Best Chanakya Quotes in Hindi with Images

 

“सारे कुल की रक्षा के लिए एक व्यक्ति की; सारे गाँव की रक्षा के लिए एक कुल की; सारे प्रदेश की रक्षा के लिए एक ग्राम की; और अपनी रक्षा के लिए अगर संपूर्ण पृथ्वी का भी त्याग करना पड़े, तो निःसंकोच कर देना चाहिये।”
– आचार्य चाणक्य

 

Chanakya Niti Secrets in Hindi
पढिये चाणक्यनीति के न भूलने योग्य अत्यन्त महत्वपूर्ण सूत्र

इतिहास में आचार्य चाणक्य जैसी अलौकिक प्रतिभा और अपूर्व बुद्धिबल वाले ऐसे विद्वान् शायद उँगलियों पर गिनने लायक भी नहीं हुए होंगे, जिन्होंने मनुष्य के जीवन और व्यक्तित्व का इतनी गहनता और सूक्ष्मता से अध्ययन किया हो। उनकी बतायी गयी शिक्षाएँ आज भी इतनी मूल्यवान हैं कि बड़े से बड़ा विद्वान भी दांतों तले ऊँगली दबा लेता है।

यही कारण है कि चाणक्यनीति का दुनिया भर की 30 से भी ज्यादा भाषाओँ में अनुवाद हुआ है और करोड़ों लोगों ने इसे पढ़ा हैं। पर पूर्व के लेखों की तरह आज हम, उन महत्वपूर्ण सूत्रों का विस्तृत वर्णन नहीं कर रहे हैं, बल्कि आचार्य Chanakya की कुछ Famous Hindi Quotes को ही दे रहे हैं। हमें आशा है नीचे दी जा रही Quotes आपका ज्ञानवर्धन करेंगी –

आपकी जिंदगी को बदलकर रख देंगे महान व्यक्तियों के यह 100 प्रेरक विचार – 100 Thoughts in Hindi with Meaning

 

Chankaya Quotes in Hindi चाणक्य के अनमोल विचार

 

जब भगवान श्रीहरि विश्वंभर (सबका भरण-पोषण) कहे जाते हैं तो फिर मुझे किस बात की चिंता है। यदि नारायण न होते तो नवजात शिशु के लिये माँ के स्तनों में दूध कहाँ से आता? हे लक्ष्मीपति आपके सारे संसार का पोषक होने पर विश्वास करके ही मै आपके चरण-कमलों की सेवा में अपना सारा समय बिताता हूँ।

– Chankaya चाणक्य

 

इस दुनिया में ऐसा कौन इन्सान है जिसके कुल में कोई न कोई दोष या बुराई न हो; इस संसार में ऐसा कौन है जो कभी किसी रोग से न पीड़ित हुआ हो; इस दुनिया में ऐसा कौन है जिसे कभी किसी चीज के व्यसन (नशे) ने न घेरा हो और इस दुनिया में ऐसा कौन है जिसे हमेशा सुख ही मिला हो, अर्थात ऐसा कोई इंसान नहीं है।

– Chankaya चाणक्य

 

ब्राह्मण (ज्ञानी व्यक्ति) सिर्फ भोजन से तृप्त हो जाते हैं, मोर सिर्फ बादल के गरजने भर से तृप्त हो जाते हैं, संत तथा सज्जन व्यक्ति सिर्फ दूसरे की समृद्धि देखकर प्रसन्न हो जाते हैं, लेकिन दुष्ट इन्सान सिर्फ तभी प्रसन्न होता है, जब वह दूसरे को मुसीबत में पड़ा देखता है।

– Chankaya चाणक्य

 

काल (समय) ही सब भूतों को पचाता है (सभी वस्तुओं को क्षीण करता है), काल ही लोगों का संहार करता है, और काल ही लोगों के सो जाने पर भी जागता रहता है। इस महाबलवान काल का अतिक्रमण करना किसी के लिये भी संभव नहीं है।

– Chankaya चाणक्य

 

संपूर्ण कुल की रक्षा के लिए एक व्यक्ति की; संपूर्ण ग्राम की रक्षा के लिए एक कुल की; संपूर्ण प्रदेश की रक्षा के लिए एक ग्राम की; और अपनी रक्षा के लिए संपूर्ण पृथ्वी का भी त्याग करना पड़े, तो निःसंकोच कर देना चाहिये।

– Chankaya चाणक्य

 

इन्सान संसार में अकेला ही जन्म लेता है और अकेला ही मरता है। उसके द्वारा कमाई हुई संपत्ति, भाई-बंधू सब यहीं रह जाते हैं। अच्छा-बुरा सब कुछ इन्सान को अपने आप भुगतना पड़ता है। इसमें कोई किसी का साथ नहीं देता।

– Chankaya चाणक्य

 

जिस तरह कुत्ते की पूँछ से न तो उसके गुप्त अंग छिपते हैं और न ही वह उसे कीड़े-मकोड़ों के काटने से रोक सकती है। उसी तरह विद्याहीन मनुष्य भी न तो अपनी रक्षा कर सकता है और न ही अपना पेट पाल सकता है।

– Chankaya चाणक्य

 

