20 Laws of Life: Swami Vivekananda Thoughts in Hindi

 

“मानव-देह ही सर्वश्रेष्ठ देह है, एवं मनुष्य ही सर्वोच्च प्राणी है। क्योंकि इस मानव-देह तथा इस जन्म में ही हम इस सापेक्षिक जगत से पूरी तरह बाहर हो सकते हैं। निश्चय ही मुक्ति की अवस्था प्राप्त कर सकते हैं, और यह मुक्ति ही हमारा चरम लक्ष्य है।”
– स्वामी विवेकानंद

 

Swami Vivekananda Thoughts in Hindi
और कुछ नहीं सिर्फ स्वर्ग ही इससे ज्यादा खूबसूरत हो सकता है

स्वामी विवेकानंद के प्रेरक और अनमोल सुविचार

एक उपहार के रूप में जीवन सभी प्राणियों को मिला है, पर मनुष्यों के लिये यह विशेष है। ईश्वर के पास शायद ही इससे बढ़कर कोई दूसरा उपहार होगा, जो उन्होंने हमें मनुष्य जीवन के रूप में दिया है। जिसके मूल में है, अत्यंत विकसित बुद्धि और दिव्य प्रेम से भरा भावनाशील ह्रदय। जीवन क्या है?, कैसे इसे जिया जाय?, क्या हमारे जीवन का उद्देश्य है? आदि बातों पर समय-समय पर अनेकों महापुरुषों ने अपनी प्रखर वाणी के जरिये प्रकाश डाला है।

इन महापुरुषों में स्वामी विवेकानंद का स्थान बहुत ऊँचा है। प्रखर प्रतिभा के धनी स्वामी विवेकानंद एक उच्चस्तरीय योगी होने के साथ-साथ एक असाधारण विद्वान भी थे। आखिर शिकागो धर्म-सम्मलेन में स्वामी विवेकानंद के भाषण को कौन भूल सकता है? स्वामी जी के प्रेरक विचारों का संग्रह हमने 100 Swami Vivekananda Quotes in Hindi नामक लेख में किया है।

आज नूतन विचारों की इस श्रंखला में हम युगद्रष्टा, महान देशभक्त और भारतीय संस्कृति का सन्देश विश्व भर में फैलाने वाले, अतुल्य स्वामी विवेकानंद के समय-समय पर दिये गए ओजस्वी भाषणों में से, चुनकर छांटे गए 20 महत्वपूर्ण सन्देशों को प्रस्तुत कर रहे हैं, जो जीवन की दिव्यता को और भी अधिक स्पष्ट करते हैं।

स्वामी विवेकानंद के इन Blatant Thoughts में सिर्फ उनका जीवन दर्शन ही नहीं, बल्कि सुखमय जीवन के अमूल्य सूत्र और कामयाबी के वह अचूक मंत्र भी समाहित हैं जिन पर चलकर हर इन्सान अपने जीवन का उद्देश्य हासिल कर सकता है।

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Blatant Thoughts of Swami Vivekananda in Hindi

1. Love is The Law of Life प्यार ही जीवन का नियम है

संपूर्ण प्रेम ही विस्तार है, और संपूर्ण स्वार्थ ही संकुचन है। इसीलिये प्रेम ही जीवन का एकमात्र नियम है। वह जो प्रेम करता है, जीवित रहता है और वह जो स्वार्थी है, मरने वाला है। प्रेम हमेशा पारस्परिक और परावर्तनीय होता है। हम प्रेम, शील और पवित्रता में जितने ज्यादा बढ़ते है, उतने ही प्रेम, शील और पवित्रता को हम बाहर भी देखते हैं। इसीलिये प्रेम के लिए ही प्रेम कीजिये, क्योंकि यही जीवन का नियम (Life Quotes in Hindi) है।

ठीक उसी तरह से जैसे आप जिन्दा रहने के लिए सांस लेते हैं। इस संसार को ऐसे लोगों की प्रतीक्षा है, जिनका जीवन ही ज्वलंत–निःस्वार्थ प्रेम का प्रतीक हो। ऐसे व्यक्ति का प्यार उसके द्वारा बोले गये हर शब्द को बिजली बना देगा और कोई भी इंसान उसका प्रतिकार नहीं कर पायेगा। – स्वामी विवेकानंद

