोग की रोकथाम कर सकने में एक सीमा तक सक्षम है। [3, 4]

Yogurt Regulates Blood Pressure –

दही रक्तचाप को नियंत्रित करने में सहायक है, क्योंकि इसमें पोटैशियम की प्रचुर मात्रा पायी जाती है। स्पेन में 5500 विद्यार्थियों पर दो वर्ष तक किये गये एक शोध के अनुसार जो लोग कम वसायुक्त पदार्थों का सेवन करते हैं, उनमे उच्च रक्तचाप (High Blood Pressure) का खतरा, वसा का बिल्कुल भी सेवन न करने वाले लोगों की तुलना में 50 प्रतिशत तक कम हो जाता है। चूँकि गाय के दूध से निर्मित हुए दही में भी Low Fat Content होता है, इस तरह Yogurt बढे रक्तचाप पर काबू पाने में सहायता करता है और हम हाइपरटेंशन और गुर्दे के रोगों जैसी खतरनाक समस्याओं से बचे रहते हैं।

Yogurt Aids in Weight Management –

एक हालिया Research में देखा गया था कि यदि आप नियमित रूप से Yogurt का सेवन करते हैं तो यह आपके वजन को नियंत्रित कर सकती है। दही में प्रोटीन की उच्च मात्रा होती है जो कैल्शियम के साथ मिलकर पेप्टाइड YY और GLP-1 जैसे भूख को घटाने वाले हार्मोन का स्तर बढ़ा देती है। कई Studies में यह पाया गया है कि दही खाने से न केवल वजन कम होता है, बल्कि कमर के आकार और शरीर की वसा के भार में भी कमी होती है। एक अन्य शोध के अनुसार दही मोटापे की समस्या से बचा सकती है, क्योंकि इसमें पोषक तत्वों की उच्च मात्रा होने के बावजूद कैलोरी कम ही होती है। [5, 6]

Yogurt is Beneficial in Skin Disease –

दही सभी प्रकार के त्वचा रोगों में लाभदायक है। इसके पीछे कारण यह है कि दही शीतल प्रकृति की होती है और आयुर्वेद के अनुसार चर्म रोग पित्त के कुपित होने से ही उत्पन्न होते हैं। जब रक्त में अम्ल की अधिकता हो जाती है तब पित्त कुपित होता है। इस पित्त के असंतुलन के कारण ही एक्जिमा, सोरायसिस, फोड़े, फुंसी और दूसरे त्वचा रोग उत्पन्न होते हैं। लेकिन दही में क्षारीय तत्व की अधिकता होती है जो रक्त में मिलकर इस पित्त के उफान को शांत कर देती है। आयुर्वेद चिकित्सक, त्वचा रोगियों को ऐसे पदार्थ खाने का परामर्श देते हैं जिससे शरीर में अम्ल का निर्माण अधिक मात्रा में न हो।

Yogurt Shines Your Hair –

दही न केवल महत्वपूर्ण शारीरिक अंगों के लिये, बल्कि बालों के उत्तम स्वास्थ्य के लिये भी एक कारगर उपाय है। यह बालों को घना, चमकीला, मुलायम और मजबूत बनाती है। सैकड़ों वर्षों से भारतीय स्त्रियाँ दही के मिश्रण से अपने बालों को धोती आ रही हैं। दही बालों के लिये क्यों फायदेमंद है इसका कारण छिपा है इसमें उपस्थित विटामिन A, विटामिन C और जैसे खनिजों की प्रचुर मात्रा में जो बालों को आवश्यक पोषण देकर उनकी जड़ों को मजबूत करते हैं।

दही सिर की मृत त्वचा को हटाकर रूसी को समाप्त करती है और सबसे बड़ी बात यह है कि इसमें शैम्पू, कृत्रिम तेल और साबुन की तरह कोई हानिकारक तत्व नहीं पाया जाता है। यह बालों को स्वस्थ बनाये रखने के लिये उपयोग में लाये जाने वाले कुछ सर्वश्रेष्ठ घरेलू और प्राकृतिक उपायों में से एक है।

Yogurt Helps in Fighting IBS –

Yogurt आपको Intestine/Inflammatory Bowel Syndrome या IBS जैसी दीर्घकालीन बीमारी Chronic Disease) में भी लाभ पहुँचाती है। IBS आँतों की चाल से संबंधित एक रोग है जिसमे आँतों की आंतरिक संरचना (Intestinal Microflora) बुरी तरह प्रभावित होती है। हालाँकि ऐसा धीरे-धीरे और लंबे समय के पश्चात ही होता है। IBS में भोजन सही प्रकार से नहीं पचता है, कब्ज की समस्या अक्सर बनी रहती है, कभी सख्त तो कभी पतले दस्त जैसा मल आता है।