बहुत ज्यादा सुन्दर होने से सीता को दुःख उठाना पड़ा, बहुत ज्यादा अभिमानी होने से रावण का नाश हुआ, बहुत ज्यादा दान करने से बलि का सब कुछ चला गया, इसलिये अति कभी नहीं करनी चाहिये।

– Chankaya चाणक्य

 

जो पीठ पीछे बुराई और नुकसान करता है और सामने मीठी चीनी-चुपड़ी बातें करता है, ऐसे दोस्त को उसी तरह से छोड़ देना चाहिये, जैसे जहर से भरे घड़े को मुँह पर दूध लगा होने पर भी छोड़ देते हैं।

– Chankaya चाणक्य

 

बैलगाडी से पाँच हाथ, घोड़े से दस हाथ, और हाथी से सौ हाथ दूर रहना चाहिये, लेकिन दुष्ट इन्सान से बचने के लिये, अगर देश भी छोड़ना पड़े तो छोड़ देना चाहिये।

– Chankaya चाणक्य

 

बुद्धिमान इन्सान को उच्च कुल की सामान्य रूप वाली कन्या से भी विवाह कर लेना चाहिये। लेकिन नीच कुल की सुन्दर कन्या से भी विवाह नहीं करना चाहिये।

– Chankaya चाणक्य

 

अजीर्ण (कब्ज) हो जाने पर जल दवाई का काम करता है, भोजन पचने पर जल ताकत बढाता है, भोजन के बीच में जल अमृत की तरह होता है, पर भोजन के बाद जल जहर के समान होता है।

– Chankaya चाणक्य

 

जिनके पास न तो विद्या है, जो न तप करते हैं और न ही दान देते हैं, जिनमे न चरित्र है, न गुण है और न ही धर्म है, ऐसे लोग इस धरती पर बोझ ही हैं और इन्सान के रूप में होते हुए भी पशु की तरह जी रहे हैं।

– Chankaya चाणक्य

 

मैले (गंदे) कपडे पहनने वाला, गंदे दांतों वाला, ज्यादा खाने वाला, कठोर वाणी बोलने वाला, और सूर्योदय तथा सूर्यास्त के समय सोने वाला व्यक्ति यदि साक्षात् भगवान विष्णु भी हो तो भी लक्ष्मी उसे अवश्य छोड़ देती है, फिर दूसरों के बारे में तो कहना ही क्या?

– Chankaya चाणक्य

आपके दिन को खुशगंवार बना देंगे यह शानदार और जिंदादिल विचार – 100 Nice Thoughts of The Day in Hindi

 

Hindi Chanakya Quotes on Success

 

जिस देश में इन्सान को सम्मान न मिलता हो, जिस देश में रोजी-रोटी का साधना उपलब्ध न हो, और जहाँ उसके परिवार के लोग और दोस्त न रहते हों, उस देश में किसी भी आदमी का रहना ठीक नहीं है। लेकिन अगर उस देश में विद्या पाने का भी साधन न हो, तब तो वहाँ उस इन्सान को बिना देर किये उस देश को छोड़कर चले जाना चाहिये।

– Chankaya चाणक्य

 

मेहनत करने पर किसकी गरीबी दूर नहीं हो सकती; भगवान का नाम जपने पर किसका पाप नष्ट नहीं हो सकता; चुप रहने पर कौन सा कलह समाप्त नहीं हो सकता और लगातार जागने पर किसका डर खत्म नहीं हो सकता, अर्थात सब कुछ दूर हो सकता है।

– Chankaya चाणक्य

 

आलस्य के कारण और खूब अभ्यास किये बिना प्राप्त विद्या भी नष्ट हो जाती है; दूसरे के हाथ में गया हुआ धन फिर लौटकर वापिस नहीं आता; थोडा बीज डालने से खेत नहीं फलता-फूलता; और सेनापति के बिना कोई सेना जीत हासिल नहीं करती।

– Chankaya चाणक्य

 

साधना या तप के लिए एकांत पर्याप्त है; पढने-लिखने के लिए दो पर्याप्त हैं; गायन के लिए तीन पर्याप्त हैं; यात्रा के लिये चार व्यक्ति पर्याप्त हैं; खेत बोने के लिए पाँच व्यक्ति काफी हैं; लेकिन युद्ध करने के लिए बहुत लोगों की आवश्यकता होती है।

– Chankaya चाणक्य

 

किसी काम के बारे में मन में कोई योजना बनाने वाले को उसे वाणी से प्रकट नहीं करना चाहिये और जब तक उस योजना को कार्य रूप में परिणत नहीं कर दिया जाता, तब तक उसे गुप्त मंत्र के समान सुरक्षित रखना चाहिये।

– Chankaya चाणक्य

 

सिद्ध औषधि (जिसका प्रभाव कभी व्यर्थ नहीं जाता ); धार्मिक आचरण; अपने घर के भेद; मैथुन (सेक्स); खराब भोजन और बुरी बातें, इन छह बातों को हर बुद्धिमान इन्सान को हमेशा गुप्त रखना चाहिये, तभी उसका कल्याण होता है।

– Chankaya चाणक्य

 

भगवान की मूर्ति को अपने हाथों को गुँथी माला पहनाने से, अपने ही हाथ से घिसा चन्दन लगाने से और अपने हाथ से लिखे स्त्रोत से स्तुति करने से मनुष्य इंद्र की संपदा को भी अपने वश में करने में कामयाब हो जाता है।