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2. You have The Power आपके पास शक्ति है

पवित्रता की शक्ति एक अमोघ शक्ति है, संपूर्ण शक्ति आपके भीतर समायी हुई है, आप कुछ भी और जो चाहे वह सब कर सकते हैं; इस बात में विश्वास कीजिये। इस पर बिलकुल विश्वास मत कीजिये कि आप कमज़ोर हैं; बिलकुल भी विश्वास मत कीजिये कि आप आधे पागल या झक्की हैं, जैसा कि आजकल हममे से ज्यादातर लोग करते हैं। पवित्रता, धैर्य और द्रढ़ता, ये सफलता के तीन अत्यावश्यक अंग हैं, और इन सबसे ऊपर है प्यार! खड़े हो जाइये और अपने भीतर भरी हुई दिव्यता को व्यक्त कीजिये। – स्वामी विवेकानंद

3. The World is Beautiful संसार सुन्दर है

सबसे पहले इस दुनिया में यह विश्वास कीजिये कि यहाँ हर चीज़ के पीछे कोई न कोई अर्थ अवश्य है। इस दुनिया में हर चीज़ अच्छी है, पवित्र है और सुन्दर है। यदि आप कुछ गलत देखते हैं, तो यह सोचिये कि आप इसे सही तरह से समझ नहीं पा रहे हैं। हमें अपना दिल इतना बड़ा बनाना चाहिए जितना कि सागर, ताकि हम संसार की समस्त क्षुद्रताओं से परे जा सकें और इसे एक चित्र के रूप में ही देखें। तभी हम इस संसार का वास्तविक आनंद ले सकेंगे, इससे किसी भी प्रकार से प्रभावित हुए बिना। – स्वामी विवेकानंद

4. Believe in Yourself स्वयं में विश्वास कीजिये

आप जो कुछ भी सोचते हैं, वैसे ही आप बन जायेंगे। अगर आप खुद को कमज़ोर समझते हैं, तो आप कमज़ोर ही बनेंगे; अगर आप खुद को ताकतवर समझते हैं, तो निश्चय ही आप शक्तिशाली होंगे। यदि आप खुद को ऋषि समझेंगे, तो आप कल ऋषि ही बनेंगे। कोई भी चीज़ आपको ऐसा बनने से नहीं रोक सकती है। खुद के प्रति सच्चा होना ही सबसे बड़ा धर्म है। अपने आप में विश्वास कीजिये। जब तक आप खुद में विश्वास नहीं करते हैं, तब तक आप भगवान् में भी विश्वास नहीं कर सकते हैं। – स्वामी विवेकानंद

5. Character is The True Wealth चरित्र ही वास्तविक धन है

इस दुनिया को जिस चीज़ की सबसे ज्यादा जरुरत है – वह है चरित्र। न तो धन से कुछ हो सकता है, न ही यश कुछ दे सकता है, न ही नाम और न ही विद्वत्ता की कोई जरुरत है, बल्कि यह तो चरित्र है जो भेदों की वज्रमयी दीवारों को चीर डालता है। किसी भी मनुष्य का मूल्यांकन उनकी बुराइयों से नहीं करना चाहिए। किसी व्यक्ति के भीतर जो अच्छाइयां होती हैं, वे विशेषतया उनकी ही होती हैं।

लेकिन उनकी गलतियाँ मानवता की सामान्य कमियाँ होती हैं, और इसीलिये किसी व्यक्ति का चरित्र निर्धारित करने में उन्हें कभी शामिल नहीं करना चाहिए। यह तो केवल चरित्र की सुद्रढ़ इमारत और सत्य का साक्षात्कार करने का अदम्य संघर्ष है, जो मानवता के भविष्य को वास्तव में उज्जवल बनायेगा। – स्वामी विवेकानंद

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6. Firm Idea is The Way to Success दृढ विचार ही सफलता का रास्ता है

एक विचार पर स्थिर रहिये। उस विचार को ही अपना जीवन बना लीजिये। इसके बारे में सोचिये। इसके बारे में सपने संजोइए। इस विचार में इस तरह जियें कि मस्तिष्क, मांसपेशियां, नसें, और आपके जिस्म का हर हिस्सा, उस विचार से भर जाए और दूसरे प्रत्येक विचार को छोड़ दें। यही सफलता का रास्ता है और यही वह रास्ता है, जिस पर चलकर महान आध्यात्मिक महापुरुषों का निर्माण होता है, दूसरे तो केवल बातूनी मशीने हैं।

