Kanya Rashifal: Virgo Zodiac Sign in Hindi

 

“कन्या राशि (वर्गो) के जातक सरल, भावुक, बुद्धिमान और संकोची होते हैं। मिलनसार, व्यवहारिक और शांत प्रकृति के होने के कारण यह लोग अपने जीवन में बहुत आगे पहुँचने की काबिलियत रखते हैं।”
– ज्योतिष विज्ञान

 

Virgo Zodiac Sign in Hindi
सरल और कोमल ह्रदय वाले होते हैं कन्या राशि के जातक

आज हम आपको Virgo Zodiac Sign अर्थात कन्या राशि के बारे में बता रहे हैं। यह बुध ग्रह के स्वामित्व की दूसरी राशि है। कई ज्योतिषी कहते हैं कि कन्या राशि के जातक बहुत रहस्मयी होते है। इन्हें समझना हर किसी के लिये संभव नहीं है, क्योंकि इनकी Personality ही कुछ इस तरह की होती है। लेकिन इस लेख से आप वर्गो के जीवन के प्रत्येक पक्ष को, कुछ हद तक सही से समझ सकेंगे, ऐसा हमारा विश्वास है।

कन्या राशि के जातक अपने जीवन के प्रति अत्यधिक रूप से चिंतित रहते हैं, लेकिन सार्वजनिक रूप से यही जताते हैं कि ‘मै तो चिंतामुक्त हूँ’। कन्या राशि द्विस्वभाव राशि है और इस राशि की तरह यह लोग भी एक दोहरी जिंदगी जीते हैं। वैसे तो यह लोग सांसारिक बुद्धि वाले दुनियादार लोग होते हैं, जो अपने लाभ पर ही दृष्टि रखते हैं।

लेकिन जीवन के अंतिम दिनों में इस राशि के जातकों में धर्म व अध्यात्म के प्रति रुझान बढ़ता देखा गया है। कन्या राशि के बारे में यहाँ दिए जाने वाले सभी राशिफलों को पुरुषों और स्त्रियों दोनों के ही लिये उपयुक्त समझना चाहिये। इस राशि से संबंधित सभी बातें जिस तरह पुरुषों के जीवन से सम्बन्ध रखती हैं, उसी तरह वह स्त्रियों के लिये भी हैं। हाँ अगले लेख में स्त्रियों के व्यक्तित्व से संबंधित कुछ विशेषताओं का वर्णन हम अवश्य करेंगे।

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Virgo Zodiac Sign in Hindi कन्या राशि का परिचय

जब जन्म कुंडली में चन्द्रमा कन्या राशि में हो, तो उस व्यक्ति की जन्मराशि कन्या होती है। कन्या राशि, राशिचक्र की छठी राशि है। इस राशि का विस्तार भचक्र के 150° से 180° तक है और इसका स्वामी गृह बुध है।

कन्या राशि पर सूर्य 30 दिन 29 घडी और 04 पल रहते हैं। कन्या राशि के अंतर्गत, उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र के अंतिम तीन चरण, हस्त नक्षत्र के चारों चरण और चित्रा नक्षत्र के प्रथम दो चरण आते है।

वर्गो वैश्य जाति की, स्त्री लिंग वाली, पृथ्वी तत्व प्रधान राशि है। इस राशि का चिह्न हाथ में फ़ूल की डाली लिये कन्या (कुमारी) है।

कन्या राशि, दक्षिण दिशा की स्वामिनी तथा सौम्य व शीत प्रकृति की अल्प संतति वाली राशि है।

वर्गो रात्रि के समय बली रहती है और इसका पिंगल (हरा-पीला) वर्ण है।

ग्रहों की अनुकूलता के अनुसार चंद्रमा, शुक्र और शनि, कन्या राशि में शुभ फल प्रदान करते हैं तथा सूर्य के लिये यह सम राशि है।

मंगल और बृहस्पति इस राशि के स्वामी बुध के शत्रु होने के कारण इसमें अशुभ फल देते हैं।

इस राशि में इसका स्वामी गृह बुध उच्च होता है, जबकि शुक्र नीच होता है।

Virgo (कन्या राशि) के जातकों को गोचर के फलादेश इसी राशि के आधार पर देखने चाहियें।

यदि व्यक्ति के जन्म के समय लग्न कन्या राशि का हो, तब भी यह जातकों पर अपना प्रभाव डालती है।