– Chankaya चाणक्य

 

लोभी को पैसे का लालच देकर वश में किया जा सकता है, घमंडी को हाथ जोड़कर वश में किया जा सकता है, मूर्ख को उसकी इच्छा पूरी करके वश में किया जा सकता है, और विद्वान को सही बात बताकर वश में किया जा सकता है।

– Chankaya चाणक्य

 

जिसके पास बुद्धि है, बल भी उसी के पास है बुद्धिहीन का तो बल भी बेकार ही है, क्योंकि वह उसका इस्तेमाल ही नहीं कर सकता। बुद्धि के बल पर ही एक समझदार खरगोश ने घमंडी शेर को कुँए में गिराकर मार डाला था।

– Chankaya चाणक्य

 

हाथी को काबू में करने के लिये अंकुश की, घोड़े को काबू में करने के लिये चाबुक की, सींग वाले जानवरों को काबू में करने के लिये डंडे की और दुष्ट इन्सान को काबू में करने के लिये तलवार की जरुरत होती है।

– Chankaya चाणक्य

 

बहुत खाने पर भी थोड़े में संतुष्ट रहना, गहरी नींद में सोने पर भी चौकन्ना रहना, स्वामिभक्त होने पर भी शूरवीर होना, हर बुद्धिमान पुरुष को यह छह गुण कुत्ते से सीखने चाहियें।

– Chankaya चाणक्य

 

बीती हुई घटना का शोक नहीं करना चाहिये, और न ही भविष्य की चिंता करनी चाहिये। बुद्धिमान केवल वही हैं जो सिर्फ वर्तमान के बारे में ही सोच-विचार करते हैं।

– Chankaya चाणक्य

 

दान से गरीबी का नाश होता है; चरित्र से दुर्गति का नाश होता है; प्रज्ञा (शुद्ध बुद्धि) से अज्ञान का नाश होता है और सदभावना से भय का नाश होता है।

– Chankaya चाणक्य

 

सांप, राजा, बर्र (ततैया), बच्चा, शेर (हिंसक जानवर), कुत्ता और मूर्ख इन्सान इन सात को सोते से कभी नहीं जगाना चाहिये, वरना अपनी ही हानि होती है।

– Chankaya चाणक्य

 

राजा, अग्नि, गुरु और स्त्रियों के बहुत नजदीक रहना विनाश का कारण बन सकता है। लेकिन इनसे दूर रहने में भी कोई लाभ नहीं रहता, इसीलिये बुद्धिमानों को मध्यम मार्ग अपनाना चाहिये।

– Chankaya चाणक्य

अगर आपने यह Motivational Quotes नहीं पढ़ी हैं तो फिर आपने कुछ नहीं पढ़ा है – 100 Motivational Quotes in Hindi

 

Hindi Chanakya Quotes on Happiness

 

जिस तरह वेश्या अपने प्रेमी को निर्धन होने पर छोड़ देती हैं; उसी तरह प्रजा हारे हुए और अपमानित राजा को त्याग देती है। जिस तरह पक्षी फलों से रहित सूखे वृक्ष को छोड़कर चले जाते हैं; ठीक उसी तरह अतिथि को चाहिये कि वह भी भोजन-सत्कार के पश्चात गृहस्थ के घर को त्याग दे।

– Chankaya चाणक्य

 

किसी दुष्ट राजा के राज्य में रहने के बजाय, किसी राज्य में न रहना ज्यादा अच्छा है, दुष्ट मित्रों के बजाय बिना दोस्त के रहना ज्यादा अच्छा है, दुष्ट शिष्य के बजाय कोई शिष्य न होना ज्यादा अच्छा है, और बुरी पत्नी के बजाय बिना पत्नी के रहना ज्यादा अच्छा है।

– Chankaya चाणक्य

 

पैरों को धोने से बचा हुआ; पीने से बचा हुआ (जूठा जल); और सन्ध्या करने से बचा हुआ जल, कुत्ते के मूत्र के समान त्याज्य है। जो भी इन्सान इस प्रकार के जल का सेवन कर लेता है, उसे अपनी शुद्धि के लिये चान्द्रायण व्रत करना चाहिये।

– Chankaya चाणक्य

 

बहुत ज्यादा क्रोध करना, कडवी वाणी बोलना, गरीबी, अपने सगे-संबंधियों से वैर करना, नीच लोगों के साथ रहना और छोटे लोगों की नौकरी करना यह छह बुराइयाँ ऐसी हैं जो प्राणियों के लिये धरती पर ही नरक यातना के समान हैं।

– Chankaya चाणक्य

 

आपत्ति में पड़कर भी धन की रक्षा करनी चाहिये, धन देकर भी स्त्री की रक्षा करनी चाहिये, लेकिन अपनी रक्षा हमेशा करनी चाहिये, चाहे इसके लिये धन और स्त्री का भी बलिदान क्यों न करना पड़े।

– Chankaya चाणक्य

 

लम्बे नाखून वाले जानवरों, नदियों, बड़े-बड़े सींग वाले पशुओं, हथियार रखने वालों, स्त्रियों और राजपरिवारों का कभी भी विश्वास नहीं करना चाहिये।