मन का विकास करो और उसका संयम करो। उसके बाद जहाँ इच्छा हो, वहाँ इसका प्रयोग करो, उससे अति शीघ्र फल प्राप्ति होगी। यह है यथार्थ आत्मोन्नति का उपाय – एकाग्रता सीखो, और जिस ओर इच्छा हो, उसका प्रयोग करो। ऐसा करने पर तुम्हें कुछ खोना नहीं पड़ेगा। जो समस्त को प्राप्त करता है, वह अंश को भी प्राप्त कर सकता है। – स्वामी विवेकानंद

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7. The Devil is The Compromise समझौता ही शैतान है

समझौतों से सबसे ज्यादा सावधान रहिये। मेरा तात्पर्य यह नहीं है कि आप किसी के भी विरोध में उतर जाइये, लेकिन आपको अपने सिद्धांतों पर सुख या दुःख, हर हाल में डटे रहना है और दूसरे किसी के लिए भी उन्हें बदलना नहीं है। खुद का समर्थन करने के लालच में भी नहीं। क्योंकि तभी आप उस परम सत्य की झलक पा सकेंगे जो सर्वत्र क्रियाशील होता हुआ भी अद्रश्य और अज्ञेय है। याद रखिये, आपका आत्मा ब्रह्माण्ड का आश्रय है। – स्वामी विवेकानंद

 

Vivekananda Thoughts in Hindi to Change Your Life

8. Be Truthful सत्यवादी बनिए

जो सत्य है, उसे साहसपूर्वक निर्भीक होकर लोगों से कहिये – उससे किसी को कष्ट होता है या नहीं, इस ओर ध्यान मत दीजिये। दुर्बलता को कभी प्रश्रय मत दो। सत्य की ज्योति ‘बुद्धिमान’ मनुष्यों के लिए यदि अत्यधिक मात्रा में प्रखर प्रतीत होती है, और उन्हें बहा ले जाती है, तो ले जाने दो – वे जितना शीघ्र बह जाएँ उतना अच्छा ही है। याद रखिये – सत्य के लिए सब कुछ छोड़ा जा सकता है, लेकिन सच को किसी भी चीज़ के लिए नहीं छोड़ा जा सकता।

सत्य पवित्रता और परमार्थ – ये जहाँ कहीं भी उपस्थित होंगें, सूरज से ऊपर हो या नीचे, ऐसी कोई ताकत नहीं है, जो उस व्यक्ति को हिला सके। इनसे युक्त होने पर, तो व्यक्ति संपूर्ण ब्रह्माण्ड के विरोध का सामना करने में सक्षम हो जाता है। – स्वामी विवेकानंद

9. Nothing is Impossible कुछ भी असंभव नहीं है

मै पूरी तरह इस बात में यकीन करता हूँ कि इस ब्रह्माण्ड की कोई भी शक्ति, किसी भी व्यक्ति को उस चीज़ को हासिल करने से नहीं रोक सकती है, जिसका वह वास्तव में हकदार है। यदि मन अपनी पूर्ण क्षमता में जाग्रत है, तो हर चीज़ पायी जा सकती है – पहाड़ों को भी ख़ाक में मिलाया जा सकता है। हमारी इच्छाशक्ति, दूसरी किसी भी चीज़ से ज्यादा शक्तिशाली है। प्रबल इच्छाशक्ति के सामने हर चीज़ को सिर झुकाना पड़ेगा, क्योंकि यह भगवान् से आती है। एक शुद्ध और शक्तिशाली संकल्प सर्वशक्तिमान है। – स्वामी विवेकानंद

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10. Ultimate Freedom is Your Aim पूर्ण स्वतंत्रता ही आपका उद्देश्य है