 

Virgo Nature & Personality in Hindi

कन्या राशि का व्यक्तित्व

कन्या राशि एक द्वि-स्वभाव राशि है, अर्थात इस राशि के जातकों के व्यक्तित्व के दो पक्ष होते हैं। जहाँ एक तरफ यह गंभीर, परिश्रमी और विचारशील होते हैं, वहीँ दूसरी ओर कभी-कभी शंकालु, मनमौजी और आलसी भी दिखायी पड़ सकते हैं। एक वाक्य में कहें तो इन लोगों का जीवन भीतर से अलग और बाहर से अलग होता है।

चूँकि कन्या राशि का प्रतीक चिंह, एक कोमल व संकोची कन्या है, इसलिये इस राशि के जातकों का स्वभाव भी इसके प्रतीक चिंह की तरह, संकोच, चंचलता, भावुकता और परिपक्वता से पूर्ण होता है।

वर्गो कभी चुनौतियों को स्वीकारने से दूर नहीं भागते, बल्कि कड़ी मेहनत और संकल्प के साथ अपनी क्षमताएं साबित करके दिखाते हैं। ये पूर्णता के साथ छोटी से छोटी चीज का ध्यान रखकर सफलता हासिल करते हैं।

कन्या राशि के जातकों का व्यक्तित्व सरल, आकर्षक और सौम्यता से परिपूर्ण होता है।

वर्गो के जातक चंचल व भावुक तो होते हैं, पर साथ ही व्यवहारिक, चतुर और समझदार भी होते हैं।

कन्या राशि के लोग शांत प्रवृत्ति के, एकान्तप्रिय और व्यवस्थित ढंग से कार्य करने वाले होते हैं।

वर्गो के जातक मेहनती और व्यवस्थित तो होते ही हैं, यह प्रत्येक कार्य की निगरानी खुद ही करना चाहते हैं।

कन्या जातक बहुत स्वाभिमानी होते हैं, अपने अहं पर कोई चोट इनसे बर्दाश्त नहीं होती।

वर्गो पुरुष खुद को योग्य समझने वाले, और अपने सामाजिक स्तर को बनाए रखने वाले होते है।

यह लोग जल्दी से उग्र नहीं होते और किसी भी विवाद पर शान्ति और विवेक से विचार करना पसंद करते हैं।

वर्गो को दिखावे और धोखेबाजी से नफरत होती है। ये कभी-कभी बहुत ही बेचैन स्वभाव के प्रतीत होते हैं।

अपने कार्य में अति सावधान, कन्या राशि के जातक शांत, सुव्यवस्थित और अपनी ही दुनिया में रहने वाले होते हैं।

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Virgo Habits in Hindi कन्या जातकों की कमियाँ

संतुलित और निष्पक्ष कन्या राशि के लोग अनावश्यक रुप से भावनाओं में नहीं बहते हैं। चाहे कैसी भी स्थिति सामने आए ये अपने आप को शांत रखने में कामयाब रहते हैं। लेकिन यदि सर्वश्रेष्ठ प्रयासों के बावजूद काम में सफलता नहीं मिलती हैं तो ये टूट जाते हैं।

कन्या राशि के जातकों को दूसरों की खिल्ली उड़ाने में बहुत आनंद आता है, जिसकी वजह से अक्सर लोगों से इनके संबंध खराब हो जाते हैं। दूसरों की आलोचना करते-करते कब ये अपने नजदीकी लोगों से दूर होते चले जाते हैं, इन्हें पता ही नहीं चलता।

ईमानदार और स्पष्टवादी वर्गो झगड़े और बहस में तभी पड़ते हैं जब कोई इनका विरोध करता हैं। शायद यह भी एक वजह है कि अंत में इनके कई दुश्मन बन जाते हैं।

कन्या राशि वाले लोग किसी भी काम को मनमाने ढंग से करते हैं, इसीलिए लोग कभी-कभी इन्हें आलसी भी समझ लेते हैं।

कभी-कभी वर्गो दूसरों की सलाह को महत्व नहीं देते जिसकी वजह से इन्हें नुकसान उठाना पड़ जाता है।

वर्गो के जातक प्रायः अस्थिर बुद्धि वाले, शर्मीले/कम बोलने वाले तथा शंकालु स्वभाव के होते हैं।