– Chankaya चाणक्य

 

जिसका पुत्र आज्ञाकारी हो, जिसकी स्त्री पति के अनुसार चलने वाली और पतिव्रता हो, और जो अपने पास उपलब्ध धन में ही संतुष्ट हो, ऐसे इन्सान के लिये स्वर्ग इसी धरती पर है।

– Chankaya चाणक्य

 

विद्यार्थी, नौकर, राह चलने वाला मुसाफिर, भूखा, डरा हुआ, भंडारी (भोजनालय का अधिकारी) और चौकीदार, यदि यह सात लोग सो रहे हों, तो निःसंकोच इन्हें जगा देना चाहिये।

– Chankaya चाणक्य

 

भ्रमण से (घूमने-फिरने से) राजा की पूजा होती है, भ्रमण से ब्राह्मण की पूजा होती है, भ्रमण से योगी की पूजा होती है, लेकिन भ्रमण से स्त्री का नाश होता है।

– Chankaya चाणक्य

 

मूर्ख शिष्य को उपदेश देने से, दुष्ट और दुराचारिणी स्त्री का भरण-पोषण करने से तथा दुखी व्यक्तियों के साथ रहने से, बुद्धिमान (पंडित) इन्सान को भी कष्ट उठाना पड़ सकता है।

– Chankaya चाणक्य

 

इन्सान जैसा भाग्य लेकर इस दुनिया में आता है उसकी बुद्धि भी वैसी ही हो जाती है, काम-धंधा भी उसी के अनुसार ही मिलता है और उसके संगी-साथी भी भाग्य के अनुरूप ही मिलते हैं।

– Chankaya चाणक्य

 

जो इन्सान धन-धान्य (चीजों) के लेन-देन में, विद्या (हुनर) को सीखने में, खाने-पीने में और हिसाब-किताब में संकोच नहीं करते, वे हमेशा सुखी रहते हैं।

– Chankaya चाणक्य

 

दो ब्राह्मणों, अग्नि और ब्राह्मण, पति और पत्नी, स्वामी और सेवक और हल तथा बैल इन पाँच युग्मों के बीच से होकर नहीं गुजरना चाहिये।

– Chankaya चाणक्य

 

हर इन्सान को अपनी ही स्त्री से, अपने ही पैसे और अपने ही भोजन से संतोष करना चाहिये, लेकिन दान-धर्म, अध्ययन और भगवान का नाम लेने में कभी भी संतोष नहीं करना चाहिये।

– Chankaya चाणक्य

 

जिस धर्म में दया न हो, उसे त्याग देना चाहिये; जिस गुरु के पास विद्या न हो, उसे त्याग देना चाहिये; जो स्त्री सदा क्रोध से भरी रहती हो, उसे त्याग देना चाहिये और जिन बंधु-बांधवों में स्नेह न हो, उन्हें भी त्याग देना चाहिये।

– Chankaya चाणक्य

हिंदी की सर्वश्रेष्ठ Quotes जिन्होंने लाखों इंसानों की जिंदगी बदली – 100 Best Quotations in Hindi

 

Famous Chanakya Quotes in Hindi

 

इन्सान की तरह दो पैरों वाला होने पर भी मूर्ख व्यक्ति, पशु के समान ही होता है। जिस तरह पैर के भीतर धंसा हुआ शूल (काँटा) बाहर से दिखाई न देने पर भी अंदर ही अंदर पीड़ा देता रहता है, ठीक उसी प्रकार से मूर्ख व्यक्ति भी अपने वचनों से और कार्यों से दूसरों को दुःख और पीड़ा ही देता रहता है।

– Chankaya चाणक्य

 

मनुष्य को कभी भी दान, का, तपस्या का, शौर्य का, ज्ञान का, विनम्रता का, और नीतिकुशलता का अहंकार नहीं करना चाहिये। क्योंकि इस पृथ्वी पर एक से एक बढकर दानी, तपस्वी, शूरवीर और विद्वान् हुए हैं। अतः मनुष्य को स्वयं को किसी भी क्षेत्र में बड़ा नहीं मानना चाहिये।

– Chankaya चाणक्य

 

जिस प्रकार दक्षिणा प्राप्त करने के बाद पुरोहित यजमान के घर से चला जाता है; जिस प्रकार विद्या प्राप्त करने के बाद शिष्य गुरु के पास से चला जाता है; उसी प्रकार वन के जल जाने पर उसमे निवास करने वाले पशु-पक्षी उस वन को छोड़कर दूसरे वन में चले जाते हैं।

– Chankaya चाणक्य

 

यजमान से निमंत्रण पाना ही ब्राहमणों के लिये उत्सव होता है; हरी घास का मिल जाना ही गौओं के लिये उत्सव होता है; पति की प्रसन्नता ही स्त्रियों के लिये उत्सव होती है; लेकिन मेरे लिये तो भीषण रणों में अनुराग ही उत्सव है।

– Chankaya चाणक्य

 

परायी स्त्रियों को अपनी माता के समान समझने वाला, पराये धन को मिटटी के ढेले के समान समझने वाला और समस्त प्राणियों को अपने समान देखने वाला ही सच्चे अर्थों में पंडित है।