यदि आप सोचते हैं कि आप बंधन में पड़े हैं, तो आप बंधन में ही रहेंगें; आप अपना बंधन खुद ही बनाते हैं। अगर आप जानते हैं कि आप मुक्त हैं, तो आप इसी क्षण मुक्त हैं। हम हमेशा मुक्त ही रहेंगे, यदि हम केवल इसका विश्वास कर सकें, केवल पर्याप्त विश्वास हो। याद रखिये – आप आत्मा हैं, मुक्त और शाश्वत, सदामुक्त, सदाआनंदित। यह ज्ञान है – मुक्ति का, स्वतंत्रता का ज्ञान। हमें खुद को स्वतंत्र करने के लिए जानने की जरूरत है। यह हमारा जीवन है: स्वतंत्रता के लिए हमारी विश्वव्यापक छटपटाहट। स्वतंत्रता संपूर्ण प्रकृति का उद्देश्य है। – स्वामी विवेकानंद

11. Be A Hero एक वीर नायक बनिए

भाग्य बहादुर और कर्मठ व्यक्ति का ही साथ देता है। पीछे मुडकर मत देखो। आगे, अपार शक्ति, अपरिमित उत्साह, अमित साहस और निस्सीम धैर्य की आवश्यकता है और तभी महान कार्य निष्पन्न किये जा सकते हैं। मुश्किल चुनौतियों का सामना कीजिये। यह संपूर्ण जीवन के लिए एक सबक है – खतरे का सामना कीजिये, साहस से सामना करिए। बंदरों की तरह, जीवन की मुश्किलें भी तब पीछे की ओर लौट पड़ेंगी जब हम उनके सामने भागना बंद कर देंगे।

यह एक अमिट सत्य है कि यह धरती वीर पुरुषों द्वारा ही भोगी जाती है। इसीलिये एक वीर नायक बनिए। हमेशा कहिये, “मुझे किसी चीज़ का डर नहीं है” और हर किसी को यह बता दीजिये – किसी से भी मत डरिये। पवित्रता और शक्ति के साथ अपने आदर्श पर दृढ रहो और फिर तुम्हारे सामने कैसी भी बाधाएँ क्यों न हों, कुछ समय बाद संसार तुमको मानेगा ही। – स्वामी विवेकानंद

12. Uphold Your Ideals अपने आदर्शों पर कायम रहिये

क्या पहाड़ जैसी चुनौतियों का सामना करने लायक इच्छाशक्ति आपने हासिल कर ली है? यदि समस्त संसार आपके विरुद्ध हाथ में तलवार लेकर खड़ा हो जाये, तो क्या आप तब भी उस कार्य को करने का माद्दा रखते है, जिसे आप सही समझते हैं? अपने मस्तिष्क को उच्च विचारों, उच्च आदर्शों से भर लीजिये, रात-दिन उन्हें अपनी आँखों के सामने रखिये, क्योंकि उन्ही के जरिये सारे महान कार्य पूरे होंगे।

हमारा कर्तव्य है कि हम प्रत्येक व्यक्ति को उसके संघर्ष में प्रोत्साहित करें। जिससे वह स्वयं के उच्चतम आदर्शों के लिए जी सकें, और साथ-साथ इस बात के लिए भी प्रयास करें कि अपने आदर्शों को सत्य के ज्यादा से ज्यादा समीप ले जा सकें, तभी हम इस संसार को वैसा बनाने में सफल होंगे जैसा हमने इसका सपना देखा था। – स्वामी विवेकानंद

13. Serve the Mankind मानवता की सेवा कीजिये

अगर आप मदद कर सकते हैं, तो कीजिये; यदि आप नहीं कर सकते हैं, तो अपने हाथ जोड़ लीजिये और खड़े रहकर चीज़ों को होता हुआ देखिये। अगर आप किसी की मदद नहीं कर सकते हैं, तो कम से कम चोट तो मत पहुंचाइए। इस संसार में हमेशा देने वाले की हैसियत रखिये। सब कुछ दीजिये और बदले में कुछ भी पाने की आशा मत रखिये। प्यार दीजिये, मदद करिए, आप दे सकते हैं, तो एक छोटी तुच्छ चीज़ भले ही दीजिये, लेकिन सौदेबाजी को दूर ही रखिये।

कोई शर्त मत लगाइए और फिर आप पर भी कुछ नहीं थोपा जायेगा। हमें उसी तरह से अपने खुले हाथों से देना चाहिए, जैसे भगवान् ने हमें दिया है। केवल वे ही जिन्दा हैं, जो दूसरों के लिए जीते हैं, बाकी तो जीवित रहने की अपेक्षा मुर्दे ज्यादा हैं। – स्वामी विवेकानंद