कन्या राशि वाले जातक काफी हद तक स्वार्थी होते हैं।

अपने उतावलेपन और जल्दबाज़ी के कारण वर्गो अक्सर मुसीबत में भी फंसते देखे गये हैं।

Virgo की बात को बढ़ा-चढ़ाकर कहने की आदत, कभी-कभी तो इनके ही लिये एक हास्यास्पद स्थिति पैदा कर देती है।

 

Virgo Physique and Health in Hindi

कन्या राशि की शारीरिक विशेषताएँ

कन्या राशि व्यक्ति के शरीर में उसकी कमर व उसके निचले उदर (आँतें व गुर्दे) का प्रतिनिधित्व करती है। अपने शरीर और स्वास्थ्य के प्रति कन्या राशि के जातक काफी सजग होते हैं, इसीलिये प्रायः इनका स्वास्थ्य बहुत अच्छा रहता है।

कन्या राशि के जातक कद में औसत तथा मध्यम ऊंचाई वाले होते हैं। इनकी त्वचा का रंग, पीले रंग की आभा लिये हुए होता है।

इनका शरीर भी कन्या की तरह सुकोमल और नाजुक होता है। यह लोग थोडा परिश्रम करने पर ही थक जाते हैं।

वर्गों (कन्या राशि) के लोगों का माथा ऊँचा तथा आँखें सुंदर और आकर्षक होती है।

वर्गों राशि वालों के हाथ सुडौल और लंबे होते हैं।

इनकी हथेली चौड़ी तथा अंगूठा, सामान्य की अपेक्षा थोड़ा छोटा होता है।

कन्या राशि के जातकों के सामने वाले दांतो के बीच में कुछ अंतर होता हैं।

Virgo Health in Hindi कन्या राशि का स्वास्थ्य

कन्या राशि के जातक आम तौर पर स्वास्थ्य के प्रति काफी जागरूक होते हैं। अगर ग्रह स्थितियाँ प्रतिकूल न हों तो ये स्वस्थ रहने के लिए सब कुछ करते हैं। इनकी दिनचर्या में नियमित रूप से घूमना-फिरना, व्यायाम करना और क्रियाशील रहना शामिल होता है, इसलिए वर्गो जल्दी से ही बीमार नहीं पड़ते।

वर्गो की सबसे बड़ी समस्या है इनकी चिन्ता करने की आदत, जो अनेकों मानसिक और दैहिक विकार उत्पन्न करती हैं। कन्या राशि के जातकों को चाहिये कि वह चीजों को आराम से लें और तनाव उत्पन्न करने वाले कारणों से दूर रहें।

कन्या राशि के जातकों में वात, पित्त और कफ के कुपित होने से पैदा होने वाले रोग जैसे – चर्म रोग, कान के रोग, गले या नाक के रोग, उदर-विकार, गैस की समस्या, मधुमेह, मंदाग्नि, संग्रहणी, कमर या जोड़ों का दर्द और कोढ़, दाद आदि रोग देखने को मिलते है।

मोटापे और इससे जुडी समस्याएँ तो वर्गो मे देखने को नहीं मिलती, लेकिन फेफड़ों, कूल्हों और आंतों के रोग संभावित होते हैं। अगर इनकी दिनचर्या अनियमित हो जाय और समय-असमय भोजन करने लगें तो वर्गो पेट संबंधी रोगों से ग्रस्त हो जाते हैं।

चूँकि वर्गो जातकों को अधिक विचार करने की आदत होती है, इस वजह से इनके मस्तिष्क पर बुरा प्रभाव पड़ता है और आगे चलकर याददाश्त कमजोर हो जाती है।

इन लोगों में दमा, मोतियाबिंद, रक्तचाप, खांसी, पेट विकार आदि जैसे रोगों में से कोई एक अवश्य ही देखा जाता है।

वर्गो के जातकों को स्वास्थ्य की दृष्टि से व्यायाम करने के साथ-साथ, संतुलित आहार भी लेना चाहिये।

पाचन प्रणाली के ठीक न रहने के कारण आंतों में घाव हो जाने जैसी बीमारियाँ इस प्रकार के जातकों में मिलती है।

ग्रहों की स्थिति अनुकूल न होने पर, प्रारब्धवश वर्गो को पेट के रोगों और तंत्रिका तंत्र से सम्बंधित समस्याओं का सामना करना पड सकता है।