– Chankaya चाणक्य

 

जिस तरह मल का त्याग करने वाली इन्द्रिय को जल से सैकड़ों बार धोने के बाद भी स्वच्छ नहीं किया जा सकता उसी तरह दुष्ट व्यक्ति को चाहे कितनी ही बार समझाया जाय वह सज्जन नहीं बन सकता।

– Chankaya चाणक्य

 

लगातार अभ्यास करने से विद्या की रक्षा होती है; शील (चरित्र) बचाने से कुल का नाम उज्जवल होता है; सद्गुणों को आचरण में उतारने से श्रेष्ठता का परिचय मिलता है और नेत्रों से क्रोध का पता चलता है।

– Chankaya चाणक्य

 

कोयल की शोभा (सुन्दरता) उसकी बोली से होती है स्त्रियों की शोभा उनके पातिव्रत धर्म से होती है, कुरूपों की शोभा उनकी विद्या से होती है और तपस्वियों की शोभा उनकी क्षमा से होती है।

– Chankaya चाणक्य

 

तेल की मालिश करवाने पर, चिता का धुआँ लगने पर, हजामत बनवाने पर और सम्भोग करने पर, जब तक इन्सान स्नान नहीं कर लेता तब तक वह अशुद्ध और अपवित्र ही रहता है।

– Chankaya चाणक्य

 

गुणहीन की सुन्दरता बेकार है, चरित्रहीन का उच्चकुल में पैदा होना बेकार है, आजीविका उपलब्ध न कराने वाली विद्या बेकार है, और इस्तेमाल न होने वाला धन बेकार है।

– Chankaya चाणक्य

 

भस्म (राख) से काँसे की शुद्धि होती है, खटाई से तांबे की सफाई होती है, रज से स्त्री की शुद्धि होती है और वेग (बहाव) से नदी की शुद्धि होती है।

– Chankaya चाणक्य

 

राजा की शक्ति उसका बाहुबल है, ब्राह्मण की शक्ति उसका ज्ञान है और स्त्रियों की शक्ति उनका यौवन (जवानी) और सुन्दरता है।

– Chankaya चाणक्य

 

भाग्य की महिमा बड़ी विचित्र है यह पल भर में ही राजा को रंक और रंक को राजा, अमीर को गरीब और गरीब को अमीर बना देता है।

– Chankaya चाणक्य

 

साग-सब्जी खाते रहने से रोग बढ़ जाते हैं, दूध का सेवन करने से शरीर बढ़ता है, घी खाने से बल-वीर्य की वृद्धि होती है और माँस खाने से माँस बढ़ता है।

– Chankaya चाणक्य

 

सागर में वर्षा का होना व्यर्थ है; जिसका पेट पहले से भरा हो ऐसे आदमी को भोजन कराना व्यर्थ है; अमीर आदमी को दान देना व्यर्थ है और दिन में (सूर्य के प्रकाश में) दीपक जलाना व्यर्थ है।

– Chankaya चाणक्य

शानदार Images और Messages से भरपूर हिंदी की Famous Quotes – 100 Inspirational Quotes in Hindi

 

Hindi Chanakya Quotes on Family

 

ऐसी जगह पर रहना जहाँ न आजीविका का प्रबंध हो, न लोगों में सामाजिक समरसता की भावना हों और जहाँ दुष्ट, दुराचारी लोगों का निवास हो; किसी कुलहीन, आचारहीन नीच व्यक्ति की सेवा करना; केवल जूठे, बासी और अरुचिकर भोजन का ही उपलब्ध होना; झगडालू और दुष्ट पत्नी का मिलना; एक मूर्ख पुत्र का होना और घर में विधवा कन्या का निवास करना, ये छह चीज़ें इन्सान के शरीर को बिना किसी आग के हर समय जलाते रहते हैं।

– Chankaya चाणक्य

 

प्रत्येक पिता को अपने पुत्र को पाँच वर्ष तक खूब लाड-प्यार से रखना चाहिये; फिर दस वर्ष तक अर्थात छ वर्ष की आयु से पंद्रह वर्ष का होने तक उसकी ताड़ना करनी चाहिये और जब वह सोलह वर्ष का हो जाय; तो पिता को अपने पुत्र के साथ एक मित्र की तरह व्यवहार करना चाहिये।

– Chankaya चाणक्य

 

अज्ञानी और मूर्ख पुत्र के चिरायु होने की अपेक्षा उसका जन्म लेते ही मर जाना ज्यादा अच्छा है। क्योंकि जन्म लेकर तुरंत मरने वाले का दुःख तो थोड़े समय तक ही रहता है, लेकिन मूर्ख पुत्र तो जब तक जीवित रहता है, तब तक सबको दुःख देता है।

– Chankaya चाणक्य

 

जिस प्रकार एक अकेला चाँद, घोर अँधेरी रात को भी अपने प्रकाश से जगमगा देता है, उसी तरह से एक ही शीलवान, विद्वान और अच्छे स्वभाव का सुपुत्र अपने सद्गुणों, आचरण और सुयश से संपूर्ण कुल को गौरवान्वित कर देता है।

– Chankaya चाणक्य

 