हालाँकि अभी तक भी IBS होने का पुख्ता कारण नहीं जाना जा सका है, लेकिन ऐसा माना जाता है कि शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली की अतिसंवेदनशीलता इसके मुख्य कारणों में से एक है। दही में उपस्थित जीवित लैक्टोबैसिलस बैक्टीरिया Immune System के Response को धीमा करके IBS से होने वाली परेशानी को कम कर देते हैं।

Yogurt makes Your Teeth Strong –

दही आपके दांतों को मजबूत बनाती है, क्योंकि इसमें कैल्शियम और पोटैशियम की प्रचुर मात्रा पायी जाती है। इतना ही नहीं, Yogurt में उपस्थित लैक्टिक अम्ल एक प्राकृतिक दंत शोधक (Natural Teeth Cleansing Agent) के रूप में कार्य करते हुए दांतों पर लगे दाग-धब्बों को दूर करके उन्हें स्वच्छ और चमकदार बनाता है। यदि कोई व्यक्ति अपने भोजन में नियमित रूप से दही या मट्ठे का प्रयोग करे तो वह अपने दाँतों को पायरिया और दांतों को नष्ट करने वाले कीटाणुओं से लम्बे समय तक बचा सकता है।

Yogurt Prevents Vaginal Infections –

कैंडिडा (Candida) या फंगस के कारण होने वाला योनि संक्रमण “Vaginal Yeast Infections” स्त्रियों की एक आम बीमारी है जिसके कारण दुनिया में करोड़ों स्त्रियाँ परेशान हैं, विशेषकर मधुमेह से ग्रस्त स्त्रियाँ इसकी अधिक शिकार बनती हैं। एक शोध में पाया गया था कि दही का सेवन करने के पश्चात Chronic Candidal Vaginitis से पीड़ित स्त्रियों के Vaginal pH का स्तर 6.0 से गिरकर 4.0 पर आ गया था और उनमे होने वाले कैंडिडा संक्रमण (Candida Infections) में भी कमी हुई थी।

Yogurt Treats Constipation –

दही आँतों में पोषक तत्वों के अवशोषण की क्षमता को बढाती है और इसकी चाल/क्रमानुकुंचन गति को ठीक करती है। दही सिर्फ आँतों पर ही नहीं, बल्कि पूरे Gastrointestinal Tract पर सकारात्मक प्रभाव छोडती है। यह अल्सर की सम्भावना को दूर करती है, क्योंकि यह आमाशय से स्रावित होने वाले अम्लों की तीव्रता को कम करती है और काइम में उपस्थित अम्ल के अधिक अंश को उदासीन बना देती है।

आँतों में प्रविष्ट होते समय भोजन क्षारीय होना चाहिये, अन्यथा वह सही प्रकार से पचने में समस्या पैदा करता है। जब भोजन सही प्रकार से नहीं पचता है तभी कब्ज, अजीर्ण और पेट में गैस बनने की परेशानी खड़ी होती है। दही में काला नमक या हिंग्वाष्टक चूर्ण मिलाकर खाने से इस समस्या का बहुत हद तक निराकरण होता है।

Yogurt Prevents Early Aging –

दही वृद्धावस्था को दूर रखने में मदद करती है, क्योंकि एक तो इसमें पोषक तत्वों की उच्च मात्रा होती है; दूसरे यह दूध और घी की तुलना में जल्दी पचती है, क्योंकि इसका पाचन सरल है; तीसरे इसमें उपस्थित सजीव सूक्ष्म जीवाणु (Microbes) पाचन तंत्र को सुधारते हैं और हानिकारक जीवाणुओं और विषैले पदार्थों को शरीर से बाहर निकालते हैं।

यह सब चीज़ें न केवल शरीर को स्वस्थ बनाती हैं, बल्कि उसे बलिष्ठ और ओजस्वी बनने में भी मदद करती हैं। इन्ही सब कारणों से व्यक्ति लम्बे समय तक निरोगी जीवन जीता है और वृद्धावस्था के चंगुल में फँसने से बचा रहता है।