Virgo Food in Hindi कन्या राशि का खान-पान

कन्या राशि के जातकों को अपने स्वास्थय में सुधार लाने के लिए सही समय पर संतुलित भोजन करना चाहिए। प्रातःकाल या संध्या के समय थोड़ा व्यायाम या सैर करना इन लोगों के लिये फायदेमंद रहेगा।

वर्गो के जातको को ऐसा भोजन लेना चाहिए जो स्नायु तंत्र और छोटी आंत के लिए लाभदायक हो, क्योंकि इनके शरीर के यही अंग सबसे ज्यादा खतरे में होते हैं।

कन्या जातक फूड पोइजनिंग (विषाक्त भोजन) के प्रति बहुत संवेदनशील होते हैं, इसलिये इन्हे डिब्बाबंद और संरक्षित भोज्य पदार्थो से बचना चाहिए।

वर्गो जातकों को अपने अच्छे स्वास्थ्य के लिए, हरी सब्जियां और फलों का रस जरुर लेना चाहिये।

जहाँ तक हो सके वर्गो को धूम्रपान, चाय-काफी, तली-भुनी चीज़ें और मांसाहार के सेवन से बचना चाहिये।

मट्ठा, दही, और अंकुरित अनाज जैसी स्वास्थ्यवर्द्धक चीजेंकन्या जातकों को नियमित रूप से अपने भोजन में शामिल करनी चाहियें।

विटामिन और मिनरल से भरपूर भोजन, विशेषकर कैल्शियम, पोटैशियम और कॉपर युक्त खाद्य पदार्थ जरुर लें।

पालक, नींबू, शलजम, परमल, सिम्बल, बादाम, पिस्ता, काले जैतून, अंगूर, तोरी, लौकी आदि वर्गो के लिए बहुत अच्छे हैं।

फाइबर और ओमेगा-6 (एवोकेडो, अण्डो और ताजे समुद्री खाने में पाया जाता हैं) युक्त भोजन वर्गो के लिये बेहतर है, पर आइसक्रीम, पनीर, और भैंस का दूध इनके शरीर के लिए अच्छा नहीं होता।

 

Virgo Education and Business in Hindi

Virgo Education in Hindi कन्या राशि की शिक्षा-दीक्षा

वर्गो विषय की संपूर्ण गहनता पर विचार नहीं कर पाते है, यह केवल उसके प्रारंभिक कलेवर की सूक्ष्म स्तर तक जानकारी पाने में ही रूचि रखते हैं। यही कारण है कि इन लोगों को जीवन के अधिकांश क्षेत्रों की सामान्य जानकारी तो होती है, लेकिन गहन ज्ञान किसी क्षेत्र का नहीं होता, क्योंकि यह जानना इनके स्वभाव में ही शामिल नहीं होता।

कन्या राशि के जातक बौद्धिक रूप से परिपक्व और विचारशील होते हैं। इसलिये यह अपने प्रत्येक कार्य को बहुत योजनाबद्ध ढंग से करते हैं और अपनी कल्पनाशक्ति से पहले ही जरुरी पहलुओं का आंकलन कर लेते हैं।

कन्या राशि के जातक नैसर्गिक रूप से विद्याव्यसनी (खूब पढने-लिखने वाले) और शिल्प-कौशलयुक्त होते हैं। अपनी उन्नति के प्रति कन्या राशि वाले विशेष रूप से जागरूक होते हैं।

वर्गो के जातक बेहद परिश्रमी भी होते हैं जिसकी वजह से ये लोग जो भी विषय चुनते हैं उसमें इन्हें सफलता मिलती है।

वर्गो कॉमर्स, फोटोग्राफी, पत्रकारिता, और संगीत आदि विषयों में शिक्षा ग्रहण कर सफल हो सकते हैं।

कन्या राशि वाले लोग एकाग्रचित्त भी होते हैं, अतः ये साहित्य का भी अध्ययन कर सकते हैं।

कन्या राशि के अंतर्गत आने वाले लोग गंभीर, विचारशील, मेहनती और सुंदर होते हैं।

वर्गो बहुत मेहनती होते हैं और इन्हे काम करने और उसका प्रबंधन करने में मजा आता हैं।