14. Do Not Play The Blame Game आलोचना का खेल मत खेलिए

किसी की भी निंदा मत करिये, एक कीड़े की भी नहीं। दूसरों की निंदा या आलोचना, वास्तव में अपनी ही निंदा है। अपने सीमित दायरे (जो आपके अपने हाथ में है) को व्यवस्थित कीजिये और फिर सारा संसार इसे आपके लिए व्यवस्थित कर देगा। सीखने के लिए यह पहला सबक है: बाहर की किसी भी चीज़ की आलोचना न करने का संकल्प लीजिये, किसी पर भी इल्जाम मत लगाइए, बल्कि खड़े होकर खुद पर ही इल्जाम लगाइए। आप पाएंगे कि यही शाश्वत सत्य है। स्वयं पर नियंत्रण रखिये। – स्वामी विवेकानंद

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Swami Vivekananda’s Laws for Life in Hindi

15. Realize Yourself स्वयं को जानिये

खुद को जानिये। अपने आप को जानिये, जो कि आप वास्तव में हैं – शाश्वत आत्मा। यही वास्तविक धर्म है। दूसरी हर चीज़ झूठी है, क्योंकि बाकी सभी चीज़े एक दिन गायब हो जाएँगी। स्वयं को दूसरे शरीरों के भीतर महसूस करना सीखिए, यह जानिए कि हम सभी एक ही हैं। जितना ही हम भगवान् के समीप होंगे, रोने या चिल्लाने के उतने ही कम अवसर हमारे जीवन में आयेंगे।

लेकिन, जितने हम ईश्वर से दूर होंगे, उतने ही उतरे हुए चेहरे हमें दिखाई देंगे। जितना अधिक हम ईश्वर को जानेंगे, उतना अधिक दुःख हमारे जीवन से दूर होता चला जायेगा। दूसरी सभी बकवास बातों को भूल जाइये। याद रखिये, सुख या आनन्द के लिए हमें इस संसार पर निर्भर नहीं रहना है। – स्वामी विवेकानंद

16. You are The Creator Of Your Destiny अपने भाग्य के निर्माता आप ही हैं

खड़े हो जाइये, साहसी बनिए, शक्तिशाली बनिए। जिम्मेदारी का सारा बोझ अपने खुद के कन्धों पर उठाइए, और इस बात को जानिये कि अपनी किस्मत को बनाने वाले आप खुद ही हैं। जो कुछ भी शक्ति और सहायता आप चाहते हैं, वो आपके खुद के भीतर ही है। इसीलिए, अपना नसीब खुद बनाइये। हम जो कुछ भी बोते हैं, वही काटते हैं। हम अपने दैव के निर्माता स्वयं हैं।

इसका दोष किसी और को देने की जरुरत नहीं है, इसके लिए किसी देवता की प्रशंसा करने की जरुरत नहीं है। जो लोग पूरे दिल और आत्मा की समस्त शक्तियों से काम करते हैं, वे न केवल उसमे सफलता ही हासिल करते हैं, बल्कि उसमे डूबकर, वे छुपे हुए परम सत्य को भी जान लेते हैं। – स्वामी विवेकानंद

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17. Learn Everyday प्रतिदिन सीखिए

मनुष्यजाति का परम उद्देश्य ज्ञान की प्राप्ति है। यह ज्ञान सभी मनुष्यों के स्वयं के भीतर छुपा पड़ा है। कोई ज्ञान बाहर से नहीं प्रकट होता, यह तो पूर्णरूप से हमारे अपने ही अंदर समाहित है। मानवीय प्रकृति की गहन समझ सर्वोच्च ज्ञान है, और केवल इसे जानकार ही हम भगवान् को जान सकते हैं।

आदमी जो कुछ भी सीखता है, वास्तव में वह है, जो वह अपने स्वयं के आत्मा के ऊपर पड़े पर्दों को उघाड़कर जान पाता है, जो कि शाश्वत ज्ञान की खान है। याद रखिये, जीवन का रहस्य सुख नहीं, बल्कि अनुभव के द्वारा शिक्षा की प्राप्ति है। – स्वामी विवेकानंद