Yogurt Treats Leoucorrohea –

दही स्त्रियों के सबसे आम और खतरनाक रोगों में से एक ल्यूकोरिया की कारगर दवा है। इस रोग में स्त्रियों की योनी से श्वेत या लाल रंग के बदबूदार द्रव्य का स्राव होने लगता है जिससे उनके शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक स्थिति पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है। आयुर्वेद के अनुसार प्रदर रोग शरीर में पित्त के असंतुलित होने के कारण उत्पन्न होता है। 40 दिनों तक नियमित रूप से दही को केले, इलायची और घी के मिश्रण के साथ सेवन करने पर इस रोग में बहुत लाभ होता है। प्रदर रोगों के उपचार के बारे में हम विस्तार से आगे बतायेंगे।

Yogurt is a Great Skin Toner –

दही एक शानदार Skin Toner है, क्योंकि यह त्वचा को उसका कसाव और जवां निखार लौटाती है। दही को हल्दी और शहद के साथ मिलाकर उबटन तैयार किया जाता है जो त्वचा की रंगत बदलने के साथ-साथ मृत कोशिकाओं और दाग-धब्बों को भी हटाता है। इतना ही नहीं, यह त्वचा को चमकाकर उसे कुदरती निखार भी प्रदान करता है। यह तरीका भारतीय उपमहाद्वीप में सदियों से आजमाया जाता रहा है और आज भी अनेकों युवतियाँ विवाह से पूर्व अपना वर्ण शुद्ध करने के लिये इस प्रयोग से लाभ उठाती हैं।

Yogurt is used as A Delicious Cuisine –

भारतीय उपमहाद्वीप में दही से कई स्वादिष्ट पदार्थ तैयार किये जाते हैं जिनमे – मिस्टी दही, लस्सी, कढ़ी, रायता, केसरिया श्रीखंड और दही की कुल्फी जैसी कितनी ही चीज़ें शामिल हैं। और इन लजीज व्यंजनों के सिर्फ भारतीय ही दीवाने नहीं हैं, बल्कि दुनिया में हर जगह इनके कद्रदान मौजूद है। आखिर 10 वर्ष पुरानी वह घटना कौन भूल सकता है जब एक हॉलीवुड अदाकारा ने भारतीय कढ़ी का स्वाद चखने के लिये उसे 1500 मील दूर स्थित एक होटल से मँगवाया था।

Yogurt is A Part of Hindu Rituals –

दही सनातन हिंदू धर्म में आस्था रखने वाले मतावलम्बियों के धार्मिक जीवन और रीति-रिवाजों का महत्वपूर्ण अंग है। गौ के दही को दूध, घी, गोमूत्र और गोमय आदि के साथ मिलाकर पंचगव्य का निर्माण किया जाता है जिसे व्रतों और अनुष्ठानों में एक शुद्धिकारक द्रव्य के रूप में पीया जाता है। ऐसा माना जाता है कि यदि किसी पाप कर्म का प्रायश्चित करना हो तो सर्वप्रथम पंचगव्य से शरीर की शुद्धि होनी चाहिये।

गायत्री के सिद्ध योगी आचार्य पंडित श्रीराम शर्मा ने अपनी पुस्तक में इसका वर्णन किया है कई स्थानों पर प्रसाद और आचमन के रूप में तुलसीदल को दही और शक्कर के साथ मिश्रित करके बाँटा जाता है। इस मिश्रण को पंचामृत कहा जाता है।

Yogurt May Benefit Heart Health –

दही आपके दिल के लिये भी एक बेहतर भोजन है, क्योंकि यह ह्रदय रोग (Cardiovascular Disease) होने के खतरे को कम करती है – विशेषकर दिल के दौरों को। ऐसा माना जाता है कि कम वसा वाले कैल्शियम से भरपूर डेयरी उत्पाद रक्तदाब को कम करते हैं। लेकिन कुछ शोधों में यह भी पाया गया है कि उच्च वसा वाले दुग्ध उत्पाद जिनमे स्वास्थ्यप्रद HDL Cholesterol (High Density Lipoprotein) के साथ हानिकारक LDL Cholesterol भी होता है, दिल के लिये नुकसानदायक नहीं होते हैं, क्योंकि इनमे उपस्थित खनिज उच्च वसा उत्पादों के प्रति LDL Response को कम कर देते हैं। यदि प्रतिदिन दही की 200 से 300 मिली मात्रा ली जाय तो यह कोई नुकसान नहीं पहुँचाती है। [7, 8]