बुध की अस्थिर प्रवृति के कारण वर्गो विशेष रूप से जल्दी किसी निश्चय पर नहीं पहुँच पाते।

Virgo Business in Hindi कन्या राशि का व्यवसाय

कन्या राशि के लोग अच्छे प्रशासक न होकर अच्छे अनुगामी होते हैं, इसीलिये इनमें खुद का व्यवसाय चलाने की योग्यता नहीं होती। यदि इस राशि का जातक व्यवसाय करना चाहता है तो उसे दूसरों के साथ संयुक्त रूप से ही व्यवसाय की शुरुआत करनी चाहिए। संभव है कि परिश्रम, दृढ़ इच्छा-शक्ति और संकल्प की वजह से इनका व्यापार सफल हो जाए।

वर्गो अपना प्रत्येक कार्य करने से पहले अच्छी तरह से सोच-विचार करते हैं कि कहीं ये किसी घाटे में न रह जायें या इनसे कोई भूल न हो जाय। इनके कार्यों में नियमितता और कौशल की एक सहज झलक मिलती है। ये लोग सादगीपसंद तो हो सकते हैं, लेकिन फक्कडपन इनके स्वभाव में नहीं होता।

कन्या राशि के लोग शिक्षा के क्षेत्र में काफी रूचि रखते हैं, इसीलिए ये लोग इस क्षेत्र में बहुत प्रगति करते हैं। आजीविका के रूप में भी वर्गो को लेखन-अध्यापन और सरल व्यापार का क्षेत्र ही अधिक भाता है, क्योंकि ये लेखन और पुस्तक पढने के शौक़ीन होते हैं।

कुशल और व्यावहारिक Virgo अपने कार्यस्थल के बहुत अच्छे कर्मचारी साबित होते हैं, क्योंकि इनकी नजर से कुछ नहीं छिपता है। इनके आस पास रहने से वातावरण में सक्रियता और जोश अपने आप फ़ैल जाता हैं।

मकानों और भूमि आदि में पूंजी लगाना कन्या जातकों के लिए फायदेमंद रहता है, क्योंकि मकान, जमीन और सेवाओं वाले कार्य ही इनकी समझ में अधिक आते हैं। प्रॉपर्टी का व्यवसाय वर्गो के लिये उत्तम है।

कन्या राशि के लोग रूपये-पैसे के मामले में बहुत सावधान होते हैं। इनकी नज़र में धन बड़ी कीमती चीज है, इसीलिए ये लोग उसे व्यर्थ खर्च करने से बचते हैं।

चूँकि वर्गो को प्रकृति और पर्यावरण से भी काफी प्रेम होता है, इसलिये इन्हें अक्सर इनसे सम्बंधित क्षेत्रों में भी कार्य करते हुए देखा जा सकता है।

वर्गो सफल इंजिनियर और डॉक्टर भी हो सकते हैं और भौतिक संपत्ति का आनंद लेते हैं।

कन्या राशि के जातक मान-बड़ाई और प्रसिद्धि की इच्छा भी रखते है।

वर्गो अपने जीवन में कर्जें और दुश्मनी से भी पीड़ित हो सकते हैं।

चूँकि वर्गो जातक अपने कार्यक्षेत्र में भी कोई खतरा नहीं उठाते, इसलिये कई बार उन्नति के शिखर पर नहीं पहुँच पाते हैं।

 

Virgo Family & Married Life in Hindi

Virgo Family कन्या जातकों का पारिवारिक और दांपत्य जीवन

कन्या राशि के जातकों का दांपत्य जीवन कर्क, मकर और वृश्चिक राशियों के पति या पत्नी के साथ अत्यन्त सुखमय तरीके से बीतता है। वृष राशि के जीवनसाथी भी इनके लिये बहुत अच्छे सिद्ध होते हैं। कई ज्योतिषी मानते हैं कि इन युग्मों की संतान भी बहुत अच्छी सिद्ध होती है।

अपने विचित्र स्वभाव की वजह से कन्या राशि के जातकों को उनके घर में पसंद करने वाले कम ही होते हैं। यहाँ तक कि आस-पास के लोग भी इन्हें तंग कर सकते हैं, पर यह खुद अपने चाहने वालों का काफी ख्याल रखते हैं।