व्यक्ति के केवल एक गुणवान पुत्र का होना, सैकड़ों गुणहीन पुत्रों से ठीक उसी तरह से ज्यादा अच्छा होता है, जैसे एक अकेला चाँद रात के सारे अँधेरे को दूर कर देता है, लेकिन हजारों तारे मिलकर भी उस अंधकार को दूर नहीं कर पाते।

– Chankaya चाणक्य

 

अधिक लाड-प्यार करने से पुत्र और शिष्य में दोष उत्पन्न हो जाते हैं; जबकि उनकी ताड़ना करने (डाँटने-फटकारने) से उनमे गुणों का विकास होता है। इसलिये पुत्र और शिष्य को लाड-प्यार करने के स्थान पर उनकी ताड़ना करनी चाहिये।

– Chankaya चाणक्य

 

वह माता शत्रु है और पिता बैरी है जो अपनी संतान को शिक्षित नहीं करना चाहते। अशिक्षित संतान बुद्धिमान मनुष्यों के बीच में ठीक वैसे ही शोभित नहीं होती, जैसे हंसों के समुदाय में बगुला अच्छा नहीं लगता।

– Chankaya चाणक्य

 

बुद्धिमान व्यक्तियों को अपने पुत्रों को सदैव श्रेष्ठ शील का निर्माण करने वाले कार्यों में लगाना चाहिये। क्योंकि नीतिवान, श्रद्धालु और शील से संपन्न व्यक्ति ही संपूर्ण कुल (देश) में पूज्य समझे जाते हैं।

– Chankaya चाणक्य

 

जिस प्रकार एक ही उत्तम वृक्ष अपने पुष्पों की सुगंध से सारे वन को सुगंधित बना देता है; उसी तरह एक ही सुपुत्र अपने शील और गुणों से सारे कुल को यशस्वी और प्रसिद्ध बना देता है।

– Chankaya चाणक्य

 

जिस तरह उस गाय से कोई लाभ नहीं होता जो न तो दूध देती हैं और न ही गर्भ धारण करती है; ठीक उसी तरह उस पुत्र को उत्पन्न करने का क्या अर्थ है जो न तो विद्वान् है और न ही ईश्वर का भक्त।

– Chankaya चाणक्य

 

जिस प्रकार जलता हुआ एक ही सूखा पेड़, सारे जंगल को जला कर राख कर देता है, ठीक वैसे ही कुपुत्र भी संपूर्ण कुल को उसी वन की तरह दग्ध कर देता है।

– Chankaya चाणक्य

 

अपने आचरण से दुःख और सन्ताप देने वाले बहुत से पुत्रों की अपेक्षा, तो कुल की प्रतिष्ठा को बढाने वाला और समस्त परिवार को सुख देने वाला एक ही पुत्र अधिक अच्छा है।

– Chankaya चाणक्य

 

दीपक अँधेरा खाता है और उससे काजल पैदा होता है; इसी तरह मनुष्य जैसा अन्न खाता है, उसके वैसी ही संतान उत्पन्न होती है।

– Chankaya चाणक्य

 

नौकरों की परीक्षा आज्ञापालन से होती है, भाई-बंधु की परीक्षा व्यसनों में होती है, दोस्तों की परीक्षा मुसीबत में होती है और पत्नी की परीक्षा गरीबी में होती है।

– Chankaya चाणक्य

 

जो संतान पर कर्जा छोड़ गया है वह पिता दुश्मन के समान है, जो चरित्रहीन है वह माँ दुश्मन के समान है, जो बहुत सुन्दर है वह पत्नी दुश्मन के समान है, और जो मूर्ख है वह पुत्र दुश्मन के समान है।

– Chankaya चाणक्य

जानिये कैसे बनें एक अच्छे माता-पिता – Parents Meaning in Hindi

 

Hindi Chanakya Quotes with Images

 

यदि विष से भी अमृत मिलता हो तो उसे ले लेना चाहिये, यदि गन्दी जगह से भी सोना मिलता हो तो उसे उठा लेना चाहिये, यदि नीच इन्सान के पास भी अच्छी विद्या है तो उसे सीख लेना चाहिये और यदि नीच कुल से भी शीलवान स्त्री मिलती हो तो उसे अपना लेना चाहिये।

– Chankaya चाणक्य

 

जो नीच इन्सान एक-दूसरे के गुप्त रहस्यों को प्रकट करके एक-दूसरे को अपमानित करते हैं और लांछन लगाते हैं, वे दोनों एक-दूसरे की चालों में फँसकर उसी तरह खत्म हो जाते हैं, जैसे बांबी के भीतर घुसा साँप बाहर न निकल पाने के कारण अन्दर ही अन्दर दम घुटने से मर जाता है।

– Chankaya चाणक्य

 

लोभ सबसे बड़ा अवगुण है, चुगलखोरी सबसे बड़ा पाप है, सत्य सबसे बड़ा तप है, और मन की पवित्रता सबसे बड़ा तीर्थ है सज्जनता सबसे बड़ा गुण है, यश सर्वोत्तम आभूषण है, उत्तम विद्या सबसे उत्तम धन है, और अपयश मौत से भी ज्यादा कष्टदायी है।

– Chankaya चाणक्य

 