Yogurt may Help in Faster Workout Recovery –

शारीरिक परिश्रम करने वाले लोगों के लिये दही बहुत मुफीद है। विशेषज्ञों के अनुसार दही की जितनी भी वैरायटी हैं उनमे यूनानी दही (Greek Yogurt) शरीर के लिये सबसे ज्यादा लाभदायक है, क्योंकि इसमें प्रोटीन और कार्बोहायड्रेट का सर्वश्रेष्ठ अनुपात होता है। यह दही वर्कआउट करने वाले लोगों, और एथेलीट के लिये एक शानदार Workout Snack है।

यह न केवल उर्जा की पूर्ति करके थकान दूर करती है, बल्कि इसमें उपस्थित एमिनो एसिड्स मांसपेशियों की मरम्मत भी करते हैं। इसके लिये एक गिलास (350 मिली) दही को अच्छी तरह मथकर Workout Session के बीच में थोड़ी-थोड़ी देर पश्चात लेना अच्छा रहता है।

Yogurt is a Home Remedy for Diabetes –

दही मधुमेह के रोगियों के लिये एक पौष्टिक आहार होने के साथ-साथ एक कारगर औषधि भी है – विशेषकर टाइप 2 डायबिटीज के रोगियों के लिये। मोटापे को टाइप 2 डायबिटीज के सबसे बड़े कारणों में से एक माना जाता है। Childhood Overweight और Obesity ने आज डायबिटीज को एक विश्वव्यापी रोग बना दिया है। एक हालिया शोध में पाया गया है कि जिन बच्चों ने दही समेत अन्य डेयरी उत्पादों को अपने भोजन में अधिक मात्रा में शामिल किया था, उनमे मोटे होने की समस्या कम मात्रा में दही/दुग्ध उत्पाद लेने वालों की तुलना में 38 प्रतिशत कम थी। [9]

एक अन्य meta-analysis में पाया गया कि Fermented Dairy Products जैसे कि दही व पनीर में उपस्थित Whey Protein, टाइप 2 डायबिटीज रोगियों में शर्करा की सांद्रता या PPGC (Postprandial Plasma Glucose Concentration) को कम कर सकता है। यह भी देखा गया कि दही से Insulin Sensitivity भी सुधरती है। [10, 11]

Yogurt is Rich Source of Essential Nutrients –

दही में शरीर के लिये आवश्यक लगभग सभी Essential Nutrients होते हैं जिनमे प्रोटीन, वसा, कार्बोहायड्रेट, विटामिन और खनिज शामिल हैं। इनकी मात्रा के बारे में हम ऊपर बता ही चुके हैं। दही में अधिकांश विटामिन और Major Minerals पाये जाते हैं। यह सभी तत्व शरीर के भीतर हर समय चलने वाली चयापचय की प्रक्रिया का अनिवार्य अंग हैं। इन सभी Nutrients के बारे में विस्तार से जानने के लिये यह लेख पढ़ें –

शरीर को स्वस्थ रखने के लिये अनिवार्य है मिनरल्स – Health Benefits of Essential Minerals in Hindi

Common Side-effects or Disadvantages of Yogurt : –

हमें आशा है कि इस लेख ने आपको दही की महत्ता के विषय में कुछ जागरूक तो अवश्य ही किया होगा। दही निःसंदेह एक चमत्कारिक आहार है जिसे अच्छे स्वास्थ्य के आकांक्षी लगभग हर व्यक्ति को अपने भोजन में शामिल करना चाहिये। लेकिन जैसे कि हम जानते हैं कि प्रत्येक व्यक्ति के शरीर की प्रकृति एक समान नही होती है, उसी तरह दही भी सभी लोगों के लिये लाभदायक नहीं होती है। कुछ विशेष रोगों से ग्रस्त लोगों के लिये दही अनेकों स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकती है।

जिनका वर्णन हमें अगले लेख Disadvantages of Yogurt in Hindi में किया है। दही के संबंध में जो तथ्य यहाँ दिये गये हैं, वह हमने अपनी जानकारी, अनुभव और उपलब्ध वैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर दिये हैं। हमारा उद्देश्य केवल जनसामान्य की जानकारी का अभिवर्धन और जागरूकता का प्रसार है। यह चिकित्सीय परामर्श का विकल्प नहीं है। किसी भी रोग के सम्बन्ध में एक निष्णात चिकित्सक की वैज्ञानिक द्रष्टिकोण युक्त सलाह को सर्वप्रमुख महत्व दिया जाना चाहिये।

“शरीर को अच्छी तरह स्वस्थ रखना प्रत्येक के लिये एक अत्यावश्यक कर्तव्य है… अन्यथा हम अपने मन को मजबूत और शुद्ध रखने में समर्थ नहीं होंगे।”
– महात्मा बुद्ध

 

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