18. Strength is Life शक्ति ही जीवन है

अपनी खुद की ताकत में ही जियें और मरें। शक्ति ही जीवन है, कमजोरी ही मौत है। शक्ति सुखदायक है, अविनाशी है और शाश्वत जीवन है। दुर्बलता निरंतर तनाव और दुःख है; दुर्बलता मृत्यु है। शक्ति का सर्वोच्च प्रतीक है – खुद को विनम्र रखना और अपने पांवों को जमीन पर टिकाये रखना। जो कुछ भी अच्छे या बुरे काम आपने किये हो उनको पूरी तरह त्याग दे, उन्हें बिलकुल भूल जाएँ और फिर कभी उनके बारे में मत सोचें।

जो कुछ हो चुका है, अब उसे किसी तरह से नहीं लौटाया जा सकता। अगर मृत्यु सामने खड़ी हो, तो भी आपमे कोई कमजोरी प्रकट नहीं होनी चाहिये। अपने आप को कमज़ोर समझना सबसे बड़ा पाप है, क्योंकि यह आपकी असीम शक्ति का सबसे बड़ा दुश्मन है। – स्वामी विवेकानंद

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19. It is Your Outlook That Matters आपका द्रष्टिकोण ही वास्तविक चीज़ है

यह हमारा खुद का मानसिक द्रष्टिकोण है, जो संसार को वैसा ही बनाता है जैसा कि यह हमारे लिए है। हमारा द्रष्टिकोण ही चीज़ों को सुन्दर बनाता है और द्रष्टिकोण ही चीज़ों को बदसूरत बनाता है। सारा संसार हमारे मन में समाया हुआ है। चीज़ों को सही रौशनी में देखने का प्रयास कीजिये। हमेशा पहले एक सेवक बनना सीखिए, और उसके बाद आप एक योग्य स्वामी बन सकेंगें। ईर्ष्या को खुद से दूर कीजिये, और तब आप वे महान कार्य कर पायेंगे, जो अभी किये जाने बाकी हैं। – स्वामी विवेकानंद

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20. Do Not Look Back पीछे मुड़कर मत देखिये

पीछे मुडकर मत देखिये। केवल आगे की ओर देखिये। असीमित उर्जा, असीमित उत्साह, असीमित साहस और असीमित धैर्य – केवल इनके जरिये ही महान कार्य पूर्ण हो सकते हैं। जो किया जा चुका है, उसे पीछे पलटकर मत देखिये। आगे बढिए! जब आप किसी कार्य को करने का संकल्प कर लें, तो किसी भी चीज़ को अपने रास्ते की अड़चन मत बनने दीजिये। अपने दिल की सुनिए, दूसरों की नहीं, और तब यह जो निर्णय दे उस पर बेहिचक आगे बढ़ चलिए। – स्वामी विवेकानंद

आशा है Swami Vivekananda के Hindi Thoughts आपको अवश्य पसंद आये होंगे। यह उक्तियाँ उनके उन अंग्रेजी व्याख्यानों से ली गयी हैं जिन्हें वह अपने अमेरिका प्रवास के दौरान जगह-जगह दे रहे थे।इसीलिये प्रयास करने के बावजूद यदि अनुवाद में कोई त्रुटि रह गयी हो तो विद्वान पाठक कृपा करके उसे क्षमा करें।

“सच्ची सफलता का, सच्चे सुख का महान रहस्य है – जो पुरुष या स्त्री बदले में कुछ नहीं चाहते हैं और जो पूर्णतया निःस्वार्थ मनुष्य हैं, वही इस संसार में सबसे अधिक सफल हैं।”
– स्वामी विवेकानंद

 

Comments: आशा है यह लेख आपको पसंद आया होगा। कृपया अपने बहुमूल्य सुझाव देकर हमें यह बताने का कष्ट करें कि जीवनसूत्र को और भी ज्यादा बेहतर कैसे बनाया जा सकता है? आपके सुझाव इस वेबसाईट को और भी अधिक उद्देश्यपूर्ण और सफल बनाने में सहायक होंगे। एक उज्जवल भविष्य और सुखमय जीवन की शुभकामनाओं के साथ!

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