पक्षियों में सबसे अधिक दुष्ट और चांडाल (नीच) कौआ होता है। पशुओं में सबसे नीच कुत्ता होता है। मुनियों और साधुओं में सबसे ज्यादा चांडाल (नीच) वह होता है जो पाप कर्म करता है और सबसे बढ़कर चांडाल वह होता है जो दूसरों की बुराई करता है।

– Chankaya चाणक्य

 

व्यक्ति के आचरण से उसके कुल का पता चलता है; भाषण अर्थात उसके वार्तालाप से उसके देश का पता चलता है; व्यक्ति के मन के भावों से उसके स्नेह का पता चलता है और उसके शरीर से उसके भोजन की मात्रा का पता चलता है।

– Chankaya चाणक्य

 

जैसे हर पर्वत पर मणि व माणिक्य प्राप्त नहीं होते; उसी तरह प्रत्येक हाथी के मस्तक से गजमुक्ता मणि प्राप्त नहीं होती। जैसे हर जगह सज्जन पुरुष नहीं मिलते; उसी तरह सभी वनों में चन्दन नहीं मिलता।

– Chankaya चाणक्य

 

जो जन्म से अँधा है उसे कुछ दिखायी नहीं देता, जो काम (स्त्री से मिलन की इच्छा) में अँधा है उसे कुछ दिखायी नहीं देता, जो घमंड में अँधा है उसे कुछ दिखायी नहीं देता, और जो स्वार्थ में अँधा है उसे भी कुछ दिखायी नहीं देता।

– Chankaya चाणक्य

 

मूर्ख पंडितों से नफरत करते हैं, गरीब अमीरों से नफरत करते हैं, वेश्याएँ पतिव्रताओं से नफरत करती हैं और विधवाएँ सौभाग्यवतीयों से नफरत करती हैं।

– Chankaya चाणक्य

 

ज्ञानी के लिये स्वर्ग तुच्छ (तिनके के समान) है, शूरवीर के लिये जिंदगी तुच्छ है, इन्द्रियजीत के लिये स्त्री तुच्छ है, और निःस्पृही के लिये संसार तुच्छ है।

– Chankaya चाणक्य

 

तेज बहाव वाली नदी के किनारे लगे पेड़, दूसरे के घर में रहने वाली स्त्री और मंत्री से रहित राजा यह तीनों बहुत जल्दी नष्ट हो जाते हैं।

– Chankaya चाणक्य

 

राजा की पत्नी, गुरु की पत्नी, मित्र की पत्नी, और पत्नी की माता इन सबको अपनी माता के समान मानना चाहिये।

– Chankaya चाणक्य

 

आग, गुरु, ब्राह्मण, गौ, कुमारी कन्या, बूढे और बच्चे इन सात लोगों को कभी भी पैर से नहीं छूना चाहिये।

– Chankaya चाणक्य

 

गन्ने, तिल, क्षुद्र (मूर्ख), सोना, धरती, चन्दन, दही, पान और स्त्री इन नौ को जितना ज्यादा मसला जाय, इनके गुणों में उतनी ही ज्यादा वृद्धि होती है।

– Chankaya चाणक्य

 

मनुष्यों में नाई, पक्षियों में कौआ, पशुओं में गीदड़ और स्त्रियों में मालिन को धूर्त माना गया है, क्योंकि ये सभी बिना किसी उचित कारण के ही दूसरों का कार्य बिगाड़ते हैं।

– Chankaya चाणक्य

 

घर-परिवार में मोह रखने वाला विद्या प्राप्त नहीं कर सकता, माँस खाने वाले के मन में दया नहीं उपज सकती, धन का लोभी सच नहीं बोल सकता और स्त्रियों में आसक्ति रखने वाला कामी पवित्र नहीं हो सकता।

– Chankaya चाणक्य

क्या आपको वास्तव में पता है कि Positive Thoughts में कितनी ताकत है, अगर नहीं तो पढिये – 100 Positive Thoughts in Hindi and English

 

100 Best Chanakya Quotes in Hindi

 

जहाँ के निवासियों में लोक-परलोक के प्रति कोई विश्वास न हो; जिन्हें ईश्वर और सामाजिक लोक-लाज का भी भय न हो; जिन्हें किसी प्रकार के कर्म करने में कोई शर्म न आती हो; जहाँ के लोग चतुर न हों और न ही जिनमे त्याग की भावना हो, जहाँ ये पाँचों बातें हों, ऐसे स्थान पर मनुष्य को बिल्कुल भी निवास नहीं करना चाहिये।

– Chankaya चाणक्य

 

लगातार पैदल चलने वाले लोगों पर जल्दी ही बुढ़ापा आ जाता है, हर समय खूँटे से बंधे रहने वाले घोड़े जल्दी बूढ़े हो जाते हैं, तेज धूप में सुखाने से कपड़ों की उम्र कम हो जाती है और सम्भोग (मैथुन) से वंचित रहने से स्त्रियों पर जल्दी बुढ़ापा आ जाता है।

– Chankaya चाणक्य

 

नाई के घर जाकर हजामत बनवाने वाला, पत्थर की देव प्रतिमाओं पर चन्दन का लेप लगाने वाला और जल में अपनी ही परछाई देखने वाला इन्सान, चाहे इंद्र के समान ही प्रतिष्ठित और संपन्न क्यों न हो, शीघ्र ही शोभाहीन हो जाता है।