अगर वर्गो के जातकों का सप्तम भाव और शुक्र शुभ स्थिति में हो तो इनका गृहस्थ जीवन सुखमय बीतता है, पर अगर विचार न मिल सकें तो यह अपने जीवनसाथी से भी असंतुष्ट रहते हैं।

कई बार वर्गो को घर-परिवार की सारी जिम्मेदारी अकेले उठानी पड़ जाती है। ऐसी स्थिति में इन्हें बहुत सावधान रहना चाहिये, क्योंकि यह चिंता से जल्दी ही ग्रस्त हो जाते हैं।

कन्या राशि के जातक जीवनसाथी और बच्चों का बहुत ख्याल रखते हैं, क्योंकि ये इस राशि वाले लोगों के दिल के काफी करीब होते हैं।

वर्गो प्रेम संबंधों में भी आदर्शवादी सोच के कारण प्रायः असफल ही रहते हैं।

इनकी भलमानसहत के कारण Virgo के भाई-बंधु और रिश्तेदार भी इनसे अपना स्वार्थ सिद्ध करते देखे जाते हैं।

पर ऐसा नहीं है कि Virgo को कोई नहीं चाहता इन्हें भी लोगों से अच्छा सहयोग मिलता रहता है, फिर चाहे वह घर के हों, या बाहरी।

Virgo असंयमी नहीं होते और आध्यात्मिक बातों और राजनीति में भी इन्हें काफी रूचि रहती है।

कन्या राशि के जातक अपने प्रियजनों को हर तरह का सुख देने का प्रयत्न करते हैं। कहा जा सकता है कि इनमे परिवार के प्रति बहुत आसक्ति होती है।

Virgo Hobby in Hindi कन्या राशि की रुचि और शौक

कन्या राशि के जातक श्रृंगार और सौंदर्य के प्रेमी होते हैं और अपनी वेशभूषा के प्रति हमेशा सजग रहते हैं। Virgo के जातक की एक आदत अपने साथ-साथ अपने आसपास के स्थान को साफ, स्वच्छ और संगठित रखने की भी होती है, जो वास्तव में गंदगी के डर की वजह से होता हैं।

स्वभाव में भावुकता और प्रखर बौद्धिक क्षमता शामिल होने के कारण, Virgo के व्यक्तित्व में एक बच्चे की मासूमियत, अल्हड़ता और एक वृद्ध की गंभीरता दोनों गुण शामिल रहते हैं; इसलिये ये कवि, शायर और रचनाकार भी बनते देखे गये हैं।

Virgo के जातक जीवन को सहज ढंग से जीने में विश्वास करते हैं, इसलिये लड़ाई-झगडे और खतरों से भरे कामों से दूर रहते हैं। ये लोग अधिकांश समस्याओं और परिस्थितियों की जड़ तक पहुँच सकते हैं, क्योंकि इनमे आश्चर्यजनक स्मृति और प्रखर बुद्धि होती है।

कन्या राशि वाले जातकों को प्रकृति से लगाव होता है, इसीलिए इन्हें बागवानी करना और पेड़-पौधों की देखभाल करना बहुत पसंद होता है।

कन्या राशि के लोगों को पढने-लिखने के साथ-साथ, हस्तशिल्प, सिक्के या डाक टिकट इकठ्ठा करने, और चित्रकला का शौक होता है।

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Virgo Lucky Things & Remedy in Hindi

कन्या जातकों के लिये भाग्यशाली वस्तुएँ

Virgo Lucky Color भाग्यशाली रंग

कन्या राशि के जातकों के लिए हरा, नारंगी, पीला और सफेद रंग भाग्यशाली रंग होता है। इन रंगों के वस्त्र पहनने से या इन रंगों की वस्तुएँ खाने या रखने से न सिर्फ मानसिक शांति मिलती है, बल्कि यह दूसरे कई कारणों से भी उनके लिये हितकर है। विशेषकर हरा रंग Virgo के लिये बहुत फायदेमंद है। यह स्वयं भी खुद को इसी रंग की ओर सबसे ज्यादा आकर्षित पाते हैं। अगर Virgo जेब में हमेशा हरे या पीले रंग का रुमाल रखें, तो बहुत फायदेमंद होगा।