– Chankaya चाणक्य

 

दुराचारी, दुष्ट स्वभाव वाला, बिना किसी सही वजह के दूसरों को नुकसान पहुंचाने वाला और दुष्ट आदमी से मित्रता रखने वाला, ऐसा इन्सान चाहे कोई श्रेष्ठ पुरुष ही क्यों न हो, वह भी शीघ्र ही नष्ट हो जाता है।

– Chankaya चाणक्य

 

अगर कभी दुष्ट आदमी और साँप में से किसी एक के साथ रहने का चुनाव करना पड़े, तो साँप को ही चुनना चाहिये। क्योंकि साँप तो तभी काटेगा जब मौत आयेगी लेकिन दुष्ट व्यक्ति के साथ रहने से तो नित्य ही जीवन को खतरा है।

– Chankaya चाणक्य

 

धर्म (यज्ञ-अनुष्ठान, देव पूजा); धन, धान्य (अन्न); गुरु का वचन और औषधि इन पाँच चीजों का इस्तेमाल, इन्सान को बहुत सोच-समझकर करना चाहिये; वरना गलत प्रयोग के कारण, जीवन तक से हाथ धोना पड सकता है।

– Chankaya चाणक्य

 

अभ्यास न करने वाले के लिये शास्त्र विष के समान है, बीमार व्यक्ति के लिये अच्छा भोजन जहर के समान है, गरीब इन्सान के लिये सभाएँ (गोष्ठी) विष के समान है और वृद्ध व्यक्ति के लिये तरुणी (जवान लड़की) जहर के समान है।

– Chankaya चाणक्य

 

अन्न की अपेक्षा उसके चूर्ण (पिसे हुए आटे) में दस गुणा अधिक शक्ति होती है, दूध में आटे से भी दस गुणा अधिक शक्ति होती है, माँस में दूध से भी आठ गुणा अधिक शक्ति होती है और घी में माँस से भी दस गुणा अधिक शक्ति होती है।

– Chankaya चाणक्य

 

विद्वानों और सिद्धों से द्वेष करने पर अपना नाश होता है, दूसरों से द्वेष करने पर धन का नाश होता है, राजाओं से दुश्मनी मोल लेने पर हर चीज का नाश हो जाता है, लेकिन ब्राह्मणों से द्वेष करने पर तो सम्पूर्ण कुल का नाश हो जाता है।

– Chankaya चाणक्य

 

बादलों के बरसने से मिले जल के समान शुद्ध जल कहीं नहीं है; आत्मबल के समान कोई दूसरा बल नहीं है; नेत्रों की ज्योति के सदृश कोई दूसरा प्रकाश नहीं है और अन्न के समान रुचिकर कोई दूसरा भोजन नहीं है।

– Chankaya चाणक्य

 

कवि क्या नहीं देख सकता; स्त्री क्या कुछ नहीं कर सकती; शराबी क्या कुछ नहीं बोल सकता और कौआ क्या नहीं खा सकता, अर्थात ये सभी जो कुछ भी कर गुजरे वह कम ही है।

– Chankaya चाणक्य

 

समझदार इन्सान को मन में सोची गयी अपनी योजना को वाणी से प्रकट नहीं करना चाहिये और तब तक उसे एक गुप्त मंत्र के समान सुरक्षित रखना चाहिये जब तक कि उसे कार्य रूप में परिणत नहीं कर दिया जाता।

– Chankaya चाणक्य

 

स्त्रियाँ पुरुषों से दो गुणा अधिक भोजन करती हैं, स्त्रियों में पुरुषों से चार गुणा ज्यादा लज्जा होती है, स्त्रियों में आदमियों से छह गुणा ज्यादा हिम्मत होती है और स्त्रियों में पुरुषों से आठ गुणा ज्यादा कामवासना होती है।

– Chankaya चाणक्य

 

इस दुनिया में कामवासना के जैसा खतरनाक रोग नहीं है; मोह के जैसा प्रबल शत्रु नहीं है; क्रोध के जैसी प्रचंड अग्नि नहीं है; और ज्ञान के जैसी सुख देने वाली चीज नहीं है।

– Chankaya चाणक्य

 

विदेश में रहने वाले का मित्र उसकी विद्या है, घर में रहने वाले का मित्र उसकी पत्नी है, बीमार व्यक्ति का मित्र औषधि (दवाई) है और मौत की दहलीज पर खड़े इन्सान का मित्र उसके सत्कर्म (पुण्य) हैं।

– Chankaya चाणक्य

यह शानदार और Beautiful Quotes आपका जीवन के प्रति पूरा नजरिया बदल देंगी – 100 Beautiful and Nice Quotes in Hindi

 

“जहाँ न कोई अमीर इन्सान हो; जहाँ न कोई विद्वान ब्राह्मण हो; जहाँ न कोई न्यायप्रिय राजा हो; जहाँ न कोई नदी (जलस्रोत) हो; और जहाँ न कोई वैद्य हो; जहाँ पर ये पाँचों सुविधाएँ प्राप्त न हों, उस स्थान पर व्यक्ति को एक दिन भी निवास करना उचित नहीं है।”
– आचार्य चाणक्य

 

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