Virgo Lucky Number भाग्यशाली अंक

कन्या राशि वालों के लिये 1, 4, 5, 6, 7 का अंक शुभ और 2 का अंक अशुभ होता है। 3, 8, और 9 का अंक सम (ना शुभ ना अशुभ) फल देता है। 5 का अंक तो Virgo राशि के जातकों के लिए विशेष रूप से भाग्यशाली होता है। अपने लिये किसी चीज को चुनते समय इन्हें 5 अंक की श्रृंखला जैसे 5, 14, 23, 32, 41, 50, आदि का ध्यान रखना चाहिये, क्योंकि यह इनके लिए बहुत शुभ है।

Virgo Lucky Day भाग्यशाली दिन

चूँकि कन्या राशि का स्वामी बुध है, इस कारण से Virgo के जातकों के लिये बुधवार का दिन विशेष रूप से भाग्यशाली होता है। इसके बाद शनिवार और शुक्रवार के दिन इनके लिये शुभ है, पर मंगलवार का दिन वर्गो के लिये अशुभ होता है।

Virgo Lucky Stone भाग्यशाली रत्न

कन्या राशि के जातकों के लिए पन्ना और ओपल भाग्यशाली रत्न हैं। अगर कुंडली में वर्गो का बुध खराब या कमजोर हो तो उन्हें पन्ना जरुर पहनना चाहिए। आम तौर पर 5 या 6 रत्ती का पन्ना, सोने या चाँदी में जड़वाकर, बुधवार के दिन, किसी शुभ मुहूर्त में, कनिष्ठा अंगुली में धारण करना चाहिये। ऐसा करने से बुध के दोष दूर होते हैं। चंदन की जड़ को पास रखने से भी लाभ होता है।

Virgo Remedy कन्या राशि के जातकों के लिये उपाय

कन्या राशि के जातक अपने जीवन में होने वाली आम समस्याओं के लिए यह उपाय करें तो उन्हें इससे निश्चित लाभ होगा। विशेष और गंभीर समस्याओं के लिये विद्वान ज्योतिषी से गंभीर परामर्श आवश्यक हो जाता है, इसलिये उसकी भी अनदेखी न करें –

वर्गो जातकों को बुध के दोष दूर करने के लिये भगवान गणेश, विष्णु और माँ दुर्गा की उपासना विशेष रूप से करनी चाहिये।

अपने इष्ट देव का जाप तथा श्रीविष्णु के अवतारों राम और कृष्ण की पूजा भी लाभदायक है।

धन संबंधी समस्याओं के लिये बुधवार को व्रत रखें और माँ लक्ष्मी का पूजन करें।

‘ऊँ बुं बुधाय नमः या ऊँ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः मंत्र का 9,000 बार जाप करें।

हिजड़ों, कोढियों और भिखारियों को बुधवार को दान देने से भी बहुत लाभ होता है।

बुधवार को हरे रंग के फल-फूल, मूंग की दाल, हरा कपडा, कपूर और हरी वस्तुओं का दान करने से अनेक संकटों से छुटकारा मिलता है।

हमेशा पूर्णता की चाहत रखने वाले कन्या राशि के लोग अगर कुछ कमी रह जाए तो आसानी से निराश हो जाते हैं। इन्हे दुख इस बात का होता हैं कि ये दूसरों की कमजोरी की अनदेखी नहीं कर सकते हैं। अपने घर और आसपास की स्वच्छता के बारे में इनका जुनून इनके साथी को क्रोधित कर सकता हैं, जो कन्या जातक के मानकों पर खरे नहीं उतर पाते हैं।

अगर वर्गो जातक अपनी आदर्शवादी सोच पर कुछ काबू रख सकें, तो इनका जीवन खुशहाल हो जाय। आशा है कन्या राशिफल की यह जानकारी और वर्गो के जातकों से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें, आपको कन्या राशि के लोगों को समझने में मददगार सिद्ध होगी। इस लेख का यही उद्देश्य है कि प्रत्येक व्यक्ति अपने और दूसरों के जीवन और व्यक्तित्व के आवश्यक और गुप्त पहलुओं से रूबरू हो सके ताकि जीवन को आनंदमय और उल्लासित तरीके से जी सकें।

तुला राशि के जातक होते हैं बहुत समझदार, पर जानिये क्यों – Libra Zodiac in Hindi तुला राशिफल

“धैर्यवान और समझदार बनिये जीवन ईर्ष्यालु होने और प्रतिशोधी होने के लिये बहुत छोटा है।”
– फिलिप ब्रुक्स

 

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